Subhash Ora Jain
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🔥वैशाख शुक्ल छट🔥22 अप्रैल 2026🔥बुधवार🔥 👏तीर्थंकर श्री अभिनन्दननाथ भगवान के गर्भ एवं मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं।👏👏👏👏👏 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #💕दिल वाली शुभकामनाएं #❤️शुभकामना सन्देश #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं - ८७७8श्री अभिनंदन नाथ भगवान Jainaogem गर्भ एवं मोक्ष कल्याणक ) शुभ वैशाख शुक्लषष्ठी को विजय विमान त्याग आये । हुई माता सिद्धार्था रत्नसुरो ने बरसाये Il ٤? छप्पन दिककुमारियो ने माँ की सेवा कर सुखपाए | हे अभिनन्दन स्वामी जय जय देवो ने मगलगाए Il ऊँ ह्री वैशाखशुक्ला षष्ठीदिने गर्भमंगलप्राप्ताय श्री अभिनन्दन जिनेन्द्राय अर्घ्यं नि. प्रतिमायोग किया जब धारण पावन गिरिसम्मेद हुआ। वैशाख शुक्ल षष्टम आनन्दकूट से HTa शुभ 3 चार प्रकार देव सब आये हर्षित इन्द्र महान हुआ। हे अभिनन्दन जिनेश्वर परम मोक्ष कल्याण हुआ ।। ऊँ ह्रीं वैशाखशुक्ला षष्ठीदिने मोक्षमंगलप्राप्ताय श्रीअभिनन्दन जिनेन्द्राय अर्घ्य नि. ८७७8श्री अभिनंदन नाथ भगवान Jainaogem गर्भ एवं मोक्ष कल्याणक ) शुभ वैशाख शुक्लषष्ठी को विजय विमान त्याग आये । हुई माता सिद्धार्था रत्नसुरो ने बरसाये Il ٤? छप्पन दिककुमारियो ने माँ की सेवा कर सुखपाए | हे अभिनन्दन स्वामी जय जय देवो ने मगलगाए Il ऊँ ह्री वैशाखशुक्ला षष्ठीदिने गर्भमंगलप्राप्ताय श्री अभिनन्दन जिनेन्द्राय अर्घ्यं नि. प्रतिमायोग किया जब धारण पावन गिरिसम्मेद हुआ। वैशाख शुक्ल षष्टम आनन्दकूट से HTa शुभ 3 चार प्रकार देव सब आये हर्षित इन्द्र महान हुआ। हे अभिनन्दन जिनेश्वर परम मोक्ष कल्याण हुआ ।। ऊँ ह्रीं वैशाखशुक्ला षष्ठीदिने मोक्षमंगलप्राप्ताय श्रीअभिनन्दन जिनेन्द्राय अर्घ्य नि. - ShareChat
🚩वैशाख शुक्ल षष्ठी🚩22 अप्रैल 2026🚩बुधवार 🚩 💐💐 तीर्थंकर श्री अभिनन्दननाथ भगवान के गर्भकल्याणक व मोक्षकल्याणक की हार्दिक शुभकामनाएं।🙏🙏🙏🙏 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #❤️शुभकामना सन्देश #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #💕दिल वाली शुभकामनाएं
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - दैवाधिदेव तीर्थकरश्री अभिनन्दननाथ भगवान घर्थ ऐर्व मोक्ष कल्याणक ह्वार्दिक शुभकामनाए। क विजय विमान से आये प्रश्रुजी, नगरी लगती अतिशायी| शुभ वेशाख शुक्ल षष्ठी को, र्मा सिद्धार्था हर्षायी ` वेशाखशुक्लषष्ठ्य गर्भमंगलर्मंडिताय श्रीअभिनंदननाथजिनेन्द्राय नमः वेशाखशुक्ल षष्ठी केदिन सम्मेदशिखर्से मोक्ष हुआ श्रीअभितदनतीर्थकरसे भविजीवोकोलक्ष्यमिला वेशाखशुक्लषछ्यां मोक्षर्मगलमंडिताय श्रीअभिनंदननाथजिनेन्द्राय नमः 3 ಈ दैवाधिदेव तीर्थकरश्री अभिनन्दननाथ भगवान घर्थ ऐर्व मोक्ष कल्याणक ह्वार्दिक शुभकामनाए। क विजय विमान से आये प्रश्रुजी, नगरी लगती अतिशायी| शुभ वेशाख शुक्ल षष्ठी को, र्मा सिद्धार्था हर्षायी ` वेशाखशुक्लषष्ठ्य गर्भमंगलर्मंडिताय श्रीअभिनंदननाथजिनेन्द्राय नमः वेशाखशुक्ल षष्ठी केदिन सम्मेदशिखर्से मोक्ष हुआ श्रीअभितदनतीर्थकरसे भविजीवोकोलक्ष्यमिला वेशाखशुक्लषछ्यां मोक्षर्मगलमंडिताय श्रीअभिनंदननाथजिनेन्द्राय नमः 3 ಈ - ShareChat
🐒वैशाख शुक्ल छट🐒22 अप्रैल 2026🐒बुधवार🐒 🚩तीर्थंकर श्री अभिनन्दननाथ भगवान के गर्भ एवं मोक्ष कल्याणक महामहोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं।🙏🙏🙏🙏 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #❤️शुभकामना सन्देश #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #💕दिल वाली शुभकामनाएं
