#Secret_Facts_OnChristmas
परमेश्वर अमर है, लेकिन ईसा मसीह जी की मृत्यु हुई
हजरत ईसा मसीह की मृत्यु पूर्व ही निर्धारित थी। स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरे बारह शिष्यों में से ही एक मुझे विरोधियों को पकड़वाएगा। एक ईसा मसीह का खास यहूंदा इकसरौती नामक शिष्य था, जिसने तीस रूपये के लालच #🙏गुरु महिमा😇 में अपने गुरु जी को विरोधियों के हवाले कर दिया।
(मत्ती 26ः24-55 पृष्ठ 42-44)
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#अन्नपूर्णा_मुहिम_बनी_वरदान
अन्नपूर्णा मुहिम: एक सहारा
पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी की 'अन्नपूर्णा मुहिम' के माध्यम से गुजरात के अनेकों गरीब असहाय परिवारों को मिल रही अद्भुत सहायता।
यह मुहिम विपदा में फंसे लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
Annapurna Muhim YtChannel #🙏गुरु महिमा😇
इंटरनेशनल टीम इंडिया के चेयरमैन रणबीर लोहान ने कहा कि संत रामपाल जी महाराज जी ने किसान मसीहा/भगवान के रूप में चमत्कार किया है। उन्होंने बाढ़ से किसान और मजदूर परिवारों को उबारा। अगली गेहूँ की फसल उन्हीं की वजह से आएगी। उन्होंने 350 गाँवों को बेघर होने से बचाया, जिसके लिए हम सब और सरकार भी उनके ऋणी हैं #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
#kalyug #satyug #goldenage #help #humanity #Kindness #AnnapurnaMuhim #heaven #SantRampalJiMaharaj
#MessiahOf_TheFarmers
बाढ़ पीड़ित गाँव जींद के किलाजफरगढ़ को संत रामपाल जी महाराज जी की तरफ से 22000 फीट (8 इंची) पाइप, 2 (10 हॉर्स पावर की मोटर) + Full Set भेजा गया।
Sant RampalJi Maharaj #🙏गुरु महिमा😇
#गीता_जयंती_पर_असली_गीतासार
गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में कहा है कि अर्जुन पूर्ण परमात्मा के तत्वज्ञान को जानने वाले तत्वदर्शी संतों के पास जा कर उनसे विनम्रता से पूर्ण परमात्मा का भक्ति मार्ग प्राप्त कर, मैं उस पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग नहीं जानता।
संत रामपाल जी महाराज ही वह तत्वदर्शी संत हैं।
Tattvadarshi Sant Rampal Ji #🙏गीता ज्ञान🛕
#यथार्थ_गीता_ज्ञान
गीता अध्याय 18, श्लोक 62
“हे अर्जुन! तू सब प्रकार से उस परम ईश्वर की ही शरण में जा। उस परमपिता परमात्मा की कृपा से ही तू परम शांति और शाश्वत स्थान- सतलोक (स्थान-धाम) को प्राप्त होगा”।
’सब प्रकार से’ का अर्थ कोई अन्य पूजा नहीं करना बल्कि मन-कर्म-वचन से केवल एक भगवान में विश्वास रखना है।
Sant Rampal Ji Maharaj #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
#यथार्थ_गीता_ज्ञान
पवित्र गीता जी अध्याय 9 श्लोक 25 में साफ लिखा है कि भूतों को पूजोगे तो भूतों की योनियों में जाओगे और पितर पूजोगे तो पितर योनि में जाओगे।
फिर क्यों आप श्राद्ध कर्म, पिंड दान आदि करते हो? ये मोक्ष मार्ग के विपरीत क्रियाएं हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏
https://youtube.com/watch?v=nMkqIafg8ek&si=cBFtMGQyzEOAKUsX #🙏आध्यात्मिक गुरु🙏









