१२ ह व्ह्यू · ३.६ ह प्रतिक्रिया | अँधेरों की सभा में सर उठाना सीख जाते हैं, दियों को बस जला दो, झिलमिलाना सीख जाते हैं वो ये भी सीख जाते हैं, सफ़र कैसे किया जाए, क़दम जो राह पर आगे बढ़ाना सीख जाते हैं किसी तालीम के मोहताज होते हैं नहीं पौधे, वो खुद मिट्टी में अपनी जड़ जमाना सीख जाते है किसी मजदूर को अपने लिए कोई छत नहीं मिलती, वो दुनिया के लिए तो घर बनाना सीख जाते है ज़रा सी देर में पहचान लेते हैं हवा का रुख, पतंगें, जिस समय बच्चे, उड़ाना सीख जाते है अशोक रावत ✨ . #gazal #shayri #kalamshala #reelsindia #reelitfeelit✨ | Kalamshala
अँधेरों की सभा में सर उठाना सीख जाते हैं,
दियों को बस जला दो, झिलमिलाना सीख जाते हैं
वो ये भी सीख जाते हैं, सफ़र कैसे किया जाए,
क़दम जो राह पर आगे...