🔥वैशाख शुक्ल छट🔥22 अप्रैल 2026🔥बुधवार🔥
👏तीर्थंकर श्री अभिनन्दननाथ भगवान के गर्भ एवं मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं।👏👏👏👏👏 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #💕दिल वाली शुभकामनाएं #❤️शुभकामना सन्देश #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🚩वैशाख शुक्ल षष्ठी🚩22 अप्रैल 2026🚩बुधवार 🚩
💐💐 तीर्थंकर श्री अभिनन्दननाथ भगवान के गर्भकल्याणक व मोक्षकल्याणक की हार्दिक शुभकामनाएं।🙏🙏🙏🙏 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #❤️शुभकामना सन्देश #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #💕दिल वाली शुभकामनाएं
🐒वैशाख शुक्ल छट🐒22 अप्रैल 2026🐒बुधवार🐒
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आज श्री अभिनन्दन स्वामी भगवान का च्यवन कल्याणक है
📿जाप मंत्र 📿ॐ ह्रीं श्री अभिनन्दन स्वामी परमेष्ठीने नमः 📿 #🙏धार्मिक पर्यटन स्थल🛕 #🛕मंदिर दर्शन🙏 #🙏प्रातः वंदन #🌞सुप्रभात सन्देश #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
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🔥🔥🔥अक्षय तृतीया एवं वर्षीतप का इतिहास !!🔥🔥🔥
💥💥💥💥 अक्षय तृतीया : वर्षीतप पारणा💥💥💥💥
प्रथम युगादिदेव परमात्मा श्री ऋषभदेव प्रभु (आदिनाथ) का जन्म क्रोडा-क्रोड़ी वर्ष पूर्व अवसर्पिणी काल यानी तीसरे आरे के समय में हुआ था ! प्रभु की आयु ८४ लाख वर्ष पूर्व, देह की ऊंचाई ५०० धनुष थी, एवं वर्ण स्वर्णमयी था !
संसार के समग्र प्राणियों एवं मानव को सभी प्रकार का ज्ञान, जीवन जीने की कला, सही-गलत कार्य के द्वारा कर्मो का बंधन एवं उससे मुक्ति के उपाय भी प्रभु ने ही मार्गदर्शित किये थे।
स्वयं प्रभु के द्वारा पिछले जन्म में एक बैल का मुँह बांधने की सलाह दी थी क्योकिं वह बैल खेतों की फसल को खा रहा था, खेत के मालिक द्वारा बैल को निर्दयता से मारता देख, प्रभु ने करुणावश यह सलाह दे दी कि इससे बैल को मार भी न पड़ेगी, और किसान को फसल का नुकसान भी नही होगा !
बैल ३६० पलोपल तक तडपता रहा, उसे वेदना हुई, प्रभु के करुणामय भाव होते हुए...भी अंतरायकर्म का बंध हुआ, इसी कर्म के निवारणार्थ प्रभुजी को ४०० दिन तक भिक्षा में आहार नही मिला...उपवास से रहना पड़ा।
यही से तप के द्वारा... कर्म-बंधन की मुक्ति का विधान शुरू हुआ, कालांतर में इसे वर्षीतप के नाम
से जाना जाता है ।
युगादिदेव दादा श्री आदिनाथ भगवान दीक्षा पश्चात
निर्जल व निराहार विचरण करते हुए ४०० दिनों के बाद
वैशाख शुक्ला ३ के शुभ दिन इस पावन भूमि पर पधारे।
भोली भाली जनता दर्शनाथ उमड़ पड़ी।
कोई प्रभु को हाथी तो कोई सोना तो कोई क्या,
अपनी इच्छा से भेट कर रहा है। लेकिन प्रभु को तो पारने
में काल्पिक आहार चाहिए था। जिसे हर कोई समझ नहीं
पा रहा था ।
राज कुमार श्री श्रेयांसकुमार कुमार को अपने प्रपितामह
के दर्शन पाते ही जाति - स्मरण ज्ञान हुवा जिस से
आहार देने की विधि को जानकर इक्षु रस को ग्रहण करने
के लिए भक्ति भाव पूर्वक प्रभु से आग्रह करने लगा।
प्रभु ने काल्पिक आहार समझकर श्री श्रेयांस कुमार के
हाथो पारना किया। देवदुंदुभिया बजने लगी ।जनता में
हर्ष का पार ना रहा । उसी दिन से यहाँ से वर्षीतप के
पारने की प्रथा चालू हुई । कहा जाता है कि भगवान के
इक्षु रस से पारना होने के कारण उस दिन को पुरे शासन में अक्षय- तृतीया के नाम से जाना लगा। जो आज तक
प्रचलित है।
