manshi j
ShareChat
click to see wallet page
@1006651225
1006651225
manshi j
@1006651225
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - मैंने खुद से बात की. @ 3IIU तू थक गई है ना...? मैंने कहा ' ~  থীভী . हाँ... দ্িং নিল নীলা फिर भी हार नहीं मानेगी... ? मैं हँसी. और कहा आदत नहीं है...' नहीं. शाम ने फिर धीरे से कहा इसलिए अकेली है... तू अलग है. मैंने जवाब दिया 'अकेली नहीं. मैं खुद के साथ हूँ ೨7 मैंने खुद से बात की. @ 3IIU तू थक गई है ना...? मैंने कहा ' ~  থীভী . हाँ... দ্িং নিল নীলা फिर भी हार नहीं मानेगी... ? मैं हँसी. और कहा आदत नहीं है...' नहीं. शाम ने फिर धीरे से कहा इसलिए अकेली है... तू अलग है. मैंने जवाब दिया 'अकेली नहीं. मैं खुद के साथ हूँ ೨7 - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - ShareChat
00:20
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - ShareChat
01:07
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - औरत की कामयाबी के पीछे हाथ नहीं , हादसे होते हैं हर मुस्कान के पीछे उसके कई किस्से होते हैं छुपे कभी अपनों ने तोडा उसे, कभी हालात ने आज़माया है हर बार बिखरकर उसने खुद को फिर से बनाया है ना किसी ने रास्ता आसान किया, ना किस्मत ने साथ निभाया उसने खुद ही अपने कदमों से हर मंज़िल तक सफर बनाया जो आज दिखती है সানৃবুন; वो यूँ ही नहीं बन पाई हर आँसू को पीकर उसने अपनी दुनिया सजाई है. -श्रेया भारद्वाज औरत की कामयाबी के पीछे हाथ नहीं , हादसे होते हैं हर मुस्कान के पीछे उसके कई किस्से होते हैं छुपे कभी अपनों ने तोडा उसे, कभी हालात ने आज़माया है हर बार बिखरकर उसने खुद को फिर से बनाया है ना किसी ने रास्ता आसान किया, ना किस्मत ने साथ निभाया उसने खुद ही अपने कदमों से हर मंज़िल तक सफर बनाया जो आज दिखती है সানৃবুন; वो यूँ ही नहीं बन पाई हर आँसू को पीकर उसने अपनी दुनिया सजाई है. -श्रेया भारद्वाज - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - एक रात, एक बात लिखूँगी. हर कोई पढ़ सके, इतना साफ़ लिखूँगी. कोई जज़्बात नहीं, अपने ही अरमान लिखूँगी. हसीन ए-आलम नहीं, अपने ही हालात लिखूँगी. बहुत शिकायत है हमें तुझसे ऐ जिंदगी. अब तेरे बारे में भी एक किताब लिखूँगी. लिखते लिखते ख़त्म न हो जाए ये রািন্যী, एक ही शब्द में पूरी कायनात लिखूँगी. एक रात, एक बात लिखूँगी. हर कोई पढ़ सके, इतना साफ़ लिखूँगी. कोई जज़्बात नहीं, अपने ही अरमान लिखूँगी. हसीन ए-आलम नहीं, अपने ही हालात लिखूँगी. बहुत शिकायत है हमें तुझसे ऐ जिंदगी. अब तेरे बारे में भी एक किताब लिखूँगी. लिखते लिखते ख़त्म न हो जाए ये রািন্যী, एक ही शब्द में पूरी कायनात लिखूँगी. - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - बात करते हुए तुमसे कभी-कभी मुझे कोई जल्दी नहीं रहती| கி 4<H4< ना कुछ खास कहने 3'67 @ Iவ থ্রীভা और रुके रहने का मन करता है। और अजीब है 4748 , रहती दिन भी वही रहता है, फिर भी साथ बिताया हुआ 367 वक़्त हमेशा थोड़ा बेहतर लगने लगता है। बात करते हुए तुमसे कभी-कभी मुझे कोई जल्दी नहीं रहती| கி 4<H4< ना कुछ खास कहने 3'67 @ Iவ থ্রীভা और रुके रहने का मन करता है। और अजीब है 4748 , रहती दिन भी वही रहता है, फिर भी साथ बिताया हुआ 367 वक़्त हमेशा थोड़ा बेहतर लगने लगता है। - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - ShareChat
00:11
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - मैं लिख पाऊं कुछ तो, मैं अपनी कहानी लिखूंगी. जो कभी किसी से ना कही, वो जुबानी लिखूंगी. वो पल जो छूट गए, वो लोग जो रूठ गए लिखूंगी.. वो उम्मीदें टूटी हुई, और ख्वाब जो टूट गए लिखूंगी. कुछ हंसी के किस्से , कुछ आंसुओं की निशानी लिखूंगी. जो दिल में दबी रह गई, वो हर एक परेशानी लिखूंगी. मैं खुद को ढूंढने निकली हूं, ये भी एक रवानी लिखूंगी. और अगर मिल गई खुद से, तो अपनी ही मेहरबानी लिखूंगी. मैं लिख पाऊं कुछ तो, मैं अपनी कहानी लिखूंगी. जो कभी किसी से ना कही, वो जुबानी लिखूंगी. वो पल जो छूट गए, वो लोग जो रूठ गए लिखूंगी.. वो उम्मीदें टूटी हुई, और ख्वाब जो टूट गए लिखूंगी. कुछ हंसी के किस्से , कुछ आंसुओं की निशानी लिखूंगी. जो दिल में दबी रह गई, वो हर एक परेशानी लिखूंगी. मैं खुद को ढूंढने निकली हूं, ये भी एक रवानी लिखूंगी. और अगर मिल गई खुद से, तो अपनी ही मेहरबानी लिखूंगी. - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - कभी कभी सोचती हूं, क्या सच में मैं इतनी मजबूत हूं॰ या बस हालात ने मुझे मजबूत बना दिया है. मैंने हर उस चीज़ को खोया है, जिसे मैंने दिल से चाहा था. मैंने हर उस इंसान को जाते देखा है, जिसे मैंने अपना माना था. फिर भी मैं खड़ी हूं, रही हूं॰ मुस्कुरा शायद इसलिए नहीं कि मैं खुश हूं, बल्कि इसलिए कि अब रोने की आदत छूट गई कभी कभी सोचती हूं, क्या सच में मैं इतनी मजबूत हूं॰ या बस हालात ने मुझे मजबूत बना दिया है. मैंने हर उस चीज़ को खोया है, जिसे मैंने दिल से चाहा था. मैंने हर उस इंसान को जाते देखा है, जिसे मैंने अपना माना था. फिर भी मैं खड़ी हूं, रही हूं॰ मुस्कुरा शायद इसलिए नहीं कि मैं खुश हूं, बल्कि इसलिए कि अब रोने की आदत छूट गई - ShareChat