लक्ष्मीनारायण नागला
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लक्ष्मीनारायण नागला
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मीरा - Aar से ना डरियो निंदा जल की धार| निंदा सेजो डरती मीरा , कॅसे होती पार Il #कषार Aar से ना डरियो निंदा जल की धार| निंदा सेजो डरती मीरा , कॅसे होती पार Il #कषार - ShareChat
#🙏🏻 श्री तिरुपति बालाजी 🚩 #🙏श्री तिरुपति बालाजी 🚩 #🌷🌷 ऊँ तिरुपति बालाजी नमो नमः 🌷🌷 #जय श्री तिरुपति बालाजी #🚩💢 जय श्री बालाजी मंदिर तिरुपति उड़ीसा 💢🚩
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श्री पितृ बीसा (पितृदोष निवारण स्तोत्र) स्तोत्र का परिचय एवं महत्व यह "पितृ बीसा" एक अत्यंत शक्तिशाली पितृ-स्तोत्र है, जो कुल के पितरों को शांति, संतुष्टि एवं सद्गति प्रदान करने के लिए रचा गया है। यह स्तोत्र विशेष रूप से उनके लिए है जो पितृदोष, कुलदोष, अकाल मृत्यु, संतान बाधा, आर्थिक संकट या पारिवारिक कलह से पीड़ित हैं। इसके नियमित पाठ से पितर बंधन मुक्त होते हैं, तांत्रिक प्रभाव समाप्त होते हैं, और पितरों की अपार कृपा से घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। मूल पाठ दोहा ॥ पितरदेव करो कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामनासिद्ध करो, पुरवहु मेरी आस।। चौपाई ॥ पितर परम पर्वता विराजे हम कर जोड़खड़े सकारे ॥१॥ होम धूप की होये अग्यारी पितर देव दरबार तुम्हारी॥२॥ पितर मनावे घर द्वार में बरकर बरसेबार-बार में ॥३॥ आज मैं अपने पितर मनाऊं सातोंसात ही शीश नवाऊं ॥४॥ सातो नित्य पितर हमारे अपनेघर को आये सम्हारे ॥५॥ मोही अनाथ की सुधि अब लीजे संकट काटीसुख संपत्ति दीजे ॥६॥ भूल-चूक करो क्षमा हमारी दर्शन दीजेदशा निहारी ॥७॥ नहि मोहि ज्ञान बुद्धि है तन में सब जान होअपने मन में ॥८॥ तुम सम प्रबल शक्ति वही आनि कह लोमहिमा करो बखानी ॥९॥ मन क्रम वचन करे सेवकाई इन इच्छित वांछित फल पाई॥१०॥ वसु रूपी पितर हमारे क्षण मेंही सब काज संवारे ॥११॥ रुद्र रूपी पितर हमारे भारीसे भारी संकट टारे ॥१२॥ आदित्य रूपी पितर संत हैं इनकीकृपा से ग्रीष्म वसंत है ॥१३॥ पितर महिमा बुद्धि बड़ाई शेष सहस मुख सकेन गाई ॥१४॥ मैं मतिहीन मलीन दुखारी करहुकौन विधि विनय तुम्हारी ॥१५॥ चौदस मावस तिथि अति प्यारी भोग लगावेदुनिया सारी ॥१६॥ पितरों को जो गंगा नहावे रोग क्लेश घर मेंना आवे ॥१७॥ पितरों के लिये तर्पण जो करते पितर उनकेभंडार हैं भरते ॥१८॥ पितर अब दया दीन नर कीजे अपनीभक्ति शक्ति कछु दीजे ॥१९॥ यहि मोर अरदास हाथ जोड़ विनती करूं सब विधिकरो सुवास जय पितर देवताओं॥२०॥ अंत में यह पाठ करें ॐ नमो वः पितरो रसाय नमो वः पितरःशोषायः नमो वः पितरो जीवाय नमोवः पितर माये नमो वः पितरो घोराय नमोवः पितरो मन्यवे नमोवः पितरः पितरो नमो वो ग्रहान्न पितरोदस सतो वः देष्यमैतद्धः पितरोवास आधत्त। ॐ श्रीसद्गुरुदेवाय नमः ॐ श्रीजयादुर्गायै नमः पूर्ण साधना विधि (पितृ बीसा सिद्धि हेतु) १. पितृ बीसा का पाठ विधान · समय: प्रतिदिन प्रातःकाल या सायंकाल, विशेषतः अमावस्या, पितृ पक्ष या चौदस तिथि को। · स्थान: घर के पूजा स्थल में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके। · आसन: पीला या लाल आसन बिछाकर बैठें। · संकल्प: हाथ में जल, पुष्प और सिक्का लेकर संकल्प करें: "मैं अपने कुल के पितरों की शांति, सद्गति एवं उनकी कृपा की प्राप्ति हेतु यह पितृ बीसा पाठ कर रहा/रही हूँ।" २. आहुति विधि (पितृ बीसा सिद्धि हेतु अनिवार्य) पितृ बीसा का पाठ करने के पश्चात् यह आहुति अवश्य करें: 1. दुग्ध धारा: ताँबे के पात्र में कच्चा दूध लेकर, उस स्थान पर जहाँ पाठ किया है, तीन बार धारा प्रवाहित करें (दूध चढ़ाएँ)। 2. कपूर आहुति: पाँच कपूर लें। प्रत्येक कपूर के ऊपर एक-एक लौंग रखें। इन पाँचों कपूर को क्रमशः जलाएँ (आहुति दें)। ३. नियमित पाठ विधि · सामान्य स्थिति में: प्रतिदिन ११ बार इस स्तोत्र का पाठ करें। · गंभीर पितृदोष/बाधा में: · प्रतिदिन ११ बार पितृ बीसा का पाठ करें। · साथ ही "स्वधा स्तोत्र" का पाठ करें (यदि संभव हो)। · अत्यधिक दिक्कत हो तो श्रीमद्भगवद्गीता के नवम अध्याय का पाठ पितृ बीसा के साथ संयुक्त रूप से करें। फलश्रुति एवं लाभ 1. पितरों की सद्गति: यदि कुल के पितर किसी बंधन, तांत्रिक मंडल या नकारात्मक शक्ति के प्रभाव में हैं, तो इस पाठ से वे बंधन मुक्त होकर सद्गति प्राप्त करते हैं। 2. पितृ कृपा का वर्षाव: सद्गति प्राप्त करने के बाद पितर देव काव्य (पितृलोक) से कृपा बरसाते हैं और अपने वंशजों की रक्षा करते हैं। 3. पितृदोष एवं ग्रहदोष निवारण: यह स्तोत्र पितृदोष एवं ग्रहदोष को हाथरस (सहजता) के देशों की भाँति समाप्त कर देता है। 4. संकट मोचन एवं सुख-संपत्ति: पितरों की कृपा से भारी से भारी संकट टल जाते हैं तथा घर में सुख, संपत्ति एवं अन्न-धन का भंडार भर जाता है। 5. रोग-क्लेश निवारण: जो पितरों के लिए तर्पण एवं यह पाठ करते हैं, उनके घर रोग और क्लेश नहीं आते। 6. संतान सुख: संतान बाधा, काकवंध्या, मृतवत्सा आदि समस्याओं में यह स्तोत्र अत्यंत प्रभावशाली है। महत्वपूर्ण निर्देश · यह स्तोत्र पूर्ण श्रद्धा, विश्वास और नियमितता के साथ करना चाहिए। · पाठ के दौरान सात्विक भोजन का पालन करें, तामसी वस्तुओं से बचें। · दुग्ध धारा और कपूर आहुति इस साधना का अभिन्न अंग है – इसे अनिवार्य रूप से करें। · पितृ पक्ष, अमावस्या और संक्रांति के दिन इसका विशेष महत्व है। · अत्यधिक गंभीर पितृदोष होने पर किसी योग्य गुरु या विद्वान ब्राह्मण से पितृ शांति का विधान कराएँ। #पितर #🙏पितर पक्ष 🙏 #पितर पक्ष की श्राद्ध पक्ष की हार्दिक शुभकामनाएं #पितर पक्ष # पितरों की पूजा # श्राद्ध वीडियो # #पितर पूजा विधि @