![🙏गीता ज्ञान🛕 - गीता अध्याय 4 का श्लोक ३४ तत् विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानम् ज्ञानिनः तत्त्वदर्शिनः १३४१। মনে अनुवादः पवित्र गीता बोलने वाला प्रभु कह रहा हे कि की साधना तो मनमाना आचरण उपराक्त नाना प्रकार हे। मेरे तक की साधना की अटकल लगाया ज्ञान हे परन्तु पूर्ण परमात्मा के पूर्ण मोक्ष मार्ग का मुझे গী সান नर्ही हे। उसके लिए इस मंत्र ३४ र्मे कहा है कि उस (विद्धि) समझ उन पूर्ण परमात्मा के तत) तत्वज्ञान क समाधान को जानने वाले सं्तों को वास्तविक ज्ञान गीता अध्याय श्लोक ३४ में गीता (प्रणिपातेन) भलीभाति दण्डवत् प्रणाम करनेसे उनकी ज्ञानदाता ने कहा है कि तत्वज्ञान (सेवया ) सेवा करनेसे ओर कपट छोड़कर ( परिपश्नेन) सरलतापूर्वक प्रश्न करनेसे (ते) वे (तत्वदर्शिनः ) पूर्ण ब्रह्म की प्राप्ति के लिए तत्वदर्शी संत की जानने वाले अर्थात (সানিন:] সানী तत्वदरशी कातत्व यानि बिना गुरु के शरण में जाओ महात्मा तुझे उस ( ज्ञानम्) तत्वज्ञानका ( उपदेक्ष्यन्ति) उपदेश करेंगे। (३४ ) इसी का प्रमाण गीता अध्याय 2 ज्ञान और भक्ति अधूरी है। श्लोक ७५ १६ मेभी हे। तत्वदर्शी संत् , सतगुक रा्मपाल जी मठाराज Sant Rampal Ji Maharaj संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj निःशुल्क नामदौक्षा व निःशुल्क App Download कीजिय న aSaniRampalJiMaharal +91 7496801823 Coಖrttur [ দুমক সাম কনে ক লিব মপক মুন 271SLasonDers 7/videns गीता अध्याय 4 का श्लोक ३४ तत् विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानम् ज्ञानिनः तत्त्वदर्शिनः १३४१। মনে अनुवादः पवित्र गीता बोलने वाला प्रभु कह रहा हे कि की साधना तो मनमाना आचरण उपराक्त नाना प्रकार हे। मेरे तक की साधना की अटकल लगाया ज्ञान हे परन्तु पूर्ण परमात्मा के पूर्ण मोक्ष मार्ग का मुझे গী সান नर्ही हे। उसके लिए इस मंत्र ३४ र्मे कहा है कि उस (विद्धि) समझ उन पूर्ण परमात्मा के तत) तत्वज्ञान क समाधान को जानने वाले सं्तों को वास्तविक ज्ञान गीता अध्याय श्लोक ३४ में गीता (प्रणिपातेन) भलीभाति दण्डवत् प्रणाम करनेसे उनकी ज्ञानदाता ने कहा है कि तत्वज्ञान (सेवया ) सेवा करनेसे ओर कपट छोड़कर ( परिपश्नेन) सरलतापूर्वक प्रश्न करनेसे (ते) वे (तत्वदर्शिनः ) पूर्ण ब्रह्म की प्राप्ति के लिए तत्वदर्शी संत की जानने वाले अर्थात (সানিন:] সানী तत्वदरशी कातत्व यानि बिना गुरु के शरण में जाओ महात्मा तुझे उस ( ज्ञानम्) तत्वज्ञानका ( उपदेक्ष्यन्ति) उपदेश करेंगे। (३४ ) इसी का प्रमाण गीता अध्याय 2 ज्ञान और भक्ति अधूरी है। श्लोक ७५ १६ मेभी हे। तत्वदर्शी संत् , सतगुक रा्मपाल जी मठाराज Sant Rampal Ji Maharaj संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ji Maharaj निःशुल्क नामदौक्षा व निःशुल्क App Download कीजिय న aSaniRampalJiMaharal +91 7496801823 Coಖrttur [ দুমক সাম কনে ক লিব মপক মুন 271SLasonDers 7/videns - 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