Rajkumar  .S.  Vishwakarma
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Rajkumar .S. Vishwakarma
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जय श्री महाकाल 🙏🙏🙏🌹🚩🌹💐 🔔
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #💕दिल वाली शुभकामनाएं #शुभ बुधवार #🔥होलिका दहन# हैप्पी होली# शुभ प्रभात🌹🌹🌿
🇮🇳 देशभक्ति - 10 1 04-03-26 होली बुधवार होली शीत ऋतु के उपरांत बंसत के आगमन और प्राकृतिक  सौन्दर्य का पर्व है, यह पर्व अति प्राचीन माना गया है। होली के चटक रंग ऊर्जा, जीवंतता और आनंद के सूचक हैं, होली का उल्लेख नारद पुराण और भविष्य पुराण में भी मिलता है। 10 1 04-03-26 होली बुधवार होली शीत ऋतु के उपरांत बंसत के आगमन और प्राकृतिक  सौन्दर्य का पर्व है, यह पर्व अति प्राचीन माना गया है। होली के चटक रंग ऊर्जा, जीवंतता और आनंद के सूचक हैं, होली का उल्लेख नारद पुराण और भविष्य पुराण में भी मिलता है। - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌞सुप्रभात सन्देश #💕दिल वाली शुभकामनाएं #शुभ बुधवार
🇮🇳 देशभक्ति - নাম তী ক সমিভ্র নী৯্ तुलसी  মাথী নিএলি ক, নিম্া নিনয নিনক্ तुलसी  सुसत्यव्रत, राम भरोसे एक II মুন্কূনি  साहस कठिन समय में सात गुण मनुष्य का साथ देते हैं ज्ञान (विद्या ) , विनम्रता, बुद्धि (विवेक ) , साहस, अच्छे कर्म, सत्य का पालन और भगवान राम पर अटूट विश्वास। নাম তী ক সমিভ্র নী৯্ तुलसी  মাথী নিএলি ক, নিম্া নিনয নিনক্ तुलसी  सुसत्यव्रत, राम भरोसे एक II মুন্কূনি  साहस कठिन समय में सात गुण मनुष्य का साथ देते हैं ज्ञान (विद्या ) , विनम्रता, बुद्धि (विवेक ) , साहस, अच्छे कर्म, सत्य का पालन और भगवान राम पर अटूट विश्वास। - ShareChat
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🇮🇳 देशभक्ति - श्री शिवमानस पजा Anilkhig 444 7111 रत्नेः कल्पितमासनं हिमजलेः स्नानं च दिव्याम्बरं  नानारत्नविभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनम्। जातीचम्पकविल्वपत्ररचित पुष्पं च धूपं तथा दीपं देव दयानिधे  हृत्कल्पितं गृह्यताम् I१२ पशुपते  सोवर्णे नवरत्नखण्डरचिते पात्रे पृतं पायसं  भक्ष्यं पञ्चविधं पयोदधियुतं रम्भाफलं पानकम् | शाकानामयुतं जलं रुचिकरं कर्पूरखण्डोज्ज्वलं  स्वीकुरु  ताम्बूलं मनसा मया विरचितं भक्त्या प्रभो  ||2 चामरयोर्पुगं व्यजनकं चादर्शकं निर्मलं  छत्र वीणाभेरिमृदङ्गकाहलकला गीतं च नृत्यं तथा  साष्टाङ्ग प्रणतिः स्तुतिर्बहुविधा ह्योतत्समस्तं मया गृहाण प्रभो ।१३  सङ्कल्पेन समर्पितं तव विभो  পুতা  आत्मा त्वं गिरिजा मतिः सहचराः प्राणाः शरीरं गृहं  पूजा ते विषयोपभोगरचना निद्रा समाधिस्थितिः सञ्चारः पदयोः प्रदक्षिणविधिः स्तोत्राणि सर्वा गिरो यद्यत्कर्म करोमि तत्तदखिलं शम्भो तवाराधनम I१४  किं चा चानेन धनेन वाजिकरिभी प्राप्तेन राज्येन किम । ক্ি না পুনকলন্ देहन गेहेन किम  पशुभिर  जञातवेत तत्क्षण भंगुरं सपदि रे त्याज्यं मनो दुरतः स्वामार्थम गुरु वाक्यतो भज भज श्री पार्वती बल्भम् I१५  इति श्रीमच्छङ्करचार्यविरचिता  থিনসানমপুতা মসাদ Il CAluuxr  श्री शिवमानस पजा Anilkhig 444 7111 रत्नेः कल्पितमासनं हिमजलेः स्नानं च