pavan kumar sharama
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#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #💰आर्थिक समस्याओं का समाधान🔯 #🙏 प्रेरणादायक विचार #🌸 सत्य वचन
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - श्मशान कोई कितना भी तेज भाग ले श्मशान घाट से आगे नही जा सकता , सफर कितना भी VIP क्यों न हो , अंतिम स्टॉप सबका श्मशान ही है, शतरंज का खेल खत्म होने के बाद, राजा और प्यादा एक ही डिब्बे में रखे जाते हैं, अकड़ तो सब में है, मगर राख बनने के बाद सब एक रंग के हा जाते अंत सबका एक है, कहानिया अलग-अलग हैँ बस श्मशान कोई कितना भी तेज भाग ले श्मशान घाट से आगे नही जा सकता , सफर कितना भी VIP क्यों न हो , अंतिम स्टॉप सबका श्मशान ही है, शतरंज का खेल खत्म होने के बाद, राजा और प्यादा एक ही डिब्बे में रखे जाते हैं, अकड़ तो सब में है, मगर राख बनने के बाद सब एक रंग के हा जाते अंत सबका एक है, कहानिया अलग-अलग हैँ बस - ShareChat
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✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - मनुष्य का अपना कया है. ন নিয়া दुसरे जन्म :~ दुसरे ने  I. नाम 8 ने दी॰. शिक्षा :~ दुसरे रोजगारः~ दुसरे ने दिया. दुसरे देते है॰ इज्जत :~ लेके जाएंगे. श्मशान :~ క్రగ इंसान का अपना है क्या, अरे मरने के बाद संपति भी बटती है...! दुसरों में दुसरों पर ही निर्भर है जब तो, घमंड किस बात का. ? मनुष्य का अपना कया है. ন নিয়া दुसरे जन्म :~ दुसरे ने  I. नाम 8 ने दी॰. शिक्षा :~ दुसरे रोजगारः~ दुसरे ने दिया. दुसरे देते है॰ इज्जत :~ लेके जाएंगे. श्मशान :~ క్రగ इंसान का अपना है क्या, अरे मरने के बाद संपति भी बटती है...! दुसरों में दुसरों पर ही निर्भर है जब तो, घमंड किस बात का. ? - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #💰आर्थिक समस्याओं का समाधान🔯 #🌸 सत्य वचन #🙏 प्रेरणादायक विचार
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - सबसे बड़ी विजय भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि यदि कोई आपका अपमान करे या मानसिक कष्ट दे, तो उसके बुरे व्यवहार के बदले अपने संस्कार न भूले। को दुख देता है, वह जो दूसरों अपने कर्मों का फल स्वयं भोगेगा। आप अपना मन शांत रखें और उसे क्षमा करके आगे बढ़ें। आपकी शांति और धैर्य ही उस व्यक्ति की सबसे बड़ी हार है। ओर आपकी सबसे बड़ी विजय है। राधे राधे सबसे बड़ी विजय भगवान श्री कृष्ण कहते हैं कि यदि कोई आपका अपमान करे या मानसिक कष्ट दे, तो उसके बुरे व्यवहार के बदले अपने संस्कार न भूले। को दुख देता है, वह जो दूसरों अपने कर्मों का फल स्वयं भोगेगा। आप अपना मन शांत रखें और उसे क्षमा करके आगे बढ़ें। आपकी शांति और धैर्य ही उस व्यक्ति की सबसे बड़ी हार है। ओर आपकी सबसे बड़ी विजय है। राधे राधे - ShareChat
