३८ ह व्ह्यू · ६.५ ह प्रतिक्रिया | पिता गुरु जी मेरी जमीन बेच दो परन्तु अन्नदाता के खेत का पानी जरूर उतरना चाहिए : मंजू संत रामपाल जी की बेटी हरियाणा में आई भीषण बाढ़ के समय प्रदेश के कई इलाकों में हालात बेहद कठिन हो गए थे। खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गई थीं, गांवों में पानी भर गया था और किसान भारी संकट से जूझ रहे थे। उस समय चारों तरफ बर्बादी का मंजर था और लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि इस संकट से कैसे बाहर निकला जाए। इसी दौरान कई सामाजिक संगठनों और लोगों ने आगे आकर राहत कार्य शुरू किए। संत रामपाल जी महाराज के आश्रम द्वारा भी प्रभावित लोगों की सहायता के लिए कई प्रकार की सेवाएं शुरू की गईं। इनमें जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पानी निकालने के लिए पाइप और मोटर सेवाएं भी शामिल थीं। बताया जाता है कि उस समय राहत कार्यों को लगातार जारी रखने के लिए संसाधनों की जरूरत भी बढ़ती जा रही थी। ऐसे में एक भावुक घटना सामने आई जब संत रामपाल जी की छोटी बेटी मंजू ने एक बड़ा निर्णय लेने की बात कही। मंजू ने कहा कि यदि सेवा कार्यों के लिए धन की कमी हो रही है तो उनकी जमीन बेच दी जाए, लेकिन जरूरतमंद लोगों की मदद का काम बंद नहीं होना चाहिए। यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए क्योंकि किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी जमीन त्यागने की बात कहना बहुत बड़ा कदम माना जाता है। हाल ही में ग्रामीण भारत मंच की टीम पुट्ठी गांव पहुंची, जहां एक गरीब परिवार के लिए मकान निर्माण का कार्य चल रहा है। वहां जाकर टीम ने देखा कि सेवा कार्य में कई लोग मिलकर योगदान दे रहे हैं। बताया जाता है कि इस दौरान मंजू स्वयं भी सेवा कार्य में लगी हुई थीं। वह मकान निर्माण के लिए ईंटें उठाने और अन्य कार्यों में सहयोग कर रही थीं। उनकी बेटियां भी उनके साथ सेवा में भाग लेती नजर आईं। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए प्रेरणादायक था और कई लोगों ने इसे सेवा और समर्पण की भावना की मिसाल बताया। | ग्रामीण भारत
पिता गुरु जी मेरी जमीन बेच दो परन्तु अन्नदाता के खेत का पानी जरूर उतरना चाहिए : मंजू संत रामपाल जी की बेटी
हरियाणा में आई भीषण बाढ़ के समय प्रदेश के...