#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇
साहिब जय बंदीछोड़
गरीब
यौह माटी का महल है, छार मिलै क्षण माहि। चार सख्स कांधै धरें, मरहट कूँ ले जाहि
▲ सत् साहिब
बंदीछोड़ गरीबदास साहिब जी अपनी वाणी में फरमाते है कि यह मानव शरीर केवल माटी का बना हुआ महल जितना भी सौंदर्य, बल या अभिमान क्यों न हो, क्षण भर में यह मिट्टी में मिल जाता है। प्राण निकलने पर वह हम “मैं” कहते थे, उसे चार व्यक्ति कंधे पर उठाकर श्मशान (मरघट) की ओर ले जाते हैं। तब न कोई अपना यहीं छूट जाता है। यह जीवन अस्थायी है; स्थायी केवल आत्मा और परमात्मा का स्मरण है। मनुष्य को देह-अि
भक्ति, सदाचार और आत्मज्ञान की ओर ध्यान देना चाहिए।
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कबीर, वो दिन याद कर, पग ऊपर तल शीश।
मृत्युमण्डल में आयके, अब भूल गया जगदीश ।।
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भक्ति
अनन्त कोटि अवतार हैं, माया के गोविन्द । कर्ता हो हो अवतरे, बहुर पड़े जग फंध ।।
सतपुरुष कबीर साहिब जी की भक्ति से ही जीव मुक्त हो सकता है।
जब तक जीव सतलोक में वापिस नहीं चला जाएगा तब तक काल लोक में इसी तरह कर्म करेगा और की हुई नाम व दान धर्म की कमाई स्वर्ग रूपी होटलों में समाप्त करके वापिस कर्म आधार से चौरासी लाख प्रकार के प्राणियों के शरीर में कष्ट उठाने वाले काल लोक में चक्कर काटता रहेगा।
माया (दुर्गा) से उत्पन्न हो कर करोड़ों गोबिन्द (ब्रह्मा-विष्णु-शिव) मर चुके हैं। भगवान का अवतार बन कर आये थे।
फिर कर्म बन्धन में बंधकर कर्मों को भोगकर चौरासी लाख योनियों में चले गए।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
हमारे धर्म गुरुओं ने हमें आज तक यही बताया कि श्रीमद्भागवत गीता का ज्ञान श्रीकृष्ण ने दिया।
जबकि श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 8 मंत्र 13, अध्याय 11 मंत्र 32 से संत रामपाल जी ने स्पष्ट कर दिया कि गीता का ज्ञान श्री कृष्ण ने नहीं बल्कि काल ब्रह्म ने दिया जिसका ओम मंत्र है। इसका प्रमाण यजुर्वेद अध्याय 40 मंत्र 17 में भी है।
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कसाई का लोक है।
बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज
कबीर परमात्मा ने कहा कि तुम जिस लोक में रह रहे हो ये कसाई का लोक है। यहां कोई रहम नाम की चीज़ नहीं है। किसी का बेटा मरो। किसी की बेटी मरो। पूरा क्षेत्र नष्ट हो जाओ।
इस काल में दया नाम की चीज़ नहीं है।
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कबीर, कछु कटें सत्संग ते, कछु नाम के जाप । कछु संत के दर्शत, कछु दान प्रताप ।।
भावार्थः भक्त के पाप कई धार्मिक क्रियाओं से समाप्त होते हैं। कुछ सत्संग-वचन सुनने से ज्ञान यज्ञ के कारण, कुछ नाम के जाप से, कुछ संत के दर्शन करने से तथा कुछ दान के प्रभाव से समाप्त होते हैं।
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जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का 105 गांव, सतगामा, तपा, बालंद और रोहतक कलानौर व सांपला की सरपंच एसोसिएशन द्वारा किसान गौरव सम्मान समारोह
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जन सेवक रत्नसे सम्मानित
नग रपंच
हुए किसानों के मसीहा
रामपाल जी
संत रामपाल जी महाराज जी ।
हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब में किसान बाढ़ से त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहा था, उस समय किसानों की मदद से सरकारों ने हाथ खड़े कर दिए थे। तब राम के अवतार के रूप में, कबीर साहेब के रूप में संत रामपाल जी महाराज प्रकट हुए और चप्पे-चप्पे से पानी को निकालवाया, जिससे रबी की
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जन सेवक रत्न सम्मान
वदर्शी संततमपाल जी मह
दर्शी संत तत्मपाल जी म
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज सरपंच एसोसिएशन हाँसी ब्लॉक । व टीम नरेश द्वारा जन सेवक रत्न सम्मान समारोह में जन सेवक रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
दिनांक - 1 जनवरी 2026 स्थान जिला हांसी, हरियाणा













