Rajkumar  .S.  Vishwakarma
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Rajkumar .S. Vishwakarma
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जय श्री महाकाल 🙏🙏🙏🌹🚩🌹💐 🔔
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #💁🏻‍♀️घरेलू नुस्खे
🇮🇳 देशभक्ति - WO upknoy २७ फरवरी को (१५१ साल बाद) विशेष एकादशी के उपाय []( @unknownworld कहा जा रहा है कि यह एकादशी बहुत विशेष है, इस  নিন  घर की माताएँ (गृह लक्ष्मी ) परिवार की सुख-्शांति और समृद्धि के लिए ये उपाय कर सकती हैंः १. पीपल के पेड़ का उपायः समय प्रदोष काल, आटे का दीपक बनाएं दीपक जलाकर पीपल के पेड़ के नीचे रखें, गोल बाती का उपयोग करें। २. शिवलिंग का उपायः एकादशी पर शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल, काले तिल, शहद, गन्ने का रस, गंगाजल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत फलदायी माना जाता है॰ इस दिन जल में ये चीजें मिलाकर अभिषेक करने से आर्थिक तंगी, दरिद्रता दूर होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैँ॰ साथ ही आटे का  दीपक जलाएं, यहां भी गोल बाती का उपयोग करें, परिवार की परेशानियां कम होती हैं॰ घर में शांति आती है॰ धन संबंधी बाधाएं दूर होती है, व्यापार  में उन्नति होती है। Follow me WO upknoy २७ फरवरी को (१५१ साल बाद) विशेष एकादशी के उपाय []( @unknownworld कहा जा रहा है कि यह एकादशी बहुत विशेष है, इस  নিন  घर की माताएँ (गृह लक्ष्मी ) परिवार की सुख-्शांति और समृद्धि के लिए ये उपाय कर सकती हैंः १. पीपल के पेड़ का उपायः समय प्रदोष काल, आटे का दीपक बनाएं दीपक जलाकर पीपल के पेड़ के नीचे रखें, गोल बाती का उपयोग करें। २. शिवलिंग का उपायः एकादशी पर शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल, काले तिल, शहद, गन्ने का रस, गंगाजल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत फलदायी माना जाता है॰ इस दिन जल में ये चीजें मिलाकर अभिषेक करने से आर्थिक तंगी, दरिद्रता दूर होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैँ॰ साथ ही आटे का  दीपक जलाएं, यहां भी गोल बाती का उपयोग करें, परिवार की परेशानियां कम होती हैं॰ घर में शांति आती है॰ धन संबंधी बाधाएं दूर होती है, व्यापार  में उन्नति होती है। Follow me - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏 प्रेरणादायक विचार #💁🏻‍♀️घरेलू नुस्खे #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख
🇮🇳 देशभक्ति - समय पत्रिका स्वामी विवेकानंद की युवाओं को सीख खुद पर विश्वास आत्म-विश्वास की शक्ति करना ही सबसे बड़ी पूजा है विवेकानंद कहते थे कि जो व्यक्ति स्वयं पर विश्वास नहीं करता , वह ईश्वर पर भी विश्वास नहीं कर सकता अपनी असीमित क्षमताओं को पहचानें | 'उठो , जागो और तब एकाग्रता और लक्ष्य तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए । विचार चुनें और उसे ही अपना जीवन बना  एक एकाग्रता ही सफलता की असली कुंजी है लें निर्भयता और चरित्र : डर ही सभी दुखों और निडर बनें और नैतिक का कारण है बुराइयों रूप से मजबूत चरित्र का निर्माण करें केवल लोहे की मांसपेशियां और फौलाद की नसें ही নভ নলান লা সন্ধলী ই ಘ "' चिंतन करो॰ चिंता नहीं  प्रभात प्रकाशन समय पत्रिका स्वामी विवेकानंद की युवाओं को सीख खुद पर विश्वास आत्म-विश्वास की शक्ति करना ही सबसे बड़ी