Mohit Yadav
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#🙏कर्म क्या है❓ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
🙏कर्म क्या है❓ - हिन्दी लेखक हरिवंशराय बच्चन जी কা সহline हारना तब अग़्वश्यक होे जाता है जब "अपनों " से हा ! और जीतना ms1s तब आवश्यक हा जता है जब लड़ाई "স9ন সা9 " স বাঁ !! সসিল সিল, ये तो मुकद्दर की बात है हम कोशिश  ही न करे ये तो गलत बात है हिन्दी लेखक हिन्दी लेखक हरिवंशराय बच्चन जी কা সহline हारना तब अग़्वश्यक होे जाता है जब "अपनों " से हा ! और जीतना ms1s तब आवश्यक हा जता है जब लड़ाई "স9ন সা9 " স বাঁ !! সসিল সিল, ये तो मुकद्दर की बात है हम कोशिश  ही न करे ये तो गलत बात है हिन्दी लेखक - ShareChat
#🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान - अनमोल सक्तियाँ 133 तुम्हें गुरूर किस बात का है ? मरने के बाद ये अपने भी छूकर हाथ धोने जाएँगे ? ग़ुरूर में इनसान को कभी इनसान नहीं दिखता, जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना . m1' ही मकान नहीं दिखता | क फे अपनी फतेह पर अगर गुरूर आने लगे॰ तो मिट्टी  ٩ ؟٥  लेना - आजकल |5 सिकंदर कहाँ है ? अगर आप किसी को छोटा  देख रहो हो तो आप या तो उसे दूर से देख रहे हो या 7  अपने गुरूर से देख रहे हो। के अंधे को हर चीज हरी नजर आती है॰ ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार सावन 73| गुरूर या अहं में डूबे व्यक्ति को उसके सभी कृत्य सही लगते हैं और अंधा बना  देते हैं | चाहे वे दूसरे व्यक्ति या समाज के नजरिए से गलत हों । ऊँचा होने का गुमान और छोटा होने का मलाल मिथ्या है, खेल खत्म होने के "amtaawannimaanaanina nn 7=75 गुस्सा / क्रोध "್ ಡ೯೫ಿ #೯೯೯೯೯ ನ೬ यदि आप सही हैं तो आपको गु़स्सा होने की जरूरत नहीं और यदि आप ক हैं तो आपको गु़स्सा होने का कोई हक नहीं । जब कोई आपके सामने गुस्से में बात करे तो उसे खामोशी के साथ ाता हे सुनिए क्योंकि गुस्से में इनसान अकसर सच बोलता है। क्रोधित रहना जलते हुए कोयले को किसी दूसरे व्यक्ति पर फेंकने की इच्छा से पकड़े रहने के समान है।यह सबसे पहले आपको ही जलाता है चुप रहना उस वक्त जब गुस्सा आए॰ क्योंकि गुस्से में बोले गए शब्द अकसर रिश्तों को खत्म कर देते हैं। बीता हुआ एक दिन एक घंटा और एक मिनट आपके पूरे जीवन में फिर कभी  लौटकर नहीं आएगा | इसलिए झगड़े और गुस्से से बचें और हर व्यक्ति से अच्छे से बोलें। जिंदगी खूबसूरत है, इसे प्यार कीजिए। कभी- कभी गु़स्सा मुसकराहट से ज्यादा खास होता है क्योंकि मुसकराहट तो लिए होती है, मगर गु़स्सा सिर्फ उसके लिए होता है, जिन्हें हम कभी खोना  सबके नहीं चाहतते। अनमोल सक्तियाँ 133 तुम्हें गुरूर किस बात का है ? मरने के बाद ये अपने भी छूकर हाथ धोने जाएँगे ? ग़ुरूर में इनसान को कभी इनसान नहीं दिखता, जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना . m1' ही मकान नहीं दिखता | क फे अपनी फतेह पर अगर गुरूर आने लगे॰ तो मिट्टी  ٩ ؟