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#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - ब्राह्मण और क्षत्रिय दलितों ( शूद्रों ) को नष्ट करने की कोशिश में स्वयं नष्ट हो गए। जो दलित कभी क्षत्रिय या राजा थे, उन्हें शूद्र बना दिया गया , लेकिन अब न्याय का नियम ( नीति ) ने ब्राह्मण ्क्षत्रियों को ' शूद्र सामान्य या नीचा ) बना दिया है ~और वे दलित / शूद्र जो कभी राजा - महाराजा थे, फिर से सत्ता हासिल करेंगे | है कि मनुष्य इसे स्वीकारे या न करे , यही 4 qat नीति का नियम है। ब्राह्मण और क्षत्रिय दलितों ( शूद्रों ) को नष्ट करने की कोशिश में स्वयं नष्ट हो गए। जो दलित कभी क्षत्रिय या राजा थे, उन्हें शूद्र बना दिया गया , लेकिन अब न्याय का नियम ( नीति ) ने ब्राह्मण ्क्षत्रियों को ' शूद्र सामान्य या नीचा ) बना दिया है ~और वे दलित / शूद्र जो कभी राजा - महाराजा थे, फिर से सत्ता हासिल करेंगे | है कि मनुष्य इसे स्वीकारे या न करे , यही 4 qat नीति का नियम है। - ShareChat
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true line 💯 - एक व्यक्ति अपने अच्छे या बुरे कर्मों से ही सच्चा ब्राह्मण बनता है या शूद्र। अगर उसके कर्म श्रेष्ठ ( उत्तम ) हैं, तो जन्म 42 भी ब्राह्मण के बराबर हो जाता है। वहीं , अगर उसके कर्म नीच ( घटिया ) हैं, तो जन्म से ब्राह्मण भी शूद्र जैसा पतित ( नीच ) हो जाता है। जातियाँ मनुष्यों ने खुद बनाई हैं, भगवान ने नहीं | इसलिए सभी मनुष्यों में पूर्ण समानता होनी चाहिए। उदाहरणः जैसे सोना आग में तपने से शुद्ध होता है, वैसे ही मनुष्य के कर्म उसे ऊँचा या नीचा बनाते हैं - जन्म की जाति मात्र एक बाहरी लेबल है। एक व्यक्ति अपने अच्छे या बुरे कर्मों से ही सच्चा ब्राह्मण बनता है या शूद्र। अगर उसके कर्म श्रेष्ठ ( उत्तम ) हैं, तो जन्म 42 भी ब्राह्मण के बराबर हो जाता है। वहीं , अगर उसके कर्म नीच ( घटिया ) हैं, तो जन्म से ब्राह्मण भी शूद्र जैसा पतित ( नीच ) हो जाता है। जातियाँ मनुष्यों ने खुद बनाई हैं, भगवान ने नहीं | इसलिए सभी मनुष्यों में पूर्ण समानता होनी चाहिए। उदाहरणः जैसे सोना आग में तपने से शुद्ध होता है, वैसे ही मनुष्य के कर्म उसे ऊँचा या नीचा बनाते हैं - जन्म की जाति मात्र एक बाहरी लेबल है। - ShareChat
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true line 💯 - हिंदू लोग जाति , रंग या गरीबी के आधार पर भेदभाव करते हैं , लेकिन ईश्वर की नजर में सभी मनुष्य समान हैं। ईश्वर हर किसी को बराबर मानते हैं , इसलिए 1 को भी সনুষ্থী सभी के प्रति प्रेमपूर्ण और समान व्यवहार अपनाना चाहिए। सर्वे भवन्तु सुखिनःः सभी लोग सुखी हों। सर्वे सन्तु निरामयाःः सभी रोगमुक्त रहें। सर्वे भद्राणि पश्यन्तुः सभी मंगलमय जीवन देखें। भवेत्ः  किसी को भी दुख न प्राप्त हो।  मा कश्चिद् दुःखभाग् " ऊँ शान्तिः शान्तिः शान्तिःः शांति , शांति , शांति। हिंदू लोग जाति , रंग या गरीबी के आधार पर भेदभाव करते हैं , लेकिन ईश्वर की नजर में सभी मनुष्य समान हैं। ईश्वर हर किसी को बराबर मानते हैं , इसलिए 1 को भी সনুষ্থী सभी के प्रति प्रेमपूर्ण और समान व्यवहार अपनाना चाहिए। सर्वे भवन्तु सुखिनःः सभी लोग सुखी हों। सर्वे सन्तु निरामयाःः सभी रोगमुक्त रहें। सर्वे भद्राणि पश्यन्तुः सभी मंगलमय जीवन देखें। भवेत्ः  किसी को भी दुख न प्राप्त हो।  मा कश्चिद् दुःखभाग् " ऊँ शान्तिः शान्तिः शान्तिःः शांति , शांति , शांति। - ShareChat
