chandan Kumar
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#🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - महादेव कहते हैं |l जरूरी ये नहीं कि कौन आपको पाने के लिए मरता है, जरूरी ये है कि कौन आपको खोने से डरता है !! महादेव कहते हैं |l जरूरी ये नहीं कि कौन आपको पाने के लिए मरता है, जरूरी ये है कि कौन आपको खोने से डरता है !! - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - जिसने मुझे जो दिया, उसे उसका दुआ है॰' दुगना भिले !! जिसने मुझे जो दिया, उसे उसका दुआ है॰' दुगना भिले !! - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - अहमदाबाद ডনাথ सोमनाथ मंदिर ज्योतिर्लिंग JooKm वेरावल रेलवे स्टेशन जूनागढ़ 600 ಈ তুড়বান वेरावल अरबसागर अहमदाबाद ডনাথ सोमनाथ मंदिर ज्योतिर्लिंग JooKm वेरावल रेलवे स्टेशन जूनागढ़ 600 ಈ তুড়বান वेरावल अरबसागर - ShareChat
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🙏गुरु महिमा😇 - "हर याद, शोर नहीं करती... हवा ने माफ़ी तो माँगी, लेकिन सारे पत्ते गिर चुके थे। " "हर याद, शोर नहीं करती... हवा ने माफ़ी तो माँगी, लेकिन सारे पत्ते गिर चुके थे। " - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - दिव्य प्रेम में उमड़ती समर्पण की बूँदें - वे किसी भावना का परिणाम नहीं वे आत्मा की मौन स्वीकृति होती हैं। उनकी शुरुआत ऑँखों से नहीं होती॰ ऑंखें तो केवल द्वार है॰ समर्पण की बूँदों का स्रोत कहीं और है = बहाँ जहाँ शब्द भी शांत हो जाते हें। जब अहं अपनी पकड़ ढीली करता हे॰ जब " मैं " कुछ क्षण के लिए अनुपस्थित होता हेः भीतर का कठोर आवरण पिघलने लगता है = ~d चहाँ, जहाँ शब्द भी शांत होतो ह। यह चह अवस्था हे जिब जीव दिव्य प्रेम को अपने भीतर उतरते हुए अनुभव करता है. ओर भीतर उठती प्रेम तरंग मनकेसमस्त भारको हल्का कर देती हे॰. दिव्य प्रेम में उमड़ती समर्पण की बूँदें - वे किसी भावना का परिणाम नहीं वे आत्मा की मौन स्वीकृति होती हैं। उनकी शुरुआत ऑँखों से नहीं होती॰ ऑंखें तो केवल द्वार है॰ समर्पण की बूँदों का स्रोत कहीं और है = बहाँ जहाँ शब्द भी शांत हो जाते हें। जब अहं अपनी पकड़ ढीली करता हे॰ जब " मैं " कुछ क्षण के लिए अनुपस्थित होता हेः भीतर का कठोर आवरण पिघलने लगता है = ~d चहाँ, जहाँ शब्द भी शांत होतो ह। यह चह अवस्था हे जिब जीव दिव्य प्रेम को अपने भीतर उतरते हुए अनुभव करता है. ओर भीतर उठती प्रेम तरंग मनकेसमस्त भारको हल्का कर देती हे॰. - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - शादी सादगी से कीजिए, दिखावे से नहीं मेहमान सिर्फ स्वाद चखकर चले जाएंगे , ন্রীহা आपकी पूरी उम्र का লকিন কত কা सुकून छीन लेगा.. शादी सादगी से कीजिए, दिखावे से नहीं मेहमान सिर्फ स्वाद चखकर चले जाएंगे , ন্রীহা आपकी पूरी उम्र का লকিন কত কা सुकून छीन लेगा.. - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - विनाश काले विपरीत बुद्धि! हमारी मूर्खता जब चरम सीमा पर अपने माँ-बाप दुश्मन  होती है, 7484 की भाँति लगते हैं, जब बुरा वक्त आता अपने सुरक्षा है, तो इंसान सबसे पहले - कवच को ही बेड़ियां समझने लगता है, जिस दिन तुम खुद माता पिता बनोगे , उस दिन अपने पिता के हर इनकार में तुम्हें उनकी लाचारी और प्यार नजर बहुत देर हो आएगा , मगरतब तक चुकी होगी , विनाश काले विपरीत बुद्धि! हमारी मूर्खता जब चरम सीमा पर अपने माँ-बाप दुश्मन  होती है, 7484 की भाँति लगते हैं, जब बुरा वक्त आता अपने सुरक्षा है, तो इंसान सबसे पहले - कवच को ही बेड़ियां समझने लगता है, जिस दिन तुम खुद माता पिता बनोगे , उस दिन अपने पिता के हर इनकार में तुम्हें उनकी लाचारी और प्यार नजर बहुत देर हो आएगा , मगरतब तक चुकी होगी , - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - ईश्वर दर्शनः जैसे दूध में घी और तिल में तेल छिपा है वैसे ही आत्मा में परमात्मा निवास करता है। utaura ollowDaily ईश्वर दर्शनः जैसे दूध में घी और तिल में तेल छिपा है वैसे ही आत्मा में परमात्मा निवास करता है। utaura ollowDaily - ShareChat