PCRS Gupta
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#🙏जय माता दी📿
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#🙏गांधी जयंती Coming soon 😊
🙏गांधी जयंती Coming soon 😊 - Unexpected Collab On 2nd October ]]0}] "5. Jr] /r]Hai" Isabmohmayahai 1 Ek Ko Shree Ram Ne Mara, Dusre Ko Nathuram Ne! Unexpected Collab On 2nd October ]]0}] "5. Jr] /r]Hai" Isabmohmayahai 1 Ek Ko Shree Ram Ne Mara, Dusre Ko Nathuram Ne! - ShareChat
#🙏महागौरी🌷 #🙏जय माता दी📿 #🙏शुभ नवरात्रि💐 #🙏नवरात्रि Status🙏 #🙏देवी ब्रम्हचारिणी🪔
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00:15
#🙏देवी ब्रम्हचारिणी🪔
🙏देवी ब्रम्हचारिणी🪔 - சஸ नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का विशेष महत्व बताया गया है, 440- उनकी उपासना करने से व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता और घर॰परिवार समृद्धि प्राप्त होती है,  ब्रह्म' का अर्थ है तप और चारिणी' का अर्थ है उसका पालन करने वाली, यानी मां ब्रह्मचारिणी तप और संयम का आचरण करने वाली देवी हैं। की पूजा  ० मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि - मां ब्रह्मचारिणी करते समय सबसे पहले हाथ में फूल लेकर उनका ध्यान करें और मंत्र उच्चारण के साथ प्रार्थना करें , इसके बाद देवी को पंचामृत से स्नान कराएं, फिर कुमकुम, अक्षत, सिंदूर और अलग अलग तरह् के फूल अर्पित करें, मां को सफेद और सुगंधित फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है, इसके बाद देवी को प्रसाद अर्पित करें और आचमन करें, प्रसाद के बाद पान-सुपारी भेंट करें और तीन बार अपनी जगह खड़े होकर परिक्रमा करें, पूजा पूर्ण होने पर घी और कपूर से आरती करें, अंत में क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद सभी भक्तों में बांट दें। मंत्र - ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः, ऊँ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः। ब्रह्मचारयितुम शीलम यस्या सा ब्रह्मचारिणी। च विश्वरूपा नमोस्तुते। सुशीला सच्चीदानन्द सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। या देवी नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। दधाना कर प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।  देवी ब्रह्मचारिणी के प्रिय भोग और महत्व - मां को नवरात्रि के दूसरे दिन मीठा भोग সা अर्पित किया जाता है॰ इस दिन देवी को चीनी जाती है॰ इस भोग से भक्त को বরাহ  लंबी आयु, सफलता व जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। संयम और शक्ति की रूप हैं मां ब्रह्मचारिणी - मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से साधक में तप, संयम और शक्ति का विकास होता है, उनकी पूजा करने से मन शांत करते हैं बैहीं जीवन में सुख- নিম্া और एकाग्र रहता है, स्ट्रूडेंट्स ज्ञान और ٩ সিলনা समृद्धि और बाधाओं पर विजय का आशीर्वाद है। சஸ नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का विशेष महत्व बताया गया है, 440- उनकी उपासना करने से व्यक्ति को हर क्षेत्र में सफलता और घर॰परिवार समृद्धि प्राप्त होती है,  ब्रह्म' का अर्थ है तप और चारिणी' का अर्थ है उसका पालन करने वाली, यानी मां ब्रह्मचारिणी तप और संयम का आचरण करने वाली देवी हैं। की पूजा  ० मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि - मां