nitin kumar srivastava
ShareChat
click to see wallet page
@101997737
101997737
nitin kumar srivastava
@101997737
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#🌺राधा कृष्ण💞 #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #📚कविता-कहानी संग्रह #💝 शायराना इश्क़ #✍मेरे पसंदीदा लेखक
🌺राधा कृष्ण💞 - ShareChat
00:15
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #💝 शायराना इश्क़ #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #🌺राधा कृष्ण💞
✍मेरे पसंदीदा लेखक - एक से बढ़कर एक रंग बिखरेंगे आज = इस नीले आसमान के नीचे। कई रंग होंगे पक्के, డ్డీ कई होगे कच्चे भी, कई दिलों को छू जाएँगे , कई आज़ादी में घुल जाएँगे। लाल, पीले, हरे, गुलाबी हर रंग आज अपने प्यार का एहसास कराएगा | आप सभी को होली के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ। नितिन स्तव 04.03.2026 एक से बढ़कर एक रंग बिखरेंगे आज = इस नीले आसमान के नीचे। कई रंग होंगे पक्के, డ్డీ कई होगे कच्चे भी, कई दिलों को छू जाएँगे , कई आज़ादी में घुल जाएँगे। लाल, पीले, हरे, गुलाबी हर रंग आज अपने प्यार का एहसास कराएगा | आप सभी को होली के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ। नितिन स्तव 04.03.2026 - ShareChat
#🎶हैप्पी रोमांटिक स्टेटस #💝 शायराना इश्क़ #📚कविता-कहानी संग्रह #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #✍मेरे पसंदीदा लेखक
🎶हैप्पी रोमांटिक स्टेटस - इंसान की सोच भी इंसान की सोच भी, अब कुछ ज़्यादा ही टेक्निकल हो गई है। कंट्रोल + C से किसी को अपनी सोच जैसा बना लिया, कंट्रोल + V से किसी की मुस्कान में खुद H को जोड़ लिया। नितिन कुमार कंट्रोल + X से 27.02.2026 जो वक़्त पर साथ न दे सका उसे ज़िन्दगी से काट दिया। कंट्रोल + ७ से नाराज़गी पल भर में मिटा , जैसे रिश्ते नहीं, सिर्फ़ ड्राफ्ट चल रहे है | इंसान की सोच भी इंसान की सोच भी, अब कुछ ज़्यादा ही टेक्निकल हो गई है। कंट्रोल + C से किसी को अपनी सोच जैसा बना लिया, कंट्रोल + V से किसी की मुस्कान में खुद H को जोड़ लिया। नितिन कुमार कंट्रोल + X से 27.02.2026 जो वक़्त पर साथ न दे सका उसे ज़िन्दगी से काट दिया। कंट्रोल + ७ से नाराज़गी पल भर में मिटा , जैसे रिश्ते नहीं, सिर्फ़ ड्राफ्ट चल रहे है | - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #💝 शायराना इश्क़ #🎶हैप्पी रोमांटिक स्टेटस
✍मेरे पसंदीदा लेखक - ShareChat
00:15
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💝 शायराना इश्क़ #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat
00:15
#💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस - कचड़ा फेंको, फेंको जहाँ मन हो वहाँ फेंको| यहाँ फेंको॰ वहाँ फेँको दूकान का कचडा़ चाहे जहाँ फेंको घर क्या जायेगा तुम्हारा क्या जायेगा हमारा जो होगा देखा जायेगा | कचड़ा ही तो है। यही सोच है हमारी यारो चार ईट को घर समझना | बस নাম্তং নিকল লী, नाक को बंद कर लेगे॰ அசி কা সক্চ২ লয় ক২ লয | #== या फैले बीमारी 18 क्या जायेगा ? अपना कौन सा अपना अस्पताल जायेगा करना होगा अब॰ एक नयी शुरूआत दोस्तों | करना होगा | সন का कचड़ा साफ रहना होजो स्वस्थ तो জ্না চাযা | মমাত কা साफ अपनी नजरों करना होगा| का कचड़ा साफ सफाई अभियान को, एक नयी जान देनी होगी| एक नयी शुरूआत करनी होगी| 2712 )42 जागो सारे इंसान नितिन कुमार श्रीवास्तव हाे जाओ अब तैयार| 26.02.2026 कचड़ा फेंको, फेंको जहाँ मन हो वहाँ फेंको| यहाँ फेंको॰ वहाँ फेँको दूकान का कचडा़ चाहे जहाँ फेंको घर क्या जायेगा तुम्हारा क्या जायेगा हमारा जो होगा देखा जायेगा | कचड़ा ही तो है। यही सोच है हमारी यारो चार ईट को घर समझना | बस নাম্তং নিকল লী, नाक को बंद कर लेगे॰ அசி কা সক্চ২ লয় ক২ লয | #== या