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✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - मिंठाई से वशीकरण मिठाई से वशीकरण मंत्र॰॰ नमा आदेश कामाखी को ।l ٩١٤ ٦؟٢ ٩١٤ ٧٧ जिल जंगल की हिरणी मोडदू ।हाट चलत् वटोही मोडू ।l मोह दरचार वेठा राजा मोह ।।पल्नकन बेठी रानी I मोहि मेरा राज नाम।। मोवे पल संसार।। নাহা নিলা নীলনা Il নীনা বংক্রপাল Il रिर चटे माता के।। दुरमन करण पमाल ।। पुरों मन्त्र खुदाई ।। चिथि-किसी भी सूर्य अथचा चन्द्र ग्रहण के समय डस मंत्र का जाप कर करें । फिर कोई भी मिठाई २१ बार उक्त मंत्र से अभिमबित कर जिसे किसी भी स्त्री खिलाये उसे आसानी सतरशभत करसकंग मिंठाई से वशीकरण मिठाई से वशीकरण मंत्र॰॰ नमा आदेश कामाखी को ।l ٩١٤ ٦؟٢ ٩١٤ ٧٧ जिल जंगल की हिरणी मोडदू ।हाट चलत् वटोही मोडू ।l मोह दरचार वेठा राजा मोह ।।पल्नकन बेठी रानी I मोहि मेरा राज नाम।। मोवे पल संसार।। নাহা নিলা নীলনা Il নীনা বংক্রপাল Il रिर चटे माता के।। दुरमन करण पमाल ।। पुरों मन्त्र खुदाई ।। चिथि-किसी भी सूर्य अथचा चन्द्र ग्रहण के समय डस मंत्र का जाप कर करें । फिर कोई भी मिठाई २१ बार उक्त मंत्र से अभिमबित कर जिसे किसी भी स्त्री खिलाये उसे आसानी सतरशभत करसकंग - ShareChat
#🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #💰आर्थिक समस्याओं का समाधान🔯 #🌸 सत्य वचन #🙏 प्रेरणादायक विचार
🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय - तंत्र क्रिया को बापसी करने का मंत्र तन्त्र वापसी जिसने किया उसी पर बापसी तन्नवपस्ता नन २० एकठों सरसों। सोला राई। मोरो पटवल की रजाई। खाय खाय पड़े मार।जे करें ते॰परे। ठलट वियाता ही पर परे। शब्दःसांचा। पिण्ड काचा हनमान कामन्र सांचा। फरो मन्त्र ईप्वरो वाचा। यदि कोई किसो तच्का प्रयोग करता होतो जरा सी राई और नमक সিলাবয उस मन्त्र को जपते एए  बार तन्त्रवाघा से ग्रस्त व्यक्ति पर उतारा करके जलती  মান पट्टो मे फेंक देने से न केबल तन्त्र का प्रभाव नष्ट होता जाता हेः बल्कि तन्त्र, शी॰ तन्त्रकर्ता के पास लौट जाता है। तंत्र क्रिया को बापसी करने का मंत्र तन्त्र वापसी जिसने किया उसी पर बापसी तन्नवपस्ता नन २० एकठों सरसों। सोला राई। मोरो पटवल की रजाई। खाय खाय पड़े मार।जे करें ते॰परे। ठलट वियाता ही पर परे। शब्दःसांचा। पिण्ड काचा हनमान कामन्र सांचा। फरो मन्त्र ईप्वरो वाचा। यदि कोई किसो तच्का प्रयोग करता होतो जरा सी राई और नमक সিলাবয उस मन्त्र को जपते एए  बार तन्त्रवाघा से ग्रस्त व्यक्ति पर उतारा करके जलती  মান पट्टो मे फेंक देने से न केबल तन्त्र का प्रभाव नष्ट होता जाता हेः बल्कि तन्त्र, शी॰ तन्त्रकर्ता के पास लौट जाता है। - ShareChat
