Navya Rana
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#✍प्रेमचंद की कहानियां #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📓 हिंदी साहित्य #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍प्रेमचंद की कहानियां - 56 মুসবী मनृष्य जब तक कै दृःख को देखकर विचलित नहीं होता, तब तक उसकी संवेदनाएँ जीवित नहीं कही जा सकतीं | जिस समाज में करुणा मर जाती है॰ वहाँ केवल 9٨؟ बचती है॰ मनुष्य नहीं | मुंशी प्रेमचंद 56 মুসবী मनृष्य जब तक कै दृःख को देखकर विचलित नहीं होता, तब तक उसकी संवेदनाएँ जीवित नहीं कही जा सकतीं | जिस समाज में करुणा मर जाती है॰ वहाँ केवल 9٨؟ बचती है॰ मनुष्य नहीं | मुंशी प्रेमचंद - ShareChat
#🙏सुविचार📿 #❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन
🙏सुविचार📿 - हिन्दी सुविचार MORAL SUpU 8 कहते माधव किसी व्यक्ति को अच्छे से जाने बिना की డ్డR बातें सुनकर उसके प्रति धारणा बना लेना है मूर्खता राधे राधे 8You Tubelmoral8uruಳ5 हिन्दी सुविचार MORAL SUpU 8 कहते माधव किसी व्यक्ति को अच्छे से जाने बिना की డ్డR बातें सुनकर उसके प्रति धारणा बना लेना है मूर्खता राधे राधे 8You Tubelmoral8uruಳ5 - ShareChat
#🙏सुविचार📿 #🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #❤️जीवन की सीख #🌸पॉजिटिव मंत्र
🙏सुविचार📿 - !! भोजन कात्याग करने से ईश्वर कभी खुश नहीं होते अगर त्याग करना ही है तो गंदे विचार, अहंकार, और गंदे कर्मों का ಹfv ! !! भोजन कात्याग करने से ईश्वर कभी खुश नहीं होते अगर त्याग करना ही है तो गंदे विचार, अहंकार, और गंदे कर्मों का ಹfv ! - ShareChat
#👀रोमांचक कहानियाँ 🕵️‍♂️ #📗प्रेरक पुस्तकें📘
👀रोमांचक कहानियाँ 🕵️‍♂️ - मिठाई की दुकान कर्म का फल एक बार की कथा है, देवऋषि नारद और ऋषि अंगिरा कहीं जा रहे थे। रास्ते में उनकी नजर एक मिठाई की दुकान पर नजदीक ही झूठी पतलों का ढेर लगा हुआ புSI दुकान के झूठन को खाने के लिए जैसे ही एक कुत्ता आता है, II 3 बैसे ही उस दुकान का मालिक उसको जोर से डन्डा मारता है। डन्डे की मार खा कर कुत्ता चीखता हुआ वहाँ से चला जाता है। ये दृश्य देख कर, देवऋषि को हंसी आ गयी। ऋषि अन्गरा ने उन से हंसी का कारण पूछा, नारद बोलेः हे ऋषिवर ! यह दुकान पहले एक कन्जूस व्यक्ति की थी। अपनी जिंदगी में उसने बहुत सारा पैसा इकट्ठा किया। और इस जन्म में वो कुत्ता बन कर पैदा हुआ और यह दुकान ने बेशुमार पुत्र है, देखें ! जिस के लिए उस मालिक उसी का धन इकट्ठा किया। आज उसी के हाथों से, उसे जूठा भोजन भी नहीं मिल सका। कर्मफल के इस खेल को देखकर मुझे हंसी आ गई। मनुष्य को अपने शुभ और अशुभ करमों का फल जरूर मिलता है। बेशक इस लिए उसे जन्मों जन्मों की यात्रा क्यों न करनी पडे़े। मिठाई की दुकान कर्म का फल एक बार की कथा है, देवऋषि नारद और ऋषि अंगिरा कहीं जा रहे थे। रास्ते में उनकी नजर एक मिठाई