Navneet Gill
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Feeling truly honoured and grateful. I express my heartfelt thanks to the editor and the entire “Saat Samundaron Paar” team for this recognition, it is a moment I will always cherish... 😇🙏🏻 #literature #साहित्य
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"झंझट टाइम्स" समाचारपत्र (समस्तीपुर/ बिहार) 😇 #साहित्य #literature
साहित्य - होते हुए भी स्पेन ने अपने देश के पर   अमेरिकी पनडुब्बी   ने हमला इजराय भीतर अमेरिकी सैन्य गतिविधियों किया। जिसमें ८७ लोग मारे गए। ईरान कई लोग बुरी तरह  7 ஈ दी। इजरायल से उल्लंघ घायल   हुए। द्द कुहासा जे टी न्यूज बगैर सरगोशी, बढ़ती रही खामोशी| भटक के दरबदर , ओढ़ बैठी, सन्नाटे की चादर। दर्द का कुहासा, देता हरपल दिलासा | उदासीनता भूला, लेकर आलाप, मुस्कुराहट का, पकड़ झूला। त्याग के व्यर्थ विलाप। मंद मंद सा बहना, कसके ले, थाम, "गिल" रग-रग में जोश भरना चुप्पी, ಖತ { 7IHI 5 मधुरिम सी॰ सांझ, गुबार ए-गर्द की चौखट लांघ। नवनीत गिल ( इतिहास, राजनीति एम॰ए बी॰एड , सुकून भरे पल, হাাম্স ) , एम.एड , एल.एल.बी| बिना किये, हुए छल। पूर्व प्राचार्य देते हंसकर सहारा, सीबीएसई विद्यालय ( उत्तर दिखा देते, को किनारा | ভূলন प्रदेश ) देर से आए औ़र दुरुस्त नहीं आए 8 २१ मार्च को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शाम साढ़े चार बजे के करीब है सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी कि रुपये का डॉलर के कमजोर मुकाबले होकर १०० को तरफ बढना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज ह होते हुए भी स्पेन ने अपने देश के पर   अमेरिकी पनडुब्बी   ने हमला इजराय भीतर अमेरिकी सैन्य गतिविधियों किया। जिसमें ८७ लोग मारे गए। ईरान कई लोग बुरी तरह  7 ஈ दी। इजरायल से उल्लंघ घायल   हुए। द्द कुहासा जे टी न्यूज बगैर सरगोशी, बढ़ती रही खामोशी| भटक के दरबदर , ओढ़ बैठी, सन्नाटे की चादर। दर्द का कुहासा, देता हरपल दिलासा | उदासीनता भूला, लेकर आलाप, मुस्कुराहट का, पकड़ झूला। त्याग के व्यर्थ विलाप। मंद मंद सा बहना, कसके ले, थाम, "गिल" रग-रग में जोश भरना चुप्पी, ಖತ { 7IHI 5 मधुरिम सी॰ सांझ, गुबार ए-गर्द की चौखट लांघ। नवनीत गिल ( इतिहास, राजनीति एम॰ए बी॰एड , सुकून भरे पल, হাাম্স ) , एम.एड , एल.एल.