#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा संत गरीबदास जी महाराज की वाणी (पारख के अंग से वाणी)
तहां वहां चादर फूल बिछाये, सिज्या छाड़ी पदहि समाये
दो चादर दहूँ दीन उठाई ताके मध्य कबीर न पाई1131
तहां वहां अबिगत फूल सुवासी,मगहर घोर और चैरा काशी
अबिगत रूप अलख निरवाणी,तहां वहां नीर क्षीर दिया छांनी1132 #🙏गुरु महिमा😇
#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा वेदों में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर प्रकट होता है और सशरीर ही वापस अपने लोक सतलोक में चला जाता है।
प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 94 मंत्र 2
कलयुग में इसका साक्षात प्रमाण मगहर में है, जहां बंदीछोड कबीर परमेश्वर जी के सतलोक प्रस्थान के बाद #🙏गुरु महिमा😇
#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा वर्तमान समय में मगहर में कबीर परमेश्वर जी की याद में मुस्लिम लोगों ने मज़ार और हिंदुओं ने समाधि बनाई हुई है जिसमें मात्र सौ फीट की दूरी का अंतर है। जहां बैठकर कबीर साहेब सत्संग किया करते थे वहां काशी-चौरा नाम से यादगार बनाई गई है।
कबीर परमात्मा सशरीर सत #🙏गुरु महिमा😇
#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा संत गरीबदास जी महाराज की वाणी (पारख के अंग से वाणी)
तहां वहां चादर फूल बिछाये, सिज्या छाड़ी पदहि समाये
दो चादर दहूँ दीन उठाई, ताके मध्य कबीर न पाई1131
तहां वहां अबिगत फूल सुवासी, मगहर घोर और चैरा काशी।
अबिगत रूप अलख निरवाणी, तहां वहां नीर क्षीर दिया छांनी #🙏गुरु महिमा😇
#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा चदरि फूल बिछाये सतगुरू, देखै सकल जिहाना हो। च्यारि दाग से रहत जुलहदी, अबिगत अलख अमाना हो।।
(- सतग्रन्थ साहेब में राग मारू से शब्द)
संत गरीबदास जी ने अपनी वाणी में प्रमाण दिया है कि बंदीछोड कबीर परमेश्वर जी चार दाग में नहीं आते। अजरो अमर हैं। #🙏गुरु महिमा😇
मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास बन गई और इस तरह की लीला परमात्मा स्वयं ही करते हैं।
कबीर साहेब जी 120 वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह कर हजारों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए।
तभी आकाशवाणी होती है - #🙏गुरु महिमा😇
#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा कबीर परमेश्वर जी अजरो अमर हैं और सशरीर अपने सतलोक गए थे। हिंदू और मुसलमानों ने जब उनके शरीर का अंतिम संस्कार करना चाहा। तब उनका शरीर नहीं मिला था। शरीर के स्थान पर सुगन्धित फूल मिले थे। #🙏गुरु महिमा😇
#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा मगहर से सतलोक गया कबीरा, जाका पाया नहीं शरीरा।
आदरणीय धर्मदास जी ने परमेश्वर कबीर साहेब जी की महिमा में कहा है :-
हिन्दू के तुम देव कहाये, मुसलमान के पीर।
दोनो दीन का झगड़ा छिड़ गया, टोहे न पाया शरीर।। #🙏गुरु महिमा😇
#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा पांच तत्व का धड़ नहीं मेरा, जानुं ज्ञान अपारा।
सत्य स्वरूपी नाम साहेब का, सोई नाम हमारा।।
हाड़, चाम, लहु नहीं मेरे, कोई जाने सत्य नाम उपासी।
तारन तरन अभय पद दाता, मैं हूं कबीर अविनाशी।
कबीर परमेश्वर जी ने स्वयं कहा था कि मेरा पांच तत्व से बना शरीर नहीं है #🙏गुरु महिमा😇
#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा वेदों में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा सशरीर पृथ्वी पर प्रकट होता है और सशरीर ही वापस अपने लोक सतलोक में चला जाता है।
प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 94 मंत्र 2
कलयुग में इसका साक्षात प्रमाण मगहर में है, जहां बंदीछोड कबीर परमेश्वर जी के सतलोक प्रस्थान के बाद #🙏गुरु महिमा😇




![🙏गुरु महिमा😇 - 5ldl பIHI HBI <IKIRII संत गरीबदास जी महाराज की वाणी ( पारख के अंग से वाणी ):- तहा वहां चादर फूल बिछाये , सिज्या छाड़ी पदहि समाये। दो चादर दहूँ दीन उठाई, ताके मध्य कबीर न पाई।। ] १३११| मगहर घोर और चौरा काशी। तहां वहा अबिगत फूल মুনামী; अविगत रूप अलख निरवोणी , तहा वहा नीर क्षीर दिया छांनी। 1 १३२१ वर्तमान समय में मगहर में कबीर परमेश्वर जी की याद में मुस्लिम लोगों ने मज़ार और हिंदुओं ने समाधि बनाई हुई है जिसमें मात्र सौ फीट की जहां बैठकर कवीर सॉहेब सत्संग किया करते थे वहां दूरी का अंतर है। काशी चौरा नाम से यादगार बनाई गरई है। कबीर परमात्मा सशरीर सतलोक गए थे। 5ldl பIHI HBI <IKIRII संत गरीबदास जी महाराज की वाणी ( पारख के अंग से वाणी ):- तहा वहां चादर फूल बिछाये , सिज्या छाड़ी पदहि समाये। दो चादर दहूँ दीन उठाई, ताके मध्य कबीर न पाई।। ] १३११| मगहर घोर और चौरा काशी। तहां वहा अबिगत फूल মুনামী; अविगत रूप अलख निरवोणी , तहा वहा नीर क्षीर दिया छांनी। 