की दुकान पर नजदीक ही झूठी पतलों का ढेर लगा हुआ புSI दुकान के झूठन को खाने के लिए जैसे ही एक कुत्ता आता है, II 3 बैसे ही उस दुकान का मालिक उसको जोर से डन्डा मारता है। डन्डे की मार खा कर कुत्ता चीखता हुआ वहाँ से चला जाता है। ये दृश्य देख कर, देवऋषि को हंसी आ गयी। ऋषि अन्गरा ने उन से हंसी का कारण पूछा, नारद बोलेः हे ऋषिवर ! यह दुकान पहले एक कन्जूस व्यक्ति की थी। अपनी जिंदगी में उसने बहुत सारा पैसा इकट्ठा किया। और इस जन्म में वो कुत्ता बन कर पैदा हुआ और यह दुकान ने बेशुमार पुत्र है, देखें ! जिस के लिए उस मालिक उसी का धन इकट्ठा किया। आज उसी के हाथों से, उसे जूठा भोजन भी नहीं मिल सका। कर्मफल के इस खेल को देखकर मुझे हंसी आ गई। मनुष्य को अपने शुभ और अशुभ करमों का फल जरूर मिलता है। बेशक इस लिए उसे जन्मों जन्मों की यात्रा क्यों न करनी पडे़े। - ShareChat
#🌙 गुड नाईट #💐फूलों वाली शुभकामनाएं🌹 #💕दिल वाली शुभकामनाएं #❤️शुभकामना सन्देश
🌙 गुड नाईट - 6`00 Nigit 6`00 Nigit - ShareChat
#🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩 #jai hnuman 🙏 # Jai shree Ram 🙏 #🙏प्रातः वंदन
🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩 - हनुमान जी कहते हैँ देर लगेगी मगर सही होगा तुम्हें जो चाहिए वही होगा, दिन बुरे हैं जिंदगी नहीं इसलिए सब्र रखो सब सही होगा...! iGय श्री २एम | हनुमान जी कहते हैँ देर लगेगी मगर सही होगा तुम्हें जो चाहिए वही होगा, दिन बुरे हैं जिंदगी नहीं इसलिए सब्र रखो सब सही होगा...! iGय श्री २एम | - ShareChat
#🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #🌸पॉजिटिव मंत्र
🌸 सत्य वचन - नइ धारा 751 एक पुरुष की Sஎsி  ' हुई दृष्टि, स्री को कई उलझनों से उबार लेती है। " -मन्न भंडारी नइ धारा 751 एक पुरुष की Sஎsி  ' हुई दृष्टि, स्री को कई उलझनों से उबार लेती है। " -मन्न भंडारी - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #👍स्पेशल शायरी🖋 #👍स्पेशल शायरी🖋 #💞Heart touching शायरी✍️ #🖊️दर्द शायरी स्टेटस 💔
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - उसका वादा भी अजीब था की ज़िंदगी भर साथ निभाएंगे मैंने भी ये नहीं पूछा की मोहब्बत के साथ, या यादों के साथ !! उसका वादा भी अजीब था की ज़िंदगी भर साथ निभाएंगे मैंने भी ये नहीं पूछा की मोहब्बत के साथ, या यादों के साथ !! - ShareChat
#✍प्रेमचंद की कहानियां #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📓 हिंदी साहित्य #✍मेरे पसंदीदा लेखक #✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍प्रेमचंद की कहानियां - संतान वह सबसे कठिन परीक्षा है जो ईश्वर ने मनुष्य को परखने के लिए गढ़ी है। प्रेमचंद उम्दा_ पंक्तियां g9it संतान वह सबसे कठिन परीक्षा है जो ईश्वर ने मनुष्य को परखने के लिए गढ़ी है। प्रेमचंद उम्दा_ पंक्तियां g9it - ShareChat