पूजा है विवेकानंद कहते थे कि जो व्यक्ति स्वयं पर विश्वास नहीं करता , वह ईश्वर पर भी विश्वास नहीं कर सकता अपनी असीमित क्षमताओं को पहचानें | 'उठो , जागो और तब एकाग्रता और लक्ष्य तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए । विचार चुनें और उसे ही अपना जीवन बना  एक एकाग्रता ही सफलता की असली कुंजी है लें निर्भयता और चरित्र : डर ही सभी दुखों और निडर बनें और नैतिक का कारण है बुराइयों रूप से मजबूत चरित्र का निर्माण करें केवल लोहे की मांसपेशियां और फौलाद की नसें ही নভ নলান লা সন্ধলী ই ಘ "' चिंतन करो॰ चिंता नहीं  प्रभात प्रकाशन - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #💁🏻‍♀️घरेलू नुस्खे #🙏 प्रेरणादायक विचार
🇮🇳 देशभक्ति - समय पत्रिका डॉ॰ अब्दुल कलाम की युवाओं को सीख बड़े सपने देखने का साहस कलाम साहब का मानना था कि सपने वो नहीं जो आप नींद में देखते हैं, बल्कि सपने वो हैं जो आपको सोने नहीं देते | अपनी सोच को ऊंचा रखें और असंभव को संभव करने का साहस जुटाएं विफलता को सफलता की सीढ़ी बनाना उनके अनुसार विफलता (FAIL ) का अर्थ है First Attempt In Learning यानी सीखने का पहला हार से डरने के बजाय अपनी गलतियों से सीखें সমাম और तब तक प्रयास करें जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। निरंतर ज्ञान और कर्म की शक्ति को अपना ಶಾ3 व्यक्तित्व 'सूरज' जैसा बनाना चाहिए | सूरज की तरह चमकने के लिए पहले उसकी तरह तपना जरूरी है । निरंतर सीखना और खुद को संवारना ही भविष्य की ಕ| असली पंजी  ^ अगनि की उड़ान  সমান সব্ধাসান समय पत्रिका डॉ॰ अब्दुल कलाम की युवाओं को सीख बड़े सपने देखने का साहस कलाम साहब का मानना था कि सपने वो नहीं जो आप नींद में देखते हैं, बल्कि सपने वो हैं जो आपको सोने नहीं देते | अपनी सोच को ऊंचा रखें और असंभव को संभव करने का साहस जुटाएं विफलता को सफलता की सीढ़ी बनाना उनके अनुसार विफलता (FAIL ) का अर्थ है First Attempt In Learning यानी सीखने का पहला हार से डरने के बजाय अपनी गलतियों से सीखें সমাম और तब तक प्रयास करें जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। निरंतर ज्ञान और कर्म की शक्ति को अपना ಶಾ3 व्यक्तित्व 'सूरज' जैसा बनाना चाहिए | सूरज की तरह चमकने के लिए पहले उसकी तरह तपना जरूरी है । निरंतर सीखना और खुद को संवारना ही भविष्य की ಕ| असली पंजी  ^ अगनि की उड़ान  সমান সব্ধাসান - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #💁🏻‍♀️घरेलू नुस्खे #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #🙏कर्म क्या है❓
🇮🇳 देशभक्ति - समय पन्निका नैतिक शिक्षा मूल्य के संदर्भ में भारत तथा विश्व की स्थिति संस्कृति के लिए जाना जाता है। भारत विश्व पटल पर सभ्य चाहे वह सनातन धर्म की संस्कृति हो या सनातन धर्म के कर्मकांड-हमारे ग्रंथ, हमारी विरासत , रामायण, महाभारत, हमारे ऋषि- मुनि, बौद्ध और जैन दर्शन के अनुयायी-ये सभी सनातन दर्शन की विशेषताओं को उजागर करते हैं जहाँ अच्छाई - बुराई का स्पष्ट विभेद किया गया है और जनमानस में कहा गया है, "बुराई पर अच्छाई पुराणों अर्थात्, अच्छाई ही नैतिक मूल्य है की जीत होती है ।" समय पन्निका नैतिक शिक्षा मूल्य के संदर्भ में भारत तथा विश्व की स्थिति संस्कृति के लिए जाना जाता है। भारत विश्व पटल पर सभ्य चाहे वह सनातन धर्म की संस्कृति हो या सनातन धर्म के कर्मकांड-हमारे ग्रंथ, हमारी विरासत , रामायण, महाभारत, हमारे ऋषि- मुनि, बौद्ध और जैन दर्शन के अनुयायी-ये सभी सनातन दर्शन की विशेषताओं को उजागर करते हैं जहाँ अच्छाई - बुराई का स्पष्ट विभेद किया गया है और जनमानस में कहा गया है, "बुराई पर अच्छाई पुराणों अर्थात्, अच्छाई ही नैतिक मूल्य है की जीत होती है ।" - ShareChat
