Siyaram Meena on Instagram: "लोग अक्सर नेताओं में भरोसा नहीं, बल्कि “भगवान जैसा सहारा” ढूंढते हैं—यहीं से धोखा शुरू होता है। Raghav Chadha जैसे मामलों में असल सवाल किसी एक नेता का नहीं, बल्कि जनता की सोच का है। जब नागरिक सवाल करना छोड़कर पूजा करने लगते हैं, तब जवाबदेही खत्म हो जाती है। लोकतंत्र भावनाओं से नहीं, तर्क और जांच से चलता है। नेता इंसान होते हैं—उनसे गलती भी होगी, स्वार्थ भी होगा—इसलिए अंधभक्ति खतरनाक है। जागरूक नागरिक वही है जो हर वादे पर सवाल करे, हर फैसले का हिसाब मांगे। “नास्तिक” होने का मतलब सिर्फ धर्म से इनकार नहीं, बल्कि हर सत्ता से सवाल करने की आदत है। वैज्ञानिक सोच ही जनता को मजबूत बनाती है, ना कि किसी चेहरे पर भरोसा। जब तक लोग नेता में मसीहा ढूंढते रहेंगे, तब तक धोखा मिलता रहेगा। असली ताकत वोट में नहीं, सोच में है। अगर जनता जाग गई, तो कोई भी नेता ऊपर नहीं बैठेगा—सब जवाबदेह होंगे। #ThinkRational #QuestionPower #DemocracyMatters #NoBlindFaith #IndianPolitics StayAware"
455 likes, 54 comments - kitabotak on April 26, 2026: "लोग अक्सर नेताओं में भरोसा नहीं, बल्कि “भगवान जैसा सहारा” ढूंढते हैं—यहीं से धोखा शुरू होता है। Raghav Chadha जैसे मामलों में असल सवाल किसी एक नेता का नहीं, बल्कि जनता की सोच का है। जब नागरिक सवाल करना छोड़कर पूजा करने लगते हैं, तब जवाबदेही खत्म हो जाती है। लोकतंत्र भावनाओं से नहीं, तर्क और जांच से चलता है। नेता इंसान होते हैं—उनसे गलती भी होगी, स्वार्थ भी होगा—इसलिए अंधभक्ति खतरनाक है। जागरूक नागरिक वही है जो हर वादे पर सवाल करे, हर फैसले का हिसाब मांगे। “नास्तिक” होने का मतलब सिर्फ धर्म से इनकार नहीं, बल्कि हर सत्ता से सवाल करने की आदत है। वैज्ञानिक सोच ही जनता को मजबूत बनाती है, ना कि किसी चेहरे पर भरोसा। जब तक लोग नेता में मसीहा ढूंढते रहेंगे, तब तक धोखा मिलता रहेगा। असली ताकत वोट म