Rajkumar  .S.  Vishwakarma
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Rajkumar .S. Vishwakarma
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जय श्री महाकाल 🙏🙏🙏🌹🚩🌹💐 🔔
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👍मोटिवेशनल कोट्स✌
🇮🇳 देशभक्ति - allzzilcilzl शान्तिकुञ्ज मनुष्य ्जन्म प्राप्त करना ईश्र्वर का अनुग्रह है, पर असली परख इस बात में है कि हम जीवन लक्ष्य की பfபகfufoஎ साहस दिखाते हैं। ~अखण्ड ज्योति जनवरी 1९७४ हम बदलेंगे- युग बदलेगा , हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी வதய 192li ` 4026 ` दिव्य प्रकाश का महापर्व २०२६ awgpofficial uuWalgporg 8439014110 YoUfUBE Shantikunj Rishi Chintan allzzilcilzl शान्तिकुञ्ज मनुष्य ्जन्म प्राप्त करना ईश्र्वर का अनुग्रह है, पर असली परख इस बात में है कि हम जीवन लक्ष्य की பfபகfufoஎ साहस दिखाते हैं। ~अखण्ड ज्योति जनवरी 1९७४ हम बदलेंगे- युग बदलेगा , हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी வதய 192li ` 4026 ` दिव्य प्रकाश का महापर्व २०२६ awgpofficial uuWalgporg 8439014110 YoUfUBE Shantikunj Rishi Chintan - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #👍मोटिवेशनल कोट्स✌
🇮🇳 देशभक्ति - allzzilcilzl शान्तिकुञ्ज जो काम हमें आज कश्ने हें , वह कल भी उतने ही महत्व के श्हेंगे , यह नहीं कहा जा शकता। परिरिथितिरयाँ क्षण -क्षण प२ बदलती श्हती हें औ२ ठनके अनुशा२ पिछडे हृुउ कार्यो कोई महत्व नहीं श्ह जाता। का अखण्ड ज्योति १९६४ जनवरी हम बदलेंगे- युग बदलेगा , हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी வதய 192li ` 4026 ` दिव्य प्रकाश का महापर्व २०२६ awgpofficial uuWalgporg 8439014110 YoUfUBE Shantikunj Rishi Chintan allzzilcilzl शान्तिकुञ्ज जो काम हमें आज कश्ने हें , वह कल भी उतने ही महत्व के श्हेंगे , यह नहीं कहा जा शकता। परिरिथितिरयाँ क्षण -क्षण प२ बदलती श्हती हें औ२ ठनके अनुशा२ पिछडे हृुउ कार्यो कोई महत्व नहीं श्ह जाता। का अखण्ड ज्योति १९६४ जनवरी हम बदलेंगे- युग बदलेगा , हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी வதய 192li ` 4026 ` दिव्य प्रकाश का महापर्व २०२६ awgpofficial uuWalgporg 8439014110 YoUfUBE Shantikunj Rishi Chintan - ShareChat
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🇮🇳 देशभक्ति - सदचित्तन  शात्तिकुंज : वी३िचे 9258352222 |0&|20?(_ आजका WiisePP शत्तिकुंन ' ?430014110 ১ামস? ৯৯ কাঁ মানা & गायत्री   पाप नाश करने वाली ಇನ ೩ ೫೯ 2 31: ಣf ~ ೫ पथ्वी గఃT ाला और कोई c केरन حا नह अखिoड ज्योत भई - १t४८ WhatsApp Shantikuni 8439014110 हम् सुधरेंगे, युग हम बदलेंगे, युग बदलेगा सुधरेगा awgpofficial Shantikunj Rishi Chintan Shantikun] Video KouMe =WWW8WgJorg A1ulutg सदचित्तन  शात्तिकुंज : वी३िचे 9258352222 |0&|20?(_ आजका WiisePP शत्तिकुंन ' ?430014110 ১ামস? ৯৯ কাঁ মানা & गायत्री   पाप नाश करने वाली ಇನ ೩ ೫೯ 2 31: ಣf ~ ೫ पथ्वी గఃT ाला और कोई c केरन حا नह अखिoड ज्योत भई - १t४८ WhatsApp Shantikuni 8439014110 हम् सुधरेंगे, युग हम बदलेंगे, युग बदलेगा सुधरेगा awgpofficial Shantikunj Rishi Chintan Shantikun] Video KouMe =WWW8WgJorg A1ulutg - ShareChat