٥  लेना - आजकल |5 सिकंदर कहाँ है ? अगर आप किसी को छोटा  देख रहो हो तो आप या तो उसे दूर से देख रहे हो या 7  अपने गुरूर से देख रहे हो। के अंधे को हर चीज हरी नजर आती है॰ ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार सावन 73| गुरूर या अहं में डूबे व्यक्ति को उसके सभी कृत्य सही लगते हैं और अंधा बना  देते हैं | चाहे वे दूसरे व्यक्ति या समाज के नजरिए से गलत हों । ऊँचा होने का गुमान और छोटा होने का मलाल मिथ्या है, खेल खत्म होने के "amtaawannimaanaanina nn 7=75 गुस्सा / क्रोध "್ ಡ೯೫ಿ #೯೯೯೯೯ ನ೬ यदि आप सही हैं तो आपको गु़स्सा होने की जरूरत नहीं और यदि आप ক हैं तो आपको गु़स्सा होने का कोई हक नहीं । जब कोई आपके सामने गुस्से में बात करे तो उसे खामोशी के साथ ाता हे सुनिए क्योंकि गुस्से में इनसान अकसर सच बोलता है। क्रोधित रहना जलते हुए कोयले को किसी दूसरे व्यक्ति पर फेंकने की इच्छा से पकड़े रहने के समान है।यह सबसे पहले आपको ही जलाता है चुप रहना उस वक्त जब गुस्सा आए॰ क्योंकि गुस्से में बोले गए शब्द अकसर रिश्तों को खत्म कर देते हैं। बीता हुआ एक दिन एक घंटा और एक मिनट आपके पूरे जीवन में फिर कभी  लौटकर नहीं आएगा | इसलिए झगड़े और गुस्से से बचें और हर व्यक्ति से अच्छे से बोलें। जिंदगी खूबसूरत है, इसे प्यार कीजिए। कभी- कभी गु़स्सा मुसकराहट से ज्यादा खास होता है क्योंकि मुसकराहट तो लिए होती है, मगर गु़स्सा सिर्फ उसके लिए होता है, जिन्हें हम कभी खोना  सबके नहीं चाहतते। - ShareChat
#🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान - लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है चढ़ती दीवारों पर॰ सो फिसलती है बार विश्वास रगों में साहस भरता है मन का @ 5 गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है चढकर 3 आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती g fy गोताखोर लगाता है डबकियां जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है चढ़ती दीवारों पर॰ सो फिसलती है बार विश्वास रगों में साहस भरता है मन का @ 5 गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है चढकर 3 आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती g fy गोताखोर लगाता है डबकियां जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓
🙏कर्म क्या है❓ - ऐ मालिक तेरे बन्दे हम ऐ मालिक तेरे वन्दे हम , ऐसे हो हमारे करम नेकी पर चले और बदी से डरे , ताकि हंसते हुए निकले दम, ए मालिक तेरे बन्दे हम.. ये अन्धेरा घना छा रहा, तेरा इन्सान घबरा रहा, हो रहा बेखबर , कुछ न आता नजर , सुख का सूरज छुपा जा रहा, है तेरी रोशनी मे जो दम , तू अमावस को कर दे पूनम, नेकी पर चले और बदी से टले, ताकि हंसते हुए निकले दम, ऐ मालिक तेरे बन्दे हम.. a बड़ा कमजोर है आदमी , अभी लाखों हैं इसमे कमी , पर तू जो खडा , है दयालु बडा , तेरी कृपा से धरती थमी , दिया तूने हमे जब जन्म, तू ही झेलेगा हम सबके गम, नेकी. तब तू ही हमे थामना, जब जुल्मो का हो सामना , वो बुराई करे , हम भलाई करे ,  नही बदले की हो भावना बढ़ उठे प्यार का हर कदम , और मिटे बैर का ये भरम, नेकी. राष्ट गान जन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता পলান;  सिन्ध, गुजरात, मराठा, द्राविड़, उत्कल, बंग। विन्ध्य, हिमाचल , यमुना, गंगा , उच्छल जलधि तरंग | तब शुभ नामे जागे , तब शुभ आशीष मांगे , गाहें तब जय गाथा जन-गण  मंगलदायक जय हे, भारत भाग्य विधाता जय हे, जय हे, जय हे , সময ನೌ; जय, जय, ह। ऐ मालिक तेरे बन्दे हम ऐ मालिक तेरे वन्दे हम , ऐसे हो हमारे करम नेकी पर चले और बदी से डरे , ताकि हंसते हुए निकले दम, ए मालिक तेरे बन्दे हम.. ये अन्धेरा घना छा रहा, तेरा इन्सान