pavan kumar sharama
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#🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯कुंडली दोष #🔯वास्तु दोष उपाय
🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय - हिन्दू  धर्म के मंत्र १. गायत्री मंत्र  ७. श्री राम जी मंत्र  अँठ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं श्रीराम राम रमिति रेमे रामे भर्गो देवस्स धीमहि धियो यो नः मनोरमे। सहस्रनाम ননুল্থ प्रचोदयात्।  रामनाम वरानने।। সাঁ ব্রুয সপ্প - २. महादेव मंत्र  8. ऊँ व्बम्बकं यजामहे 3ঁ সমলী মালা কালী সসরকালী सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव कपालिनी। क्षमा शिवा धात्री दुर्गा 8 बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।। स्वाहा स्वधा नमोडस्तुते II ९. माँ महालक्ष्मी मंत्र - ३. श्री गणेश मंत्र वक्रतुंड महाकाय सूर्य कोटि ३ँठ सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्यः ক্তহ ম নৈ सुतान्वितः  समप्रभ। निर्विघ्नं मत्प्रसादेन मनुष्यो सर्वकार्येषु सर्वदा II #নিষ্নি ন সথায: Il १०. माँ सरस्वती मंत्र - श्री हरि विष्णु मंत्र - 4. ऊँ सरस्वती नमः | ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय ११. माँ महाकाली मंत्र ५. श्री ब्रह्मा जी मंत्र - ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं स्वाहा।  ऊँ नमस्ते परमं ब्रह्मा नमस्ते निर्गुणाय नमस्तुभ्यं  परमात्मने। श्री हनुमान जी मंत्र 12. সনযুণায নসী নস: Il ऊँ नमो भगवते हनुमते श्री कृष्ण मंत्र - 6. Follow ऊँ नमो भगवते वासुदेवा्य * देखते हैं कितने सच्चे भक्त प्रभु के चरणों में नमन करते हैं अब कृपया पोस्ट आगे भी शेयर करें ताकि सभी को यह जानकारी मिल सके हिन्दू  धर्म के मंत्र १. गायत्री मंत्र  ७. श्री राम जी मंत्र  अँठ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं श्रीराम राम रमिति रेमे रामे भर्गो देवस्स धीमहि धियो यो नः मनोरमे। सहस्रनाम ননুল্থ प्रचोदयात्।  रामनाम वरानने।। সাঁ ব্রুয সপ্প - २. महादेव मंत्र  8. ऊँ व्बम्बकं यजामहे 3ঁ সমলী মালা কালী সসরকালী सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव कपालिनी। क्षमा शिवा धात्री दुर्गा 8 बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।। स्वाहा स्वधा नमोडस्तुते II ९. माँ महालक्ष्मी मंत्र - ३. श्री गणेश मंत्र वक्रतुंड महाकाय सूर्य कोटि ३ँठ सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्यः ক্তহ ম নৈ सुतान्वितः  समप्रभ। निर्विघ्नं मत्प्रसादेन मनुष्यो सर्वकार्येषु सर्वदा II #নিষ্নি ন সথায: Il १०. माँ सरस्वती मंत्र - श्री हरि विष्णु मंत्र - 4. ऊँ सरस्वती नमः | ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय ११. माँ महाकाली मंत्र ५. श्री ब्रह्मा जी मंत्र - ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं स्वाहा।  