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🇮🇳 देशभक्ति - संदचित्तन Rmor m6u  @ दिनाक 92503 52222 आज ११|०४२०२६ उपनिषढ् a4} का सर ত্তপনিণতী 2 TT {II तीन %1 व्याहृतिया ' JIIuT নঙIা Sont "೫೬ ಇc @1 दूध का रघी, रसेों का शह५ , की सार है, उसी प्रकार सभर sr का सार गेखित्री को केहा Jగ % | ज्येति तई १४८ 31605 WhatsApp - 8439014110 Shantikuni हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा हम बदलेग, युग बदलगा awgpofficial Shantikunj Rishi Chintan Shantikun] Video Iulitg =WWW8WgJorg A1ulutg संदचित्तन Rmor m6u  @ दिनाक 92503 52222 आज ११|०४२०२६ उपनिषढ् a4} का सर ত্তপনিণতী 2 TT {II तीन %1 व्याहृतिया ' JIIuT নঙIা Sont "೫೬ ಇc @1 दूध का रघी, रसेों का शह५ , की सार है, उसी प्रकार सभर sr का सार गेखित्री को केहा Jగ % | ज्येति तई १४८ 31605 WhatsApp - 8439014110 Shantikuni हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा हम बदलेग, युग बदलगा awgpofficial Shantikunj Rishi Chintan Shantikun] Video Iulitg =WWW8WgJorg A1ulutg - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #💁🏻‍♀️घरेलू नुस्खे
🇮🇳 देशभक्ति - सात वारों में जन्म का फल 51 {1 ?  ? प्राचीन ज्योतिष मान्यता के अनुसार जन्म के दिन का | 3{ व्यक्ति के स्वभाव और जीवन पर प्रभाव माना गया है। जन्म लेने वाला ~ पिताप्रकृति, पराक्रमी , तेजस्वी, रविवार युद्ध - प्रिय , दानी और अत्यन्त उत्साही होता है। जन्म हो तो ~ बुद्धिमान , प्रियवक्ता , शांत, राजा का सोमवार आश्रित , सुख-्दुख को समान मानने वाला, धनी और सवारी आदि साधनों से युक्त होता है।  जन्म हो तो - मनुष्य तीव्र बुद्धि, भूमि कायों से जीविका मंगलवार महाबली , प्राप्त करने वाला, पराक्रमी , युद्धप्रिय सेनापति या जनपालक होता है। जन्म होने से - गणित लेख आदि से आजीविका प्राप्त बुधवार करने वाला, प्रिय वक्ता, पण्डित, बुद्धिमान, सौम्य और सम्यत्ति से युक्त होता है। होने से - धनवान , बुद्धिमान, विवेकी, लोगों में जन्म गुरुवार मान्य, अध्यापक या राजमात्री , धार्मिक विचारों वाला होता है। जन्म दिन होने से चंचलचित , कामासक्त , धनोपार्जन शुक्रवार और क्रीड़ा में प्रेम करने वाला, बुद्धिमान , सुन्दर और सवारी आदि सुखों से युक्त होता है।  जन्म होे तो - स्थिर चचन वाला, चित्तनशील स्वभाव , fqR विकृत  नखवाला , अधिक केशवाला पराक्रमी , नीच दृष्टि, और प्रारभिक जीवन में संचर्ष अधिक होता है। अनेक उपायों से धनार्जन करने वाला होता हे। यह पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित जानकारी है, % प्रेरणात्मक रूप में देखें। को हुआ  आपका जन्म किस वार था? कमेंट में बताइए सात वारों में जन्म का फल 51 {1 ?  ? प्राचीन ज्योतिष मान्यता के अनुसार जन्म के दिन का | 3{ व्यक्ति के स्वभाव और जीवन पर प्रभाव माना गया है। जन्म लेने वाला ~ पिताप्रकृति, पराक्रमी , तेजस्वी, रविवार युद्ध - प्रिय , दानी और अत्यन्त उत्साही होता है। जन्म हो तो ~ बुद्धिमान , प्रियवक्ता , शांत, राजा का सोमवार आश्रित , सुख-्दुख को समान मानने वाला, धनी और सवारी आदि साधनों से युक्त होता है।  जन्म हो तो - मनुष्य तीव्र बुद्धि, भूमि कायों से जीविका मंगलवार महाबली , प्राप्त करने वाला, पराक्रमी , युद्धप्रिय सेनापति या जनपालक होता है। जन्म होने से - गणित लेख आदि से आजीविका प्राप्त बुधवार करने वाला, प्रिय वक्ता, पण्डित, बुद्धिमान, सौम्य और सम्यत्ति से युक्त होता है। होने से - धनवान , बुद्धिमान, विवेकी, लोगों में जन्म गुरुवार मान्य, अध्यापक या राजमात्री , धार्मिक विचारों वाला होता है। जन्म दिन होने से चंचलचित , कामासक्त , धनोपार्जन शुक्रवार और क्रीड़ा में प्रेम करने वाला, बुद्धिमान , सुन्दर और सवारी आदि सुखों से युक्त होता है।  जन्म होे तो - स्थिर चचन वाला, चित्तनशील स्वभाव , fqR विकृत  नखवाला , अधिक केशवाला पराक्रमी , नीच दृष्टि, और प्रारभिक जीवन में संचर्ष अधिक होता है। अनेक उपायों से धनार्जन करने वाला होता हे। यह पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित जानकारी है, % प्रेरणात्मक रूप में देखें। को हुआ  आपका जन्म किस वार था? कमेंट में बताइए - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️
🇮🇳 देशभक्ति - ।l रामायण चौपाई |l {d' {d' पद चलइ सुनइ काना। कर बिनु करम करइ बिधि नानाII आनन रहित सकल रस भोगी। बिनु बानी बकता बड़ जोगी II अर्थ : जो (परमात्मा ) बिना पैरों के चलता है, बिना कानों के है मुख সুননা ট নিনা ' के नाना प्रकार के कर्म करता हाथों  के बिना ही जगत के सारे रसों का आनंद लेता है, और बिना वाणी के सबसे सर्वश्रेष्ठ वक्ता है। हे पार्वती जिनका नाम Wd కెౌ' प्राणी भी मोक्ष प्राप्त कर लेते हैं, वह प्रभु लेकर और चराचर जगत के स्वामी श्री राम सभी के हृदय रघुश्रेष्ठ की बात जानने वाले हैं। @SATSANGSANATAN ।l रामायण चौपाई |l {d' {d' पद चलइ सुनइ काना। कर बिनु करम करइ बिधि नानाII आनन रहित सकल रस भोगी। बिनु बानी बकता बड़ जोगी II अर्थ : जो (परमात्मा ) बिना पैरों के चलता है, बिना कानों के है मुख সুননা ট নিনা ' के नाना प्रकार के कर्म करता हाथों  के बिना ही जगत के सारे रसों का आनंद लेता है, और बिना वाणी के सबसे सर्वश्रेष्ठ वक्ता है। हे पार्वती जिनका नाम Wd కెౌ' प्राणी भी मोक्ष प्राप्त कर लेते हैं, वह प्रभु लेकर और चराचर जगत के स्वामी श्री राम सभी के हृदय रघुश्रेष्ठ की बात जानने वाले हैं। @SATSANGSANATAN - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕
🇮🇳 देशभक्ति - श्रीमद्भगवद्गीता २८ अध्याय , २८ संदेश मोह ही दुख का कारण है। সংসায 1: अमर है, मृत्यु का डर छोड़ो। अध्याय २ः आत्मा अध्याय ३ः कर्म करो, फल की चिंता मत करो। अध्याय ४ः ज्ञान से ही अज्ञान का अंधेरा मिटता है। अध्याय ५ः शांति अपने भीतर ही खोजें। अध्याय ६ः मन को जीतना ही सबसे बड़ी जीत है। अध्याय ७ः श्रद्धा ही ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग है। अध्याय 8ः अंत समय में जैसा भाव, वैसी ही गति। अध्याय ९: परमात्मा हर कण में वास करते हैं। अध्याय १०ः ईश्वर ही सृष्टि का आदि और अंत है। अध्याय १२: काल के सामने सब विवश हैं, बस निमित्त बनो। अध्याय १२ः भक्ति ही परम सत्य का मार्ग है। अध्याय १३ः शरीर क्षेत्र है, और आत्मा उसका ज्ञाता। गुणों से ऊपर उठकर ही मुक्ति संभव है। 