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🇮🇳 देशभक्ति - 2 समय पन्निका रामायण में नैतिक की अभिव्यक्ति ؟~ रामायण के संदर्भ में नैतिकता के अनेक उदाहरण मिलते हैं जैसे भाई राम के लिए भरत का त्याग अपने वचन को निभाने की दृढ़ इच्छाशक्ति और सत्ता को बिना किसी चाह के जीते हुए देश उपहार में दे देना ये उदाहरण भारतीय संस्कृति की नैतिकता को दर्शाते हैं, जिनमें भारत के नैतिक की स्पष्ट झलक मिलती है। मूल्यों महाभारत और गीता में नैतिक कर्म महाभारत में धर्म और कर्म का विस्तृत विवेचन मिलता है श्रीकृष्ण ने गीता में उपदेश देते हुए कहा- "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोउस्त्वकर्मणि II" TT ( श्रीमद्भगवद्गीता २.४७ ) अर्थात्-कर्म पर तुम्हारा अधिकार है, फल पर नहीं । 2 समय पन्निका रामायण में नैतिक की अभिव्यक्ति ؟~ रामायण के संदर्भ में नैतिकता के अनेक उदाहरण मिलते हैं जैसे भाई राम के लिए भरत का त्याग अपने वचन को निभाने की दृढ़ इच्छाशक्ति और सत्ता को बिना किसी चाह के जीते हुए देश उपहार में दे देना ये उदाहरण भारतीय संस्कृति की नैतिकता को दर्शाते हैं, जिनमें भारत के नैतिक की स्पष्ट झलक मिलती है। मूल्यों महाभारत और गीता में नैतिक कर्म महाभारत में धर्म और कर्म का विस्तृत विवेचन मिलता है श्रीकृष्ण ने गीता में उपदेश देते हुए कहा- "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोउस्त्वकर्मणि II" TT ( श्रीमद्भगवद्गीता २.४७ ) अर्थात्-कर्म पर तुम्हारा अधिकार है, फल पर नहीं । - ShareChat
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🇮🇳 देशभक्ति - 3 समय पन्निका धर्मों में नैतिकता की संकल्पना fag इस्लाम धर्म और ईसाई धर्म में भी नैतिकता का विशेष जो नैतिकता मानव मूल्यों की रक्षा करे, वही महत्व है नैतिकता  का वास्तविक ज्ञान कराती है। यह कहा जा सकता है, " नैतिक मूल्य सम्पूर्ण विकास का प्राणाधार है ।" कृष्णमूर्ति जी ने कहा, के सुख और आनंद की "दूसरों प्राप्ति में सहयोग करना ही नैतिकता कहलाती है ।" नैतिकता को सुरक्षित रखने के लिए सबसे छोटी इकाई से प्रारंभ करना होगा, ताकि वहीं से आगे का विकास संभव ஈ5 ননিন্ধ ন্ূদ नैतिक या अनैतिक कर्म की पहचान हमारी आचार- प्रणाली पर निर्भर करती है | स्वयं का विवेक भी हमें बुरे कर्मों से रोकने का कार्य करता है 3 समय पन्निका धर्मों में नैतिकता की संकल्पना fag इस्लाम धर्म और ईसाई धर्म में भी नैतिकता का विशेष जो नैतिकता मानव मूल्यों की रक्षा करे, वही महत्व है नैतिकता  का वास्तविक ज्ञान कराती है। यह कहा जा सकता है, " नैतिक मूल्य सम्पूर्ण विकास का प्राणाधार है ।" कृष्णमूर्ति जी ने कहा, के सुख और आनंद की "दूसरों प्राप्ति में सहयोग करना ही नैतिकता कहलाती है ।" नैतिकता को सुरक्षित रखने के लिए सबसे छोटी इकाई से प्रारंभ करना होगा, ताकि वहीं से आगे का विकास संभव ஈ5 ননিন্ধ ন্ূদ नैतिक या अनैतिक कर्म की पहचान हमारी आचार- प्रणाली पर निर्भर करती है | स्वयं का विवेक भी हमें बुरे कर्मों से रोकने का कार्य करता है - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #💁🏻‍♀️घरेलू नुस्खे #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈
🇮🇳 देशभक्ति - समय पन्निका আামালমী স নলিন্ধনা ন্ধী মুসিন্ধা नैतिकता को विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से समझा जा सकता ಕ क्या अपराध या कार्य जानबूझकर किया गया या अनजाने में ? क्या कार्य करने में व्यक्ति स्वतंत्र था या परतंत्र ? यदि कर्म दबाव में किया गया, तो क्या व्यक्ति पूर्ण रूप से उत्तरदायी है? शुभ संकल्पना के फलस्वरूप यदि बुरा कर्म हुआ, तो क्या व्यक्ति दोषी माना जाएगा ? कांत द्वारा नैतिकता का उदाहरण कांत के अनुसार- "कर्तव्य के लिए किया गया कार्य" और "कर्तव्य के अनुसार किया गया कार्य" ; इन दोनों प्रकार के कर्मों को नैतिक कर्म की संज्ञा दी जा सकती है । समय पन्निका আামালমী স নলিন্ধনা ন্ধী মুসিন্ধা नैतिकता को विभिन्न प्रश्नों के माध्यम से समझा जा सकता ಕ क्या अपराध या कार्य जानबूझकर किया गया या अनजाने में ? क्या कार्य करने में व्यक्ति स्वतंत्र था या परतंत्र ? यदि कर्म दबाव में किया गया, तो क्या व्यक्ति पूर्ण रूप से उत्तरदायी है? शुभ संकल्पना के फलस्वरूप यदि बुरा कर्म हुआ, तो क्या व्यक्ति दोषी माना जाएगा ? कांत द्वारा नैतिकता का उदाहरण कांत के अनुसार- "कर्तव्य के लिए किया गया कार्य" और "कर्तव्य के अनुसार किया गया कार्य" ; इन दोनों प्रकार के कर्मों को नैतिक कर्म की संज्ञा दी जा सकती है । - ShareChat
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🇮🇳 देशभक्ति - 5 समय पन्निका नैतिक रूप से शिक्षित व्यक्ति के लक्षण ( नैतिक निर्णय लेने की क्षमता ) मानव में स्वयं निर्णय लेने की क्षमता का विकास, जिससे वह सही - गलत का विवेक कर सके नैतिकता की यथार्थता का विकास ননিন্ধ निर्णयों में धर्मनिरपेक्षता का भाव ননিন্ধ निर्णय लेते समय सामाजिक कौशल का बौद्धिक या सैद्धांतिक निर्णय पर्याप्त ध्यान; केवल नहीं अंतर्दृष्टि और संवेदनशीलता का विकास पर थोपने से बचना | ० अपने विचार और भाव दूसरों जे. कृष्णमूर्ति : विश्व शांति एवं नैतिक मूल्यों के संदर्भ में डॉ. दिलोप कुमार सिंह फ्लाईड्रोम्स पब्लिकेशन्स 5 समय पन्निका नैतिक रूप से शिक्षित व्यक्ति के लक्षण ( नैतिक निर्णय लेने की क्षमता ) मानव में स्वयं निर्णय लेने की क्षमता का विकास, जिससे वह सही - गलत का विवेक कर सके नैतिकता की यथार्थता का विकास ননিন্ধ निर्णयों में धर्मनिरपेक्षता का भाव ননিন্ধ निर्णय लेते समय सामाजिक कौशल का बौद्धिक या सैद्धांतिक निर्णय पर्याप्त ध्यान; केवल नहीं अंतर्दृष्टि और संवेदनशीलता का विकास पर थोपने से बचना | ० अपने विचार और भाव दूसरों जे. कृष्णमूर्ति : विश्व शांति एवं नैतिक मूल्यों के संदर्भ में डॉ. दिलोप कुमार सिंह फ्लाईड्रोम्स पब्लिकेशन्स - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #💁🏻‍♀️घरेलू नुस्खे #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👉 लोगों के लिए सीख👈