पितर - पितरोंकी मिलैगी विशेष्Jकुष्ा [94796 வதீ&விவிஓச fa पितरोंकी मिलैगी विशेष्Jकुष्ा [94796 வதீ&விவிஓச fa - ShareChat
#पंचमुखी हनुमान #जय हो पंचमुखी हनुमान🇮🇳🙏 #🙏🙏शुभ दर्शन पंचमुखी हनुमान जी 🙏🙏 #पंचमुखी हनुमान जी के 35 रूप #पंचमुखी हनुमान जी
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#विघ्नहर्ता की जय हो #विघ्नहर्ता #विघ्नहर्ता🙏 #🙏🙇🙏 स्वागत की करो तैयारी 🙇 आ रहे हैं विघ्नहर्ता धारी 💐 जय श्री गणेश #आ रहे है विघ्नहर्ता मेरे भाई गणेश
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#🪔जय श्री संकट मोचन हनुमान जी(प्रभु राम,लक्ष्मण,सीता माता,) #राम सीता जानकी जय बोलो हनुमान कीं #🚩सीता राम हनुमान🚩 #🙏🕉राम सीता हनुमान🕉🙏 #सीता राम हनुमान
🪔जय श्री संकट मोचन हनुमान जी(प्रभु राम,लक्ष्मण,सीता माता,) - रम सीता GபI रम सीता GபI - ShareChat
#बप्पा रावल #गणपति बप्पा रावल #दर्शन रावल #दर्शन-रावल #🎶दशॅन रावल के गाने
बप्पा रावल - মনাহ के संस्थापकः वीर बाप्पा रावल १६ हाथ लम्बा दुपट्टा चित्तौड़ विजय अदम्य पराक्रम कहें मौरांण मांरयून्न 32 মন কী तलवार 35 মাথ की धोती अंतर्राष्ट्रीय विजयः चमत्कारिक अंतः १६ हाथ की लम्बा खुरासान और ईरान থান কী সযঃ কুল दुपट्टा भारत के रक्षकः ५०० वर्षों तक सुरक्षा पूज्य बाप्पा रावल - इतिहास के अद्वितीय वीर মনাহ के संस्थापकः वीर बाप्पा रावल १६ हाथ लम्बा दुपट्टा चित्तौड़ विजय अदम्य पराक्रम कहें मौरांण मांरयून्न 32 মন কী तलवार 35 মাথ की धोती अंतर्राष्ट्रीय विजयः चमत्कारिक अंतः १६ हाथ की लम्बा खुरासान और ईरान থান কী সযঃ কুল दुपट्टा भारत के रक्षकः ५०० वर्षों तक सुरक्षा पूज्य बाप्पा रावल - इतिहास के अद्वितीय वीर - ShareChat
#😇बुधवार भक्ति स्पेशल🌟 #शुभ बुधवार #🌺 श्री गणेश
😇बुधवार भक्ति स्पेशल🌟 - ظ ४ वक्रतुंड সঙাব্ধায স্ুয্ব্ধীঠি शुभ समप्रभः ತ9ಾ নিবিম कुरुमेदेव T कार्येषु सर्वदा ظ ४ वक्रतुंड সঙাব্ধায স্ুয্ব্ধীঠি शुभ समप्रभः ತ9ಾ নিবিম कुरुमेदेव T कार्येषु सर्वदा - ShareChat
#😇बुधवार भक्ति स्पेशल🌟 #शुभ बुधवार #🌺 श्री गणेश
😇बुधवार भक्ति स्पेशल🌟 - Good Morning गणपतये निम शुभ बुधवार {सरस्वते नम  ೧ಜmy ११ फरवरो २०२६ शम्त- शम्न ज श्री कृष्ण फरवरी २०२६ को भगवान श्री गणेश, 11 और माँ सरस्वती की कृपा फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष, नवमी तिथि, आप सब पर बनी रहे अनुराधा नक्षत्र, दिन बुधवार बुधवार सुबह की हार्दिक थुभकामनाएं ~ ~ Good Morning गणपतये निम शुभ बुधवार {सरस्वते नम  ೧ಜmy ११ फरवरो २०२६ शम्त- शम्न ज श्री कृष्ण फरवरी २०२६ को भगवान श्री गणेश, 11 और माँ सरस्वती की कृपा फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष, नवमी तिथि, आप सब पर बनी रहे अनुराधा नक्षत्र, दिन बुधवार बुधवार सुबह की हार्दिक थुभकामनाएं ~ ~ - ShareChat