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🦚🍁‼️जय श्री कृष्णा जय श्री श्याम‼️🍁🦚
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌾💙...• 🙏💫जय श्री कृष्ण💜 राधे राध💫े🙏...💛🌾
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#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #😃 शानदार स्टेटस
🌸 जय श्री कृष्ण😇 - गीता ज्ञान श्रीकृष्ण कहते हैं कभी भी दूसरों से तुलना करके अपनी कीमत कम मत किया करो पार्थ तुम अनमोल हो जैसे हर आत्मा मेरे अंश से बनी है। गीता ज्ञान श्रीकृष्ण कहते हैं कभी भी दूसरों से तुलना करके अपनी कीमत कम मत किया करो पार्थ तुम अनमोल हो जैसे हर आत्मा मेरे अंश से बनी है। - ShareChat
#🙏रामायण🕉 #रामायण ज्ञान #🚩रामायण🙏 #रामायण से राम मिले, गीता से मिल गया ज्ञान ❤️🦚
🙏रामायण🕉 - रामायण की सीख चौपाई ( रामचरितमानस ) "धीरज धरम मित्र अरु नारी। आपद काल परखिए चारीII" अर्थः   धैर्य धर्म, मित्र और पत्नी इन चारों की असली पहचान संकट के समय ही होती है। जीवन की सीखः सुख के समय हर कोई साथ दिखाई देता है, लेकिन कठिन समय ही सच्चाई दिखाता है। संकट हमें यह समझने का अवसर देता है कि हमारे जीवन में कौन सच में हमारे साथ है और कौन केवल परिस्थितियों के कारण पास था। इसलिए विपत्ति को केवल समस्या नहीं, बल्कि पहचान का अवसर भी समझना चाहिए। चिंतन करेंः कठिन समय में आपके साथ कौन खंड़ा रहता है? ।। जय श्रीराम ।। रामायण की सीख चौपाई ( रामचरितमानस ) "धीरज धरम मित्र अरु नारी। आपद काल परखिए चारीII" अर्थः   धैर्य धर्म, मित्र और पत्नी इन चारों की असली पहचान संकट के समय ही होती है। जीवन की सीखः सुख के समय हर कोई साथ दिखाई देता है, लेकिन कठिन समय ही सच्चाई दिखाता है। संकट हमें यह समझने का अवसर देता है कि हमारे जीवन में कौन सच में हमारे साथ है और कौन केवल परिस्थितियों के कारण पास था। इसलिए विपत्ति को केवल समस्या नहीं, बल्कि पहचान का अवसर भी समझना चाहिए। चिंतन करेंः कठिन समय में आपके साथ कौन खंड़ा रहता है? ।। जय श्रीराम ।। - ShareChat
#🙏रामायण🕉 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏रामायण🕉 - रामायण की सीख चौपाई ( रामचरितमानस ) "करम प्रधान विश्व रचि राखा। जो जस करहि सो तस फल चाखा।।I" अर्थः इस संसार की रचना कर्म के आधार पर हुई है। मनुष्य जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल उसे अवश्य प्राप्त होता है। जीवन की सीखः जीवन में भाग्य से अधिक महत्व कर्म का होता है। अच्छे कर्म धीरे ्धीरे सुख और सम्मान लाते हैं, जबकि बुरे कर्म अंततः दुख का कारण बनते हैं। इसलिए हमें हर परिस्थिति में सही और ईमानदार कर्म करने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि कर्म ही हमारा भविष्य बनाते हैं। हमारे ; > कर्म ही वह बीज है, जिससे भविष्य का वृक्ष उगता है। ।। जय श्री राम Il; रामायण की सीख चौपाई ( रामचरितमानस ) "करम प्रधान विश्व रचि राखा। जो जस करहि सो तस फल चाखा।।I" अर्थः इस संसार की रचना कर्म के आधार पर हुई है। मनुष्य जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल उसे अवश्य प्राप्त होता है। जीवन की सीखः जीवन में भाग्य से अधिक महत्व कर्म का होता है। अच्छे कर्म धीरे ्धीरे सुख और सम्मान लाते हैं, जबकि बुरे कर्म अंततः दुख का कारण बनते हैं। इसलिए हमें हर परिस्थिति में सही और ईमानदार कर्म करने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि कर्म ही हमारा भविष्य बनाते हैं। हमारे ; > कर्म ही वह बीज है, जिससे भविष्य का वृक्ष उगता है। ।। जय श्री राम Il; - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #जय श्री कृष्ण वाणी 🌸🌸# जय श्री कृष्ण 🌺🌺