बी| बिना किये, हुए छल। पूर्व प्राचार्य देते हंसकर सहारा, सीबीएसई विद्यालय ( उत्तर दिखा देते, को किनारा | ভূলন प्रदेश ) देर से आए औ़र दुरुस्त नहीं आए 8 २१ मार्च को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शाम साढ़े चार बजे के करीब है सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी कि रुपये का डॉलर के कमजोर मुकाबले होकर १०० को तरफ बढना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज ह - ShareChat
Truly grateful to the editor and the whole Sat Samundaron Paar family for this beautiful honour that means so much ☺️🙏🏻 #literature #साहित्य
literature - AMUNDRO క్డీ NEWS பதபீச பஏ 3585 f8 7/16 मिलटठ नघली मभग्ठेग মংমা সনব) (25 fH எசி் a उे झरमीं ऐठुा मग्ठे लेधवा, थग्ठवां झडे मग्जेगीभ्रा ढुँ मठभर्गठउ वग्ठ स' ग्गे ग्ं, सिठुा रे मल्भॅले जेगरग्ठ ठप्ल ष्िग जग्उगा ्मउद गे्ष्टी। दिप्तेप्त शरभ्ठ ठदठीउ ठॉल টন্তব থুইম Hfosaச मघग्ठः र्थत्तग्प्वी उदठ, र्लपिभ्रग्टा fశగె: Wకశ, 29 1aa 2026 मभाः महेठे ११:०० हत्े उं टर्थााग्ठ २:०० हत्े उॅव Contact +919814805761 Whatsapp Email: satsamundropaar@yahoo com Website wwwsatsamundropaarcom AMUNDRO క్డీ NEWS பதபீச பஏ 3585 f8 7/16 मिलटठ नघली मभग्ठेग মংমা সনব) (25 fH எசி் a उे झरमीं ऐठुा मग्ठे लेधवा, थग्ठवां झडे मग्जेगीभ्रा ढुँ मठभर्गठउ वग्ठ स' ग्गे ग्ं, सिठुा रे मल्भॅले जेगरग्ठ ठप्ल ष्िग जग्उगा ्मउद गे्ष्टी। दिप्तेप्त शरभ्ठ ठदठीउ ठॉल টন্তব থুইম Hfosaச मघग्ठः र्थत्तग्प्वी उदठ, र्लपिभ्रग्टा fశగె: Wకశ, 29 1aa 2026 मभाः महेठे ११:०० हत्े उं टर्थााग्ठ २:०० हत्े उॅव Contact +919814805761 Whatsapp Email: satsamundropaar@yahoo com Website wwwsatsamundropaarcom - ShareChat
Punjabi Jagran (Jalandhar, Punjab) 😇 #literature #हिंदी साहित्य #साहित्य
literature - IlIழpunjabrjagrancomI वहिउप्ह्ां ধ৫ সিন Hta2 రoT fqddT; ठग्वग्उ गेप्टो, ठगेंरि थउग वरें वोलो र्टगे? JT6q3J2TI #HaTH3t IH3; al3a उवरे ग्ट वेदरू मठे गमडे। =esaeli mा र्वार्गरे मो वेल् मे fहिर र्गग्टा वग्ठ भ्ॅन ठगेठठि थइरेल। THorsaeli थउग ठगें भरग्ठव, য' ব্রামা মধী, గ్లేశీర faరరT [కWగ గaా? प्ठमग्उ गेप्टो। eঁসবী যহা, সিমী; য হদব-হ্ব, ঠমী শঁধ, নিষ্টূ সী বািঁমী? షUTHT3 J2t थ३ट दग्ल्ला ठुों वेष्टो, নবন বািমা; হবা H'-fিচ নষ ২ উমী? प्टो प्ग्उ गेप्टो। प्वग्वो रठोभरा मग्गे, বমদ্ ঠহিসয , &qe fபசfளI भॅयो ठग्उ गेष्टो। रेगललेथट रे, भर्धटे [নি ন্রস্থ ঠব, , 8SBசி fHq 42I Vুন্ত্ান্ত বঘী ' C उग्गेठ्ठि