Jaykumar
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#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - रिश्तों में जबरदस्ती अच्छी नहीं लगती जिसको जहां सुकून मिले उसे वहीं छोड़ देना चाहिए.. किसी को बांधकर नहीं सकते उसको आजाद छोड़ दो रख वो अपना होगा तो जाएगा नहीं गैर होगा तो ठहरेगा नहीं. . रिश्तों में जबरदस्ती अच्छी नहीं लगती जिसको जहां सुकून मिले उसे वहीं छोड़ देना चाहिए.. किसी को बांधकर नहीं सकते उसको आजाद छोड़ दो रख वो अपना होगा तो जाएगा नहीं गैर होगा तो ठहरेगा नहीं. . - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - कुँए से নালান মতা सैकड़ों गुना बड़ा होता है, फिर भी लोग कुँए का ही पानी पीते हैं क्योंकि कुँए में गहराई और शुद्धता होती है। मनुष्य का बड़ा होना अच्छी बात है, लेकिन उसके व्यक्तित्व में गहराई और विचारों में शुद्धता " चाहिए भी होनी तभी वह महान बनता है! #asha कुँए से নালান মতা सैकड़ों गुना बड़ा होता है, फिर भी लोग कुँए का ही पानी पीते हैं क्योंकि कुँए में गहराई और शुद्धता होती है। मनुष्य का बड़ा होना अच्छी बात है, लेकिन उसके व्यक्तित्व में गहराई और विचारों में शुद्धता " चाहिए भी होनी तभी वह महान बनता है! #asha - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - कितने दूर निकल गए रिश्तों को निभाते निभाते खुद को खो दिया हमने अपनों को पाते पाते लोग कहते है हम मुस्कुराते बहुत है गए दर्द छुपाते  और हम थक ত্ুণান खुश हूँ और सबको खुश रखता हूँ लापरवाह हूँ फिर भी सबकी परवाह करता हूँ मालूम है कोई मोल नहीं मेरा फिर भी कुछ अनमोल लोगो से रिश्ता रखता हूँ (Suneeta dingh कितने दूर निकल गए रिश्तों को निभाते निभाते खुद को खो दिया हमने अपनों को पाते पाते लोग कहते है हम मुस्कुराते बहुत है गए दर्द छुपाते  और हम थक ত্ুণান खुश हूँ और सबको खुश रखता हूँ लापरवाह हूँ फिर भी सबकी परवाह करता हूँ मालूम है कोई मोल नहीं मेरा फिर भी कुछ अनमोल लोगो से रिश्ता रखता हूँ (Suneeta dingh - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - हसरतें कुछ और हैं वक्त की इल्तजा कुछ और है கிசிஈ 8. दिल चाहता ரி 34 मुताबिक कुछ और है होता कुछ और है। (Suneeta dingh हसरतें कुछ और हैं वक्त की इल्तजा कुछ और है கிசிஈ 8. दिल चाहता ரி 34 मुताबिक कुछ और है होता कुछ और है। (Suneeta dingh - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - किस तरह लोग हमारी जिंदगी में आते है और चले जाते है। कभी कभी तो बिना कुछ कहे चले जाते है  कुछ वजह बता कर छोड़ जाते है। हम बस लोगों को जाते हुए देखते रहते है... न जाने उस पल हम और मजबूत होते है या फिर सबसे ज्यादा बेबस होते है। बस हमारे हाथ में कुछ नहीं होता इसलिए हम मौन खड़े उन्हें जाने देते है। Sueeto dingh किस तरह लोग हमारी जिंदगी में आते है और चले जाते है। कभी कभी तो बिना कुछ कहे चले जाते है  कुछ वजह बता कर छोड़ जाते है। हम बस लोगों को जाते हुए देखते रहते है... न जाने उस पल हम और मजबूत होते है या फिर सबसे ज्यादा बेबस होते है। बस हमारे हाथ में कुछ नहीं होता इसलिए हम मौन खड़े उन्हें जाने देते है। Sueeto dingh - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - चावल अगर कुमकुम के साथ मिल जाऐं... तो किसी के मस्तक तक पहुंच जाते हैं... और दाल के साथ मिल जाऐं...तो खिचड़ी নন আন ট... 3rలగ  . हम कौन हैं उसके महत्व से ज्यादा... किनकी संगत में हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है... चावल अगर कुमकुम के साथ मिल जाऐं... तो किसी के मस्तक तक पहुंच जाते हैं... और दाल के साथ मिल जाऐं...तो खिचड़ी নন আন ট... 3rలగ  . हम कौन हैं उसके महत्व से ज्यादा... किनकी संगत में हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है... - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - जीवन में... सुख हो पर...शान्ति ना हो तब समझ लीजिए कि... हम सुविधा को...गलती से सुख समझ रहे हैं। जीवन में... सुख हो पर...शान्ति ना हो तब समझ लीजिए कि... हम सुविधा को...गलती से सुख समझ रहे हैं। - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - सारे मसरूफ़ हैं यहाँ, की कहानियाँ जानने में, মুসবী इतनी शिद्दत से ख़ुद को अगर पढ़ते, तो ख़ुदा हो जाते। सुप्रभात। (Suneeta dingh] सारे मसरूफ़ हैं यहाँ, की कहानियाँ जानने में, মুসবী इतनी शिद्दत से ख़ुद को अगर पढ़ते, तो ख़ुदा हो जाते। सुप्रभात। (Suneeta dingh] - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - जिस धागे की गांठ खुल सकती है, उस पर कैंची नहीं चलानी चाहिए। रिश्ते धैर्य से सुलझते हैं, जल्दबाज़ी से टूटते हैं। पर्स को कहाँ मालूम कि पैसे उधार के हैं, वह तो बस फूलता है। ठीक वैसे ही हमारी साँसें भी प्रभु की उधार हैं, फिर गुमान किस बात का? Sueta Sinch जिस धागे की गांठ खुल सकती है, उस पर कैंची नहीं चलानी चाहिए। रिश्ते धैर्य से सुलझते हैं, जल्दबाज़ी से टूटते हैं। पर्स को कहाँ मालूम कि पैसे उधार के हैं, वह तो बस फूलता है। ठीक वैसे ही हमारी साँसें भी प्रभु की उधार हैं, फिर गुमान किस बात का? Sueta Sinch - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से
💓 मोहब्बत दिल से - आदमी की सोच और नसीहत समय-्समय पर बदलती रहती है... चाय में मक्खी गिर जाए तो चाय फेंक देते हैं, अगर देशी घी में मक्खी गिर जाए तो मक्खी को फेंक देते हैं... Sweta Aingl आदमी की सोच और नसीहत समय-्समय पर बदलती रहती है... चाय में मक्खी गिर जाए तो चाय फेंक देते हैं, अगर देशी घी में मक्खी गिर जाए तो मक्खी को फेंक देते हैं... Sweta Aingl - ShareChat