ऊँ नमस्ते परमं ब्रह्मा नमस्ते निर्गुणाय नमस्तुभ्यं  परमात्मने। श्री हनुमान जी मंत्र 12. সনযুণায নসী নস: Il ऊँ नमो भगवते हनुमते श्री कृष्ण मंत्र - 6. Follow ऊँ नमो भगवते वासुदेवा्य * देखते हैं कितने सच्चे भक्त प्रभु के चरणों में नमन करते हैं अब कृपया पोस्ट आगे भी शेयर करें ताकि सभी को यह जानकारी मिल सके - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #🔯कुंडली दोष #🔯वास्तु दोष उपाय #🌸 सत्य वचन
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - व्यवसाय में बढ़ोत्तरी एचं आकस्मिक धन प्राप्ति हेतु यंत्र 47 2 47 1 लश्मो ३> नमो लक्ष्मो वाहन काकारि J४० नमः उलकाय नमः चाहनाय ३४ नमः शिवाय ३ जन उलूक पक्ष्यै मम मनाभिलापा पूर्ण  कुरु कुरु श्रों श्रों श्रों हों हों हों क्लों जन मोहिनी र्शाक्त कामाक्ष्या देवो श्रो फट् स्वाहा ।। क्लों फटू स्वाहा ।।  211] ; यदि किसी व्यापारी का उद्योग।व्यवसाय चलते- चलते ही यकायक ठप्प हो हो अथवा व्यापार में पर्याप्त रूप से प्रगति या बढ़ोतरी नहीं हो पा रही हो। ऐसे में II faaಫ' शाबर तंत्र में वर्णित यहाँ प्रदर्शित दोनों यंत्रों को किसो तांत्रिक अथवा यंत्र नक्षत्र में शुद्ध चाँदो के पतरे पर विधिपूर्वक बनवाकर तथा मंत्र तिथी নিহীপস ম হ্রুণ্ चैतन्य करवाकर यंत्रों को प्राण- प्रतिष्ठादि करवा लेवें सिद्ध इन यंत्रों को उद्योग।व्यवसायस्थल के पूजा घर में रखकर नित्य प्रतिदिन 3Tq से पूजन करते रहें तो आश्चर्यजनक रूप से व्यापार उद्योग में মন ক্মা धूप- दोपादि उत्तरोत्तर उन्नति होने लग जाएगी | रूका हुआ अथवा ठप्प पड़ा हुआ व्यापार भी इन यंत्रों को शक्ति के प्रभाव से सुचारू रूप से प्रगति करने लग जाता है । यदि किसी मनुष्य को जन्मपत्री में तो आकस्मिक धन प्राप्ति के योग होने के बावजूद भी पर्याप्त धनार्जन में कठिनाईयाँ उत्पन्न हो रही हों तो किसी शुभ- मुर्हूत में भोजपूत्र पर शुद्ध कस्तूरी को स्याही से सोने को कलम द्वारा उक्त दोनों यंत्र लिखकर करके यंत्रों को प्राण ग्रतष्ठित एवं मंत्रसिद्ध चैतन्य कर लेवें । पूजनादि पोड़शोपचार अब इन सिद्ध यंत्रों को सोने के ताबीज में भरकर गले में धारण कर लेवें | हैं | इनके माध्यम h नोटः उपरोक्त दोनों ही प्रयोग स्वयंसिद्ध एवं अनुभूत से सहज में ही व्यापार वृद्धि एवं आकस्मिक धनप्राप्ति संभव है व्यवसाय में बढ़ोत्तरी एचं आकस्मिक धन प्राप्ति हेतु यंत्र 47 2 47 1 लश्मो ३> नमो लक्ष्मो वाहन काकारि J४० नमः उलकाय नमः चाहनाय ३४ नमः शिवाय ३ जन उलूक पक्ष्यै मम मनाभिलापा पूर्ण  कुरु कुरु श्रों श्रों श्रों हों हों हों क्लों जन मोहिनी र्शाक्त कामाक्ष्या देवो श्रो फट् स्वाहा ।। क्लों फटू स्वाहा ।।  211] ; यदि किसी व्यापारी का उद्योग।व्यवसाय चलते- चलते ही यकायक ठप्प हो हो अथवा व्यापार में पर्याप्त रूप से प्रगति या बढ़ोतरी नहीं हो पा रही हो। ऐसे में II faaಫ' शाबर तंत्र में वर्णित यहाँ प्रदर्शित दोनों यंत्रों को किसो तांत्रिक अथवा यंत्र नक्षत्र में शुद्ध चाँदो के पतरे पर विधिपूर्वक बनवाकर तथा मंत्र तिथी নিহীপস ম হ্রুণ্ चैतन्य करवाकर यंत्रों को प्राण- प्रतिष्ठादि करवा लेवें सिद्ध इन यंत्रों को उद्योग।