Suman Dwivedi
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#👍 सफलता के मंत्र ✔️ #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #👍 डर के आगे जीत👌 #❤️जीवन की सीख
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📖जीवन का लक्ष्य🤔 - पांडव निर्जला एकादशी भीमसेनी २५ जून निर्जला एकादशी व्रत कथा धार्मिक मान्यता के अनुसार महाभारत काल में भीमसेन को बहुत भूख लगती थी! इसलिए वे वर्ष भर की सभी एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते थे! तब उन्होंने महर्षि वेदव्यास जी से उपाय पूछाः वेद व्यास जी ने कहाः कि यदि तुम ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष के दिन अन्न और बिना जल के व्रत रखो तो तुम्हें वर्ष भर की सभी एकादशियों के बराबर का कारण ये व्रत भी निर्जला पुण्य फल मिलेगा! इसी एकादशी कहलाया! इस दिन प्रात स्नान करके श्री हरि विष्णु जी की पूजा की जाती है, व्रत का संकल्प लेकर पूरे दिन अन्न,फल और जल का पीले पुष्प, , है! भगवान विष्णु जी को त्याग करना किए  तुलसीदल, धूप, दीप और नावेद अर्पित Iగౌ हैं! रात्रि में भजन कीर्तन और जागरण करना शुभ है! मान्यता है कि इस दिन व्रत को माना जाता श्रद्धा और नियम पूर्वक करने से समस्त पापों का नाश होता है! और मोक्ष की प्राप्ति होती है, और सभी एकादशियों का पुण्य फल मिलता है, इसके बाद अगले दिन द्वादशी तिथि में विधिपूर्वक पारण किया जाता है ! जल से भरा घड़ा , पंखा, वस्त्र, फल और दक्षिण का दान भी নিঞ্থি ম ক্রূনা ೫೯ಿಗ शुभ माना जाता है ! जयश्रा राम पांडव निर्जला एकादशी भीमसेनी २५ जून निर्जला एकादशी व्रत कथा धार्मिक मान्यता के अनुसार महाभारत काल में भीमसेन को बहुत भूख लगती थी! इसलिए वे वर्ष भर की सभी एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते थे! तब उन्होंने महर्षि वेदव्यास जी से उपाय पूछाः वेद व्यास जी ने कहाः कि यदि तुम ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष के दिन अन्न और बिना जल के व्रत रखो तो तुम्हें वर्ष भर की सभी एकादशियों के बराबर का कारण ये व्रत भी निर्जला पुण्य फल मिलेगा! इसी एकादशी कहलाया! इस दिन प्रात स्नान करके श्री हरि विष्णु जी की पूजा की जाती है, व्रत का संकल्प लेकर पूरे दिन अन्न,फल और जल का पीले पुष्प, , है! भगवान विष्णु जी को त्याग करना किए  तुलसीदल, धूप, दीप और नावेद अर्पित Iగౌ हैं! रात्रि में भजन कीर्तन और जागरण करना शुभ है! मान्यता है कि इस दिन व्रत को माना जाता श्रद्धा और नियम पूर्वक करने से समस्त पापों का नाश होता है! और मोक्ष की प्राप्ति होती है, और सभी एकादशियों का पुण्य फल मिलता है, इसके बाद अगले दिन द्वादशी तिथि में विधिपूर्वक पारण किया जाता है ! जल से भरा घड़ा , पंखा, वस्त्र, फल और दक्षिण का दान भी নিঞ্থি ম ক্রূনা ೫೯ಿಗ शुभ माना जाता है ! जयश्रा राम - ShareChat
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