दिव्याम्बरं  नानारत्नविभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनम्। जातीचम्पकविल्वपत्ररचित पुष्पं च धूपं तथा दीपं देव दयानिधे  हृत्कल्पितं गृह्यताम् I१२ पशुपते  सोवर्णे नवरत्नखण्डरचिते पात्रे पृतं पायसं  भक्ष्यं पञ्चविधं पयोदधियुतं रम्भाफलं पानकम् | शाकानामयुतं जलं रुचिकरं कर्पूरखण्डोज्ज्वलं  स्वीकुरु  ताम्बूलं मनसा मया विरचितं भक्त्या प्रभो  ||2 चामरयोर्पुगं व्यजनकं चादर्शकं निर्मलं  छत्र वीणाभेरिमृदङ्गकाहलकला गीतं च नृत्यं तथा  साष्टाङ्ग प्रणतिः स्तुतिर्बहुविधा ह्योतत्समस्तं मया गृहाण प्रभो ।१३  सङ्कल्पेन समर्पितं तव विभो  পুতা  आत्मा त्वं गिरिजा मतिः सहचराः प्राणाः शरीरं गृहं  पूजा ते विषयोपभोगरचना निद्रा समाधिस्थितिः सञ्चारः पदयोः प्रदक्षिणविधिः स्तोत्राणि सर्वा गिरो यद्यत्कर्म करोमि तत्तदखिलं शम्भो तवाराधनम I१४  किं चा चानेन धनेन वाजिकरिभी प्राप्तेन राज्येन किम । ক্ি না পুনকলন্ देहन गेहेन किम  पशुभिर  जञातवेत तत्क्षण भंगुरं सपदि रे त्याज्यं मनो दुरतः स्वामार्थम गुरु वाक्यतो भज भज श्री पार्वती बल्भम् I१५  इति श्रीमच्छङ्करचार्यविरचिता  থিনসানমপুতা মসাদ Il CAluuxr - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️
🇮🇳 देशभक्ति - ); 3 ? శ్ श्री राम चरित मानस चौपाई ।। दैहिक दैविक भौतिक तापा राम काज नहिं काहुहिं व्यापा ।। जो व्यक्ति भगवान श्री राम के कार्य और भक्ति में लगा रहता है, उसे शरीर, प्रकृति और संसार से उत्पन्न दुख अधिक प्रभावित नहीं कर पाते। ೬ 0 যম নাম সীয মনা মন ক্ষী ঈমা নল নৈ ; विपत्तियाँ भी छोटी लगने लगती हैं। 1 ); 3 ? శ్ श्री राम चरित मानस चौपाई ।। दैहिक दैविक भौतिक तापा राम काज नहिं काहुहिं व्यापा ।। जो व्यक्ति भगवान श्री राम के कार्य और भक्ति में लगा रहता है, उसे शरीर, प्रकृति और संसार से उत्पन्न दुख अधिक प्रभावित नहीं कर पाते। ೬ 0 যম নাম সীয মনা মন ক্ষী ঈমা নল নৈ ; विपत्तियाँ भी छोटी लगने लगती हैं। 1 - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️
🇮🇳 देशभक्ति - हरि शरणं नासै रोग हरै सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा व्यक्ति निरंतर वीर हनुमान जी के नाम का जाप करता रहता है॰ उसके सभी रोग नष्ट हो जाते हैं और उसके सारे दुखनदर्द दूर हो जाते हैं। हरि शरणं नासै रोग हरै सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा व्यक्ति निरंतर वीर हनुमान जी के नाम का जाप करता रहता है॰ उसके सभी रोग नष्ट हो जाते हैं और उसके सारे दुखनदर्द दूर हो जाते हैं। - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️
🇮🇳 देशभक्ति - हरि शरणं कवन सो काज कठिन जग माहीं जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं हे हनुमान! इस संसार में ऐसा कौन सा कठिन काम है॰ जो आपसे न हो सके?" अर्थात् आपकी शक्ति इतनी अपार है कि दुनिया का कोई भी कार्य आपके लिए असंभव नहीं है। हरि शरणं कवन सो काज कठिन जग माहीं जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं हे हनुमान! इस संसार में ऐसा कौन सा कठिन काम है॰ जो आपसे न हो सके?" अर्थात् आपकी शक्ति इतनी अपार है कि दुनिया का कोई भी कार्य आपके