ब्रह्मचारिणी करते समय सबसे पहले हाथ में फूल लेकर उनका ध्यान करें और मंत्र उच्चारण के साथ प्रार्थना करें , इसके बाद देवी को पंचामृत से स्नान कराएं, फिर कुमकुम, अक्षत, सिंदूर और अलग अलग तरह् के फूल अर्पित करें, मां को सफेद और सुगंधित फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है, इसके बाद देवी को प्रसाद अर्पित करें और आचमन करें, प्रसाद के बाद पान-सुपारी भेंट करें और तीन बार अपनी जगह खड़े होकर परिक्रमा करें, पूजा पूर्ण होने पर घी और कपूर से आरती करें, अंत में क्षमा प्रार्थना कर प्रसाद सभी भक्तों में बांट दें। मंत्र - ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः, ऊँ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः। ब्रह्मचारयितुम शीलम यस्या सा ब्रह्मचारिणी। च विश्वरूपा नमोस्तुते। सुशीला सच्चीदानन्द सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। या देवी नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। पद्माभ्याम अक्षमाला कमण्डलू। दधाना कर प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।।  देवी ब्रह्मचारिणी के प्रिय भोग और महत्व - मां को नवरात्रि के दूसरे दिन मीठा भोग সা अर्पित किया जाता है॰ इस दिन देवी को चीनी जाती है॰ इस भोग से भक्त को বরাহ  लंबी आयु, सफलता व जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का आशीर्वाद प्राप्त होता है। संयम और शक्ति की रूप हैं मां ब्रह्मचारिणी - मां ब्रह्मचारिणी की आराधना से साधक में तप, संयम और शक्ति का विकास होता है, उनकी पूजा करने से मन शांत करते हैं बैहीं जीवन में सुख- নিম্া और एकाग्र रहता है, स्ट्रूडेंट्स ज्ञान और ٩ সিলনা समृद्धि और बाधाओं पर विजय का आशीर्वाद है। - ShareChat
#🙏देवी शैलपुत्री 🪔 #🙏नवरात्रि Status🙏 #🙏शुभ नवरात्रि💐 #🙏जय माता दी📿
🙏देवी शैलपुत्री 🪔 - तिथि प्रिय भोग नवरत्रि वस्त्र रग 92 মিননয पहली शैलपुत्री ঠায় ক ঘী பள 23 মিননয  ब्रह्मचारिणी शक्कर, पंचामृत दूसरी  हर दूध से बनी मिठाई २४ सितंबर तीसरी चंद्रघंटा RI 26 [ಗೆಯ चौथी कुष्मांडा नारंगी Hicgg কল २७ सितंबर पांचवीं स्कंदमाता सफेद 28 মিননয  छठी कात्यायनी शहद, मीठा पान লাল सातवीं कालरात्रि 29 মিননয नीला 35 ३० सितंबर आठवीं महागौरी नारियल गुलाबी नौवी सिद्धिदात्री हलवा पूड़ी ०१ अक्टूबर जामुनी urlli तिथि प्रिय भोग नवरत्रि वस्त्र रग 92 মিননয पहली शैलपुत्री ঠায় ক ঘী பள 23 মিননয  ब्रह्मचारिणी शक्कर, पंचामृत दूसरी  हर दूध से बनी मिठाई २४ सितंबर तीसरी चंद्रघंटा RI 26 [ಗೆಯ चौथी कुष्मांडा नारंगी Hicgg কল २७ सितंबर पांचवीं स्कंदमाता सफेद 28 মিননয  छठी कात्यायनी शहद, मीठा पान লাল सातवीं कालरात्रि 29 মিননয नीला 35 ३० सितंबर आठवीं महागौरी नारियल गुलाबी नौवी सिद्धिदात्री हलवा पूड़ी ०१ अक्टूबर जामुनी urlli - ShareChat
#🙏देवी शैलपुत्री 🪔
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#🙏शुभ नवरात्रि💐 #🙏जय माता दी📿 #🙏नवरात्रि Status🙏
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चार युगों में गणपति के #गणपति बप्पा मोरिया चार अवतार