फैले बीमारी 18 क्या जायेगा ? अपना कौन सा अपना अस्पताल जायेगा करना होगा अब॰ एक नयी शुरूआत दोस्तों | करना होगा | সন का कचड़ा साफ रहना होजो स्वस्थ तो জ্না চাযা | মমাত কা साफ अपनी नजरों करना होगा| का कचड़ा साफ सफाई अभियान को, एक नयी जान देनी होगी| एक नयी शुरूआत करनी होगी| 2712 )42 जागो सारे इंसान नितिन कुमार श्रीवास्तव हाे जाओ अब तैयार| 26.02.2026 - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #✍मेरे पसंदीदा लेखक #💝 शायराना इश्क़ #📚कविता-कहानी संग्रह #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat
00:15
#✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #💝 शायराना इश्क़
✍मेरे पसंदीदा लेखक - सीसीटीवी हूँ मैं... इंसानों के द्वारा बनाई गई, सच्चाई और आदर्श की एक मशीन हूँ मैं। हर गली  चौराहे पर खड़ी रहती हूँ, खामोश हर हरकत, हर दुर्घटना पर मेरी पैनी नज़र रहती है। पर जब बात किसी * खास" की आ जाए, तो मुझे अचानक बीमार घोषित कर दिया जाता है। आईसीयू में भर्ती कर, मोतियाबिंद का सर्टिफिकेट थमा दिया जाता और मेरी गवाही ম বরক্না फाइलों दी जाती है। >| 6 ये सब देखकर, नितिन कुमार श्रीवास्तव अब मैं भी टूट चुकी हूँ । 24.02.2026 ८९ इंसानों की बनाई मशीन हूँ मैं _ ؟ और इंसानों से ही ٥ झूठी साबित कर दी जाती हूँ । #aక గగౌ चलती  फिरती लाश हूँ मैं... सीसीटीवी हूँ मैं। सीसीटीवी हूँ मैं... इंसानों के द्वारा बनाई गई, सच्चाई और आदर्श की एक मशीन हूँ मैं। हर गली  चौराहे पर खड़ी रहती हूँ, खामोश हर हरकत, हर दुर्घटना पर मेरी पैनी नज़र रहती है। पर जब बात किसी * खास" की आ जाए, तो मुझे अचानक बीमार घोषित कर दिया जाता है। आईसीयू में भर्ती कर, मोतियाबिंद का सर्टिफिकेट थमा दिया जाता और मेरी गवाही ম বরক্না फाइलों दी जाती है। >| 6 ये सब देखकर, नितिन कुमार श्रीवास्तव अब मैं भी टूट चुकी हूँ । 24.02.2026 ८९ इंसानों की बनाई मशीन हूँ मैं _ ؟ और इंसानों से ही ٥ झूठी साबित कर दी जाती हूँ । #aక గగౌ चलती  फिरती लाश हूँ मैं... सीसीटीवी हूँ मैं। - ShareChat
#💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक
💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस - से ज़्यादा शायद उम्र बात बस कल ही की है। मैं भी सब्ज़ी चुन रहा " था बाज़ार में मोल-भाव का शोर था, और भीड़ में उम्रें भी धक्का खा रही थीं। तभी पीछे से एक मधुर सी आवाज़़ आई- "अंकल... ज़रा साइड होना!"  मैं ठिठक गया। मुड़कर देखा... साथ में उसका एक बेटा था, और उम्र...भी कोई कम न थी _ चालीस के आस॰पास की ही रही होगी। मैंने भी मुस्कुराकर " ` कहा " बेटी, पहले आप ही ले लो।"  হননা মুননা থা কি নম उसकी नज़रें सब्ज़ियों से ज़्यादा मुझ पर टिक गईं। वो बार॰बार घूर रही थी, मुझे थोड़ा डर भी लग रहा थाः और हँसी भी आ रही थी। अब सोचता हूँ मैं उसे अंकल कैसे लग गया? और मैँने उसे बेटी क्यों कह दिया? उम्र से ज़्यादा शायद लोगों को " संबोधन" चुभ जाता है। 2175 72 *6 नितिन कुमार श्रीवास्तव से ज़्यादा शायद उम्र बात बस कल ही की है। मैं भी सब्ज़ी चुन रहा " था बाज़ार में मोल-भाव का शोर था, और भीड़ में उम्रें भी धक्का खा रही थीं। तभी पीछे से एक मधुर सी आवाज़़ आई- "अंकल... ज़रा साइड होना!"  मैं ठिठक गया। मुड़कर देखा... साथ में उसका एक बेटा था, और उम्र...भी कोई कम न थी _ चालीस के आस॰पास की ही रही होगी। मैंने भी मुस्कुराकर " ` कहा " बेटी, पहले आप ही ले लो।"  হননা মুননা থা কি নম उसकी नज़रें सब्ज़ियों से ज़्यादा मुझ पर टिक गईं। वो बार॰बार घूर रही थी, मुझे थोड़ा डर भी लग रहा थाः और हँसी भी आ रही थी। अब सोचता हूँ मैं उसे अंकल कैसे लग गया? और मैँने उसे बेटी क्यों कह दिया? उम्र से ज़्यादा शायद लोगों को " संबोधन" चुभ जाता है। 2175 72 *6 नितिन कुमार श्रीवास्तव - ShareChat