मठ ठैट ठभ, मभेटो पैठे, गसग्ठं  गाभ | fHul quా गष्टे fमिॅध, ग्ट ढेग्टे, fठॉल मुट ढग्ल्लुउ रेभेग्टे। )-35053 ठदठीउ fis যী ওনeীব 'স্থা ঔ যীব ~~ 1i37 IlIழpunjabrjagrancomI वहिउप्ह्ां ধ৫ সিন Hta2 రoT fqddT; ठग्वग्उ गेप्टो, ठगेंरि थउग वरें वोलो र्टगे? JT6q3J2TI #HaTH3t IH3; al3a उवरे ग्ट वेदरू मठे गमडे। =esaeli mा र्वार्गरे मो वेल् मे fहिर र्गग्टा वग्ठ भ्ॅन ठगेठठि थइरेल। THorsaeli थउग ठगें भरग्ठव, য' ব্রামা মধী, గ్లేశీర faరరT [కWగ గaా? प्ठमग्उ गेप्टो। eঁসবী যহা, সিমী; য হদব-হ্ব, ঠমী শঁধ, নিষ্টূ সী বািঁমী? షUTHT3 J2t थ३ट दग्ल्ला ठुों वेष्टो, নবন বািমা; হবা H'-fিচ নষ ২ উমী? प्टो प्ग्उ गेप्टो। प्वग्वो रठोभरा मग्गे, বমদ্ ঠহিসয , &qe fபசfளI भॅयो ठग्उ गेष्टो। रेगललेथट रे, भर्धटे [নি ন্রস্থ ঠব, , 8SBசி fHq 42I Vুন্ত্ান্ত বঘী ' C उग्गेठ्ठि मठ ठैट ठभ, मभेटो पैठे, गसग्ठं  गाभ | fHul quా गष्टे fमिॅध, ग्ट ढेग्टे, fठॉल मुट ढग्ल्लुउ रेभेग्टे। )-35053 ठदठीउ fis যী ওনeীব 'স্থা ঔ যীব ~~ 1i37 - ShareChat
Punjab Times newspaper (Jalandhar, Punjab) 😇 #साहित्य #हिंदी साहित्य #literature
साहित्य - பruசfan Ffeat र्गग्प्वठ नर दी ठॅचे , 36 मॅर' ऐरें fिँटी रग्रठ उ भॅचे। रॅम ग्ट , विॅरां धोदे ? घ्ष्ठे भिलरे , नरें fरिल्ला रे रोदे। বাঁবা ন ববিষরবা, yন২, বব বরঁথ ঔন্তভীসা নমবা | ोरिंरे ठु रेट ढेष्टी , ठगेठठि वरे, ग्ठवे उग्रा वेष्टो। a೬ೆೆ ಕT ర్రైరా; टॅथरीभ ठीं ने, मॅपग्ं ধববয | ম্রম্তট্ট২ ঢিব  uu   wgege, g8fari ef aul गेषा' रे मढठे , रेधोष्टे , डॅड मग्ठे प्ग्ग्ठे। W , বমত ढेगे उवरोग घ्गे , নী uন্তা নই , মতই ধব ববা 'সূঠ'? ৪৮ সন সন্ত্যম্ভত, थठ पगैठ fदिहष्प्टे सग दो नग्ल्ल। ठॅधीं प्टिठा जग्र, गॉलल ' ज्दे ठगीं , वेष्टो प्ग्प्वग्र। ठदठोउ fगॉल பruசfan Ffeat र्गग्प्वठ नर दी ठॅचे , 36 मॅर' ऐरें fिँटी रग्रठ उ भॅचे। रॅम ग्ट , विॅरां धोदे ? घ्ष्ठे भिलरे , नरें fरिल्ला रे रोदे। বাঁবা ন ববিষরবা, yন২, বব বরঁথ ঔন্তভীসা নমবা | ोरिंरे ठु रेट ढेष्टी , ठगेठठि वरे, ग्ठवे उग्रा वेष्टो। a೬ೆೆ ಕT ర్రైరా; टॅथरीभ ठीं ने, मॅपग्ं ধববয | ম্রম্তট্ট২ ঢিব  uu   wgege, g8fari ef aul गेषा' रे मढठे , रेधोष्टे , डॅड मग्ठे प्ग्ग्ठे। W , বমত ढेगे उवरोग घ्गे , নী uন্তা নই , মতই ধব ববা 'সূঠ'? ৪৮ সন সন্ত্যম্ভত, थठ पगैठ fदिहष्प्टे सग दो नग्ल्ल। ठॅधीं प्टिठा जग्र, गॉलल ' ज्दे ठगीं , वेष्टो प्ग्प्वग्र। ठदठोउ fगॉल - ShareChat