1 १३२१ वर्तमान समय में मगहर में कबीर परमेश्वर जी की याद में मुस्लिम लोगों ने मज़ार और हिंदुओं ने समाधि बनाई हुई है जिसमें मात्र सौ फीट की जहां बैठकर कवीर सॉहेब सत्संग किया करते थे वहां दूरी का अंतर है। काशी चौरा नाम से यादगार बनाई गरई है। कबीर परमात्मा सशरीर सतलोक गए थे। - ShareChat 🙏गुरु महिमा😇 - 5ldl பIHI HBI <IKIRII संत गरीबदास जी महाराज की वाणी ( पारख के अंग से वाणी ):- तहा वहां चादर फूल बिछाये , सिज्या छाड़ी पदहि समाये। दो चादर दहूँ दीन उठाई, ताके मध्य कबीर न पाई।। ] १३११| मगहर घोर और चौरा काशी। तहां वहा अबिगत फूल মুনামী; अविगत रूप अलख निरवोणी , तहा वहा नीर क्षीर दिया छांनी। 1 १३२१ वर्तमान समय में मगहर में कबीर परमेश्वर जी की याद में मुस्लिम लोगों ने मज़ार और हिंदुओं ने समाधि बनाई हुई है जिसमें मात्र सौ फीट की जहां बैठकर कवीर सॉहेब सत्संग किया करते थे वहां दूरी का अंतर है। काशी चौरा नाम से यादगार बनाई गरई है। कबीर परमात्मा सशरीर सतलोक गए थे। 5ldl பIHI HBI <IKIRII संत गरीबदास जी महाराज की वाणी ( पारख के अंग से वाणी ):- तहा वहां चादर फूल बिछाये , सिज्या छाड़ी पदहि समाये। दो चादर दहूँ दीन उठाई, ताके मध्य कबीर न पाई।। ] १३११| मगहर घोर और चौरा काशी। तहां वहा अबिगत फूल মুনামী; अविगत रूप अलख निरवोणी , तहा वहा नीर क्षीर दिया छांनी। 1 १३२१ वर्तमान समय में मगहर में कबीर परमेश्वर जी की याद में मुस्लिम लोगों ने मज़ार और हिंदुओं ने समाधि बनाई हुई है जिसमें मात्र सौ फीट की जहां बैठकर कवीर सॉहेब सत्संग किया करते थे वहां दूरी का अंतर है। काशी चौरा नाम से यादगार बनाई गरई है। कबीर परमात्मा सशरीर सतलोक गए थे। - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_806514_4113f9e_1769482801264_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=264_sc.jpg)


![🙏गुरु महिमा😇 - न जनHl, नHख महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कवीर साहेव जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी धाम सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान বিএরসান . जिला कवीर नगर) में है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीव काया काशी मन मगहर दौहूं के मध्य कवीर। काशी तज मगहर गयाः पाया न्ही शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मत्र २ ] शिशु वावशानः वृषा दधन्चे पुरुवरः अरिः मर्यः सम् मातृभिःन योषाम अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः = Sant Rampal Ji YOUTUBE free Bunk Mahara CHANNEL 7:9680|025 न जनHl, नHख महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कवीर साहेव जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी धाम सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान বিএরসান . जिला कवीर नगर) में है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीव काया काशी मन मगहर दौहूं के मध्य कवीर। काशी तज मगहर गयाः पाया न्ही शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मत्र २ ] शिशु वावशानः वृषा दधन्चे पुरुवरः अरिः मर्यः सम् मातृभिःन योषाम अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः = Sant Rampal Ji YOUTUBE free Bunk Mahara CHANNEL 7:9680|025 - ShareChat 🙏गुरु महिमा😇 - न जनHl, नHख महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कवीर साहेव जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी धाम सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान বিএরসান . जिला कवीर नगर) में है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीव काया काशी मन मगहर दौहूं के मध्य कवीर। काशी तज मगहर गयाः पाया न्ही शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मत्र २ ] शिशु वावशानः वृषा दधन्चे पुरुवरः अरिः मर्यः सम् मातृभिःन योषाम अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः = Sant Rampal Ji YOUTUBE free Bunk Mahara CHANNEL 7:9680|025 न जनHl, नHख महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कवीर साहेव जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी धाम सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान বিএরসান . जिला कवीर नगर) में है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीव काया काशी मन मगहर दौहूं के मध्य कवीर। काशी तज मगहर गयाः पाया न्ही शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मत्र २ ] शिशु वावशानः वृषा दधन्चे पुरुवरः अरिः मर्यः सम् मातृभिःन योषाम अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः = Sant Rampal Ji YOUTUBE free Bunk Mahara CHANNEL 7:9680|025 - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_83104_d3760bd_1769481949230_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=230_sc.jpg)