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true line 💯 - जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे को कमजोर करने ,  नुकसान पहुँचाने की कोशिश अपमानित करने या है, तो वह असल में अपनी ही शक्ति को खो देता करता को तबाह करने का दुष्ट मनोरथ है। ठीक वैसे ही, दूसरों  रखने वाला खुद ही विनाश की राह पर चला जाता है, लेकिन दूसरे को कभी पूरी तरह नष्ट नहीं कर पाता। यह है   बुरे विचार या कर्म का फल प्रकृति  का न्याय हमेशा स्वयं को ही भुगतना पड़ता है।  जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे को कमजोर करने ,  नुकसान पहुँचाने की कोशिश अपमानित करने या है, तो वह असल में अपनी ही शक्ति को खो देता करता को तबाह करने का दुष्ट मनोरथ है। ठीक वैसे ही, दूसरों  रखने वाला खुद ही विनाश की राह पर चला जाता है, लेकिन दूसरे को कभी पूरी तरह नष्ट नहीं कर पाता। यह है   बुरे विचार या कर्म का फल प्रकृति  का न्याय हमेशा स्वयं को ही भुगतना पड़ता है। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - देश में नकारात्मकता ( नकारात्मक भावनाएँ, तनाव, बुराइयाँ ) बहुत बढ़ गई है। इसलिए, हर शहर में बड़े स्पीकर या माइक लगाने चाहिए, ताकि सुबह प्रतिदिन गायत्री मंत्र (एक पवित्र हिंदू मंत्र जो सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है) और शाम को प्रतिदिन हनुमान चालीसा ( हनुमान जी की भक्ति भरी स्तुति जो शक्ति और भक्ति बढ़ाती है) बजाया जाए। इससे समाज में सकारात्मकता, शांति और ऊर्जा फैलेगी। आध्याात्मक उदाहरण के लिए॰ कुछ मंदिरों या आश्रमों में पहले से ही ऐसा होता है, जैसे काशी या हरिद्वार में। देश में नकारात्मकता ( नकारात्मक भावनाएँ, तनाव, बुराइयाँ ) बहुत बढ़ गई है। इसलिए, हर शहर में बड़े स्पीकर या माइक लगाने चाहिए, ताकि सुबह प्रतिदिन गायत्री मंत्र (एक पवित्र हिंदू मंत्र जो सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है) और शाम को प्रतिदिन हनुमान चालीसा ( हनुमान जी की भक्ति भरी स्तुति जो शक्ति और भक्ति बढ़ाती है) बजाया जाए। इससे समाज में सकारात्मकता, शांति और ऊर्जा फैलेगी। आध्याात्मक उदाहरण के लिए॰ कुछ मंदिरों या आश्रमों में पहले से ही ऐसा होता है, जैसे काशी या हरिद्वार में। - ShareChat
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true line 💯 - ईश्वर की कृपा से मिला सुख हमेशा बना रहता है और कभी नष्ट नहीं होता। लेकिन लालच या किसी को ठेस पहुँचाकर पाया गया सुख स्वयं दुःख का बीज बो देता है। ईश्वर की कृपा से मिला सुख हमेशा बना रहता है और कभी नष्ट नहीं होता। लेकिन लालच या किसी को ठेस पहुँचाकर पाया गया सुख स्वयं दुःख का बीज बो देता है। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - यदि किसी दुश्मन को मारना ही है, तो अपने भीतर के दुश्मन ~जैसे क्रोध , ईर्ष्या, भय या नकारात्मक विचारों - बाहर का दुश्मन आपने खुद ही गढ़ा है, को समाप्त करें क्योंकि वास्तविक खतरा अंदर से ही उत्पन्न होता है। आपका आंतरिक शत्रु आपको धीरे -धीरे , बिना बताए ही #TI নমকয को दुश्मन मानना आपकी मुर्खता है, क्योंकि बाहर दूसरों - कोई सच्चा दुश्मन नहीं है। असल में , आपका अपना  आंतरिक दुश्मन ही आपको बर्बाद करने पर तुला है। यदि किसी दुश्मन को मारना ही है, तो अपने भीतर के दुश्मन ~जैसे क्रोध , ईर्ष्या, भय या नकारात्मक विचारों - बाहर का दुश्मन आपने खुद ही गढ़ा है, को समाप्त करें क्योंकि वास्तविक खतरा अंदर से ही उत्पन्न होता है। आपका आंतरिक शत्रु आपको धीरे -धीरे , बिना बताए ही #TI নমকয को दुश्मन मानना आपकी मुर्खता है, क्योंकि बाहर दूसरों - कोई सच्चा दुश्मन नहीं है। असल में , आपका अपना  आंतरिक दुश्मन ही आपको बर्बाद करने पर तुला है। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - हिंदू शास्त्रों के अनुसार , सुबह मुख्य द्वार पर पानी छिड़कना  अत्यंत शुभ है। इससे घर का वातावरण शांतिपूर्ण रहता है और देवी लक्ष्मी का वास होता है। पानी को पवित्र माना  है, इसलिए द्वार पर छिड़कने से प्रवेश द्वार शुद्ध हो जाता जाता है मूर्ख व्यक्ति हमेशा किसी न किसी सवाल में फँसा रहता है ak के कामों पर शक करता रहता है। ஈ ज्ञानी व्यक्ति वास्तविकता को गहराई से समझ लेता है सच्चा और उसमें संदेह या शंका नहीं रखता। हिंदू शास्त्रों के अनुसार , सुबह मुख्य द्वार पर पानी छिड़कना  अत्यंत शुभ है। इससे घर का वातावरण शांतिपूर्ण रहता है और देवी लक्ष्मी का वास होता है। पानी को पवित्र माना  है, इसलिए द्वार पर छिड़कने से प्रवेश द्वार शुद्ध हो जाता जाता है मूर्ख व्यक्ति हमेशा किसी न किसी सवाल में फँसा रहता है ak के कामों पर शक करता रहता है। ஈ ज्ञानी व्यक्ति वास्तविकता को गहराई से समझ लेता है सच्चा और उसमें संदेह या शंका नहीं रखता। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - अच्छे लोगों के साथ रहने से जीवन में अच्छाई , नैतिकता  और सफलता आती है। वहीं , बुरे लोगों का (कुसंग ) आपको गलत रास्ते पर ले जा सकता है, মাথ बुरी आदतें डाल सकता है। उदाहरणः जैसे , अच्छे दोस्त पढाई में मदद करेंगे , लेकिन बुरे संग वाले जुआ या चोरी की ओर ले जा सकते हैं। मुख्य संदेश- संगति का असर सीधे चरित्र पर पड़़ता है। अच्छे लोगों के साथ रहने से जीवन में अच्छाई , नैतिकता  और सफलता आती है। वहीं , बुरे लोगों का (कुसंग ) आपको गलत रास्ते पर ले जा सकता है, মাথ बुरी आदतें डाल सकता है। उदाहरणः जैसे , अच्छे दोस्त पढाई में मदद करेंगे , लेकिन बुरे संग वाले जुआ या चोरी की ओर ले जा सकते हैं। मुख्य संदेश- संगति का असर सीधे चरित्र पर पड़़ता है। - ShareChat
#true line 💯 #सनातनHindimotivational #सत्य है पर कड़वा है
true line 💯 - कबीर तन पंछी भया, जहाँ मन तहाँ उड़ी जाइ। जो जैसी संगति करे, सो तैसा ही फल पाइ।।  कबीर कहते हैं कि संसारी मनुष्य का शरीर पक्षी के समान है, जो जहाँ मन लेे जाए, शरीर उड़कर वहीं पहुँच जाता है।जो व्यक्ति जैसी संगति ( साथ) रखता है, उसे वैसा ही फल ( परिणाम ) निश्चित रूप से मिलता है। अच्छी संगति से अच्छा फल, बुरी संगति a3 फल मिलता है। कबीर तन पंछी भया, जहाँ मन तहाँ उड़ी जाइ। जो जैसी संगति करे, सो तैसा ही फल पाइ।।  कबीर कहते हैं कि संसारी मनुष्य का शरीर पक्षी के समान है, जो जहाँ मन लेे जाए, शरीर उड़कर वहीं पहुँच जाता है।जो व्यक्ति जैसी संगति ( साथ) रखता है, उसे वैसा ही फल ( परिणाम ) निश्चित रूप से मिलता है। अच्छी संगति से अच्छा फल, बुरी संगति a3 फल मिलता है। - ShareChat