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✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - शुक्र चमका तो पैसा खुद पीछे भागेगा! Owrauiat Oena १. धन के लिए सबसे जरूरी है शुक्र को मजबूत करना ्यही पैसे का मुख्य कारक है।  २. कभी भी पहने हुए कपड़े दोबारा न पहनें , हमेशा साफ और धुले कपड़े ही पहनें। साफ सुथरे और ३. रोज सजे हुए रहना शुक्र को एक्टिव करता है। 4. মত্রি সান সময ভরলী वाली मिश्री जरूर दान करें- इसे अपनी आदत बना लें। ५. घर से निकलते समय हल्का इत्र लगाएं- इससे आकर्षण बढ़ता है और धन के अवसर बनने लगते हैं। 33 शुक्र चमका तो पैसा खुद पीछे भागेगा! Owrauiat Oena १. धन के लिए सबसे जरूरी है शुक्र को मजबूत करना ्यही पैसे का मुख्य कारक है।  २. कभी भी पहने हुए कपड़े दोबारा न पहनें , हमेशा साफ और धुले कपड़े ही पहनें। साफ सुथरे और ३. रोज सजे हुए रहना शुक्र को एक्टिव करता है। 4. মত্রি সান সময ভরলী वाली मिश्री जरूर दान करें- इसे अपनी आदत बना लें। ५. घर से निकलते समय हल्का इत्र लगाएं- इससे आकर्षण बढ़ता है और धन के अवसर बनने लगते हैं। 33 - ShareChat
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✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - १७ अप्रैल को है साल की सबसे बड़ी अमावस्या , पितृ दोष से मुक्ति के लिए ये काम करें श्रद्धा के साथ तर्पण : सुबह स्नान के बाद एक লীঠ ম সল ল, ওমম থীই কাল নিল মিলাব और अपने पितरों का ध्यान करते हुए उन्हें अर्पित करें। यह उन्हें तृप्ति देता है। जल पीपल के पेड़ की सेवा : मान्यता है कि पीपल में हमारे पितरों का वास होता है। इस दिन शाम पीपल के नीचे सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं और 7 बार परिक्रमा करें। यह आपकी तरक्की के बंद रास्ते खोल सकता है। मछलियों की सेवाः छोटी छोटी आटे की गोलियां बनाएं और उन्हें किसी तालाब या नदी में को खिलाएं। यह उपाय न केवल पितृ दोष कालसर्प दोष के असर को भी कम बाल्क करने में मददगार माना जाता है। मौसम के अनुसार दानः वैशाख की गर्मी में किसी प्यासे को पानी पिलाना या मिट्टी का घड़ा मौसमी फलों का दान (सुराही), सत्तू और  करना ' महादान' कहलाता है। 35 १७ अप्रैल को है साल की सबसे बड़ी अमावस्या , पितृ दोष से मुक्ति के लिए ये काम करें श्रद्धा के साथ तर्पण : सुबह स्नान के बाद एक লীঠ ম সল ল, ওমম থীই কাল নিল মিলাব और अपने पितरों का ध्यान करते हुए उन्हें अर्पित करें। यह उन्हें तृप्ति देता है। जल पीपल के पेड़ की सेवा : मान्यता है कि पीपल में हमारे पितरों का वास होता है। इस दिन शाम पीपल के नीचे सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं और 7 बार परिक्रमा करें। यह आपकी तरक्की के बंद रास्ते खोल सकता है। मछलियों की सेवाः छोटी छोटी आटे की गोलियां बनाएं और उन्हें किसी तालाब या नदी में को खिलाएं। यह उपाय न केवल पितृ दोष कालसर्प दोष के असर को भी कम बाल्क करने में मददगार माना जाता है। मौसम के अनुसार दानः वैशाख की गर्मी में किसी प्यासे को पानी पिलाना या मिट्टी का घड़ा मौसमी फलों का दान (सुराही), सत्तू और  करना ' महादान' कहलाता है। 35 - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #💰आर्थिक समस्याओं का समाधान🔯 #🌸 सत्य वचन #🙏 प्रेरणादायक विचार