गणपति बप्पा मोरिया - चारों युगों में गणपति के 4 अवतार सतयुगः इस युग में , भगवान गणेश को महोत्कट विनायक के रूप में जाना जाता सिंह 3444 था। उनका वाहन था भुजाओं वाले थे। त्रेतायुग  त्रेतायुगः স, সানান যণীথা ক্ষী मयूरेश्वर के रूप में पूजा जाता था। उनका वाहन मयूर (मोर) था और वे छ्ह भुजाओं वाले थे। द्वापरयुगः द्वापरयुग में , भगवान गणेश को गजानन के रूप में जाना जाता था। उनका वाहन मूषक (चूहा) था और वे चार भुजाओं वाले थे। कलयुगः कलयुग में , भगवान गणेश को धूम्रकेतु के रूप में पूजा जाएगा। उनका  वाहन नीला घोडा होगा और वे दो भुजाओं वाले होंगे। चारों युगों में गणपति के 4 अवतार सतयुगः इस युग में , भगवान गणेश को महोत्कट विनायक के रूप में जाना जाता सिंह 3444 था। उनका वाहन था भुजाओं वाले थे। त्रेतायुग  त्रेतायुगः স, সানান যণীথা ক্ষী मयूरेश्वर के रूप में पूजा जाता था। उनका वाहन मयूर (मोर) था और वे छ्ह भुजाओं वाले थे। द्वापरयुगः द्वापरयुग में , भगवान गणेश को गजानन के रूप में जाना जाता था। उनका वाहन मूषक (चूहा) था और वे चार भुजाओं वाले थे। कलयुगः कलयुग में , भगवान गणेश को धूम्रकेतु के रूप में पूजा जाएगा। उनका  वाहन नीला घोडा होगा और वे दो भुजाओं वाले होंगे। - ShareChat
4 सितंबर को जन्मे व्यक्ति #4 सितंबर को जन्मे व्यक्ति#
4 सितंबर को जन्मे व्यक्ति# - सितंबर को जन्मे व्यक्ति 4 गौरव गोगोई - भारतीय राज्य असम से 1982 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ हैं। कुमार शिंदे भारतीय राजनीतिज्ञ।  सुशील  1941 भारतीय फ़िल्म अभिनेता, फ़िल्म ऋषि कपूर 1952 निर्माता और निर्देशक थे। किरण मोरे - भारतीय क्रिकेटर हैं। 1962 लांस क्लूजनर - दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेटर।  1971 १९२४ - के. वी॰ रघुनाथ रेड्डी - भारतीय राजनीतिज्ञ थे। ब्रज कुमार नेहरू  प्रथम प्रधानमंत्री 1909  जवाहरलाल नेहरू के चचेरे भाई बृजलाल और रामेश्वरी नेहरू के पुत्र थे।  नंददुलारे वाजपेयी - हिन्दी के प्रसिद्ध पत्रकार 1906 समीक्षक, साहित्यकार, आलोचक तथा सम्पादक थे। १९०४ - प्रेमेन्द्र मित्र - बंगाली कवि, लेखक तथा फ़िल्म निर्देशक थे। १८९५ - सियारामशरण गुप्त - हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। प्रसिद्ध दादा भाई नौरोजी  भारत के 1825 राजनीतिज्ञ थे। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के भूपेंद्रनाथ दत्त 1880 प्रसिद्द्र क्रांतिकारी लेखक तथा समाजशास्त्री थे। सितंबर को जन्मे व्यक्ति 4 गौरव गोगोई - भारतीय राज्य असम से 1982 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ हैं। कुमार शिंदे भारतीय राजनीतिज्ञ।  सुशील  1941 भारतीय फ़िल्म अभिनेता, फ़िल्म ऋषि कपूर 1952 निर्माता और निर्देशक थे। किरण मोरे - भारतीय क्रिकेटर हैं। 1962 लांस क्लूजनर - दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेटर।  1971 १९२४ - के. वी॰ रघुनाथ रेड्डी - भारतीय राजनीतिज्ञ थे। ब्रज कुमार नेहरू  प्रथम प्रधानमंत्री 1909  जवाहरलाल नेहरू के चचेरे भाई बृजलाल और रामेश्वरी नेहरू के पुत्र थे।  नंददुलारे वाजपेयी - हिन्दी के प्रसिद्ध पत्रकार 1906 समीक्षक, साहित्यकार, आलोचक तथा सम्पादक थे। १९०४ - प्रेमेन्द्र मित्र - बंगाली कवि, लेखक तथा फ़िल्म निर्देशक थे। १८९५ - सियारामशरण गुप्त - हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। प्रसिद्ध दादा भाई नौरोजी  भारत के 1825 राजनीतिज्ञ थे। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के भूपेंद्रनाथ दत्त 1880 प्रसिद्द्र क्रांतिकारी लेखक तथा समाजशास्त्री थे। - ShareChat
4 सितंबर के अपडेट #जानिए आज का इतिहास ❓❓ #आज का इतिहास🔥
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