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - 3/ 3] तीर्थकरश्री अभिनन्दननाथ भगवान गभीए्वमौक्षकल्याणक महामहोत्सव शुभ वैशाख शुक्लषष्ठी को, विजय विमान त्याग आये हुई माता सिद्धार्था, रत्नसुरो ने बरसाये ।। धन्य दिककुमारियों ने, माँ की सेवा कर सुखपाए। छप्पन हे अभिनन्दन स्वामी जय जय, देवों ने मंगलगाए।। ह्रैं वैशाखशुक्लषष्ठ्यां गर्भमंगलमंडिताय श्रीअभिर्नदननाथजिनेन्द्राय नमः प्रतिमायोग किया जब घारण पावन गिरिसम्मेद हुआ | = ~ शुभ वैशाख शुक्ल षष्टम आनन्दकूट से मोक्ष हुआ ।l ~ چ   ೆ ~ चार प्रकार देव सब आये हर्षित इन्द्र महान हुआ | 04 ल 0 हे अभिनन्दनाथ जिनेश्वर ,  परम मोक्ष कल्याण हुआवय সনন a ह्रवें वैशाखशुक्लषष्ठ्यां मोक्षर्मगलमंडिताय श्रीअभिनदननाथजिनेन्द्राय नमः 3/ 3] तीर्थकरश्री अभिनन्दननाथ भगवान गभीए्वमौक्षकल्याणक महामहोत्सव शुभ वैशाख शुक्लषष्ठी को, विजय विमान त्याग आये हुई माता सिद्धार्था, रत्नसुरो ने बरसाये ।। धन्य दिककुमारियों ने, माँ की सेवा कर सुखपाए। छप्पन हे अभिनन्दन स्वामी जय जय, देवों ने मंगलगाए।। ह्रैं वैशाखशुक्लषष्ठ्यां गर्भमंगलमंडिताय श्रीअभिर्नदननाथजिनेन्द्राय नमः प्रतिमायोग किया जब घारण पावन गिरिसम्मेद हुआ | = ~ शुभ वैशाख शुक्ल षष्टम आनन्दकूट से मोक्ष हुआ ।l ~ چ   ೆ ~ चार प्रकार देव सब आये हर्षित इन्द्र महान हुआ | 04 ल 0 हे अभिनन्दनाथ जिनेश्वर ,  परम मोक्ष कल्याण हुआवय সনন a ह्रवें वैशाखशुक्लषष्ठ्यां मोक्षर्मगलमंडिताय श्रीअभिनदननाथजिनेन्द्राय नमः - ShareChat
आज श्री अभिनन्दन स्वामी भगवान का च्यवन कल्याणक है 📿जाप मंत्र 📿ॐ ह्रीं श्री अभिनन्दन स्वामी परमेष्ठीने नमः 📿 #🙏धार्मिक पर्यटन स्थल🛕 #🛕मंदिर दर्शन🙏 #🙏प्रातः वंदन #🌞सुप्रभात सन्देश #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
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आज श्री अभिनन्दन स्वामी भगवान का च्यवन कल्याणक है 📿जाप मंत्र 📿ॐ ह्रीं श्री अभिनन्दन स्वामी परमेष्ठीने नमः 📿 #🙏धार्मिक पर्यटन स्थल🛕 #🛕मंदिर दर्शन🙏 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌞सुप्रभात सन्देश #🙏प्रातः वंदन
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🔥🔥🔥अक्षय तृतीया एवं वर्षीतप का इतिहास !!🔥🔥🔥 💥💥💥💥 अक्षय तृतीया : वर्षीतप पारणा💥💥💥💥 प्रथम युगादिदेव परमात्मा श्री ऋषभदेव प्रभु (आदिनाथ) का जन्म क्रोडा-क्रोड़ी वर्ष पूर्व अवसर्पिणी काल यानी तीसरे आरे के समय में हुआ था ! प्रभु की आयु ८४ लाख वर्ष पूर्व, देह की ऊंचाई ५०० धनुष थी, एवं वर्ण स्वर्णमयी था ! संसार के समग्र प्राणियों एवं मानव को सभी प्रकार का ज्ञान, जीवन जीने की कला, सही-गलत कार्य के द्वारा कर्मो का बंधन एवं उससे मुक्ति के उपाय भी प्रभु ने ही मार्गदर्शित किये थे। स्वयं प्रभु के द्वारा पिछले जन्म में एक बैल का मुँह बांधने की सलाह दी थी क्योकिं वह बैल खेतों की फसल को खा रहा था, खेत के मालिक द्वारा बैल को निर्दयता से मारता देख, प्रभु ने करुणावश यह सलाह दे दी कि इससे बैल को मार भी न पड़ेगी, और किसान को फसल का नुकसान भी नही होगा ! बैल ३६० पलोपल तक तडपता रहा, उसे वेदना हुई, प्रभु के करुणामय भाव होते हुए...भी अंतरायकर्म का बंध हुआ, इसी कर्म के निवारणार्थ प्रभुजी को ४०० दिन तक भिक्षा में आहार नही मिला...