"हरियाणा वाटिका" (लोहारू/हरियाणा) 🙏🏻 #literature #हिंदी साहित्य #साहित्य
literature - 0 विवेक शर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ ्साथ विद्यार्थियों का शारीरिक स्वास्थ्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। संस्था इस दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगी। अंत में सभी डॉक्टरों, अभिभावकों एवं सहयोगी स्टाफ का धन्यवाद किया गया। नवनीत गिल एम.ए (इतिहास,राजनीति शास्त्र), ೩.pತ; एम.एड एल.एल.बी। पूर्व प्राचार्य सीबीएसई विद्यालय (उत्तर प्रदेश) | हुकार मजबूरी की दीवार पर, लिखा   उम्मीद अल्फाज। तलाशता रहे अवसर जाने अनजाने देकर आवाज। बेशक हो, कोसों दूर, मगर चलने को कहे हुजूर। हौंसले का हाथ थाम, समझाये चल से शाम। सुब्हो বপাং होकर, न मिले छोड़कर व्यर्थ सभी गिले। बलबूते बढ़ना स्वयं के आगे, त्याग स्वप्नलोक के गोते। चमकेगा भांति दिनकर, बेबसी की आड़, गिराकर। बन शोला कभी शबनम, हे बंधु ! भुलाकर प्रत्येक गम। भले डरायें भयावह साये, चाहें, तेरा वक्त निकल जाये। भर हुंकार   सिंह की तरह, गिल बिन करे फ़ालतू जिरह। राष्ट्रीय सेवा योजना के साप्ताहिक 0 विवेक शर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ ्साथ विद्यार्थियों का शारीरिक स्वास्थ्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। संस्था इस दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगी। अंत में सभी डॉक्टरों, अभिभावकों एवं सहयोगी स्टाफ का धन्यवाद किया गया। नवनीत गिल एम.ए (इतिहास,राजनीति शास्त्र), ೩.pತ; एम.एड एल.एल.बी। पूर्व प्राचार्य सीबीएसई विद्यालय (उत्तर प्रदेश) | हुकार मजबूरी की दीवार पर, लिखा   उम्मीद अल्फाज। तलाशता रहे अवसर जाने अनजाने देकर आवाज। बेशक हो, कोसों दूर, मगर चलने को कहे हुजूर। हौंसले का हाथ थाम, समझाये चल से शाम। सुब्हो বপাং होकर, न मिले छोड़कर व्यर्थ सभी गिले। बलबूते बढ़ना स्वयं के आगे, त्याग स्वप्नलोक के गोते। चमकेगा भांति दिनकर, बेबसी की आड़, गिराकर। बन शोला कभी शबनम, हे बंधु ! भुलाकर प्रत्येक गम। भले डरायें भयावह साये, चाहें, तेरा वक्त निकल जाये। भर हुंकार   सिंह की तरह, गिल बिन करे फ़ालतू जिरह। राष्ट्रीय सेवा योजना के साप्ताहिक - ShareChat
"दैनिक यश बाबू" समाचारपत्र (कुरूक्षेत्र/हरियाणा) #साहित्य #हिंदी साहित्य #literature
