सनातनी🙏🏻🚩motivation
ShareChat
click to see wallet page
@1296859188
1296859188
सनातनी🙏🏻🚩motivation
@1296859188
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - देश में नकारात्मकता ( नकारात्मक भावनाएँ, तनाव, बुराइयाँ ) बहुत बढ़ गई है। इसलिए, हर शहर में बड़े स्पीकर या माइक लगाने चाहिए, ताकि सुबह प्रतिदिन गायत्री मंत्र (एक पवित्र हिंदू मंत्र जो सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है) और शाम को प्रतिदिन हनुमान चालीसा ( हनुमान जी की भक्ति भरी स्तुति जो शक्ति और भक्ति बढ़ाती है) बजाया जाए। इससे समाज में सकारात्मकता, शांति और ऊर्जा फैलेगी। आध्याात्मक उदाहरण के लिए॰ कुछ मंदिरों या आश्रमों में पहले से ही ऐसा होता है, जैसे काशी या हरिद्वार में। देश में नकारात्मकता ( नकारात्मक भावनाएँ, तनाव, बुराइयाँ ) बहुत बढ़ गई है। इसलिए, हर शहर में बड़े स्पीकर या माइक लगाने चाहिए, ताकि सुबह प्रतिदिन गायत्री मंत्र (एक पवित्र हिंदू मंत्र जो सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है) और शाम को प्रतिदिन हनुमान चालीसा ( हनुमान जी की भक्ति भरी स्तुति जो शक्ति और भक्ति बढ़ाती है) बजाया जाए। इससे समाज में सकारात्मकता, शांति और ऊर्जा फैलेगी। आध्याात्मक उदाहरण के लिए॰ कुछ मंदिरों या आश्रमों में पहले से ही ऐसा होता है, जैसे काशी या हरिद्वार में। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - ईश्वर की कृपा से मिला सुख हमेशा बना रहता है और कभी नष्ट नहीं होता। लेकिन लालच या किसी को ठेस पहुँचाकर पाया गया सुख स्वयं दुःख का बीज बो देता है। ईश्वर की कृपा से मिला सुख हमेशा बना रहता है और कभी नष्ट नहीं होता। लेकिन लालच या किसी को ठेस पहुँचाकर पाया गया सुख स्वयं दुःख का बीज बो देता है। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - यदि किसी दुश्मन को मारना ही है, तो अपने भीतर के दुश्मन ~जैसे क्रोध , ईर्ष्या, भय या नकारात्मक विचारों - बाहर का दुश्मन आपने खुद ही गढ़ा है, को समाप्त करें क्योंकि वास्तविक खतरा अंदर से ही उत्पन्न होता है। आपका आंतरिक शत्रु आपको धीरे -धीरे , बिना बताए ही #TI নমকয को दुश्मन मानना आपकी मुर्खता है, क्योंकि बाहर दूसरों - कोई सच्चा दुश्मन नहीं है। असल में , आपका अपना  आंतरिक दुश्मन ही आपको बर्बाद करने पर तुला है। यदि किसी दुश्मन को मारना ही है, तो अपने भीतर के दुश्मन ~जैसे क्रोध , ईर्ष्या, भय या नकारात्मक विचारों - बाहर का दुश्मन आपने खुद ही गढ़ा है, को समाप्त करें क्योंकि वास्तविक खतरा अंदर से ही उत्पन्न होता है। आपका आंतरिक शत्रु आपको धीरे -धीरे , बिना बताए ही #TI নমকয को दुश्मन मानना आपकी मुर्खता है, क्योंकि बाहर दूसरों - कोई सच्चा दुश्मन नहीं है। असल में , आपका अपना  आंतरिक दुश्मन ही आपको बर्बाद करने पर तुला है। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - हिंदू शास्त्रों के अनुसार , सुबह मुख्य द्वार पर पानी छिड़कना  अत्यंत शुभ है। इससे घर का वातावरण शांतिपूर्ण रहता है और देवी लक्ष्मी का वास होता है। पानी को पवित्र माना  है, इसलिए द्वार पर छिड़कने से प्रवेश द्वार शुद्ध हो जाता जाता है मूर्ख व्यक्ति हमेशा किसी न किसी सवाल में फँसा रहता है ak के कामों पर शक करता रहता है। ஈ ज्ञानी व्यक्ति वास्तविकता को गहराई से समझ लेता है सच्चा और उसमें संदेह या शंका नहीं रखता। हिंदू शास्त्रों के अनुसार , सुबह मुख्य द्वार पर पानी छिड़कना  अत्यंत शुभ है। इससे घर का वातावरण शांतिपूर्ण रहता है और देवी लक्ष्मी का वास होता है। पानी को पवित्र माना  है, इसलिए द्वार पर छिड़कने से प्रवेश द्वार शुद्ध हो जाता जाता है मूर्ख व्यक्ति हमेशा किसी न किसी सवाल में फँसा रहता है ak के कामों पर शक करता रहता है। ஈ ज्ञानी व्यक्ति वास्तविकता को गहराई से समझ लेता है सच्चा और उसमें संदेह या शंका नहीं रखता। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - अच्छे लोगों के साथ रहने से जीवन में अच्छाई , नैतिकता  और सफलता आती है। वहीं , बुरे लोगों का (कुसंग ) आपको गलत रास्ते पर ले जा सकता है, মাথ बुरी आदतें डाल सकता है। उदाहरणः जैसे , अच्छे दोस्त पढाई में मदद करेंगे , लेकिन बुरे संग वाले जुआ या चोरी की ओर ले जा सकते हैं। मुख्य संदेश- संगति का असर सीधे चरित्र पर पड़़ता है। अच्छे लोगों के साथ रहने से जीवन में अच्छाई , नैतिकता  और सफलता आती है। वहीं , बुरे लोगों का (कुसंग ) आपको गलत रास्ते पर ले जा सकता है, মাথ बुरी आदतें डाल सकता है। उदाहरणः जैसे , अच्छे दोस्त पढाई में मदद करेंगे , लेकिन बुरे संग वाले जुआ या चोरी की ओर ले जा सकते हैं। मुख्य संदेश- संगति का असर सीधे चरित्र पर पड़़ता है। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - कबीर तन पंछी भया, जहाँ मन तहाँ उड़ी जाइ। जो जैसी संगति करे, सो तैसा ही फल पाइ।।  कबीर कहते हैं कि संसारी मनुष्य का शरीर पक्षी के समान है, जो जहाँ मन लेे जाए, शरीर उड़कर वहीं पहुँच जाता है।जो व्यक्ति जैसी संगति ( साथ) रखता है, उसे वैसा ही फल ( परिणाम ) निश्चित रूप से मिलता है। अच्छी संगति से अच्छा फल, बुरी संगति a3 फल मिलता है। कबीर तन पंछी भया, जहाँ मन तहाँ उड़ी जाइ। जो जैसी संगति करे, सो तैसा ही फल पाइ।।  कबीर कहते हैं कि संसारी मनुष्य का शरीर पक्षी के समान है, जो जहाँ मन लेे जाए, शरीर उड़कर वहीं पहुँच जाता है।जो व्यक्ति जैसी संगति ( साथ) रखता है, उसे वैसा ही फल ( परिणाम ) निश्चित रूप से मिलता है। अच्छी संगति से अच्छा फल, बुरी संगति a3 फल मिलता है। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - हिंद्ू शास्त्रों में पति को पत्नी के लिए परमेश्वर का स्वरूप माना गया है, और  पतिव्रता धर्म के अनुसार पत्नी को पति की सेवा , सम्मान एवं आदर करना चाहिए। यह गृहस्थ आश्रम की मजबूत नींच है।  बह स्त्री है जो पति के प्रति पूर्ण निष्ठा रखती है और उसे ब्रह्मा , विष्णु , शिव পনিসনা से भी ऊपर मानती है। शिवपुराण जैसे ग्रंथों में स्पष्ट कहा गया है कि पति की आज्ञा का पालन ही सच्चा धर्म है, व्रत - उपवास भी पति की इच्छा के विरुद्ध नहीं होने चाहिए। यह धर्म पत्नी को पति की रक्षा के लिए अनुष्ठान करने और उसकी आवश्यकताओ का ध्यान रखने की प्रेरणा देता है।  शास्त्र पति-पत्नी दोनों को समान निष्ठा का निर्देश देते हैं -पत्नी पतिव्रत , पति पत्नीव्रत। पति को भी पत्नी को अर्धागिनी मानकर सम्मान , सुरक्षा और प्रेम देना  चाहिए , ताकि गृहस्थ जीवन सुखी रहे।  