Jaykumar
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#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - भोजन ना पचने पर चर्बी बढ़ती है पैसा ना पचने पर दिखावा बढ़ता है बढ़ती है बात ना पचने पर ளி प्रशंसा ना पचने से अहंकार बढ़ता है निंदा ना पचने पर दुश्मनी बढ़ती है राज़ ना पचने पर खतरा बढ़ता है दुखः ना पचने पर निराशा बढ़ती है और सुख ना पचने पर पाप बढ़ता है. इसलिए जीवन से जो भी मिले उसे पचाना बहुत ज़रूरी है.. भोजन ना पचने पर चर्बी बढ़ती है पैसा ना पचने पर दिखावा बढ़ता है बढ़ती है बात ना पचने पर ளி प्रशंसा ना पचने से अहंकार बढ़ता है निंदा ना पचने पर दुश्मनी बढ़ती है राज़ ना पचने पर खतरा बढ़ता है दुखः ना पचने पर निराशा बढ़ती है और सुख ना पचने पर पाप बढ़ता है. इसलिए जीवन से जो भी मिले उसे पचाना बहुत ज़रूरी है.. - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - पावागढुकेराजामीत्या भील पावागढुकेराजामीत्या भील - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - धैर्य पीछे सूरज जिस तरह बादलों के छुपता है, पर खोता नहीं, ठीक उसी तरह, जीवन की कठिनाइयाँ हमारी चमक को रोकती नहीं.. बस थोड़ा धैर्य रखो.. रोशनी समय बदलते ही तुम्हारी को दिखेगी| दुनिया धैर्य पीछे सूरज जिस तरह बादलों के छुपता है, पर खोता नहीं, ठीक उसी तरह, जीवन की कठिनाइयाँ हमारी चमक को रोकती नहीं.. बस थोड़ा धैर्य रखो.. रोशनी समय बदलते ही तुम्हारी को दिखेगी| दुनिया - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - नयी सदी से मिल रही, दर्द भरी सौगात! बेटा कहता बाप से, तेरी क्या औकात! ! पानी आँखों का मरा, मरी शर्म और लाज! ಫ೯ ೩೯ अब सास से, घर में मेरा राज! ! भाई भी करता नहीं , भाई पर विश्वास! बहन पराई हो गयी, साली खासमखास! ! मंदिर में पूजा करें , घर में करें कलेश! बापू तो बोझा लगे , पत्थर लगे गणेश! ! बचे कहाँ अब शेष हैं, दया, धरम , ईमान!पत्थर के भगवान हैं, पत्थर दिल इंसान! ! पत्थर के भगवान को, लगते छप्पन भोग!़ मर जाते फुटपाथ पर, भूखे, प्यासे लोग! ! धरम का, करते दिन भर पाप! मुखौटा पहन भंडारे करते फिरें , घर में भूखा बाप! नयी सदी से मिल रही, दर्द भरी सौगात! बेटा कहता बाप से, तेरी क्या औकात! ! पानी आँखों का मरा, मरी शर्म और लाज! ಫ೯ ೩೯ अब सास से, घर में मेरा राज! ! भाई भी करता नहीं , भाई पर विश्वास! बहन पराई हो गयी, साली खासमखास! ! मंदिर में पूजा करें , घर में करें कलेश! बापू तो बोझा लगे , पत्थर लगे गणेश! ! बचे कहाँ अब शेष हैं, दया, धरम , ईमान!पत्थर के भगवान हैं, पत्थर दिल इंसान! ! पत्थर के भगवान को, लगते छप्पन भोग!़ मर जाते फुटपाथ पर, भूखे, प्यासे लोग! ! धरम का, करते दिन भर पाप! मुखौटा पहन भंडारे करते फिरें , घर में भूखा बाप! - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - और रमदेवजी की . प्रथम " डालीबाई  िख  '%৫ भाद्रुपदु शुक्ल एकादशी  रामदेवरा ( जैसलमेर ) पीर का कुआँ रामा डलीबाई रामदेवजी स्ायरजी मेघवाल रिख सुंजोजी अजमट और रमदेवजी की . प्रथम " डालीबाई  िख  '%৫ भाद्रुपदु शुक्ल एकादशी  रामदेवरा ( जैसलमेर ) पीर का कुआँ रामा डलीबाई रामदेवजी स्ायरजी मेघवाल रिख सुंजोजी अजमट - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - নী ব্রুহা सच बोलोगे लगेगा , झूठ बोलोगे तो सब खुश रहेंगे। बर्दाश्त करोगे तो रिश्ता चलता रहेगा , दोगे तो तुम ही गलत