उपवास से रहना पड़ा। यही से तप के द्वारा... कर्म-बंधन की मुक्ति का विधान शुरू हुआ, कालांतर में इसे वर्षीतप के नाम से जाना जाता है । युगादिदेव दादा श्री आदिनाथ भगवान दीक्षा पश्चात निर्जल व निराहार विचरण करते हुए ४०० दिनों के बाद वैशाख शुक्ला ३ के शुभ दिन इस पावन भूमि पर पधारे। भोली भाली जनता दर्शनाथ उमड़ पड़ी। कोई प्रभु को हाथी तो कोई सोना तो कोई क्या, अपनी इच्छा से भेट कर रहा है। लेकिन प्रभु को तो पारने में काल्पिक आहार चाहिए था। जिसे हर कोई समझ नहीं पा रहा था । राज कुमार श्री श्रेयांसकुमार कुमार को अपने प्रपितामह के दर्शन पाते ही जाति - स्मरण ज्ञान हुवा जिस से आहार देने की विधि को जानकर इक्षु रस को ग्रहण करने के लिए भक्ति भाव पूर्वक प्रभु से आग्रह करने लगा। प्रभु ने काल्पिक आहार समझकर श्री श्रेयांस कुमार के हाथो पारना किया। देवदुंदुभिया बजने लगी ।जनता में हर्ष का पार ना रहा । उसी दिन से यहाँ से वर्षीतप के पारने की प्रथा चालू हुई । कहा जाता है कि भगवान के इक्षु रस से पारना होने के कारण उस दिन को पुरे शासन में अक्षय- तृतीया के नाम से जाना लगा। जो आज तक प्रचलित है। 🚩🚩🚩🚩🚩 #🙏अक्षय तृतीया का महत्व🗣️📿 #🤝अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं🫂 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏धार्मिक पर्यटन स्थल🛕 #🛕मंदिर दर्शन🙏
🙏अक्षय तृतीया का महत्व🗣️📿 - ShareChat
दिनाक 19 अप्रैल 2026 तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान के प्रथम आहार दिवस- दान दिवस अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं। 🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇 #🤝अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं🫂 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #❤️शुभकामना सन्देश #🙏अक्षय तृतीया का महत्व🗣️📿 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
🤝अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं🫂 - faa तृतीया- अक्षय ऋषभदेव जी का प्रथम आहार अक्षय तृतीया पर्व दान का, ऋषभदेव ने दान लिया  नृप श्रेयांस दानदाता थेः जगतीने यशगान किया ।l अहो दान कीःमहिमाः तीर्थकर भी लेते हाथ पसार होते पंचाश्चर्य पुण्य का भरता है अपूर्व भण्डार ।l मोक्षमार्ग के महाव्रती को, भावसहित जो देते दान  निजस्वरूप जप वह पाते है॰ निश्चित शाश्वत पदनिर्वाण ११  दान तीर्थ के कर्ता नृप श्रेयांस हुए সম্সু ক गणधर मोक्ष प्राप्त कर सिद्घ लोक में पाया शिवपद अविनश्वर Il  प्रथम जिनेश्वर आदिनाथ प्रभु! तुम्हें नमन हो बारम्बार  गिरि कैलाश शिखर से तुमने , लिया सिद्घपद मंगलकार I नाथ आपके चरणाम्बुज में, श्रद्धा सहित प्रणाम करूँ  त्यागधर्म की महिमा पाऊँ, मै सिद्धों का थाम वरूँ  शुभ वैशाख शुक्ल तृतिया का दिवस पवित्र महान हुआ  दान धर्म की जयन्जय गूँजी , अक्षय पर्व प्रथान हुआ " faa तृतीया- अक्षय ऋषभदेव जी का प्रथम आहार अक्षय तृतीया पर्व दान का, ऋषभदेव ने दान लिया  नृप श्रेयांस दानदाता थेः जगतीने यशगान किया ।l अहो दान कीःमहिमाः तीर्थकर भी लेते हाथ पसार होते पंचाश्चर्य पुण्य का भरता है अपूर्व भण्डार ।l मोक्षमार्ग के महाव्रती को, भावसहित जो देते दान  निजस्वरूप जप वह पाते है॰ निश्चित शाश्वत पदनिर्वाण ११  दान तीर्थ के कर्ता नृप श्रेयांस हुए সম্সু ক गणधर मोक्ष प्राप्त कर सिद्घ लोक में पाया शिवपद अविनश्वर Il  प्रथम जिनेश्वर आदिनाथ प्रभु! तुम्हें नमन हो बारम्बार  गिरि कैलाश शिखर से तुमने , लिया सिद्घपद मंगलकार I नाथ आपके चरणाम्बुज में, श्रद्धा सहित प्रणाम करूँ  त्यागधर्म की महिमा पाऊँ, मै सिद्धों का थाम वरूँ  शुभ वैशाख शुक्ल तृतिया का दिवस पवित्र महान हुआ  दान धर्म की जयन्जय गूँजी , अक्षय पर्व प्रथान हुआ " - ShareChat