व्यवसायस्थल के पूजा घर में रखकर नित्य प्रतिदिन 3Tq से पूजन करते रहें तो आश्चर्यजनक रूप से व्यापार उद्योग में মন ক্মা धूप- दोपादि उत्तरोत्तर उन्नति होने लग जाएगी | रूका हुआ अथवा ठप्प पड़ा हुआ व्यापार भी इन यंत्रों को शक्ति के प्रभाव से सुचारू रूप से प्रगति करने लग जाता है । यदि किसी मनुष्य को जन्मपत्री में तो आकस्मिक धन प्राप्ति के योग होने के बावजूद भी पर्याप्त धनार्जन में कठिनाईयाँ उत्पन्न हो रही हों तो किसी शुभ- मुर्हूत में भोजपूत्र पर शुद्ध कस्तूरी को स्याही से सोने को कलम द्वारा उक्त दोनों यंत्र लिखकर करके यंत्रों को प्राण ग्रतष्ठित एवं मंत्रसिद्ध चैतन्य कर लेवें । पूजनादि पोड़शोपचार अब इन सिद्ध यंत्रों को सोने के ताबीज में भरकर गले में धारण कर लेवें | हैं | इनके माध्यम h नोटः उपरोक्त दोनों ही प्रयोग स्वयंसिद्ध एवं अनुभूत से सहज में ही व्यापार वृद्धि एवं आकस्मिक धनप्राप्ति संभव है - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #🔯कुंडली दोष #🌸 सत्य वचन #🔯वास्तु दोष उपाय
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - ।।रात्रि पिशाचिनी। | ।।रात्रि पिशाचिनी शाबर मंत्र।| ऊँ हुं हुं रात्रि पिशाचिनी वशी कुरु कुरु स्वाहा I" "श्रीं क्लीं रात्रि देवी पिशाचिनी आगच्छ आगच्छ मम कार्यं साधय स्वाहा ।।" साधना प्रक्रियाः २. काले आसन पर बेठें त्रिकोण यंत्र को सामने रखें। २ दीपक जलाकर साधना की दिशा दक्षिण रखें। ३. पहले २१ बार गुरु ध्यान करेंः कपालिने नमः 3 ]d ४. फिर उपरोक्त शाबर मंत्र का १०८ बारजाप करें (काले हकीक की माला से)। में काटकर चारों कोनों में रखें ५. नींबू को चार ' Sosl ' उस पर सुरमा डालें। ६. साधना के अंत में पिशाचिनी का आह्वान कर कहेंः "हे रात्रि पिशाचिनी! तुम मेरी साधना से प्रकट हो, मेरी में वशीभूत हो।" आज्ञा ।।रात्रि पिशाचिनी। | ।।रात्रि पिशाचिनी शाबर मंत्र।| ऊँ हुं हुं रात्रि पिशाचिनी वशी कुरु कुरु स्वाहा I" "श्रीं क्लीं रात्रि देवी पिशाचिनी आगच्छ आगच्छ मम कार्यं साधय स्वाहा ।।" साधना प्रक्रियाः २. काले आसन पर बेठें त्रिकोण यंत्र को सामने रखें। २ दीपक जलाकर साधना की दिशा दक्षिण रखें। ३. पहले २१ बार गुरु ध्यान करेंः कपालिने नमः 3 ]d ४. फिर उपरोक्त शाबर मंत्र का १०८ बारजाप करें (काले हकीक की माला से)। में काटकर चारों कोनों में रखें ५. नींबू को चार ' Sosl ' उस पर सुरमा डालें। ६. साधना के अंत में पिशाचिनी का आह्वान कर कहेंः "हे रात्रि पिशाचिनी! तुम मेरी साधना से प्रकट हो, मेरी में वशीभूत हो।" आज्ञा - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #🔯कुंडली दोष #🌸 सत्य वचन