🙏गीता ज्ञान🛕 - गीता ज्ञान श्रीकृष्ण ` कहते हैं जब अहंकार सिर चढ़ने लगे समझ लेना गिरावट पास है मिट्टी से आए हो आख़िर मिट्टी में ही मिल जाना है। गीता ज्ञान श्रीकृष्ण ` कहते हैं जब अहंकार सिर चढ़ने लगे समझ लेना गिरावट पास है मिट्टी से आए हो आख़िर मिट्टी में ही मिल जाना है। - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏श्री कृष्ण वचन 🌹 #जय श्री कृष्ण वाणी 🌸🌸# जय श्री कृष्ण 🌺🌺 #कृष्ण की अमृत वाणी 👌
🙏गीता ज्ञान🛕 - गीता ज्ञान श्रीकृष्ण कहते हैं समय का मूल्य समझो क्योंकि समय एक बार बीत जाने पर कभी वापस नहीं आता ।। A - ShareChat
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #😃 शानदार स्टेटस
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#🌺 कृष्ण ज्ञान 🙏 गीता वचन 🌺 भक्ति 💕 राधा कृष्ण 🙏🙏 हरि बोल 🙏🙏 #महाभारत एवं गीता ज्ञान
🌺 कृष्ण ज्ञान 🙏 गीता वचन 🌺 भक्ति 💕 राधा कृष्ण 🙏🙏 हरि बोल 🙏🙏 - श्रीमद्भगवद्नीता श्लोक 5 अध्याय 6 उद्धरेदात्मनाड्त्मानं नात्मानमवसादयेत्। आत्मैेव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैेव रिपुरात्मनः।| सरल अर्थः  मनुष्य को चाहिए कि वह स्वयं अपने आप को ऊपर उठाए, अपने आप को गिरने न दे। क्योंकि मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र भी वही है और सबसे बड़ा शत्रु भी वही। में श्रीकृष्ण ` मनुष्य को एक गहरी सच्चाई व्याख्याः डस श्लोक arid ೯l हम अक्सर अपनी असफलताओं के लिए परिस्थितियों, लोगों या भाग्य को दोष देते हैं।  लेकिन सच यह हे कि हमारा मन ही हमें ऊपर उठाता भी है और गिराता भी है। अनुशासित और सही दिशा में होता है, तो जब मन सकारात्मक वही हमारा सबसे बड़ा सहायक बन जाता है। लेकिन जब मन नकारात्मक विचारों और आलस्य में फँस जाता है॰ तो वही हमारा सबसे बड़ा शत्रु बन जाता है। ।। राधे राधे श्रीमद्भगवद्नीता श्लोक 5 अध्याय 6 उद्धरेदात्मनाड्त्मानं नात्मानमवसादयेत्। आत्मैेव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैेव रिपुरात्मनः।| सरल अर्थः  मनुष्य को चाहिए कि वह स्वयं अपने आप को ऊपर उठाए, अपने आप को गिरने न दे। क्योंकि मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र भी वही है और सबसे बड़ा शत्रु भी वही। में श्रीकृष्ण ` मनुष्य को एक गहरी सच्चाई व्याख्याः डस श्लोक arid ೯l हम अक्सर अपनी असफलताओं के लिए परिस्थितियों, लोगों या भाग्य को दोष देते हैं।  लेकिन सच यह हे कि हमारा मन ही हमें ऊपर उठाता भी है और गिराता भी है। अनुशासित और सही दिशा में होता है, तो जब मन सकारात्मक वही हमारा सबसे बड़ा सहायक बन जाता है। लेकिन जब मन नकारात्मक विचारों और आलस्य में फँस जाता है॰ तो वही हमारा सबसे बड़ा शत्रु बन जाता है। ।। राधे राधे - ShareChat
#🌹फूलों वाली होली 🌺🌿# #😊होली स्पेशल 🤘
🌹फूलों वाली होली 🌺🌿# - 5೫೪೦೯ ವ೯೪ ೫೮೯ पूरे शरेवार कों 5೫೪೦೯ ವ೯೪ ೫೮೯ पूरे शरेवार कों - ShareChat
#🌺राधा कृष्ण💞 #😊होली स्पेशल 🤘
🌺राधा कृष्ण💞 - ounnu / ounnu / - ShareChat