Ajay Kumar
ShareChat
click to see wallet page
@14804217
14804217
Ajay Kumar
@14804217
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#🌸गुरु रविदास जयंती🙏
🌸गुरु रविदास जयंती🙏 - ShareChat
00:59
#🌸गुरु रविदास जयंती🙏
🌸गुरु रविदास जयंती🙏 - संत रविदास का जीवन परिचय Wren 6 Uday गोवर्धनपुरा(वाराणसी) जन्मस्थान অন্স= 1388 যা 13983. সন্দু= 15283. 3 मृत्युस्थान= वाराणसी  उपनाम= रैदास 8 క पिता= सन्तोरव दास সানা= কলমা নীী शिष्या= मीराबाई भक्ति= निर्गुण ब्रह्म की जाति= चमार(जाटव) afr-asn-e गुरु= रामानंद और कबीर साहेब पेशा= संत दार्शनिक समाज सुधारक मोची औरभगवान भाषाशैली= अवधी राजस्थानी खड़ीबोली उर्दू फारसी  संत रविदास के जन्म के विषय में सामान्यपरिचय - विद्वान विभिन्न भ्रांतियां हैं। कुछ इनका जन्म १३७७ईः নিম্লান 1398$. সানন ;1 तथा कुछ १३८८ई.तथा कुछ रैदास ने साधु संतों की संगति से पर्याप्त व्यवहारिक  निर्गुण संप्रदाय के बहुत प्रसिद्ध বান সাদ ক্িমা থাI ঐ संत तथा कबीर के समकालीन थे। रविदास की वाणी भक्ति की सच्ची भावना समाज के व्यापक हितकारी तथा मानव प्रेम से ओतनप्रोत थी। मूर्तिपूजा तीर्थयात्रा  विश्वास जैसे दिखावों में रविदास का बिल्कुल भी ন থাI वह व्यक्ति की आंतरिक भावनाओं और आपसी भाईचारे को ही सच्चा धर्म मानते थे। रैदास ने अपनी व्यावहारिक भाषा का प्रयोग किया काव्य रचना में सरल रैदास को उपमा और रूपक अलंकार विशेष प्रिय 84 रहे हैं। सीधेनसादे पदों में संत कवि ने हृदय के भाव बड़ी सफार्ड सेःप्रकट किए हैं संत रविदास का जीवन परिचय Wren 6 Uday गोवर्धनपुरा(वाराणसी) जन्मस्थान অন্স= 1388 যা 13983. সন্দু= 15283. 3 मृत्युस्थान= वाराणसी  उपनाम= रैदास 8 క पिता= सन्तोरव दास সানা= কলমা নীী शिष्या= मीराबाई भक्ति= निर्गुण ब्रह्म की जाति= चमार(जाटव) afr-asn-e गुरु= रामानंद और कबीर साहेब पेशा= संत दार्शनिक समाज सुधारक मोची औरभगवान भाषाशैली= अवधी राजस्थानी खड़ीबोली उर्दू फारसी  संत रविदास के जन्म के विषय में सामान्यपरिचय - विद्वान विभिन्न भ्रांतियां हैं। कुछ इनका जन्म १३७७ईः নিম্লান 1398$. সানন ;1 तथा कुछ १३८८ई.तथा कुछ रैदास ने साधु संतों की संगति से पर्याप्त व्यवहारिक  निर्गुण संप्रदाय के बहुत प्रसिद्ध বান সাদ ক্িমা থাI ঐ संत तथा कबीर के समकालीन थे। रविदास की वाणी भक्ति की सच्ची भावना समाज के व्यापक हितकारी तथा मानव प्रेम से ओतनप्रोत थी। मूर्तिपूजा तीर्थयात्रा  विश्वास जैसे दिखावों में रविदास का बिल्कुल भी ন থাI वह व्यक्ति की आंतरिक भावनाओं और आपसी भाईचारे को ही सच्चा धर्म मानते थे। रैदास ने अपनी व्यावहारिक भाषा का प्रयोग किया काव्य रचना में सरल रैदास को उपमा और रूपक अलंकार विशेष प्रिय 84 रहे हैं। सीधेनसादे पदों में संत कवि ने हृदय के भाव बड़ी सफार्ड सेःप्रकट किए हैं - ShareChat
#🌸गुरु रविदास जयंती🙏
🌸गुरु रविदास जयंती🙏 - Sharechat @Amir bansall मन चंगा तो कठौती मै गंगा! सुंत शिरोमणि ूगुरु रविदासु जी जयन्ती கிளிகே शुभकामनाएं। जय गुरु रविदास जी। Sharechat @Amir bansall मन चंगा तो कठौती मै गंगा! सुंत शिरोमणि ूगुरु रविदासु जी जयन्ती கிளிகே शुभकामनाएं। जय गुरु रविदास जी। - ShareChat
#🌸गुरु रविदास जयंती🙏
🌸गुरु रविदास जयंती🙏 - 30 मानवता का संदेश देने वाले महामानव संत शिरोमणि गुरु रविदास जीकी जयती पर कोटिन्कोटि नमन गौरीशकुमार (विधानसभा आलापुर ) 30 मानवता का संदेश देने वाले महामानव संत शिरोमणि गुरु रविदास जीकी जयती पर कोटिन्कोटि नमन गौरीशकुमार (विधानसभा आलापुर ) - ShareChat
#🌸गुरु रविदास जयंती🙏
🌸गुरु रविदास जयंती🙏 - ShareChat
00:32
#🌸गुरु रविदास जयंती🙏
🌸गुरु रविदास जयंती🙏 - ShareChat
00:11
#🌸गुरु रविदास जयंती🙏
🌸गुरु रविदास जयंती🙏 - ShareChat
00:09
#🌸गुरु रविदास जयंती🙏
🌸गुरु रविदास जयंती🙏 - ShareChat
00:11
#🌸गुरु रविदास जयंती🙏
🌸गुरु रविदास जयंती🙏 - ShareChat
00:16
#🌸गुरु रविदास जयंती🙏
🌸गुरु रविदास जयंती🙏 - ShareChat
00:10