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - ్ / 1 00 पुष्प मोहन मंत्र नमो कामरू कामाख्या देवी जहाँ बसे   इस्लाम 3 #1~ योगी इस्माइल योगी ने लगाई फुलवारी फूल लोढ़े लोना चमारी फूँल हँसे दूजे मुस्काय तीजे फूल में छोटे- बड़े नरसिंह आय 3 सूँघे इस फूल की बास वह चल आवे हमारे पास दुश्मन को लिया फटै मेरीं भक्ति गुरु की शक्ति फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा। विधि= इस मंत्र को रविवार से आरम्भ करके इक्कीस दिन तक नित्य घी में मिला १०८ बार मंत्र पढ़ हवन करे तो लौंग, पान, फल, सुगन्ध, यह सिद्ध होता है और जब प्रयोग करना हो तो सुगन्धित फूल ले इक्कीस बार मंत्र पढ़कर जिसको सुँघावे वहीं मोहित हो जाय। आकर्षण कर्म प्रयोग आकर्षण मंत्र १ मंत्र - ३ँ नमः ह्रीं ठं ठः स्वाहा। विधि- यह मंत्र मंगलवार के दिन दस हजार बार जापकर सिद्धि कर बिल की मिट्टी सरसों तथा बिनौला  ले फिर जब प्रयोग करना हो तो चूहे के हाथ में ले तीन बार मंत्र पढ़कर जिसके कपड़े पर डाल देवे वह अवश्य ్ / 1 00 पुष्प मोहन मंत्र नमो कामरू कामाख्या देवी जहाँ बसे   इस्लाम 3 #1~ योगी इस्माइल योगी ने लगाई फुलवारी फूल लोढ़े लोना चमारी फूँल हँसे दूजे मुस्काय तीजे फूल में छोटे- बड़े नरसिंह आय 3 सूँघे इस फूल की बास वह चल आवे हमारे पास दुश्मन को लिया फटै मेरीं भक्ति गुरु की शक्ति फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा। विधि= इस मंत्र को रविवार से आरम्भ करके इक्कीस दिन तक नित्य घी में मिला १०८ बार मंत्र पढ़ हवन करे तो लौंग, पान, फल, सुगन्ध, यह सिद्ध होता है और जब प्रयोग करना हो तो सुगन्धित फूल ले इक्कीस बार मंत्र पढ़कर जिसको सुँघावे वहीं मोहित हो जाय। आकर्षण कर्म प्रयोग आकर्षण मंत्र १ मंत्र - ३ँ नमः ह्रीं ठं ठः स्वाहा। विधि- यह मंत्र मंगलवार के दिन दस हजार बार जापकर सिद्धि कर बिल की मिट्टी सरसों तथा बिनौला  ले फिर जब प्रयोग करना हो तो चूहे के हाथ में ले तीन बार मंत्र पढ़कर जिसके कपड़े पर डाल देवे वह अवश्य - ShareChat
#🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯कुंडली दोष #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #🌸 सत्य वचन
🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय - लक्ष्मी प्राप्ति हेतु मंत्र शुक्ले - महाशुक्ले कमलदल निवासिनी श्रीं महालक्षमी #- 3் नमो   नमः | पर बैठने से पहले विघि- इस मंत्र को प्रतिदिन व्यापार स्थल पर गद्दी लक्ष्मीजी की तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर १०८ बार इस का जप करें, व्यापार में बढ़ोत्तरी होती है। पूर्ण सिद्धि के लिए १ लाख बार जप करें। आकस्मिक धन की प्राप्ति का मंत्र मंत्र - ३ँ० ह्रीं श्रीं क्लीं नमः ध्वः ध्वः| विधि- मृगशिरा नक्षत्र में वध किये श्याम मृग के चर्म पर आसीन हो किसी सरिता के तट पर कनका गुदी वृक्ष के नीचे बैठ श्रद्धा विश्वास पूर्वक दिन में एक लाख बार मंत्र जपने से अनायास ही धन प्राप्ति होती है। ?? लक्ष्मी प्राप्ति हेतु मंत्र शुक्ले - महाशुक्ले कमलदल निवासिनी