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#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - "तानों का डर" == डरते हैं बच्चे नतीजों से, असफलता से नहीं... तानों से घर वालों की उम्मीदों का बोझ, और दुनिया की बातों का शोर है कानों में. . fq "इतना ही आया?" 37?" ये सवाल नहीं, जैसे तीर लगते हैं... नंबर कम हों तो सपने भी छोटे, ऐसा लोग क्यों समझते हैं? पर कोई ये नहीं देखता, रातों की नींद जो खोई थी.. कितनी बार खुद से लड़कर, एक कोशिश और की थी.. डरना नहीं है इन तानों से, ये बस हवा का एक झोंका है तुम मेहनत हो, तुम हिम्मत हो, तुम्हारा सफर ही तुम्हारा मौका है नतीजे कागज़ पर आते हैं, पर काबिलियत दिल में होती है एक दिन वही लोग ताली बजाएंगे , आज जो खामोशी में हँसी होती है "तानों का डर" == डरते हैं बच्चे नतीजों से, असफलता से नहीं... तानों से घर वालों की उम्मीदों का बोझ, और दुनिया की बातों का शोर है कानों में. . fq "इतना ही आया?" 37?" ये सवाल नहीं, जैसे तीर लगते हैं... नंबर कम हों तो सपने भी छोटे, ऐसा लोग क्यों समझते हैं? पर कोई ये नहीं देखता, रातों की नींद जो खोई थी.. कितनी बार खुद से लड़कर, एक कोशिश और की थी.. डरना नहीं है इन तानों से, ये बस हवा का एक झोंका है तुम मेहनत हो, तुम हिम्मत हो, तुम्हारा सफर ही तुम्हारा मौका है नतीजे कागज़ पर आते हैं, पर काबिलियत दिल में होती है एक दिन वही लोग ताली बजाएंगे , आज जो खामोशी में हँसी होती है - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - चाय की कहानी एक कप चाय में सुकून सा मिल जाता है थके हुए दिल को आराम सा मिल जाता है सुबह की शुरुआत हो या शाम की थकान छुपा होता है अरमान हर वक्त चाय में हल्कीनसी भाप में यादें घुल जाती हैं में बातें खुल जाती हैं মীঠী-মী ব্রুব্ী कभी दोस्तों संग हँसी का बहाना कभी अकेले में दिल को समझाना बरसात की बूंदों संग जब चाय मिल जाए तो हर मौसम और भी खूबसूरत बन जाए छोटी-सी ये आदत नहीं, एक एहसास है चाय ही तो हर दिल के पास है चाय की कहानी एक कप चाय में सुकून सा मिल जाता है थके हुए दिल को आराम सा मिल जाता है सुबह की शुरुआत हो या शाम की थकान छुपा होता है अरमान हर वक्त चाय में हल्कीनसी भाप में यादें घुल जाती हैं में बातें खुल जाती हैं মীঠী-মী ব্রুব্ী कभी दोस्तों संग हँसी का बहाना कभी अकेले में दिल को समझाना बरसात की बूंदों संग जब चाय मिल जाए तो हर मौसम और भी खूबसूरत बन जाए छोटी-सी ये आदत नहीं, एक एहसास है चाय ही तो हर दिल के पास है - ShareChat
