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#किसानगौरव_सम्मान_संतरामपालजी #HonorAward #Haryana #sanewschannel
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00:54
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि अधूरा ज्ञान खतरनाक क्या आपके धर्म गुरु जानते हैं कि विष्णु पुराण के तृतीय अंश, अध्याय 15 श्लोक 55-56 के अनुसार एक योगी (शास्त्र अनुकूल भक्ति करने वाला साधक) को भोजन कराना हज़ार ब्राह्मणों के श्राद्ध भोज से उत्तम है।
श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि - पिडदान कापरिणाम जहां छूटत है पिण्ड प्रदान करंत | ঠনেৌব; ৪ুন எளி गवीबदाव्स जिंदा कहै नहीं मिले भगवंत। | संत गरीबदास जी महाराज ने बताया है कि पिंडदान से पितरों की भूत योनि तो छूट जाती है, होती , पर उन्हें परमात्मा को प्राप्ति नहीं वे चौरासी लाख योनियों मेँ चले जाते মন যসপাল সী সমাযস সী ম Sant Rampal Ji Maharaj App Download কীসিয় ব নিঃথুল্ক निःशुल्क नामदीक्षा ;   पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र +917496801823 Pay Goog< {5 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ पिडदान कापरिणाम जहां छूटत है पिण्ड प्रदान करंत | ঠনেৌব; ৪ুন எளி गवीबदाव्स जिंदा कहै नहीं मिले भगवंत। | संत गरीबदास जी महाराज ने बताया है कि पिंडदान से पितरों की भूत योनि तो छूट जाती है, होती , पर उन्हें परमात्मा को प्राप्ति नहीं वे चौरासी लाख योनियों मेँ चले जाते মন যসপাল সী সমাযস সী ম Sant Rampal Ji Maharaj App Download কীসিয় ব নিঃথুল্ক निःशुल्क नामदीक्षा ;   पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र +917496801823 Pay Goog< {5 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat
#Kabir is God मृत्यु भोज नहीं खाना चाहिए क्यों यह जानने के लिए आवश्यक पढ़े जीने की राह पुस्तक
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00:48
#Kabir is God श्री बजरंगबली जी को कबीर परमात्मा पूर्ण ब्रह्म स्वयं मुनेंद्र ऋषि के रूप में सतयुग में मिले थे और हनुमान जी मुनेंद्र जी के साधना करके सतलोक चले गए
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01:26
#Kabir is God गीता वाला काल कौन? अध्याय 11 श्लोक 47 में पवित्र गीता जी को बोलने वाले प्रभु काल ने कहा है कि ‘हे अर्जुन! यह मेरा वास्तविक काल रूप है, जिसे तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा था।‘ सिद्ध हुआ कि कौरवों की सभा में विराट रूप श्री कृष्ण जी ने दिखाया था तथा कुरूक्षेत्र में युद्ध के मैदान में विराट रूप काल ने दिखाया था। नहीं तो यह नहीं कहता कि यह विराट रूप तेरे अतिरिक्त पहले किसी ने नहीं देखा है। क्योंकि श्री कृष्ण जी अपना विराट रूप कौरवों की सभा में पहले ही दिखा चुके थे जो अनेकों ने देखा था। - जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
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01:02
#Kabir is God जो व्यक्ति मनुष्य जन्म प्राप्त करके भक्ति नहीं करता, वह चौरासी लाख योनियों में कष्ट उठाता है। कुत्ता रात में ऊपर की ओर मुंह करके बहुत रोता है। इसलिए पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेकर सतभक्ति करनी चाहिए।
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01:32
#Kabir is God सतभक्ति से जन्म-मृत्यु रूपी रोग से छुटकारा मिलता है। फिर ये जीव कभी चौरासी में नहीं भटकता। सतभक्ति करने से ही काल की कैद से कविर्देव (कबीर साहेब जी) छुड़वाकर सतलोक ले जाते हैं जो अमर अविनाशी लोक है। भक्ति न करने वाले और मनमानी पूजाएं करने वाले को काल के दूत ले जाते हैं जबकि सतभक्ति करने वाले को परमात्मा विमान में बैठाकर अमरलोक यानी सतलोक ले जाते हैं। जो व्यक्ति मनुष्य जन्म प्राप्त करके भक्ति नहीं करता, वह चौरासी लाख योनियों में कष्ट उठाता है। कुत्ता रात में ऊपर की ओर मुंह करके बहुत रोता है। इसलिए पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेकर सतभक्ति करनी चाहिए।
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00:14
*#KabirIsGod* *#SantRampalJiMaharaj* भगवान विष्णु ने दुर्गा की स्तुति की: कहा कि मैं (विष्णु), ब्रह्मा तथा शंकर तुम्हारी कृपा से विद्यमान हैं। हमारा तो आविर्भाव (जन्म) तथा तिरोभाव (मृत्यु) होती है। हम नित्य (अविनाशी) नहीं हैं। तुम ही नित्य हो, जगत् जननी हो, प्रकृति और सनातनी देवी हो। भगवान शंकर ने कहा: यदि भगवान ब्रह्मा तथा भगवान विष्णु तुम्हीं से उत्पन्न हुए हैं तो उनके बाद उत्पन्न होने वाला मैं तमोगुणी लीला करने वाला शंकर क्या तुम्हारी संतान नहीं हुआ अर्थात् मुझे भी उत्पन्न करने वाली तुम ही हों। इस संसार की सृष्टी-स्थिति-संहार में तुम्हारे गुण सदा सर्वदा हैं। इन्हीं तीनों गुणों से उत्पन्न हम, ब्रह्मा-विष्णु तथा शंकर नियमानुसार कार्य में तत्त्पर रहते हैं। अधिक जानकारी के लिए ज्ञान गंगा पुस्तक पढ़ें #Kabir is God
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00:29
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज कबीर, सतगुरु शरण में आने से, आई टले बलाय। जै मस्तिक में सूली हो वह कांटे में टल जाय।। सतगुरु अथार्त् तत्वदर्शी संत से उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से प्रारब्ध कर्म के पाप अनुसार यदि भाग्य में सजाए मौत हो तो वह पाप कर्म हल्का #Kabir is God
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00:30
आज कलियुग में भक्त समाज के सामने पूर्ण गुरु की पहचान करना सबसे जटिल प्रश्न बना हुआ है। लेकिन इसका बहुत ही लघु और साधारण–सा उत्तर है कि जो गुरु शास्त्रो के अनुसार भक्ति करता है और अपने अनुयाईयों अर्थात शिष्यों द्वारा करवाता है वही पूर्ण संत है। #Kabir is God
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00:14