Dil hai shayar
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रंगों में वो रंग कहां जैसे रंग लोग बदलते हैं
#🚩नीम करोली बाबा 🙏 #✍मेरे पसंदीदा लेखक
🚩नीम करोली बाबा 🙏 - जयबाबानीम्करौली जयश्री रम लेखक आदर्श दीक्षित মলী ওম मुझे ले जहां में बाबा #శల जिस जहां में जरूरत है जिन आंखों से देखूं मैं आपकी छवि वो आंखें मेरी मां की तरह खूबसूरत हो। जयबाबानीम्करौली जयश्री रम लेखक आदर्श दीक्षित মলী ওম मुझे ले जहां में बाबा #శల जिस जहां में जरूरत है जिन आंखों से देखूं मैं आपकी छवि वो आंखें मेरी मां की तरह खूबसूरत हो। - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - साधु के इस भेस में शेर हमारा बैठा है। अब डरने की क्या जरूरत ये भारत मां का बेटा है जयश्री लेखक आदर्श दीक्षित राम जयश्री राम साधु के इस भेस में शेर हमारा बैठा है। अब डरने की क्या जरूरत ये भारत मां का बेटा है जयश्री लेखक आदर्श दीक्षित राम जयश्री राम - ShareChat
#🚩नीम करोली बाबा 🙏 #✍मेरे पसंदीदा लेखक
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#🚩नीम करोली बाबा 🙏 #✍मेरे पसंदीदा लेखक
🚩नीम करोली बाबा 🙏 - 94 तेरे पैरों की धूल बन जाऊं मैं।  तेरे मंदिर का फूल बन जाऊं मैं लेखक आदर्श अगर हो जाए आपकी दीक्षित कृपा बाबा तो जयश्रा राम सारी जिंदगी आपके ही गुण गांऊ में। 94 तेरे पैरों की धूल बन जाऊं मैं।  तेरे मंदिर का फूल बन जाऊं मैं लेखक आदर्श अगर हो जाए आपकी दीक्षित कृपा बाबा तो जयश्रा राम सारी जिंदगी आपके ही गुण गांऊ में। - ShareChat
#🚩नीम करोली बाबा 🙏 #✍मेरे पसंदीदा लेखक
🚩नीम करोली बाबा 🙏 - लेखक आदर्श  दीक्षित जय श्री राम मैं आया आपके चरणों में जब तो दिल को शांति मिली मिला सुकून तन बदन को एक पल के लिए जैसे मुझे नई जिंदगी मिली लेखक आदर्श  दीक्षित जय श्री राम मैं आया आपके चरणों में जब तो दिल को शांति मिली मिला सुकून तन बदन को एक पल के लिए जैसे मुझे नई जिंदगी मिली - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - मेहंदी हाथों में उनके बड़ी ही कच लगती है। बिंदी माथे पर उनके गजब लगती है नाक के का तो 7 ISHII होठों पर लाली तो कहर लगती है। लेखक आदर्श दीक्षित मेहंदी हाथों में उनके बड़ी ही कच लगती है। बिंदी माथे पर उनके गजब लगती है नाक के का तो 7 ISHII होठों पर लाली तो कहर लगती है। लेखक आदर्श दीक्षित - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - एक आखरी बार आऊंगा देख आखरी बार आऊंगा | तेरी शादी का लहंगा मैं ঔণন মাথ লাজ্ঘা| भीड़ भाड़ होगी तेरे इर्द - गिर्द फिर भी मैं, रंग बिरंगी कांच की चूड़ियां अपने हाथों से तुझे पहनाऊंगा | जब करेंगे सवाल लोग तुझसे मेरे बारे में , तुम बस खामोशी से मुस्कुरा देना। मैं सर पर टोकरी रखकर ತ್ वाला बन जाऊंगा | लेखक आदर्श दीक्षित एक आखरी बार आऊंगा देख आखरी बार आऊंगा | तेरी शादी का लहंगा मैं ঔণন মাথ লাজ্ঘা| भीड़ भाड़ होगी तेरे इर्द - गिर्द फिर भी मैं, रंग बिरंगी कांच की चूड़ियां अपने हाथों से तुझे पहनाऊंगा | जब करेंगे सवाल लोग तुझसे मेरे बारे में , तुम बस खामोशी से मुस्कुरा देना। मैं सर पर टोकरी रखकर ತ್ वाला बन जाऊंगा | लेखक आदर्श दीक्षित - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - तेरी जुरल्फों को अंधेरा , तेरे पलकों को बादल लिख दूंl ئ7f<4 ೯೯? का वादा मुझे। मैं तुझे डॉक्टर, खुद को fati UIIG लेखक आदर्श दीक्षित तेरी जुरल्फों को अंधेरा , तेरे पलकों को बादल लिख दूंl ئ7f<4 ೯೯? का वादा मुझे। मैं तुझे डॉक्टर, खुद को fati UIIG लेखक आदर्श दीक्षित - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - लिए लिखना है तुम्हारे 4R#1943/ तुम्हारे मुझे जो भी, लिखना है बेहद सरल लिखना है। ये कलम रुक, जाएगी 4# जाएंगे। थक पर मुझे शब्दों को बेहतर लिखना है। तुम्हारी तारीफ में, बहुत कुछ मुझे अलग लिखना है। हां आज फिर तेरी तारीफ, मे मुझे खूबसूरत ग़ज़ल लिखना है। लेखक आदर्श दीक्षित लिए लिखना है तुम्हारे 4R#1943/ तुम्हारे मुझे जो भी, लिखना है बेहद सरल लिखना है। ये कलम रुक, जाएगी 4# जाएंगे। थक पर मुझे शब्दों को बेहतर लिखना है। तुम्हारी तारीफ में, बहुत कुछ मुझे अलग लिखना है। हां आज फिर तेरी तारीफ, मे मुझे खूबसूरत ग़ज़ल लिखना है। लेखक आदर्श दीक्षित - ShareChat
#✍मेरे पसंदीदा लेखक
✍मेरे पसंदीदा लेखक - तेरे झुमके की मैं, स्पेशल डिजाइन बनाऊंगा | हार्थों से अपने, मैं பு6எ்I ٤٤ पैरों में तेरे, काला काला धागा टीका मैं तेरे माथे पर लगाऊंगा | सजाऊंगा तुझे उस उम्र मे भी मैं, जब मेरे हाथ कांपेंगे। से मैं, तेरे लिए हर कांपते মাথী सुबह स्पेशल चाय बनाऊंगा | लेखक आदर्श दीक्षित तेरे झुमके की मैं, स्पेशल डिजाइन बनाऊंगा | हार्थों से अपने, मैं பு6எ்I ٤٤ पैरों में तेरे, काला काला धागा टीका मैं तेरे माथे पर लगाऊंगा | सजाऊंगा तुझे उस उम्र मे भी मैं, जब मेरे हाथ कांपेंगे। से मैं, तेरे लिए हर कांपते মাথী सुबह स्पेशल चाय बनाऊंगा | लेखक आदर्श दीक्षित - ShareChat