Ashok Sharma
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#📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡 - फैक्ट्री पकड़ने के बाद खाद्य विभाग का खुलासा रंग और एसेंस मिलाकर फैक्ट्रियों में बन रहा नकली चिली टमाटर सॉस पत्रिका न्यूज नेटवर्क पत्रिकाा patrika com ग्वालियर. चाउमीन, बर्गर और पेटीज के साथ जिस सॉस का आप स्वाद ले रहे हैं वह सब्जी ச बल्कि सड़ा हुआ आटे का है। ঠলী फास्ट फूड रेस्टोरेंट्स में परोसा जाने वाला औस  असल में चावल के आटे मुरार में पकड़ा नकली स्टार्च पाउडर का मिश्रण है। इसमें सब्जियों का पल्प (गूदा) सॉस का बड़ा अड्डा GTK  प्रतिशत भी नहीं होता। स्वाद खाद्य विभाग की टीम ने मुऱार स्थित रंग के लिए इसमें घातक केवाई उद्योग' पर छापा मारा। यहां सिंथेटिक रंग और एसेंस ( खुशबू ) पलक चिली सॉस और पलक मिलाए जा रहे हैं। खाद्य विभाग की हालिया छापामार कार्रवाई में वेजिटेबल सॉस के नाम पर जो माल ये सामने आया है। कायदे से बन रहा था, उसमें केवल चावल और टमाटर सॉस को टमाटर और कद्दू स्टार्च का उपयोग पाया गया। टीम ने के पल्प से बनाया जाना चाहिए मौके से ९६ केन जब्त कीं| फैक्ट्री जबकि ग्रीन चिली सॉस में हरी को तत्काल सील कर दिया गया है। मिर्च का बेस होना चाहिए। लेकिन नियमों के अनुसार सॉस इस प्रक्रिया में खर्च अधिक आता सब्जियों के पल्प से ही बनना है और मशीनों की जरूरत பரி चाहिए चावल और स्टार्च का उपयोग है। लेकिन फैक्ट्रियों चावल के मिलावट और धोखाधड़ी है। मुरार की आटे और सस्ते स्टार्च पाउडर को फैक्ट्री सील की है, अब संदेहास्पद कर उसमें लालन्हरा रंग गाढ़ा फैक्ट्रियों की तलाशं जारी है। मिला देती हैं। यही नकली सॉस -लौकेंद्र सिंह, खाद्य निरीक्षक सप्लाई किया जा रहा है। फास्ट फूड सेंटरों पर खप रहा आटे वाला सॉस सेंटरों की बाढ आ शहर में चार पहिया वाहनों पर चलने वाले फास्ट চুভ सस्ता माल बेचने गई है। इनके बीच रेट को लेकर भारी कंपटीशन और मुनाफा कमाने के चक्कर में ये संचालक फैक्ट्रियों से आने वाला घटिया दर्जे का चावल स्टार्च सॉस उपयोग कर रहे हैं। पेटीज से लेकर समोसे तक में यही नकली सॉस परोसा जा रहा है, जो पेट सें जुड़ी बीमारियों और एलर्जी का बड़ा कारण बन सकता है। फैक्ट्री पकड़ने के बाद खाद्य विभाग का खुलासा रंग और एसेंस मिलाकर फैक्ट्रियों में बन रहा नकली चिली टमाटर सॉस पत्रिका न्यूज नेटवर्क पत्रिकाा patrika com ग्वालियर. चाउमीन, बर्गर और पेटीज के साथ जिस सॉस का आप स्वाद ले रहे हैं वह सब्जी ச बल्कि सड़ा हुआ आटे का है। ঠলী फास्ट फूड रेस्टोरेंट्स में परोसा जाने वाला औस  असल में चावल के आटे मुरार में पकड़ा नकली स्टार्च पाउडर का मिश्रण है। इसमें सब्जियों का पल्प (गूदा) सॉस का बड़ा अड्डा GTK  प्रतिशत भी नहीं होता। स्वाद खाद्य विभाग की टीम ने मुऱार स्थित रंग के लिए इसमें घातक केवाई उद्योग' पर छापा मारा। यहां सिंथेटिक रंग और एसेंस ( खुशबू ) पलक चिली सॉस और पलक मिलाए जा रहे हैं। खाद्य विभाग की हालिया छापामार कार्रवाई में वेजिटेबल सॉस के नाम पर जो माल ये सामने आया है। कायदे से बन रहा था, उसमें केवल चावल और टमाटर सॉस को टमाटर और कद्दू स्टार्च का उपयोग पाया गया। टीम ने के पल्प से बनाया जाना चाहिए मौके से ९६ केन जब्त कीं| फैक्ट्री जबकि ग्रीन चिली सॉस में हरी को तत्काल सील कर दिया गया है। मिर्च का बेस होना चाहिए। लेकिन नियमों के अनुसार सॉस इस प्रक्रिया में खर्च अधिक आता सब्जियों के पल्प से ही बनना है और मशीनों की जरूरत பரி चाहिए चावल और स्टार्च का उपयोग है। लेकिन फैक्ट्रियों चावल के मिलावट और धोखाधड़ी है। मुरार की आटे और सस्ते स्टार्च पाउडर को फैक्ट्री सील की है, अब संदेहास्पद कर उसमें लालन्हरा रंग गाढ़ा फैक्ट्रियों की तलाशं जारी है। मिला देती हैं। यही नकली सॉस -लौकेंद्र सिंह, खाद्य निरीक्षक सप्लाई किया जा रहा है। फास्ट फूड सेंटरों पर खप रहा आटे वाला सॉस सेंटरों की बाढ आ शहर में चार पहिया वाहनों पर चलने वाले फास्ट চুভ सस्ता माल बेचने गई है। इनके बीच रेट को लेकर भारी कंपटीशन और मुनाफा कमाने के चक्कर में ये संचालक फैक्ट्रियों से आने वाला घटिया दर्जे का चावल स्टार्च सॉस उपयोग कर रहे हैं। पेटीज से लेकर समोसे तक में यही नकली सॉस परोसा जा रहा है, जो पेट सें जुड़ी बीमारियों और एलर्जी का बड़ा कारण बन सकता है। - ShareChat