丂ムりりム爪
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#🤲अल्लाह हु अक़बर #assalamualaikum
🤲अल्लाह हु अक़बर - _34||! কীলপা বুল্ললবরী क़बूल निशानियाँ L १ दुआ के बाद सब्र आ जाए यही पहूली क़बूलियत है। २ दिल से शिकवा कम हो जाए अल्लाह काम शुरू कर चुका 81 उ गुनाह भारी लगने लगें रास्ता साफ़ हो रहा है। 4 अल्लाह पर भरोसा बढ जाए मंज़िल दूर नहीं | _34||! কীলপা বুল্ললবরী क़बूल निशानियाँ L १ दुआ के बाद सब्र आ जाए यही पहूली क़बूलियत है। २ दिल से शिकवा कम हो जाए अल्लाह काम शुरू कर चुका 81 उ गुनाह भारी लगने लगें रास्ता साफ़ हो रहा है। 4 अल्लाह पर भरोसा बढ जाए मंज़िल दूर नहीं | - ShareChat
#🤲अल्लाह हु अक़बर #assalamualaikum
🤲अल्लाह हु अक़बर - Shandawa Sonu मक्का में टूटा रिकॉर्ड रमज़ान के दौरान भरसे १.१ करोड़ से अधिक लोग 344 उमराह करने पहुंच रहे है। Shandawa Sonu मक्का में टूटा रिकॉर्ड रमज़ान के दौरान भरसे १.१ करोड़ से अधिक लोग 344 उमराह करने पहुंच रहे है। - ShareChat
#assalamualaikum #🤲अल्लाह हु अक़बर
assalamualaikum - Ammi Abbu Yaa Allah Kuch De Ya Na de Bas Hum Sab Ke Ammi Abbu Ko Salamat Rakhna , Ameen Ammi Abbu Yaa Allah Kuch De Ya Na de Bas Hum Sab Ke Ammi Abbu Ko Salamat Rakhna , Ameen - ShareChat
#🤲अल्लाह हु अक़बर #assalamualaikum
🤲अल्लाह हु अक़बर - ~హ]Tమ खुबसूरत कलाम सब को उदास कर के रमज़ान जा रहा है ঐ লুা के अपना फ़ैज़ान जा रहा है! सब आया था घर हमारे, क़िस्मत हमारी बन के भेजा था जो ख़ुदा ने, वो मेहमान जा रहा है क़िस्मत से मिल गया था रमज़ान का महीना दिल रो पड़ा है जब ये रमज़ान जा रहा है...... ! बख़्शिश का ज़रिया' बन के रमज़ान आ गया था बख़्शिश लुटा के सब पे रमज़ान जा रहा ..!है ~హ]Tమ खुबसूरत कलाम सब को उदास कर के रमज़ान जा रहा है ঐ লুা के अपना फ़ैज़ान जा रहा है! सब आया था घर हमारे, क़िस्मत हमारी बन के भेजा था जो ख़ुदा ने, वो मेहमान जा रहा है क़िस्मत से मिल गया था रमज़ान का महीना दिल रो पड़ा है जब ये रमज़ान जा रहा है...... ! बख़्शिश का ज़रिया' बन के रमज़ान आ गया था बख़्शिश लुटा के सब पे रमज़ान जा रहा ..!है - ShareChat
#assalamualaikum #🤲अल्लाह हु अक़बर
assalamualaikum - N अल-्अक्सा मस्जिदमें सेऱ्यादा एकलाख मुसलमानों ने ईशा और तरावीहकी नमाज़ 3ಹl N अल-्अक्सा मस्जिदमें सेऱ्यादा एकलाख मुसलमानों ने ईशा और तरावीहकी नमाज़ 3ಹl - ShareChat
#🤲अल्लाह हु अक़बर #🕋इस्लामिक दुआ 🤲