दिनाक 19 अप्रैल 2026 तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान के प्रथम आहार दिवस- दान दिवस अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं। 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 #🙏अक्षय तृतीया का महत्व🗣️📿 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #❤️शुभकामना सन्देश #🤝अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं🫂 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
🙏अक्षय तृतीया का महत्व🗣️📿 - दान पर्व तृतीया अक्षय  Jainaagam गृहस्थ दशा में सिवाय दान के दूसरा कोई कल्याण करने वाला नहीं है...!! दान पर्व तृतीया अक्षय  Jainaagam गृहस्थ दशा में सिवाय दान के दूसरा कोई कल्याण करने वाला नहीं है...!! - ShareChat
दिनाक 19 अप्रैल 2026 तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान के प्रथम आहार दिवस- दान दिवस अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 #🤝अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं🫂 #❤️शुभकामना सन्देश #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏अक्षय तृतीया का महत्व🗣️📿 #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं
🤝अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं🫂 - दान पर्व तृतीया अक्षय Jainaagam दान के अतिरिक्त स्थान में लगाया गया धन विपत्ति का ही कारण है % धन की उत्तम गति केवल दान ही अर्थात धन दान से ही सफल होता है % दान पर्व तृतीया अक्षय Jainaagam दान के अतिरिक्त स्थान में लगाया गया धन विपत्ति का ही कारण है % धन की उत्तम गति केवल दान ही अर्थात धन दान से ही सफल होता है % - ShareChat
दिनाक 19 अप्रैल 2026 तीर्थंकर श्री ऋषभदेव भगवान के प्रथम आहार दिवस- दान दिवस अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 #🤝अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं🫂 #🙏अक्षय तृतीया का महत्व🗣️📿 #🙏अक्षय तृतीया का महत्व🗣️📿 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #❤️शुभकामना सन्देश #💕दिल वाली शुभकामनाएं
🤝अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं🫂 - पर्व নূনীতা 11 अक्षय JainaaBam_ ৪০৫ ऋषथ्य म्ुनिर्ज की ತಳಣಿ೯ಳಣಿ೯ಳಣಿ धन्य दाता धन्य दिवस খ্ন্ এান্স पर्व की मंगल प्रेरणायें पर्व " अर्थात् पवित्र अवसर १ :- दान हाथों की शोभा' तो है ही हृदय की उदारता का परिचायक भी है [ २:- अनाहारी दशा की भावना पूर्वक युक्ताहारी बनें [ स्वयं से ही स्वयं में ही तृप्त रहने की 3:- कला, सीखें | H:- अक्षय सुख के पथिक बनकर इस दानपर्व को सार्थक करें | पर्व নূনীতা 11 अक्षय JainaaBam_ ৪০৫ ऋषथ्य म्ुनिर्ज की ತಳಣಿ೯ಳಣಿ೯ಳಣಿ धन्य दाता धन्य दिवस খ্ন্ এান্স पर्व की मंगल प्रेरणायें पर्व " अर्थात् पवित्र अवसर १ :- दान हाथों की शोभा' तो है ही हृदय की उदारता का परिचायक भी है [ २:- अनाहारी दशा की भावना पूर्वक युक्ताहारी बनें [ स्वयं से ही स्वयं में ही तृप्त रहने की 3:- कला, सीखें | H:- अक्षय सुख के पथिक बनकर इस दानपर्व को सार्थक करें | - ShareChat