घबरा रहा, हो रहा बेखबर , कुछ न आता नजर , सुख का सूरज छुपा जा रहा, है तेरी रोशनी मे जो दम , तू अमावस को कर दे पूनम, नेकी पर चले और बदी से टले, ताकि हंसते हुए निकले दम, ऐ मालिक तेरे बन्दे हम.. a बड़ा कमजोर है आदमी , अभी लाखों हैं इसमे कमी , पर तू जो खडा , है दयालु बडा , तेरी कृपा से धरती थमी , दिया तूने हमे जब जन्म, तू ही झेलेगा हम सबके गम, नेकी. तब तू ही हमे थामना, जब जुल्मो का हो सामना , वो बुराई करे , हम भलाई करे ,  नही बदले की हो भावना बढ़ उठे प्यार का हर कदम , और मिटे बैर का ये भरम, नेकी. राष्ट गान जन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता পলান;  सिन्ध, गुजरात, मराठा, द्राविड़, उत्कल, बंग। विन्ध्य, हिमाचल , यमुना, गंगा , उच्छल जलधि तरंग | तब शुभ नामे जागे , तब शुभ आशीष मांगे , गाहें तब जय गाथा जन-गण  मंगलदायक जय हे, भारत भाग्य विधाता जय हे, जय हे, जय हे , সময ನೌ; जय, जय, ह। - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓
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#🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - जयगुरुदेव ।। ]] सत्संग को गंगा बहती है गुरुदेव तुम्हारे चरणों में स्वामीजी काआदेश प्रार्थना रोज होनी चाहिये सतसंग की गंगा बहती है, चरणों में। गुरुदेव বুদ্কাই चरणों में। फल मिलता है उस तीरथ  का तुम्हारे  कल्याण मैं जनम जनम तक भरमा हूँ तब शरण आपकी आया हूँ भूले भटके जीवों का कल्याण  चरणों में। तुम्हारे इन का दुख मिटाते हो, देव दिव्य परखाते हो। दुखियों  सब आवागमन मिटाते हो, है मोक्ष चरणों में। तुम्हारे  एक बार जो दर्शन पाता हूँ॰ बस आपका ही हो जाता हूँ । प्रीति है, हैं धन्य तुम्हारे चरणों में। বুদ্কাযী क्या गुप्त जन्म का भूला शरण पड़ा , तब आय के तुम्हरे द्वार खड़ा। काटो सकल बन्धन मेरा , निर्मल चरणों में। तुम्हारे सद्गुरुदेव भगवान की जय 35 ৪ী जयगुरुदेव ।। ]] सत्संग को गंगा बहती है गुरुदेव तुम्हारे चरणों में स्वामीजी काआदेश प्रार्थना रोज होनी चाहिये सतसंग की गंगा बहती है, चरणों में। गुरुदेव বুদ্কাই चरणों में। फल मिलता है उस तीरथ  का तुम्हारे  कल्याण मैं जनम जनम तक भरमा हूँ तब शरण आपकी आया हूँ भूले भटके जीवों का कल्याण  चरणों में। तुम्हारे इन का दुख मिटाते हो, देव दिव्य परखाते हो। दुखियों  सब आवागमन मिटाते हो, है मोक्ष चरणों में। तुम्हारे  एक बार जो दर्शन पाता हूँ॰ बस आपका ही हो जाता हूँ । प्रीति है, हैं धन्य तुम्हारे चरणों में। বুদ্কাযী क्या गुप्त जन्म का भूला शरण पड़ा , तब आय के तुम्हरे द्वार खड़ा। काटो सकल बन्धन मेरा , निर्मल चरणों में। तुम्हारे सद्गुरुदेव भगवान की जय 35 ৪ী - ShareChat
#🙏कर्म क्या है❓ #🌙 गुड नाईट
🙏कर्म क्या है❓ - जीवन के सात सच्चे मंत्र! झूठ नहीं बोलने देगा! दर्पण 1 5 भयभीत नहीं होने देगा ! २ যান मोह नहीं करने देगा 3 अध्यात्म कमज़ोर नहीं करने देगा 4 सत्य ५. प्रेम - ईर्ष्या नहीं करने देगा दुःखी नही करने देगा ! विस्वास 6 असफल नहीं होने देगा ! ७. कर्म Good dayl जीवन के सात सच्चे मंत्र! झूठ नहीं बोलने देगा! दर्पण 1 5 भयभीत नहीं होने देगा ! २ যান मोह नहीं करने देगा 3 अध्यात्म कमज़ोर नहीं करने देगा 4 सत्य ५. प्रेम - ईर्ष्या नहीं करने देगा दुःखी नही करने देगा ! विस्वास 6 असफल नहीं होने देगा ! ७. कर्म Good dayl - ShareChat