श्रीं महालक्षमी #- 3் नमो   नमः | पर बैठने से पहले विघि- इस मंत्र को प्रतिदिन व्यापार स्थल पर गद्दी लक्ष्मीजी की तस्वीर के सामने हाथ जोड़कर १०८ बार इस का जप करें, व्यापार में बढ़ोत्तरी होती है। पूर्ण सिद्धि के लिए १ लाख बार जप करें। आकस्मिक धन की प्राप्ति का मंत्र मंत्र - ३ँ० ह्रीं श्रीं क्लीं नमः ध्वः ध्वः| विधि- मृगशिरा नक्षत्र में वध किये श्याम मृग के चर्म पर आसीन हो किसी सरिता के तट पर कनका गुदी वृक्ष के नीचे बैठ श्रद्धा विश्वास पूर्वक दिन में एक लाख बार मंत्र जपने से अनायास ही धन प्राप्ति होती है। ?? - ShareChat
#🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌸 सत्य वचन #🔯वास्तु दोष उपाय #🔯कुंडली दोष #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #🌸 सत्य वचन #🖋कहानी: टूटे दिल की💔 #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🙏जय माँ काली🌼
🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय - सुरक्षा। | IIಾ ।।शाबर मंत्र।| ओँ काली कपालिनी अग्नि ज्वालिनी। घर की देहरी पर बेताल का पहरा। चामुंडा देवी करे चौकसी शाम सबेरा। भैख. मसानी त्रिकाल रक्षा करें। दुर्गा, जो अनिष्ट सो लौट जाए जो देखे वो भ्रम खाए। मेरे द्वारन कोई तांत्रिक चोर, न शत्रु न कोई काले इरादे वाला आये, जो आयेफट कलेजा मरजाये मरघट कालका करे सहाय। किल किल, फट फट, स्वाहा।। ३२ घररक्षा कचच प्रयोग विधिः शुभ दिनः अमावस्या, पूर्णिमा, मगलवार, शनिवार या गृह प्रवेश का दिन सागगीः सिंदूर हल्दी चूने से बना शुभ चिह्न (स्वस्तिक त्रिशूलः ऋ) नीबू ( अगर हो तो) काल तिल नमक ओर 7 काली मिर्च मिट्टी का दीपक ओर तेल নিমিঃ घरकै मुख्य द्वार को चोकर शुद्ध करे (गाजल या गीमूत से२. नुख्य द्वर पर म् पढते हुए यह रेखा खीचः दाहिने कोने मे त्रिशूल दाए कोने म सदस्तिकादरनाज के (सिदत आर हल्दी स। ३ः ऊपरका पत्र २१ चार पढ दीपक आर यीचाचीच P H ar "7 mlrl h , 1isl ಖ0 `77 m7 RF नल सामन सकस मिलाकर चारवीना न डाल ५॰ एक नीवू॰पर क चीचग रखकर 7 बारमत्न एढाफिर ಊ; frri an; ಣ Ven 39 mlrf 'ramv :TT " fFTd " Felvl मख्य दारकोऊपर सुरक्षा। | IIಾ ।।शाबर मंत्र।| ओँ काली कपालिनी अग्नि ज्वालिनी। घर की देहरी पर बेताल का पहरा। चामुंडा देवी करे चौकसी शाम सबेरा। भैख. मसानी त्रिकाल रक्षा करें। दुर्गा, जो अनिष्ट सो लौट जाए जो देखे वो भ्रम खाए। मेरे द्वारन कोई तांत्रिक चोर, न शत्रु न कोई काले इरादे वाला आये, जो आयेफट कलेजा मरजाये मरघट कालका करे सहाय। किल किल, फट फट, स्वाहा।। ३२ घररक्षा कचच प्रयोग विधिः शुभ दिनः अमावस्या, पूर्णिमा, मगलवार, शनिवार या गृह प्रवेश का दिन सागगीः सिंदूर हल्दी चूने से बना शुभ चिह्न (स्वस्तिक त्रिशूलः ऋ) नीबू ( अगर हो तो) काल तिल नमक ओर 7 काली मिर्च मिट्टी का दीपक ओर तेल নিমিঃ घरकै मुख्य द्वार को चोकर शुद्ध करे (गाजल या गीमूत से२. नुख्य द्वर पर म् पढते हुए यह रेखा खीचः दाहिने कोने मे त्रिशूल दाए कोने म सदस्तिकादरनाज के (सिदत आर हल्दी स। ३ः ऊपरका पत्र २१ चार पढ दीपक आर यीचाचीच P H ar "7 mlrl h , 1isl ಖ0 `77 m7 RF नल सामन सकस मिलाकर चारवीना न डाल ५॰ एक नीवू॰पर क चीचग रखकर 7 बारमत्न एढाफिर ಊ; frri an; ಣ Ven 39 mlrf 'ramv :TT " fFTd " Felvl मख्य दारकोऊपर - ShareChat