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - दैवीय-्कृपा प्राप्ति के मंत्र हमारी भारतीय संस्कृति में कई हजार देवी-देवताओं का वर्णन किया गया है। उन सभी के बारे में वर्णन करना बहुत ही मुश्किल होगा। लेकि कुछ देवी देवता तो आज भी और हम सभी को उनकी अलौकिक पूज्य हैं। शक्ति का़ पूर्ण अनुभव है। श्री गणेशजी का मंत्र ३ँ ह्रीं श्रीं क्लीं गौं गं श्री मन्महागणाधिपतये नमः মন্ন विधि- गणेशजीकी किसी भी शुभ मंत्रका जप प्रारम्भ पूजामें मुहुर्तमें किया जा सकता है। प्रतिदिन की पूजा में भी १माला तो मंत्र जप करना ही चाहिए। गणेशजी की पूजा में- लाल लाल   पुष्प, aT, लाल अक्षत लाल पुष्प की माला, प्रसाद में गणेश जी को लड्डू अति पसन्द हैं। श्री विष्णुजी का मंत्र मंत्र   ३४ ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं लक्ष्मी वासुदेवाय नमः| fafq- त्रिभुवन f ٦ के पालनकर्त्ता हैं। वे भगवान जगत अतिशय श्रद्धालु, उदार, भक्त रक्षक और सङ्कट निवारक हैं, भक्त के प्रति द्रवित हो जाते हैं। उनकी स्तुति में एक स्त्रोत रचा गया है- fau] सहस्रनाम। विष्णु भगवान की स्तुति आराधना हेतु एक हजार मंत्र तो सहज-सुलभ हैं।  श्रीरामजी का मंत्र मंत्र ३ँ० नमो भगवते रामाय महापुरुषाय नमः fafu-| f भगवान् के अवतार श्री रामचन्द्रजी का नाम स्वयं में एक महामंत्र है। रामजी की तस्वीर सामने रखकर या राम रक्षा यंत्र को भी তরো जा सकता है। दैवीय-्कृपा प्राप्ति के मंत्र हमारी भारतीय संस्कृति में कई हजार देवी-देवताओं का वर्णन किया गया है। उन सभी के बारे में वर्णन करना बहुत ही मुश्किल होगा। लेकि कुछ देवी देवता तो आज भी और हम सभी को उनकी अलौकिक पूज्य हैं। शक्ति का़ पूर्ण अनुभव है। श्री गणेशजी का मंत्र ३ँ ह्रीं श्रीं क्लीं गौं गं श्री मन्महागणाधिपतये नमः মন্ন विधि- गणेशजीकी किसी भी शुभ मंत्रका जप प्रारम्भ पूजामें मुहुर्तमें किया जा सकता है। प्रतिदिन की पूजा में भी १माला तो मंत्र जप करना ही चाहिए। गणेशजी की पूजा में- लाल लाल   पुष्प, aT, लाल अक्षत लाल पुष्प की माला, प्रसाद में गणेश जी को लड्डू अति पसन्द हैं। श्री विष्णुजी का मंत्र मंत्र   ३४ ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं लक्ष्मी वासुदेवाय नमः| fafq- त्रिभुवन f ٦ के पालनकर्त्ता हैं। वे भगवान जगत अतिशय श्रद्धालु, उदार, भक्त रक्षक और सङ्कट निवारक हैं, भक्त के प्रति द्रवित हो जाते हैं। उनकी स्तुति में एक स्त्रोत रचा गया है- fau] सहस्रनाम। विष्णु भगवान की स्तुति आराधना हेतु एक हजार मंत्र तो सहज-सुलभ हैं।  श्रीरामजी का मंत्र मंत्र ३ँ० नमो भगवते रामाय महापुरुषाय नमः fafu-| f भगवान् के अवतार श्री रामचन्द्रजी का नाम स्वयं में एक महामंत्र है। रामजी की तस्वीर सामने रखकर या राम रक्षा यंत्र को भी তরো जा सकता है। - ShareChat
#✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय #💰आर्थिक समस्याओं का समाधान🔯 #🌸 सत्य वचन #🙏 प्रेरणादायक विचार
✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - [ लौंग मोहन मत्र-१ ] आदेश ` कामरू देश कामाख्या देवी | जहां ऊँ नमो T&| इस्माईल जोगी ने दीन्हीं लौंग एक लौंग बसे इस्माईल जोगी दूजी लौंग दिखावे राती तीजी लौंग रहे ठहराय राती माती चौथी लौंग मिलावे आय | नहीं आवे तो कुआं बावड़ी घाट फिरे रंडी कुआं बावड़ी ये छिटक मरे अँठ नमो आदेश गुरु का मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा साधक को उक्त मत्रा ग्रहण के समय ही सिद्ध कर लेना चाहिए, इसके लिए साधक किसी भी ग्रहण काल में मिट्टी का चौमुखा दीप और चार लौंग लेकर किसी पवित्न स्थान पर बैठे। साधक दीप में चमेली का तेल डालकर चार बतियों को भिगोकर जलाए। दीप इस तरह रखे कि हर एक बती का मुख हर एक दिशा में हो। तत्पश्चात् साधक बटी की और लाँग रखे और ग्रहण प्रारम्भ होने से अन्त होने तक उक्त मन्त्र का जप करे। ग्रहण समाप्त होने के बाद चारों लाँग यंत्र में भर ले। तत्पश्चात् साधक को जब कभी भी इसका उपयोग करना हो तो वह चार ताजा लौंग लेकर सात बार उक्त मन्त्र से अभिमन्त्रित करने के पश्चात् जिस किसी व्यक्ति तो खिला देगा और यंत्र का स्पर्श करा देगा, तो वह साधक के प्रति मोहित हो जाता है। [ लौंग मोहन मत्र-१ ] आदेश ` कामरू देश कामाख्या देवी | जहां ऊँ नमो T&| इस्माईल जोगी ने दीन्हीं लौंग एक लौंग बसे इस्माईल जोगी दूजी लौंग दिखावे राती तीजी लौंग रहे ठहराय राती माती चौथी लौंग मिलावे आय | नहीं आवे तो कुआं बावड़ी घाट फिरे रंडी कुआं बावड़ी ये छिटक मरे अँठ नमो आदेश गुरु का मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा साधक को उक्त मत्रा ग्रहण के समय ही सिद्ध कर लेना चाहिए, इसके लिए साधक किसी भी ग्रहण काल में मिट्टी का चौमुखा दीप और चार लौंग लेकर किसी पवित्न स्थान पर बैठे। साधक दीप में चमेली का तेल डालकर चार बतियों को भिगोकर जलाए। दीप इस तरह रखे कि हर एक बती का मुख हर एक दिशा में हो। तत्पश्चात् साधक बटी की और लाँग रखे और ग्रहण प्रारम्भ होने से अन्त होने तक उक्त मन्त्र का जप करे। ग्रहण समाप्त होने के बाद चारों लाँग यंत्र में भर ले। तत्पश्चात् साधक को जब कभी भी इसका उपयोग करना हो तो वह चार ताजा लौंग लेकर सात बार उक्त मन्त्र से अभिमन्त्रित करने के पश्चात् जिस किसी व्यक्ति तो खिला देगा और यंत्र का स्पर्श करा देगा, तो वह साधक के प्रति मोहित हो जाता है। - ShareChat