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📚कविता-कहानी संग्रह - त्योहारों की रंगीन दुनिया जब भी आता है त्योहारों का मौसम हर दिल में खिल उठता है एक नया सा आलम दीयों की रोशनी, रंगों की बहार खुशियों से भर जाता है सारा संसार है मिठास से भरी मिठाइयाँ कभी কীনী कभी रंगों में घुल जाती हैं सारी तन्हाइयाँ ढोल-्नगाड़ों की गूंज में झूमता हर दिल अपनों के साथ लगता हर पल खिल-खिल কীলী ক ২যা, নিনালী ক্ী হীথানী ईद की मिठास, क्रिसमस की ತ9ಗಿ हर त्योहार लाता है प्यार का संदेश मिलकर रहना ही है सबसे बड़ा विशेष न कोई छोटा, न कोई बड़ा यहाँ त्योहार सिखाते हैं सबको एक समान खुशियों को बांटो, ग़म को भूल जाओ हर दिन को त्योहार जैसा बनाओ |STAY HAPPY HAPPY FESTIVALS त्योहारों की रंगीन दुनिया जब भी आता है त्योहारों का मौसम हर दिल में खिल उठता है एक नया सा आलम दीयों की रोशनी, रंगों की बहार खुशियों से भर जाता है सारा संसार है मिठास से भरी मिठाइयाँ कभी কীনী कभी रंगों में घुल जाती हैं सारी तन्हाइयाँ ढोल-्नगाड़ों की गूंज में झूमता हर दिल अपनों के साथ लगता हर पल खिल-खिल কীলী ক ২যা, নিনালী ক্ী হীথানী ईद की मिठास, क्रिसमस की ತ9ಗಿ हर त्योहार लाता है प्यार का संदेश मिलकर रहना ही है सबसे बड़ा विशेष न कोई छोटा, न कोई बड़ा यहाँ त्योहार सिखाते हैं सबको एक समान खुशियों को बांटो, ग़म को भूल जाओ हर दिन को त्योहार जैसा बनाओ |STAY HAPPY HAPPY FESTIVALS - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - भारत मां कहते हैं जब भी शहीदों का जिक्र होगा उसमें नाम भारत के वीरों का होगो रहीं हूं अपने आप को उस दिन के लिए तैयार कर जिस दिन उन वीरों में मेरा भी नाम होगा करीतूँ हूँ फौलादी जिस्म नहीं हौसला रखती ম নাহী हैँ खुँद कने देशबंपक ক্তুূননি मेरे हाथ : कंगन नहीं बंदूक थमा के तो देख मेरे जिस्म में साड़ी नहीं खाकी वर्दी लगाकर तो देख दुर्गा काली तू देखेगा धरती पर ही बस एक बार भारत मां की ओर आँख उठाके तो देख मां की सेवा का फर्ज सिर्फ बेटों का नहीं है ७७० बेटियां भी मां पर उतना ही हक रखती हैं जो सारे घर की इज्जत दमन में समेटे हैं लिए बंदूक भी उठा सकती हैं মা ক্ী বততন ক रखती हैं जितनी मोहब्बत बारूद भी उतना ही दिल में रखती हैं कौन कहता है लड़कियां पैरों से बस  रोकना जानती हैं स्कूटी ये नए  भारत की बेटी है जनाब हवा में दुश्मनों को रौंदना भी जानती व कौन कहता है पहली नजर में इश्क़ नहीं होता निभा रही हूँ से किया था आज तक वफा JAI HIND | JAI BHARAT INDI  भारत मां कहते हैं जब भी शहीदों का जिक्र होगा उसमें नाम भारत के वीरों का होगो रहीं हूं अपने आप को उस दिन के लिए तैयार कर जिस दिन उन वीरों में मेरा भी नाम होगा करीतूँ हूँ फौलादी जिस्म नहीं हौसला रखती ম নাহী हैँ खुँद कने देशबंपक ক্তুূননি मेरे हाथ : कंगन नहीं बंदूक थमा के तो देख मेरे जिस्म में साड़ी नहीं खाकी वर्दी लगाकर तो देख दुर्गा काली तू देखेगा धरती पर ही बस एक बार भारत मां की ओर आँख उठाके तो देख मां की सेवा