साहित्य - IHI স17 कxत s९ फe  फ  ٢ हुकार 3 ক্িভূস का आज सेंट फाउंडेशन डे टैलेंट शो का कार्यक्रम का की छिपी हुई  मजबूरी की दीवार पर, কনো নথা व्यक्तित्व विक लिखा ' उम्मीद ' अल्फाज | था। कार्यक्रम तलाशता रहे अवसर  और आमंत्रित जाने अनजाने देकर आवाज| ने समारोह हो, कोसों दूर, बेशक जानकारी देते कहे हुजूर | मगर चलने को प्रीति गुप्ता ने हौंसले का हाथ थाम, समझाये चल ম হাস | शुभारंभ TT सुब्हो प्रज्वलन के নতাং होकर, न मिले, छोड़कर व्यर्थ सभी गिले। कहा कि शिक्ष सीमित नहीं है बढ़ना स्वयं के बलबूते, गतिविधियां भी आगे, त्याग स्वप्नलोक के गोते विकास में मह चमकेगा भांति दिनकर, हैं | उन्होंने विद्य बेबसी की आड़, गिराकर। को साकार कर बन शोला कभी शबनम, ఇళ్త! करने की प्रेरणा 8 भुलाकर प्रत्येक गम कक्षाओं के वि भले डरायें भयावह साये, चाहें तेरा वक्त निकल जाये। अभिनय कवि f4f4z5, 44 भर हुंकार ` सिंह' की तरह, सांस्कृतिक गिल ' बिन करे फ़ालतू जिरह T नवनीत गिल अपनी प्रतिभ IHI স17 कxत s९ फe  फ  ٢ हुकार 3 ক্িভূস का आज सेंट फाउंडेशन डे टैलेंट शो का कार्यक्रम का की छिपी हुई  मजबूरी की दीवार पर, কনো নথা व्यक्तित्व विक लिखा ' उम्मीद ' अल्फाज | था। कार्यक्रम तलाशता रहे अवसर  और आमंत्रित जाने अनजाने देकर आवाज| ने समारोह हो, कोसों दूर, बेशक जानकारी देते कहे हुजूर | मगर चलने को प्रीति गुप्ता ने हौंसले का हाथ थाम, समझाये चल ম হাস | शुभारंभ TT सुब्हो प्रज्वलन के নতাং होकर, न मिले, छोड़कर व्यर्थ सभी गिले। कहा कि शिक्ष सीमित नहीं है बढ़ना स्वयं के बलबूते, गतिविधियां भी आगे, त्याग स्वप्नलोक के गोते विकास में मह चमकेगा भांति दिनकर, हैं | उन्होंने विद्य बेबसी की आड़, गिराकर। को साकार कर बन शोला कभी शबनम, ఇళ్త! करने की प्रेरणा 8 भुलाकर प्रत्येक गम कक्षाओं के वि भले डरायें भयावह साये, चाहें तेरा वक्त निकल जाये। अभिनय कवि f4f4z5, 44 भर हुंकार ` सिंह' की तरह, सांस्कृतिक गिल ' बिन करे फ़ालतू जिरह T नवनीत गिल अपनी प्रतिभ - ShareChat
"बुद्ध पथ" समाचारपत्र (उज्जैन/मध्य प्रदेश) 😇 #literature #हिंदी साहित्य #साहित्य
literature - संपादकीय 2026 हिन्दी साप्ता अलौकिक मन भरे था कभी कुलांचे, भर उड़ान, साथ : उन्मादः | ढला जाने कब नये सांचे? सफलता का, बिगुल चंचल नन्हा सा दिल, बजा, रहकर दूर व्यर्थ शोरगुल।  ( उज्जैन हुआ कैसे मायूस अरे ओ : गिलः ? मध्यप्रदेश से उड़े कभी भांति पतंग, छेड़ता था, मधुरिम तरंग। পন্ধাহািন ತೀ बन करके चित्तचोर , पथ समाचार करे जो, स्वयं को आत्मविभोर। ಹ पत्र लिए)=- मिला गुबार ए-गर्द, गया कर सभी कुछ सर्द। लेखिका= पीछे एकांकीपन छोड़़ नवनीत गया दर्द से, केवल नाते जोड़। अलौकिक मन राजा, ননো ওল হননা নন্ধালা| बी॰एड बीता,  गिल, एम.