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🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय - सुरक्षा। | IIಾ ।।शाबर मंत्र।| ओँ काली कपालिनी अग्नि ज्वालिनी। घर की देहरी पर बेताल का पहरा। चामुंडा देवी करे चौकसी शाम सबेरा। भैख. मसानी त्रिकाल रक्षा करें। दुर्गा, जो अनिष्ट सो लौट जाए जो देखे वो भ्रम खाए। मेरे द्वारन कोई तांत्रिक चोर, न शत्रु न कोई काले इरादे वाला आये, जो आयेफट कलेजा मरजाये मरघट कालका करे सहाय। किल किल, फट फट, स्वाहा।। ३२ घररक्षा कचच प्रयोग विधिः शुभ दिनः अमावस्या, पूर्णिमा, मगलवार, शनिवार या गृह प्रवेश का दिन सागगीः सिंदूर हल्दी चूने से बना शुभ चिह्न (स्वस्तिक त्रिशूलः ऋ) नीबू ( अगर हो तो) काल तिल नमक ओर 7 काली मिर्च मिट्टी का दीपक ओर तेल নিমিঃ घरकै मुख्य द्वार को चोकर शुद्ध करे (गाजल या गीमूत से२. नुख्य द्वर पर म् पढते हुए यह रेखा खीचः दाहिने कोने मे त्रिशूल दाए कोने म सदस्तिकादरनाज के (सिदत आर हल्दी स। ३ः ऊपरका पत्र २१ चार पढ दीपक आर यीचाचीच P H ar "7 mlrl h , 1isl ಖ0 `77 m7 RF नल सामन सकस मिलाकर चारवीना न डाल ५॰ एक नीवू॰पर क चीचग रखकर 7 बारमत्न एढाफिर ಊ; frri an; ಣ Ven 39 mlrf 'ramv :TT " fFTd " Felvl मख्य दारकोऊपर सुरक्षा। | IIಾ ।।शाबर मंत्र।| ओँ काली कपालिनी अग्नि ज्वालिनी। घर की देहरी पर बेताल का पहरा। चामुंडा देवी करे चौकसी शाम सबेरा। भैख. मसानी त्रिकाल रक्षा करें। दुर्गा, जो अनिष्ट सो लौट जाए जो देखे वो भ्रम खाए। मेरे द्वारन कोई तांत्रिक चोर, न शत्रु न कोई काले इरादे वाला आये, जो आयेफट कलेजा मरजाये मरघट कालका करे सहाय। किल किल, फट फट, स्वाहा।। ३२ घररक्षा कचच प्रयोग विधिः शुभ दिनः अमावस्या, पूर्णिमा, मगलवार, शनिवार या गृह प्रवेश का दिन सागगीः सिंदूर हल्दी चूने से बना शुभ चिह्न (स्वस्तिक त्रिशूलः ऋ) नीबू ( अगर हो तो) काल तिल नमक ओर 7 काली मिर्च मिट्टी का दीपक ओर तेल নিমিঃ घरकै मुख्य द्वार को चोकर शुद्ध करे (गाजल या गीमूत से२. नुख्य द्वर पर म् पढते हुए यह रेखा खीचः दाहिने कोने मे त्रिशूल दाए कोने म सदस्तिकादरनाज के (सिदत आर हल्दी स। ३ः ऊपरका पत्र २१ चार पढ दीपक आर यीचाचीच P H ar "7 mlrl h , 1isl ಖ0 `77 m7 RF नल सामन सकस मिलाकर चारवीना न डाल ५॰ एक नीवू॰पर क चीचग रखकर 7 बारमत्न एढाफिर ಊ; frri an; ಣ Ven 39 mlrf 'ramv :TT " fFTd " Felvl मख्य दारकोऊपर - ShareChat