3814 14; अध्याय १५ः परमात्मा ही संसार रूपी वृक्ष की जड़ हैं। अध्याय २६ः अहंकार का त्याग करो, दैवीय गुण अपनाओ। श्रद्धा होगी , वैसे तुम बनोगे। अध्याय २७ः जैसी तुम्हारी अध्याय १८ः सब कुछ ईश्वर को सौंप दो, वही तुम्हें बचाएंगे। श्रीमद्भगवद्गीता २८ अध्याय , २८ संदेश मोह ही दुख का कारण है। সংসায 1: अमर है, मृत्यु का डर छोड़ो। अध्याय २ः आत्मा अध्याय ३ः कर्म करो, फल की चिंता मत करो। अध्याय ४ः ज्ञान से ही अज्ञान का अंधेरा मिटता है। अध्याय ५ः शांति अपने भीतर ही खोजें। अध्याय ६ः मन को जीतना ही सबसे बड़ी जीत है। अध्याय ७ः श्रद्धा ही ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग है। अध्याय 8ः अंत समय में जैसा भाव, वैसी ही गति। अध्याय ९: परमात्मा हर कण में वास करते हैं। अध्याय १०ः ईश्वर ही सृष्टि का आदि और अंत है। अध्याय १२: काल के सामने सब विवश हैं, बस निमित्त बनो। अध्याय १२ः भक्ति ही परम सत्य का मार्ग है। अध्याय १३ः शरीर क्षेत्र है, और आत्मा उसका ज्ञाता। गुणों से ऊपर उठकर ही मुक्ति संभव है। 3814 14; अध्याय १५ः परमात्मा ही संसार रूपी वृक्ष की जड़ हैं। अध्याय २६ः अहंकार का त्याग करो, दैवीय गुण अपनाओ। श्रद्धा होगी , वैसे तुम बनोगे। अध्याय २७ः जैसी तुम्हारी अध्याय १८ः सब कुछ ईश्वर को सौंप दो, वही तुम्हें बचाएंगे। - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🤗 अच्छी सेहत का राज #💁🏻‍♀️घरेलू नुस्खे
🇮🇳 देशभक्ति - अपना शरीरआकर्षक कैसे बनाए 1. 3465:154}38/ २. उठने के बाद एक या दो ग्लास गुनगुना  पानी पिए। सुबह २ या 4 किलोमीटर घूम कर आये। 3 ४. एक घंटा योग करें। भर भीगे हुए खाली पेट अंकुरित ५. रात मुंग चने खाये ६. रोजाना 2 केले खाये। अपना शरीरआकर्षक कैसे बनाए 1. 3465:154}38/ २. उठने के बाद एक या दो ग्लास गुनगुना  पानी पिए। सुबह २ या 4 किलोमीटर घूम कर आये। 3 ४. एक घंटा योग करें। भर भीगे हुए खाली पेट अंकुरित ५. रात मुंग चने खाये ६. रोजाना 2 केले खाये। - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख
🇮🇳 देशभक्ति - वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी एवं दिव्य प्रकाश का 2026 महापर्व 997 8: मातृ दिवस माँ की ममता ! माँ का प्यार संतान के व्यक्तित्व निर्माण एवं संस्कारों में प्रमुख " के संवर्धन মুসিকা নিম্সান বালী समस्त माताओं एवं मातृ विभूतियों के सम्मान हेतु मनाए जाने वाले पावन पर्व ' मातृ शक्ति दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएँ ! हम बदलेंगे - युग बदलेगा युग सुधरेगा কম মুধশী- awgpofficial] 8439014110 WWW awgp.org YOU TUBB Shantikunj Rishi Lhintan वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी एवं दिव्य प्रकाश का 2026 महापर्व 997 8: मातृ दिवस माँ की ममता ! माँ का प्यार संतान के व्यक्तित्व निर्माण एवं संस्कारों में प्रमुख " के संवर्धन মুসিকা নিম্সান বালী समस्त माताओं एवं मातृ विभूतियों के सम्मान हेतु मनाए जाने वाले पावन पर्व ' मातृ शक्ति दिवस' की हार्दिक शुभकामनाएँ ! हम बदलेंगे - युग बदलेगा युग सुधरेगा কম মুধশী- awgpofficial] 8439014110 WWW awgp.org YOU TUBB Shantikunj Rishi Lhintan - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख
🇮🇳 देशभक्ति - आज का सद्चितन महत्वाकांक्षाएँ अगर आपके दिमाग पर हावी रहीं मित्रो तो हमको कहना पड़ेगा कि आपत्तिकालीन युग में आप कुछ अपनी महत्वाकांक्षाओं को कम करिए।तो नहीं कर पाएँगे क्या महत्वाकांक्षाएँ खत्म कर देने से आदमी का वर्चस खत्म नहीं हो जाएगा ? नहीं बेटे, उसके प्वाइंट बढ़ा दें, दिशाएँ बदल दें | जीवन को बड़प्पन की अपेक्षा महानता की दिशा में মীভ ৯ ক্ি ৪ম মমান ব্রনঠী महान किसे कहते हैं? जो सिद्धांतों के लिए काम करते हैं , आदर्शों के लिए काम करते हैं | इस दिशा में महत्वाकांक्षाओं को जितना बढ़ाना चाहें बढ़ा दें | गुरुजी हम तो ऋषि बनेंगे | बेटा , हम तुझे ऋषि बनाएँगे , ऋषि की महत्वाकांक्षा बढ़ा | हम तुझे ब्रह्मर्षि बना देंगे , राजर्षि बना देंगे पर शर्त एक ही है कि हमारे रास्ते पर चल और उधर की महत्वाकांक्षाएँ कम करके इधर की महत्वाकांक्षाओं में लगा दे, फिर जो भी तू कहेगा , हम बना देंगे | हम आपको सेठ नहीं बना सकते, मिनिस्टर नहीं बना सकते, राजा भी नहीं बना सकते, पर आपकी आध्यात्मिक महत्वाकांक्षाओं को हम पूरा कर सकते है, क्योँकि वे स्वाभाविक और सरल हैं ।उसमें दैवी शक्तियाँ सहायता करती हैं , पर आपकी भौतिक महत्वाकांक्षाओं में दैवी शक्तियाँ सहायता नहीं करतीं | उसमें आपका कर्म और सहायता करता है। पुरुषार्थ কী धरोहर-२-१२८ गरूचर आज का सद्चितन महत्वाकांक्षाएँ अगर आपके दिमाग पर हावी रहीं मित्रो तो हमको कहना पड़ेगा कि आपत्तिकालीन युग में आप कुछ अपनी महत्वाकांक्षाओं को कम करिए।तो नहीं कर पाएँगे क्या महत्वाकांक्षाएँ खत्म कर देने से आदमी का वर्चस खत्म नहीं हो जाएगा ? नहीं बेटे, उसके प्वाइंट बढ़ा दें, दिशाएँ बदल दें | जीवन को बड़प्पन की अपेक्षा महानता की दिशा में মীভ ৯ ক্ি ৪ম মমান ব্রনঠী महान किसे कहते हैं? जो सिद्धांतों के लिए काम करते हैं , आदर्शों के लिए काम करते हैं | इस दिशा में महत्वाकांक्षाओं को जितना बढ़ाना चाहें बढ़ा दें | गुरुजी हम तो ऋषि बनेंगे | बेटा , हम तुझे ऋषि बनाएँगे , ऋषि की महत्वाकांक्षा बढ़ा | हम तुझे ब्रह्मर्षि बना देंगे , राजर्षि बना देंगे पर शर्त एक ही है कि हमारे रास्ते पर चल और उधर की महत्वाकांक्षाएँ कम करके इधर की महत्वाकांक्षाओं में लगा दे, फिर जो भी तू कहेगा , हम बना देंगे | हम आपको सेठ नहीं बना सकते, मिनिस्टर नहीं बना सकते, राजा भी नहीं बना सकते, पर आपकी आध्यात्मिक महत्वाकांक्षाओं को हम पूरा कर सकते है, क्योँकि वे स्वाभाविक और सरल हैं ।उसमें दैवी शक्तियाँ सहायता करती हैं , पर आपकी भौतिक महत्वाकांक्षाओं में दैवी शक्तियाँ सहायता नहीं करतीं | उसमें आपका कर्म और सहायता करता है। पुरुषार्थ কী धरोहर-२-१२८ गरूचर - ShareChat