हिंद्ू शास्त्रों में पति को पत्नी के लिए परमेश्वर का स्वरूप माना गया है, और  पतिव्रता धर्म के अनुसार पत्नी को पति की सेवा , सम्मान एवं आदर करना चाहिए। यह गृहस्थ आश्रम की मजबूत नींच है।  बह स्त्री है जो पति के प्रति पूर्ण निष्ठा रखती है और उसे ब्रह्मा , विष्णु , शिव পনিসনা से भी ऊपर मानती है। शिवपुराण जैसे ग्रंथों में स्पष्ट कहा गया है कि पति की आज्ञा का पालन ही सच्चा धर्म है, व्रत - उपवास भी पति की इच्छा के विरुद्ध नहीं होने चाहिए। यह धर्म पत्नी को पति की रक्षा के लिए अनुष्ठान करने और उसकी आवश्यकताओ का ध्यान रखने की प्रेरणा देता है।  शास्त्र पति-पत्नी दोनों को समान निष्ठा का निर्देश देते हैं -पत्नी पतिव्रत , पति पत्नीव्रत। पति को भी पत्नी को अर्धागिनी मानकर सम्मान , सुरक्षा और प्रेम देना  चाहिए , ताकि गृहस्थ जीवन सुखी रहे। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - (नायक महात्मा गांधी ) डुप्लिकेट(चौपाई  रघुपति राघव राजाराम। पतित पावन सीताराम।| ईश्वर अल्लाह तेरो नाम। सब को सन्मति दे भगवान।। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमें " अल्लाह" शब्द गांधीजी ने अपनी ओर से जोडा। इस भजन के असली जनक थे " पंडित लक्ष्मणाचार्य"| मूल भजन हिन्दू ग्रंथ से लिया गया है जो इस प्रकार हैः "श्री नमः रामनायनम नामक असली (चौपाई)असली नायक (" पंडित लक्ष्मणाचार्य" ) राघव राजाराम। पतित पावन सीताराम।| रघुपति सुंदर विग्रह मेघाश्याम। गंगा  शालीग्राम।| নুলমী भद्रगिरीश्वर सीताराम। भगत-्जनप्रिय सीताराम। | जानकीरमणा सीताराम। जय जय राघव सीताराम।। #Uఢ "श्री राम भक्त हनुमान"| उस फिल्म में भी কিল্ম সাযী থী सन १९४८ इस भजन का मूल स्वरुप उपलब्ध है और उसमें कहीं भी " अल्लाह" शब्द नहीं आया है (आ भी नहीं सकता था)। इसे आप ऊपर के वीडियो में देख सकते हैं। दुख की बात ये है कि बड़े-बड़े पंडित तथा वक्ता भी इस भजन को गलत गाते में महात्मा " हैं, यहां तक कि मंदिरो में भी। हालांकि ये लेख किसी भी रूप Tাধী हिन्दू " के प्रति असम्मान प्रकट करने के लिए नही है पर किसी भी धर्मग्रंथ से इस छेड़छाड़ भी उचित नही है और हम सबको इसके प्रति जागरूक होने प्रकार की आवश्यकता है। (नायक महात्मा गांधी ) डुप्लिकेट(चौपाई  रघुपति राघव राजाराम। पतित पावन सीताराम।| ईश्वर अल्लाह तेरो नाम। सब को सन्मति दे भगवान।। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमें " अल्लाह" शब्द गांधीजी ने अपनी ओर से जोडा। इस भजन के असली जनक थे " पंडित लक्ष्मणाचार्य"| मूल भजन हिन्दू ग्रंथ से लिया गया है जो इस प्रकार हैः "श्री नमः रामनायनम नामक असली (चौपाई)असली नायक (" पंडित लक्ष्मणाचार्य" ) राघव राजाराम। पतित पावन सीताराम।| रघुपति सुंदर विग्रह मेघाश्याम। गंगा  शालीग्राम।| নুলমী भद्रगिरीश्वर सीताराम। भगत-्जनप्रिय सीताराम। | जानकीरमणा सीताराम। जय जय राघव सीताराम।। #Uఢ "श्री राम भक्त हनुमान"| उस फिल्म में भी কিল্ম সাযী থী सन १९४८ इस भजन का मूल स्वरुप उपलब्ध है और उसमें कहीं भी " अल्लाह" शब्द नहीं आया है (आ भी नहीं सकता था)। इसे आप ऊपर के वीडियो में देख सकते हैं। दुख की बात ये है कि बड़े-बड़े पंडित तथा वक्ता भी इस भजन को गलत गाते में महात्मा " हैं, यहां तक कि मंदिरो में भी। हालांकि ये लेख किसी भी रूप Tাধী हिन्दू " के प्रति असम्मान प्रकट करने के लिए नही है पर किसी भी धर्मग्रंथ से इस छेड़छाड़ भी उचित नही है और हम सबको इसके प्रति जागरूक होने प्रकार की आवश्यकता है। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - और पूजन  जहाँ नारियों का सम्मान  होता है , वहाँ देवता निवास करते हैं। जहाँ नारियों का सम्मान नहीं होता , बहाँ सभी कर्म-कांड ( पूजा - पाठ, यज्ञ आदि ) व्यर्थ चले  जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार नारी ( महिला ) को शक्ति का प्रतीक बताता है, जैसे देवी लक्ष्मी और  दुर्गा। घर की स्त्री ~ चाहे बह माँ, बहन या पत्नी हो~से लेकर समाज की हर महिला तक का सम्मान करना हमारा नैतिक और आध्यात्मिक कर्तव्य है। बिना इस सम्मान के कोई भी  फलदायी ( फल देने बाला ) नहीं होता।  धार्मिक क्रिया या कर्म "qari पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः 4n7 सर्वास्तफलाः क्रियाः पूज्यन्ने हिंदू परंपरा में नारी को जगत्जननी , लक्ष्मी , सरस्वती और दुर्गा का रूप माना गया है। अर्द्धनारीश्वर रूप में शिव- पार्वती का आदर्श भी यही सिखाता है कि स्त्री -पुरुष दोनों अर्धांग हैं। असम्मान को महापाप कहा गया है। और पूजन  जहाँ नारियों का सम्मान  होता है , वहाँ देवता निवास करते हैं। जहाँ नारियों का सम्मान नहीं होता , बहाँ सभी कर्म-कांड ( पूजा - पाठ, यज्ञ आदि ) व्यर्थ चले  जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार नारी ( महिला ) को शक्ति का प्रतीक बताता है, जैसे देवी लक्ष्मी और  दुर्गा। घर की स्त्री ~ चाहे बह माँ, बहन या पत्नी हो~से लेकर समाज की हर महिला तक का सम्मान करना हमारा नैतिक और आध्यात्मिक कर्तव्य है। बिना इस सम्मान के कोई भी  फलदायी ( फल देने बाला ) नहीं होता।  धार्मिक क्रिया या कर्म "qari पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः 4n7 सर्वास्तफलाः क्रियाः पूज्यन्ने हिंदू परंपरा में नारी को जगत्जननी , लक्ष्मी , सरस्वती और दुर्गा का रूप माना गया है। अर्द्धनारीश्वर रूप में शिव- पार्वती का आदर्श भी यही सिखाता है कि स्त्री -पुरुष दोनों अर्धांग हैं। असम्मान को महापाप कहा गया है। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - तन को शुद्ध सब करें , मन को शुद्ध करें ना कोई। जो मन को शुद्ध करें बही सत्य जान पाए । जो तन ( शरीर ) और मन ( मन ) की शुद्धि पर जोर देता है। यह कहता है कि सभी तन को शुद्ध करने का प्रयास करते हैं, लेकिन मन को शुद्ध करने वाला ही सत्य को है। সান এানা उदाहरणः जैसे स्नान से शरीर सा़फ होता है , वैसे ही ध्यान - भक्ति से मन सा़फ होता है, तब ही ईश्वर या सत्य का बोध होता है। तन को शुद्ध सब करें , मन को शुद्ध करें ना कोई। जो मन को शुद्ध करें बही सत्य जान पाए । जो तन ( शरीर ) और मन ( मन ) की शुद्धि पर जोर देता है। यह कहता है कि सभी तन को शुद्ध करने का प्रयास करते हैं, लेकिन मन को शुद्ध करने वाला ही सत्य को है। সান এানা उदाहरणः जैसे स्नान से शरीर सा़फ होता है , वैसे ही ध्यान - भक्ति से मन सा़फ होता है, तब ही ईश्वर या सत्य का बोध होता है। - ShareChat