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🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय - ।। सोत पति का उच्याटन 1 নলাল अंजनी पुत्र पवनसुत हनुमान वीर साथ लाव 30 মুষ্নী  सौत।  अमुक ' से पति को छुड़ावे  उच्चाटन कर करावे वेग पति मिले, मेरा कारज सिद्ध न करे तो राजा राप ব্ধী दुहाई। सियारसिंगी , दो हकीक पत्थरः तेल का दीपका सामग्री  সলপাস ব্রাৎ   সী दिन हकीक रात का समय या माला। समय মালা पश्चिम दिशा। जपनसंख्या  সামন- নীল য় ক্ধা মুনী সামনI নিহবা पाँच हजार। अवधि  जोभी सम्भव हा। यह प्रयोग तब किया जाता है जब पति किसी अन्य स्त्री विधि ध्यान नहीं दे रहा है तब के जाल में फँस गया हो और पत्नी की तरफ उस पराई स्त्री के जाल से पति को मुक्त कर अपने प्रति प्रेम बढाने के जाता है। इस प्रयोग से पति और उसकी प्रेमिका लिए यह प्रयोग किया भयंकर लड़ाई हो जाती है और वे भविष्य में एक-्दूसरे का क मध्य मुँह भी देखना पसन्द नहीं करते। सामने सियारसिंगी रख दें और उसके  सामने ही हकीक पत्थर रख दें। एक पत्थर पर पति का नाम लिखें और पत्थर पर उस स्त्री का नाम लिख दें। फिर उपर्युक्त मन्त्र का मात्र दूसरे पाँच हजार जप के बाद जिस हकीक पत्थर पर स्त्री का नाम लिखा है॰ वह पत्थर सुनसान स्थान पर जमीन में गाड़ दें और जिस पत्थर पर पति पत्थर सियारसिंगी के साथ अपने सन्दूक में रख नाम लिखा है॰ वह का दें। प्रयोग को करने से सौत से छुटकारा मिल जाता है पतिको उस स्त्री से भयंकर झगडा़ होता है और भविष्य में उनमें किसी प्रकार का कोई सम्बन्ध नहीं रहता। ।। सोत पति का उच्याटन 1 নলাল अंजनी पुत्र पवनसुत हनुमान वीर साथ लाव 30 মুষ্নী  सौत।  अमुक ' से पति को छुड़ावे  उच्चाटन कर करावे वेग पति मिले, मेरा कारज सिद्ध न करे तो राजा राप ব্ধী दुहाई। सियारसिंगी , दो हकीक पत्थरः तेल का दीपका सामग्री  সলপাস ব্রাৎ   সী दिन हकीक रात का समय या माला। समय মালা पश्चिम दिशा। जपनसंख्या  সামন- নীল য় ক্ধা মুনী সামনI নিহবা पाँच हजार। अवधि  जोभी सम्भव हा। यह प्रयोग तब किया जाता है जब पति किसी अन्य स्त्री विधि ध्यान नहीं दे रहा है तब के जाल में फँस गया हो और पत्नी की तरफ उस पराई स्त्री के जाल से पति को मुक्त कर अपने प्रति प्रेम बढाने के जाता है। इस प्रयोग से पति और उसकी प्रेमिका लिए यह प्रयोग किया भयंकर लड़ाई हो जाती है और वे भविष्य में एक-्दूसरे का क मध्य मुँह भी देखना पसन्द नहीं करते। सामने सियारसिंगी रख दें और उसके  सामने ही हकीक पत्थर रख दें। एक पत्थर पर पति का नाम लिखें और पत्थर पर उस स्त्री का नाम लिख दें। फिर उपर्युक्त मन्त्र का मात्र दूसरे पाँच हजार जप के बाद जिस हकीक पत्थर पर स्त्री का नाम लिखा है॰ वह पत्थर सुनसान स्थान पर जमीन में गाड़ दें और जिस पत्थर पर पति पत्थर सियारसिंगी के साथ अपने सन्दूक में रख नाम लिखा है॰ वह का दें। प्रयोग को करने से सौत से छुटकारा मिल जाता है पतिको उस स्त्री से भयंकर झगडा़ होता है और भविष्य में उनमें किसी प्रकार का कोई सम्बन्ध नहीं रहता। - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #💰आर्थिक समस्याओं का समाधान🔯 #🔯वास्तु दोष उपाय #🌸 सत्य वचन