लिए असंभव नहीं है। - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #💁🏻‍♀️घरेलू नुस्खे #💫ध्यान के मंत्र🧘‍♂️ #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🇮🇳 देशभक्ति - कब लगेगा चंद्र ग्रहण? ३ मार्च २०२६ को साल का पहला चंद्र ग्रहण ग्रहण शुरूः ३:२० PM পুত সিমতা: 4:34 PM ग्रहण समाप्तः लगभग ६:४७ PM चंद्र उदयः ६ः२० -६:३० PM (भारत में ) মুনক কাল: মুন& 06:20- থান 06:45 নতী নক में ग्रहण का अंतिम चरण दिखाई देगा *भारत अवधि लगभग २० - २५ मिनट रहेगी कब लगेगा चंद्र ग्रहण? ३ मार्च २०२६ को साल का पहला चंद्र ग्रहण ग्रहण शुरूः ३:२० PM পুত সিমতা: 4:34 PM ग्रहण समाप्तः लगभग ६:४७ PM चंद्र उदयः ६ः२० -६:३० PM (भारत में ) মুনক কাল: মুন& 06:20- থান 06:45 নতী নক में ग्रहण का अंतिम चरण दिखाई देगा *भारत अवधि लगभग २० - २५ मिनट रहेगी - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🇮🇳 देशभक्ति - पवित्रता = शक्ति का शिव की ओर उन्मुख होना।  अपवित्रता = शक्ति का बाह्य विषयों में बिखर जाना।  शिव (चेतना) शिव पूर्ण, स्थिर, निर्विकार, साक्षी। उनमें न पवित्र है, न अपवित्र वे दोनों के पार हैं। ೆಕ  शक्ति (प्रकटन ऊर्जा) पार्वती या शक्ति ही प्रकृति के रूप में गतिशील है। संतुलित और मध्य बिंदु में होती है - वही  जब यह शक्ति पवित्रता है। जब यही शक्ति असंतुलित होकर वासनाओं, भय, या अज्ञान में बहती है - वही अपवित्रता प्रतीत होती है। पवित्रता = शक्ति का शिव की ओर उन्मुख होना।  अपवित्रता = शक्ति का बाह्य विषयों में बिखर जाना।  शिव (चेतना) शिव पूर्ण, स्थिर, निर्विकार, साक्षी। उनमें न पवित्र है, न अपवित्र वे दोनों के पार हैं। ೆಕ  शक्ति (प्रकटन ऊर्जा) पार्वती या शक्ति ही प्रकृति के रूप में गतिशील है। संतुलित और मध्य बिंदु में होती है - वही  जब यह शक्ति पवित्रता है। जब यही शक्ति असंतुलित होकर वासनाओं, भय, या अज्ञान में बहती है - वही अपवित्रता प्रतीत होती है। - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #💁🏻‍♀️घरेलू नुस्खे
🇮🇳 देशभक्ति - खड़े होकर भूलकर भी ये काम नकरें १. महिलाओं को खड़े होकर बाल नहों चाहिए  सुहाग पटता है। হমমী बनाना २. खड़े होकर पढाई कर्ने से विया कम होती है। ओर अपने से बड़ोंको 3. गुरूजनों  खड़े होकर प्रणाम नहों करना चाहिए। पूजा नहों करनो ४. खड़े होकर ऐसी पूजा स्वीकार चाहिए  नहों होती। ५. खड़े होकर पूजा नहों करनो चाहिए, ऐसो पूजा स्वोकार नहों होती। पूजा के बाद आरती के समय 5. आसन से खड़े होना शुभ माना जाता हे। खड़े होकर भूलकर भी ये काम नकरें १. महिलाओं को खड़े होकर बाल नहों चाहिए  सुहाग पटता है। হমমী बनाना २. खड़े होकर पढाई कर्ने से विया कम होती है। ओर अपने से बड़ोंको 3. गुरूजनों  खड़े होकर प्रणाम नहों करना चाहिए। पूजा नहों करनो ४. खड़े होकर ऐसी पूजा स्वीकार चाहिए  नहों होती। ५. खड़े होकर पूजा नहों करनो चाहिए, ऐसो पूजा स्वोकार नहों होती। पूजा के बाद आरती के समय 5. आसन से खड़े होना शुभ माना जाता हे। - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #📰GK & करेंट अफेयर्स Students💡
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