ए इतिहास ,  राजनीति शास्त्र, जा, भूल सब एम.एड, एल एलक़बी, पूर्व प्राचार्य सीबीएसई संभलकर ही जाये जग जीता।  परित्याग के अपवाद, विद्यालय आगरा ( उत्तर प्रदेश ) संपादकीय 2026 हिन्दी साप्ता अलौकिक मन भरे था कभी कुलांचे, भर उड़ान, साथ : उन्मादः | ढला जाने कब नये सांचे? सफलता का, बिगुल चंचल नन्हा सा दिल, बजा, रहकर दूर व्यर्थ शोरगुल।  ( उज्जैन हुआ कैसे मायूस अरे ओ : गिलः ? मध्यप्रदेश से उड़े कभी भांति पतंग, छेड़ता था, मधुरिम तरंग। পন্ধাহািন ತೀ बन करके चित्तचोर , पथ समाचार करे जो, स्वयं को आत्मविभोर। ಹ पत्र लिए)=- मिला गुबार ए-गर्द, गया कर सभी कुछ सर्द। लेखिका= पीछे एकांकीपन छोड़़ नवनीत गया दर्द से, केवल नाते जोड़। अलौकिक मन राजा, ননো ওল হননা নন্ধালা| बी॰एड बीता,  गिल, एम.ए इतिहास ,  राजनीति शास्त्र, जा, भूल सब एम.एड, एल एलक़बी, पूर्व प्राचार्य सीबीएसई संभलकर ही जाये जग जीता।  परित्याग के अपवाद, विद्यालय आगरा ( उत्तर प्रदेश ) - ShareChat
"स्वर्णभूमि टाइम्स" (लुधियाना/पंजाब) 🙏🏻 #साहित्य #हिंदी साहित्य #literature
साहित्य - भूल स्वीकार की। गवान शिव [TTT हुकार T সান ব্ী तार दे रहे = क्रेय T ग़ है। 7 1 46 मजबूरी की दीवार पर, T # लिखा उम्मीद " अल्फाज़। तलाशता रहे अवसर ' a1 जाने अनजाने देकर आवाज। ़फ र की बेशक हो, कोसों दूर, जम्मेदारी स खतरे को मगर चलने को कहे हुजूर।  4 हौंसले का हाथ थाम, ीतियां सुब्हो से शाम।  देखा समझाय चल केवल बेज़ार होकर, न मिले, ना चाहिए। সীং   মন্ী छोड़कर व्यर्थ सभी गिले। बढ़ना स्वयं के बलबूते , है। ओवर- आगे, त्याग स्वप्नलोक के गोते। प्रतिबंधों का हेए। ई, सुरक्षित चमकेगा भांति दिनकर, बेबसी की आड़, गिराकर। रण संक्रमण ী মাঙন ৯ 1 बन शोला कभी शबनम, हे बंधु ! भुलाकर प्रत्येक गम। विधाओं से ান্চনা ৯ ক্ি भले डरायें भयावह साये, I दी जाए। कीनुसंधश चाहें , तेरा वक्त निकल जाये। भर हुंकार "सिंह " की तरह, कारी "गिल" बिन करे फ़ालतू जिरह। ।य की मांग केवल एक हीं नीबतिलिक नवनीत गिल बल्कि (इतिहास , राजनीति शास्त्र) , एमए dus, एम़.एड , एल.एल.बी। पोटिक्स का पूर्व प्राचार्य, सीबीएसई विद्यालय तय करेगा (उत्तर प्रदेश) | पास इलाज या नहीं। भूल स्वीकार की। गवान शिव [TTT हुकार T সান ব্ী तार दे रहे = क्रेय T ग़ है। 7 1 46 मजबूरी की दीवार पर, T # लिखा उम्मीद " अल्फाज़। तलाशता रहे अवसर ' a1 जाने अनजाने देकर आवाज। ़फ र की बेशक हो, कोसों दूर, जम्मेदारी स खतरे को मगर चलने को कहे हुजूर।  