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - उच्चाटन मन्त्र 1 Hச =7 "३० वीर वीर महावीर , सात समुद्र क देवदत्त ' के ऊपर चौकी चढ़े , हियो फोड़ चोटीं चढ़े। सांस लाल लंगोट तेल नआवे पड्यो रहे, काया माहि जीव रहे सिंदूर  पूजा मांगे महावीर। अंतर कपडा पर तेल सिंदूर  हजरत वीर की चौकी रहे। ३४० नमो आदेश! आदेश!! आदेश!!! " विधि- यह प्रयोग ' मारण ्कर्म' के समान ही भयावह प्रयोग है। इसलिए इस मन्त्र को सामान्यतः किसी व्यक्ति के अहित के लिए प्रयोग नहीं करना चाहिए। उक्त मन्त्र में जहाँ देवदत्त' आया है, वहाँ उस বান্কিব নিমন্ধা বল্সামল करना हा। व्यक्ति क नाम का उच्चारण करना इस   प्रयोग में शत्रु के पहने हुए और बिना धुले   हुए की 4~ आवश्यकता होती है। उपरोक्त मन्त्र को किसी चौराहे पर स्थित हनुमानजी के मन्दिर में मंगलवार की रात्रि में जाकर दश हजार की संख्या में जपकर सिद्ध कर सिन्दूर  লনা বান্নিবI স্রমীদক্কাল ৭ হান্তুর ক্ ক্রপভ্ ৭ং নল, लगाकर शत्रु चित्र बनाना चाहिए और प्राणन प्रतिष्ठा करके उस क वस्त्र का कलश में रखकर उसका मुख बन्द कर किसी निर्जन स्थान पर मिट्टी के नीचे दबा देना चाहिए। साधक के द्वारा ऐसा करने से उसके शत्रु की श्वासों का उच्चाटन होगा। अतः जब साधक को अपने शत्रु को स्वस्थ करना होतो कलश को मिट्टी से নিব্ধাল ले। कलश को मिट्टी के बाहर ಗೆಕ # fನ अथवा धारदार वस्तु से नहीं निकालना चाहिए नुकीले अन्यथा शत्रु को प्राणों की हानि भी हो सकती है। उच्चाटन मन्त्र 1 Hச =7 "३० वीर वीर महावीर , सात समुद्र क देवदत्त ' के ऊपर चौकी चढ़े , हियो फोड़ चोटीं चढ़े। सांस लाल लंगोट तेल नआवे पड्यो रहे, काया माहि जीव रहे सिंदूर  पूजा मांगे महावीर। अंतर कपडा पर तेल सिंदूर  हजरत वीर की चौकी रहे। ३४० नमो आदेश! आदेश!! आदेश!!! " विधि- यह प्रयोग ' मारण ्कर्म' के समान ही भयावह प्रयोग है। इसलिए इस मन्त्र को सामान्यतः किसी व्यक्ति के अहित के लिए प्रयोग नहीं करना चाहिए। उक्त मन्त्र में जहाँ देवदत्त' आया है, वहाँ उस বান্কিব নিমন্ধা বল্সামল करना हा। व्यक्ति क नाम का उच्चारण करना इस   प्रयोग में शत्रु के पहने हुए और बिना धुले   हुए की 4~ आवश्यकता होती है। उपरोक्त मन्त्र को किसी चौराहे पर स्थित हनुमानजी के मन्दिर में मंगलवार की रात्रि में जाकर दश हजार की संख्या में जपकर सिद्ध कर सिन्दूर  লনা বান্নিবI স্রমীদক্কাল ৭ হান্তুর ক্ ক্রপভ্ ৭ং নল, लगाकर शत्रु चित्र बनाना चाहिए और प्राणन प्रतिष्ठा करके उस क वस्त्र का कलश में रखकर उसका मुख बन्द कर किसी निर्जन स्थान पर मिट्टी के नीचे दबा देना चाहिए। साधक के द्वारा ऐसा करने से उसके शत्रु की श्वासों का उच्चाटन होगा। अतः जब साधक को अपने शत्रु को स्वस्थ करना होतो कलश को मिट्टी से নিব্ধাল ले। कलश को मिट्टी के बाहर ಗೆಕ # fನ अथवा धारदार वस्तु से नहीं निकालना चाहिए नुकीले अन्यथा शत्रु को प्राणों की हानि भी हो सकती है। - ShareChat