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दिनाक 19 अप्रैल 2026 तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान के प्रथम आहार दिवस- दान दिवस अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं। 🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇 #🤝अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं🫂 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #❤️शुभकामना सन्देश #🙏अक्षय तृतीया का महत्व🗣️📿 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
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![🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - 3/ 3] तीर्थकरश्री अभिनन्दननाथ भगवान गभीए्वमौक्षकल्याणक महामहोत्सव शुभ वैशाख शुक्लषष्ठी को, विजय विमान त्याग आये हुई माता सिद्धार्था, रत्नसुरो ने बरसाये ।। धन्य दिककुमारियों ने, माँ की सेवा कर सुखपाए। छप्पन हे अभिनन्दन स्वामी जय जय, देवों ने मंगलगाए।। ह्रैं वैशाखशुक्लषष्ठ्यां गर्भमंगलमंडिताय श्रीअभिर्नदननाथजिनेन्द्राय नमः प्रतिमायोग किया जब घारण पावन गिरिसम्मेद हुआ | = ~ शुभ वैशाख शुक्ल षष्टम आनन्दकूट से मोक्ष हुआ ।l ~ چ ೆ ~ चार प्रकार देव सब आये हर्षित इन्द्र महान हुआ | 04 ल 0 हे अभिनन्दनाथ जिनेश्वर , परम मोक्ष कल्याण हुआवय সনন a ह्रवें वैशाखशुक्लषष्ठ्यां मोक्षर्मगलमंडिताय श्रीअभिनदननाथजिनेन्द्राय नमः 3/ 3] तीर्थकरश्री अभिनन्दननाथ भगवान गभीए्वमौक्षकल्याणक महामहोत्सव शुभ वैशाख शुक्लषष्ठी को, विजय विमान त्याग आये हुई माता सिद्धार्था, रत्नसुरो ने बरसाये ।। धन्य दिककुमारियों ने, माँ की सेवा कर सुखपाए। छप्पन हे अभिनन्दन स्वामी जय जय, देवों ने मंगलगाए।। ह्रैं वैशाखशुक्लषष्ठ्यां गर्भमंगलमंडिताय श्रीअभिर्नदननाथजिनेन्द्राय नमः प्रतिमायोग किया जब घारण पावन गिरिसम्मेद हुआ | = ~ शुभ वैशाख शुक्ल षष्टम आनन्दकूट से मोक्ष हुआ ।l ~ چ ೆ ~ चार प्रकार देव सब आये हर्षित इन्द्र महान हुआ | 04 ल 0 हे अभिनन्दनाथ जिनेश्वर , परम मोक्ष कल्याण हुआवय সনন a ह्रवें वैशाखशुक्लषष्ठ्यां मोक्षर्मगलमंडिताय श्रीअभिनदननाथजिनेन्द्राय नमः - ShareChat 🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - 3/ 3] तीर्थकरश्री अभिनन्दननाथ भगवान गभीए्वमौक्षकल्याणक महामहोत्सव शुभ वैशाख शुक्लषष्ठी को, विजय विमान त्याग आये हुई माता सिद्धार्था, रत्नसुरो ने बरसाये ।। धन्य दिककुमारियों ने, माँ की सेवा कर सुखपाए। छप्पन हे अभिनन्दन स्वामी जय जय, देवों ने मंगलगाए।। ह्रैं वैशाखशुक्लषष्ठ्यां गर्भमंगलमंडिताय श्रीअभिर्नदननाथजिनेन्द्राय नमः प्रतिमायोग किया जब घारण पावन गिरिसम्मेद हुआ | = ~ शुभ वैशाख शुक्ल षष्टम आनन्दकूट से मोक्ष हुआ ।l ~ چ ೆ ~ चार प्रकार देव सब आये हर्षित इन्द्र महान हुआ | 04 ल 0 हे अभिनन्दनाथ जिनेश्वर , परम मोक्ष कल्याण हुआवय সনন a ह्रवें वैशाखशुक्लषष्ठ्यां मोक्षर्मगलमंडिताय श्रीअभिनदननाथजिनेन्द्राय नमः 3/ 3] तीर्थकरश्री अभिनन्दननाथ भगवान गभीए्वमौक्षकल्याणक महामहोत्सव शुभ वैशाख शुक्लषष्ठी को, विजय विमान त्याग आये हुई माता सिद्धार्था, रत्नसुरो ने बरसाये ।। धन्य दिककुमारियों ने, माँ की सेवा कर सुखपाए। छप्पन हे अभिनन्दन स्वामी जय जय, देवों ने मंगलगाए।। ह्रैं वैशाखशुक्लषष्ठ्यां गर्भमंगलमंडिताय श्रीअभिर्नदननाथजिनेन्द्राय नमः प्रतिमायोग किया जब घारण पावन गिरिसम्मेद हुआ | = ~ शुभ वैशाख शुक्ल षष्टम आनन्दकूट से मोक्ष हुआ ।l ~ چ ೆ ~ चार प्रकार देव सब आये हर्षित इन्द्र महान हुआ | 04 ल 0 हे अभिनन्दनाथ जिनेश्वर , परम मोक्ष कल्याण हुआवय সনন a ह्रवें वैशाखशुक्लषष्ठ्यां मोक्षर्मगलमंडिताय श्रीअभिनदननाथजिनेन्द्राय नमः - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_339859_1cb8d93d_1776753296209_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=209_sc.jpg)






