पांच तत्व का धड़ नहीं मेरा, जानुं ज्ञान अपारा।
सत्य स्वरूपी नाम साहेब का, सोई नाम हमारा।।
हाड़, चाम, लहु नहीं मेरे, कोई जाने सत्य नाम उपासी।
तारन तरन अभय पद दाता, मैं हूं कबीर अविनाशी।।
कबीर परमेश्वर जी ने स्वयं कहा था कि मेरा पांच तत्व से बना शरीर नहीं है। मैं अविनाशी परमात्मा हूँ। न मेरा जन्म होता, न मृत्यु। सबका उद्धार करने आया हूँ।
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वेदों में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर प्रकट होता है और सशरीर ही वापस अपने लोक सतलोक में चला जाता है।
प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 94 मंत्र 2
#न_जन्मा_न_मरा
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परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास बन गई और इस तरह की लीला परमात्मा स्वयं ही करते हैं।
कबीर साहेब जी 120 वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह कर हजारों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए।
तभी आकाशवाणी होती है -
"उठा लो पर्दा,नहीं है मुर्दा।"
चादर उठाने पर, शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल मिले। उनका शरीर नहीं मिला था।
#508वां_GodKabir_निर्वाणदिवस
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![🙏गुरु महिमा😇 - न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1iRmpa AMnll ral ' न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1iRmpa AMnll ral ' - ShareChat 🙏गुरु महिमा😇 - न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1iRmpa AMnll ral ' न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1iRmpa AMnll ral ' - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_300188_235c5b4c_1769574298483_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=483_sc.jpg)