कहलाओगे। JqIq तो तुम  चुप रहोगे ही गलत हो, अपनी बात रखोगे तो सबको खटक जाओगे। तो फिर जिंदगी में सच और हकीकत का क्या करे... ? নী ব্রুহা सच बोलोगे लगेगा , झूठ बोलोगे तो सब खुश रहेंगे। बर्दाश्त करोगे तो रिश्ता चलता रहेगा , दोगे तो तुम ही गलत कहलाओगे। JqIq तो तुम  चुप रहोगे ही गलत हो, अपनी बात रखोगे तो सबको खटक जाओगे। तो फिर जिंदगी में सच और हकीकत का क्या करे... ? - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - ज़िन्दगी जीनी हैं तो तकलीफें तो होंगी... मरने के बाद तो T जलने का भी एहसास नहीं होता... ख्वाहिशें कम हों , तो आ जाती है नींद पत्थरों पर भी, वरना बहुत चुभता है, मखमल का बिस्तर भी॰॰ जो मिला उसी में खुश रहता हूं॰॰ मेरी ही उंगलिया सिखाती है...दुनिया में कोई बराबर नही है। ज़िन्दगी जीनी हैं तो तकलीफें तो होंगी... मरने के बाद तो T जलने का भी एहसास नहीं होता... ख्वाहिशें कम हों , तो आ जाती है नींद पत्थरों पर भी, वरना बहुत चुभता है, मखमल का बिस्तर भी॰॰ जो मिला उसी में खुश रहता हूं॰॰ मेरी ही उंगलिया सिखाती है...दुनिया में कोई बराबर नही है। - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - तलाश में निकला था मैं... सोचा था कहीं रास्तों में " मैं" मिल जाऊँगा | शहर बदले , चेहरे बदले , रिश्तों के कई मौसम भी गुज़र गए। लोग मिलते रहे सफ़र में, कुछ अपने बनकर...कुछ सबक बनकर। पर अजीब बात ये है कि हर मोड़ पर कोई और मिला "मैं" ही नहीं मिला। बस अब समझ आया है शायद.. जिसे पूरी दुनिया में ढूँढ रहा था, वो चुपचाप मेरे ही अंदर बैठा था। तलाश में निकला था मैं... सोचा था कहीं रास्तों में " मैं" मिल जाऊँगा | शहर बदले , चेहरे बदले , रिश्तों के कई मौसम भी गुज़र गए। लोग मिलते रहे सफ़र में, कुछ अपने बनकर...कुछ सबक बनकर। पर अजीब बात ये है कि हर मोड़ पर कोई और मिला "मैं" ही नहीं मिला। बस अब समझ आया है शायद.. जिसे पूरी दुनिया में ढूँढ रहा था, वो चुपचाप मेरे ही अंदर बैठा था। - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - चल ढूंड लेते है सुकून ऐ ज़िंदगी , बेचैनियों की कतार बहुत है मुस्कुरा लेते है दो पल रुक के, ज़िम्मेदारियो के पहाड़ बहुत है कुछ दोस्त कुछ हमसफ़र कुछ दूर ही सही साथ तो चले जो कभी अपने थे अब ग़ै़र बन बैठे है, यू बदलने वालो की भरमार बहुत है। चल ढूंड लेते है सुकून ऐ ज़िंदगी , बेचैनियों की कतार बहुत है मुस्कुरा लेते है दो पल रुक के, ज़िम्मेदारियो के पहाड़ बहुत है कुछ दोस्त कुछ हमसफ़र कुछ दूर ही सही साथ तो चले जो कभी अपने थे अब ग़ै़र बन बैठे है, यू बदलने वालो की भरमार बहुत है। - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - ٩ ٤٤ जाऊँ , वो इंसान थोड़ी हूँ॰ आसानी चुप हो जाऊँ , कमज़ोर पहचान " ज़ख़्म सहकर थोड़ी हूँ। सबको पसंद आ जाऊँ, मैं भगवान थोड़ी हूँ जिसे समझ आ जाऊँ बस वही काफ़ी है Nandlal Kumar हर किसी की ज़ुबान थोड़ी हूँ। मैं भी पत्थर नहीं हूँ॰ पर शीशा भी नहीं टकराव में बिखर जाऊँ , जो हर सस्ती इतनी जान थोड़ी हूँ। ٩ ٤٤ जाऊँ , वो इंसान थोड़ी हूँ॰ आसानी चुप हो जाऊँ , कमज़ोर पहचान " ज़ख़्म सहकर थोड़ी हूँ। सबको पसंद आ जाऊँ, मैं भगवान थोड़ी हूँ जिसे समझ आ जाऊँ बस वही काफ़ी है Nandlal Kumar हर किसी की ज़ुबान थोड़ी हूँ। मैं भी पत्थर नहीं हूँ॰ पर शीशा भी नहीं टकराव में बिखर जाऊँ , जो हर सस्ती इतनी जान थोड़ी हूँ। - ShareChat