का फर्ज सिर्फ बेटों का नहीं है ७७० बेटियां भी मां पर उतना ही हक रखती हैं जो सारे घर की इज्जत दमन में समेटे हैं लिए बंदूक भी उठा सकती हैं মা ক্ী বততন ক रखती हैं जितनी मोहब्बत बारूद भी उतना ही दिल में रखती हैं कौन कहता है लड़कियां पैरों से बस  रोकना जानती हैं स्कूटी ये नए  भारत की बेटी है जनाब हवा में दुश्मनों को रौंदना भी जानती व कौन कहता है पहली नजर में इश्क़ नहीं होता निभा रही हूँ से किया था आज तक वफा JAI HIND | JAI BHARAT INDI - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - 07741./247144 =ப 0 a9` 724/4 $4 0 0_[44 0 HTuన चलते रहो.. ٧٢٦٧٤ ফব্ধনা নষ্কী ER ] ममतिनोहनें रास्ते भले ही हौसले कभी कम दो मत सब्र भी जरूरी है॰॰ S1 खुद पर भरोसा भी ज़रूरी है. हर अंधेरी रात के बाद. एक उजली सुबह आती बस यूँ ही चलते रहो. सपनों को सच करते रहो. एक दिन ऐसा आएगा.. सुम्दिनरा जब सब कुछ সীয ওম मंज़िल खुद %4 तुम्हारे 07111 10]]0 1 01 3 0 Ipoon Oul Vno' 0 008 30 [. d TSn' 77 10 07741./247144 =ப 0 a9` 724/4 $4 0 0_[44 0 HTuన चलते रहो.. ٧٢٦٧٤ ফব্ধনা নষ্কী ER ] ममतिनोहनें रास्ते भले ही हौसले कभी कम दो मत सब्र भी जरूरी है॰॰ S1 खुद पर भरोसा भी ज़रूरी है. हर अंधेरी रात के बाद. एक उजली सुबह आती बस यूँ ही चलते रहो. सपनों को सच करते रहो. एक दिन ऐसा आएगा.. सुम्दिनरा जब सब कुछ সীয ওম मंज़िल खुद %4 तुम्हारे 07111 10]]0 1 01 3 0 Ipoon Oul Vno' 0 008 30 [. d TSn' 77 10 - ShareChat
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📚कविता-कहानी संग्रह - विश्वास ؟؟ ঐ ؟؟ নী মুহিকরল  নিঘ্বাম तू भी ؟9, সামান লযা अंधेरों में भी हर सपना राह मिले सच्चा गिरकर  सा लगे. उठना में छुपी एक  जीत है, ೯೯ ही सीख जो खुँद को তাড়; कभी ना (' 3ள दिल कॅनियात সনম ठीक क्या कहती 3ITqTuT 8 তীভ ৫, अपनी কা तू जोड़ मेहन्त्  .. किस्मत  ঐ भरोसा चलतेखुद तेरे TTT೯ रख ল रहना, सपनों से झुकना 3|47 रुकना 76}, खुद पे विश्वॉस  ٦چ उसका जो कोई मुक़ाबला 76}.. WRITTCII BY A-YUSHI SINGH विश्वास ؟؟ ঐ ؟؟ নী মুহিকরল  নিঘ্বাম तू भी ؟9, সামান লযা अंधेरों में भी हर सपना राह मिले सच्चा गिरकर  सा लगे. उठना में छुपी एक  जीत है, ೯೯ ही सीख जो खुँद को তাড়; कभी ना (' 3ள दिल कॅनियात সনম ठीक क्या कहती 3ITqTuT 8 তীভ ৫, अपनी কা तू जोड़ मेहन्त्  .. किस्मत  ঐ भरोसा चलतेखुद तेरे TTT೯ रख ল रहना, सपनों से झुकना 3|47 रुकना 76}, खुद पे विश्वॉस  ٦چ उसका जो कोई मुक़ाबला 76}.. WRITTCII BY A-YUSHI SINGH - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - பசி ज़िंदगी एक किताब सी है মিস্রানা /<1 ৪২ कभी रुुल्तक है से रुलाती कभी चुपके कभी धूपॅ सी खिल जाती 8 कभी बादल बन छा जाती कर जी ले असुस्कू राक़रज्ज