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✡️ज्योतिष समाधान 🌟 - वन्ष्यानस्त्री को पुत्र॰प्राप्ति का मंत्र और साधन ३ परब्रह्म परमात्मने अभुकी गर्भ दीर्घजीविनं सुतं कुरु कुरु र्वाहा १ चिधि यह मन्त्र दस हजार को संख्या में जपने से सिद्ध होता है। मंञ्र ৯ িম খান ৭য' 'अमुकी ' शब्द् ग्र।या है, वहाँ उस स्त्रीो के नाम का उच्चा- करनना चाहिए, जिसके भर्भ ठहरने की श्राकांक्षा हो सिद्ध हो जाने मन्त्र के पश्चात् निम्नलिखित साधन करना चाहिएः  मार्ग शीर्ष ( अगहन ) ग्रथवा जेठ के महीने की पूर्एिमा ेे दिन घर॰को # गोबर 779 एक छः फोण का मण्डप बनावॅ कर वहाँ नवरत्न , सुवर्ण  सुगन्घित जल से पूर्ण नवीन कलश झो़ मददिका तथा =* को स्थापना तथा चारों ओर केले के खम्भ गाढ़ दें 1 तः्पश्चात् एकान्त में बैठ कर देवियों के नाम के मन्त्र से गन्घ, पुष्प घ्रक्षत , घृत, दोपक, नैवेद्य ग्रादि द्वारा (१ ) वाराही , ( २) ऐन्द्री , ( ३ ) ब्राह्मी , (४) माहेश्व री, ( ५) (६)   दैष्णवी ~ इन कौमारो , विघिवत् देवियों छः का पूजन   करें 1 कर्मकाण्डी   श्र।ह्मण से करानी चाहिए নহ্াল ೫  fur f೫ಗೇ' 77 तथा `देवीं देवता सिद्धि॰ नामक पुस्तक के ग्रनुसार पूजन कराना चाहिए इन छः देवियों को षट्कोण के एक एक कोने भें स्थापित करके   मन्त्राादि दिन तक पूजा करभीं चाहिए। ग्राठवें दिन एक कुमार, & =77%- से মান कन्याग्रों को भोजन करा के दक्षिणा   देकर, परिक्रमा प्रणाम নথা Tr বাছিব  पूजन तथा भोजनादि को समाप्ति फर जिन देवियों इस प्रकार 1 সয  } कोण   में उनका तथा कलश का नदौ मेंदेप्त्# स्थापिता किया गपा था, कर देना चाहिए वन्ष्यानस्त्री को पुत्र॰प्राप्ति का मंत्र और साधन ३ परब्रह्म परमात्मने अभुकी गर्भ दीर्घजीविनं सुतं कुरु कुरु र्वाहा १ चिधि यह मन्त्र दस हजार को संख्या में जपने से सिद्ध होता है। मंञ्र ৯ িম খান ৭য' 'अमुकी ' शब्द् ग्र।या है, वहाँ उस स्त्रीो के नाम का उच्चा- करनना चाहिए, जिसके भर्भ ठहरने की श्राकांक्षा हो सिद्ध हो जाने मन्त्र के पश्चात् निम्नलिखित साधन करना चाहिएः  मार्ग शीर्ष ( अगहन ) ग्रथवा जेठ के महीने की पूर्एिमा ेे दिन घर॰को # गोबर 779 एक छः फोण का मण्डप बनावॅ कर वहाँ नवरत्न , सुवर्ण  सुगन्घित जल से पूर्ण नवीन कलश झो़ मददिका तथा =* को स्थापना तथा चारों ओर केले के खम्भ गाढ़ दें 1 तः्पश्चात् एकान्त में बैठ कर देवियों के नाम के मन्त्र से गन्घ, पुष्प घ्रक्षत , घृत, दोपक, नैवेद्य ग्रादि द्वारा (१ ) वाराही , ( २) ऐन्द्री , ( ३ ) ब्राह्मी , (४) माहेश्व री, ( ५) (६)   दैष्णवी ~ इन कौमारो , विघिवत् देवियों छः का पूजन   करें 1 कर्मकाण्डी   श्र।ह्मण से करानी चाहिए নহ্াল ೫  fur f೫ಗೇ' 77 तथा `देवीं देवता सिद्धि॰ नामक पुस्तक के ग्रनुसार पूजन कराना चाहिए इन छः देवियों को षट्कोण के एक एक कोने भें स्थापित करके   मन्त्राादि दिन तक पूजा करभीं चाहिए। ग्राठवें दिन एक कुमार, & =77%- से মান कन्याग्रों को भोजन करा के दक्षिणा   देकर, परिक्रमा प्रणाम নথা Tr বাছিব  पूजन तथा भोजनादि को समाप्ति फर जिन देवियों इस प्रकार 1 সয  } कोण   में उनका तथा कलश का नदौ मेंदेप्त्# स्थापिता किया गपा था, कर देना चाहिए - ShareChat