🤲अल्लाह हु अक़बर - [मशहूर दुआ ] इलाही   रहम फ़रमा मुस्तफ़ा के वासिते যা या रसूलुल्लाह करम कीजे ख़ुदा के वासिते मुश्किलें हल कर शह ए मुश्किल कुशा के वासिते कर बलाएँ रद शहीद ए कर्बला के वासिते सय्यिद ए सज्जाद के सदक़े में साजिद रख मुझे इल्म ए हक़ दे बाक़िर ए इल्म ए हुदा के वासिते बहर ए शिब्ली शेर ए हक़ दुनिया के कुत्तों से बचा  एक का रख अब्द ए वाहिद बे रिया के वासिते क़ादिरी कर क़ादिरी रख क़ादिरिय्यों में उठा क़दर ए अब्दुल क़ादिर ए कुदरत नुमा के वासिते दे मुहम्मद के लिए रोजी कर अहमद के लिए ख़्वान ए फ़ज़्लुल्लाह से हिस्सा गदा के वासिते जान को पुर नूर कर दिल को अच्छा तन को सुथरा अच्छे प्यारे शम्स ए दीं बदरुल उला के वासिते [मशहूर दुआ ] इलाही   रहम फ़रमा मुस्तफ़ा के वासिते যা या रसूलुल्लाह करम कीजे ख़ुदा के वासिते मुश्किलें हल कर शह ए मुश्किल कुशा के वासिते कर बलाएँ रद शहीद ए कर्बला के वासिते सय्यिद ए सज्जाद के सदक़े में साजिद रख मुझे इल्म ए हक़ दे बाक़िर ए इल्म ए हुदा के वासिते बहर ए शिब्ली शेर ए हक़ दुनिया के कुत्तों से बचा  एक का रख अब्द ए वाहिद बे रिया के वासिते क़ादिरी कर क़ादिरी रख क़ादिरिय्यों में उठा क़दर ए अब्दुल क़ादिर ए कुदरत नुमा के वासिते दे मुहम्मद के लिए रोजी कर अहमद के लिए ख़्वान ए फ़ज़्लुल्लाह से हिस्सा गदा के वासिते जान को पुर नूर कर दिल को अच्छा तन को सुथरा अच्छे प्यारे शम्स ए दीं बदरुल उला के वासिते - ShareChat
#🤲अल्लाह हु अक़बर #🌙इस्लाम धर्म🕌 #☪️रमजान Status⏳ #🅦🅗🅐🅣🅢🅐🅟🅟^$^🅥🅘🅓🅔🅞 #🤗रमजान स्पेशल😍🤝
🤲अल्लाह हु अक़बर - ShareChat
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#🌙इस्लाम धर्म🕌 #🤲अल्लाह हु अक़बर
🌙इस्लाम धर्म🕌 - ٤7 वो इंसान कभी नहीं हार सकता , जिसकी उम्मीद अल्लाह से हो। 100 Zir(lOnrlಥ ٤7 वो इंसान कभी नहीं हार सकता , जिसकी उम्मीद अल्लाह से हो। 100 Zir(lOnrlಥ - ShareChat
#🤲अल्लाह हु अक़बर #🕋इस्लामिक दुआ 🤲 #🌙इस्लाम धर्म🕌
🤲अल्लाह हु अक़बर - मुसलमानों पर ज़कात अल फ़ित्र फ़र्ज़ कर दी गई है। रसूल अल्लाह ५ ने फ़रमाया कि एक साअ खजूर या एक साअ जौ ज़कात अल फ़ित्र के तौर मुसलमानों में से गुलाम और आज़ाद , मर्द पर और औरत , छोटे और बड़े = सब पर फ़र्ज़ है। इसे लोगों के नमाज़ (ईद) के लिए निकलने से पहले अदा कर देने का हुक्म दिया गया है। नोटः एक साअ लगभग २५०० ग्राम का होता है (बुखारी शरीफ़, हदीस नंबरः १५०३) मुसलमानों पर ज़कात अल फ़ित्र फ़र्ज़ कर दी गई है। रसूल अल्लाह ५ ने फ़रमाया कि एक साअ खजूर या एक साअ जौ ज़कात अल फ़ित्र के तौर मुसलमानों में से गुलाम और आज़ाद , मर्द पर और औरत , छोटे और बड़े = सब पर फ़र्ज़ है। इसे लोगों के नमाज़ (ईद) के लिए निकलने से पहले अदा कर देने का हुक्म दिया गया है। नोटः एक साअ लगभग २५०० ग्राम का होता है (बुखारी शरीफ़, हदीस नंबरः १५०३) - ShareChat