लइ इहै पर जो वही 35 गिरना भी इसका उठना भी कहीं छपी ೯೯ एकू नरई सलबहर्कीू निद्वानी है की निशानी ना कल की फिक्र, ना बीते का ग़म, क्योंकि ज़िंदगी वही 7#5#.. है जो जी जाए हर पल WRITTCNI BY AYUSHI SINSH பசி ज़िंदगी एक किताब सी है মিস্রানা /<1 ৪২ कभी रुुल्तक है से रुलाती कभी चुपके कभी धूपॅ सी खिल जाती 8 कभी बादल बन छा जाती कर जी ले असुस्कू राक़रज्ज लइ इहै पर जो वही 35 गिरना भी इसका उठना भी कहीं छपी ೯೯ एकू नरई सलबहर्कीू निद्वानी है की निशानी ना कल की फिक्र, ना बीते का ग़म, क्योंकि ज़िंदगी वही 7#5#.. है जो जी जाए हर पल WRITTCNI BY AYUSHI SINSH - ShareChat
#😎मज़ेदार पोस्ट 🤩 Written by me #📚कविता-कहानी संग्रह
😎मज़ेदार पोस्ट 🤩 - ईश्वरकी परिभाषा  ईश्वरकी परिभाषा बड़ा, अजीब बनालिया हैहमने जहां रोगनाहो , जहां दुखनाहो , जहां भूखा रहना आशीर्वाद बनजाए औरबिना कर्मकिए जीवन संवरजाए। हमचाहते हैं जहां चमत्कार हमारी चाहतों केसंग कदममिलकरचले , जहांसंघर्ष आएही नहीं , और यदि आएभी पथमें , तोकोई अदृश्य सहारा, छड़ भरमेंसंभाल ले।  मगरसचतो यहहै , ईश्वरदुःख हरने नहीं आते, उन्हें सहनेका साहस भरजाते हैं। संघर्षोंको मिटते नहीं, परराहवही दिखलाते हैं। असफलता से बचाते नहीं, परहरगिरावट केबाद उठखड़े होनेकीशक्तिदे जाते हैं| मगरहम भी अजीब हैं , मनचाहानामिलेतो , ईश्वरके अस्तित्व पे प्रश्नउठा रेतेहैं और दुखकी एक लहर आतेही , उसी ईश्वरको पुकारने लपने हैं कहांहोप्रभुतुम? ईश्वरमौन रहकरभी साथ हैं, आशुओं केपीछे छुपी ताकत का एहसास हैं। अंधकारमें जलता दीपवही हैं, हरधड़कन मेंबसी एकउम्मीद वही हैं और टूटकरजी उठने की एहसास भीवही हैं । ईश्वरसुविधा में नहीं , साहसमें मिलते हैं बहां जहांहम खुद कोसंभालना सीखते हैं ईश्वरकी परिभाषा  ईश्वरकी परिभाषा बड़ा, अजीब बनालिया हैहमने जहां रोगनाहो , जहां दुखनाहो , जहां भूखा रहना आशीर्वाद बनजाए औरबिना कर्मकिए जीवन संवरजाए। हमचाहते हैं जहां चमत्कार हमारी चाहतों केसंग कदममिलकरचले , जहांसंघर्ष आएही नहीं , और यदि आएभी पथमें , तोकोई अदृश्य सहारा, छड़ भरमेंसंभाल ले।  मगरसचतो यहहै , ईश्वरदुःख हरने नहीं आते, उन्हें सहनेका साहस भरजाते हैं। संघर्षोंको मिटते नहीं, परराहवही दिखलाते हैं। असफलता से बचाते नहीं, परहरगिरावट केबाद उठखड़े होनेकीशक्तिदे जाते हैं| मगरहम भी अजीब हैं , मनचाहानामिलेतो , ईश्वरके अस्तित्व पे प्रश्नउठा रेतेहैं और दुखकी एक लहर आतेही , उसी ईश्वरको पुकारने लपने हैं कहांहोप्रभुतुम? ईश्वरमौन रहकरभी साथ हैं, आशुओं केपीछे छुपी ताकत का एहसास हैं। अंधकारमें जलता दीपवही हैं, हरधड़कन मेंबसी एकउम्मीद वही हैं और टूटकरजी उठने की एहसास भीवही हैं । ईश्वरसुविधा में नहीं , साहसमें मिलते हैं बहां जहांहम खुद कोसंभालना सीखते हैं - ShareChat