🇮🇳 देशभक्ति - मय पत्रिका डॉ॰ आंबेडकर की युवाओं को सीख डॉ. आंबेडकर का मानना था कि॰ शिक्षा ही असली आज़ादी है शिक्षा वह चाबी है जो बंद दिमाग और बंद दरवाजों , दोनों को खोल देती है । अगर आप जागरूक और आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं॰ तो पढ़ना और सीखना कभी न छोड़ें কপল ক্িনানী সান ৯্ী নন্ী, बल्कि सही- गलत में फर्क करना भी सीखें बाबासाहेब के लिए समानता बराबरी और न्याय का रास्ता सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि जीने का तरीका था| आज के युवाओं की यह जिम्मेदारी है कि वे जात- पात और भेदभाव जैसी पुरानी सोच  अन्याय के खिलाफ अकेले लडने के बजाय एकजुट चुनौती दें। को अपने देश के कानून और संविधान को समझें, क्योंकि होना सीखें । यही आपको मजबूती देता है। खुद को गढ़ें और साथ जुड़ें उनका सबसे मशहूर मंत्र था- 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो । लोकतंत्र को बचाने के लिए तार्किक सोच अपनाएं और एक ऐसे ली़डर बनें जो अपनी Ram / नैतिकता  और ईमानदारी से दूसरों को रास्ता ೈಗಳಗನ್ "ಾ आंबेडकर की पुस्तक शूद्र कौन थे?' और ' अछूत के = "కౌ औधार पर मय पत्रिका डॉ॰ आंबेडकर की युवाओं को सीख डॉ. आंबेडकर का मानना था कि॰ शिक्षा ही असली आज़ादी है शिक्षा वह चाबी है जो बंद दिमाग और बंद दरवाजों , दोनों को खोल देती है । अगर आप जागरूक और आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं॰ तो पढ़ना और सीखना कभी न छोड़ें কপল ক্িনানী সান ৯্ী নন্ী, बल्कि सही- गलत में फर्क करना भी सीखें बाबासाहेब के लिए समानता बराबरी और न्याय का रास्ता सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि जीने का तरीका था| आज के युवाओं की यह जिम्मेदारी है कि वे जात- पात और भेदभाव जैसी पुरानी सोच  अन्याय के खिलाफ अकेले लडने के बजाय एकजुट चुनौती दें। को अपने देश के कानून और संविधान को समझें, क्योंकि होना सीखें । यही आपको मजबूती देता है। खुद को गढ़ें और साथ जुड़ें उनका सबसे मशहूर मंत्र था- 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो । लोकतंत्र को बचाने के लिए तार्किक सोच अपनाएं और एक ऐसे ली़डर बनें जो अपनी Ram / नैतिकता  और ईमानदारी से दूसरों को रास्ता ೈಗಳಗನ್ "ಾ आंबेडकर की पुस्तक शूद्र कौन थे?' और ' अछूत के = "కౌ औधार पर - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #🕉️सनातन धर्म🚩 #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #👉 लोगों के लिए सीख👈 #☝आज का ज्ञान
🇮🇳 देशभक्ति - कौनन्सा धर्म ह्में क्या सिखाता है? ० हिंदू धर्म कर्म करो, फलकी चिंता मत जीवन करो का सबसे बड़ा सत्य। @ভ্রমলাস इंसानियत हर इबादत नियत साफरखो सेऊपर। 0सिख धर्म दूसरों को उठाना ही सबकी सेवा करो असली शक्तिहै। 0 ईसाई धर्म माफ़ी से दिल हल्का , क्षमा करना सीखो इंसान बड़ा होता हे। 0बौद्ध धर्म  Nlaxj खुदको जीतलो - मन पर नियंत्रण ही 0007 सबसे बड़ी जीतहे। ads 0 जैन धर्म किसी को चोट मत पहुँचाओ ~ अहिंसा  सर्वोच्च धर्म है। Oমুদ্চীসন प्यार में ही भगवान है - नफ़रत में कभी शांति नहीं। धर्म अलग अलगहोसकतेहि लेकिन इंसानियत का संदेश एकहीहे। कौनन्सा धर्म ह्में क्या सिखाता है? ० हिंदू धर्म कर्म करो, फलकी चिंता मत जीवन करो का सबसे बड़ा सत्य। @ভ্রমলাস इंसानियत हर इबादत नियत साफरखो सेऊपर। 0सिख धर्म दूसरों को उठाना ही सबकी सेवा करो असली शक्तिहै। 0 ईसाई धर्म माफ़ी से दिल हल्का , क्षमा करना सीखो इंसान बड़ा होता हे। 0बौद्ध धर्म  Nlaxj खुदको जीतलो - मन पर नियंत्रण ही 0007 सबसे बड़ी जीतहे। ads 0 जैन धर्म किसी को चोट मत पहुँचाओ ~ अहिंसा  सर्वोच्च धर्म है। Oমুদ্চীসন प्यार में ही भगवान है - नफ़रत में कभी शांति नहीं। धर्म अलग अलगहोसकतेहि लेकिन इंसानियत का संदेश एकहीहे। - ShareChat