4 हौंसले का हाथ थाम, ीतियां सुब्हो से शाम।  देखा समझाय चल केवल बेज़ार होकर, न मिले, ना चाहिए। সীং   মন্ী छोड़कर व्यर्थ सभी गिले। बढ़ना स्वयं के बलबूते , है। ओवर- आगे, त्याग स्वप्नलोक के गोते। प्रतिबंधों का हेए। ई, सुरक्षित चमकेगा भांति दिनकर, बेबसी की आड़, गिराकर। रण संक्रमण ী মাঙন ৯ 1 बन शोला कभी शबनम, हे बंधु ! भुलाकर प्रत्येक गम। विधाओं से ান্চনা ৯ ক্ি भले डरायें भयावह साये, I दी जाए। कीनुसंधश चाहें , तेरा वक्त निकल जाये। भर हुंकार "सिंह " की तरह, कारी "गिल" बिन करे फ़ालतू जिरह। ।य की मांग केवल एक हीं नीबतिलिक नवनीत गिल बल्कि (इतिहास , राजनीति शास्त्र) , एमए dus, एम़.एड , एल.एल.बी। पोटिक्स का पूर्व प्राचार्य, सीबीएसई विद्यालय तय करेगा (उत्तर प्रदेश) | पास इलाज या नहीं। - ShareChat
"बुद्ध पथ" समाचारपत्र (उज्जैन/मध्य प्रदेश) 😇 #literature #हिंदी साहित्य #साहित्य
literature - मार काट दिखाई जाने उत्तर प्रदेश अत्यधिक बलिष्ठ पथिक जीविका माटी का बंदा, का मसला, गिल देता सभी कुछ भुला। भांति उड़न छू परिंदा। निकले हर रोज, जीविकोपार्जन की खोज्। লহান্ধ बिखरा , लेकिन मिला निखरा। पहले से अधिक, बन, करके बलिष्ठ पथिक। साँझ को लौटे , थकान की चादर लपेटे। उज्जेन मध्यप्रदेश प्रकाशित बुद्ध पथ समाचार पत्र तलाशता सुकून, निद्रा रानी का लिख मजमून। ন লিব)- लेखिका। मौलिक= सपनों में खोता, नवनीत गिल एम.ए लगाये अंधियार में गोता। ( इतिहास, राजनीति शास्त्र ) , सुब्हो का उजाला, बी॰एड, जुस्तजू-ए-निवाला। एम.एड, एल़.एल.बी, पूर्व ಫ೯ ೯್೯ प्राचार्य सीबीएसई विद्यालय दिनचर्या, यही, मुस्कुराकर कहती ,सही। आगरा ( उत्तर प्रदेश ) " मार काट दिखाई जाने उत्तर प्रदेश अत्यधिक बलिष्ठ पथिक जीविका माटी का बंदा, का मसला, गिल देता सभी कुछ भुला। भांति उड़न छू परिंदा। निकले हर रोज, जीविकोपार्जन की खोज्। লহান্ধ बिखरा , लेकिन मिला निखरा। पहले से अधिक, बन, करके बलिष्ठ पथिक। साँझ को लौटे , थकान की चादर लपेटे। उज्जेन मध्यप्रदेश प्रकाशित बुद्ध पथ समाचार पत्र तलाशता सुकून, निद्रा रानी का लिख मजमून। ন লিব)- लेखिका। मौलिक= सपनों में खोता, नवनीत गिल एम.ए लगाये अंधियार में गोता। ( इतिहास, राजनीति शास्त्र ) , सुब्हो का उजाला, बी॰एड, जुस्तजू-ए-निवाला। एम.एड, एल़.एल.बी, पूर्व ಫ೯ ೯್೯ प्राचार्य सीबीएसई विद्यालय दिनचर्या, यही, मुस्कुराकर कहती ,सही। आगरा ( उत्तर प्रदेश ) - ShareChat