#❤️जीवन की सीख
अनमोल मनुष्य जीवन का दाव लगा है दुनिया वालों
सर्व सृष्टि के कुल मालिक पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी ने वर्तमान समय में तारणहार के रूप में अवतरित होकर बताया
यह काल का लोक मृत्यु लोक है
अपना हर आत्मा का निज घर
सतलोक सचखंड है जो पृथ्वी से 16 शंख कोस की दूरी पर है
कॉल लोक का जो स्वामी है
ब्रह्म सदाशिव है
जो की देवी दुर्गा के पति और ब्रह्मा विष्णु महेश जी के पिता है
इन्हीं ब्रह्म सदाशिव को श्राप लगा है
1 लाख जीव रोज खाने का
और सवा लाख पैदा करने का
इसी श्राप की वजह से
पृथ्वी लोक पर जन्म मृत्यु का चक्रव्यूह बना हुआ है
जिन भगवानों को हम आत्मा का स्वामी मानते थे
वह तो इस काल लोक की प्रधान शक्तियां है
और वह अपने पिता के खाने के लिए
रज सत्व और तम गुण में
इस पृथ्वी लोक पर ऐसी व्यवस्था को बनाते हैं
जैसे कसाई बकरों को पहले बहुत प्यार से पलता है
मोटा तगड़ा करता है
और फिर एक ही झटके में छूरे से उसकी गर्दन अलग कर देता है क्योंकि जितना मोटा बकरा होता है उतना ही अधिक उसका मांस होता है और उतनी ही अधिक कीमत पर वह बेचना चाहता है
इसी तरह काल लोक की प्रधान शक्तियां
इस पृथ्वी लोक पर कुछ व्यवस्था बनाते हैं
और हम सबको हलाल करने के लिए
कुछ सुख सुविधा के साधन देते हैं
अपना ऐसा ज्ञान फैला रखा है
कि हम सब इन्हीं को अपना भगवान माने बैठे हैं
आत्मा के निज स्वामी कबीर परमेश्वर को भूल बैठे हैं
और वर्तमान के करोड़ों धर्मगुरु है वे शास्त्र विरुद्ध भक्ति करवरकर हमें पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की सत भक्ति की तरफ नहीं जाने देते क्योंकि इनको तत्वज्ञान का ज्ञान नहीं है
क्योंकि सृष्टि के आदि का ज्ञान केवल पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी स्वयं ही सतगुरु रूप में आकर देते हैं
परमात्मा ने वचन दिया था कि जब कलयुग के 5500 बरस बीत जाएंगे वे जगन्नाथ तारणहार स्वयं सतगुरु रूप में धरती पर आएंगे
और सृष्टि के आदि का सच्चा तत्व ज्ञान पृथ्वी पर बरसाएंगे
और उस आदि जगन्नाथ कबीर परमेश्वर जी की पहचान करवाएंगे की यही आत्मा के निज स्वामी है
और उस समय शास्त्र विरुद्ध पूजा को करवाने वाले धर्मगुरु
उन सच्चे तारणहार का
अत्यधिक विरोध करवाएंगे
और भगत समाज को इन इस काल लोक की प्रधान शक्तियों तक ही सीमित करेंगे
लेकिन कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान ऐसा है
जैसी गोला तोप का करता चले मैदान
पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का तत्व ज्ञान
सभी शास्त्र विरुद्ध ज्ञान को ध्वस्त करता हुआ चलेगा
जागो दुनिया वालों जागो
तारणहार पूर्ण ब्रह्म परमात्मा
कबीर परमेश्वर जी
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में पृथ्वी पर आ चुके हैं
संत रामपाल जी भगवान जी का तत्वज्ञान सृष्टि के आदि का ज्ञान है
आईये आत्मा के निज स्वामी को
सिर माथे पर बिठा ले
और दिल की गहराइयों से अपने मालिक का सम्मान करें
अपनी हर गलती का पश्चाताप करें
हम सब ने मिलकर उस पवित्र परमात्मा को
फूलों से कोमल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को
बहुत सताया है
वह आए हमें सतलोक सचखंड ले जाने के लिए जहां पर हम सभी आत्माओं के पृथ्वी जितने बड़े-बड़े घर हैं
दूध दही घी की नदियां हैं
कभी ना खत्म होने वाले फलों के वृक्ष है
प्रत्येक व्यक्ति के पास उड़ने वाले विमान है
जहां पर हमें कोई काम नहीं करना पड़ता हमें जन्म मृत्यु का कोई रोग नहीं है
जहां पर पूर्ण परम परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के शरीर में
एक रूम कुप का प्रकाश करोड़ सूर्य और करोड़ चंद्रमाओं से भी अधिक प्रकाश है
जहां पर प्रत्येक आत्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के बराबर है
और प्रत्येक आत्मा का बहुत ही अत्यधिक सुंदर शरीर है
जहां पर किसी को भी क्रीम पाउडर लगाकर सुंदर बनने की जरूरत नहीं है
प्रत्येक आत्मा का शरीर अत्यधिक सुंदर है
ना बाल सफेद होने का डर ना बुढ़ापा आने का डर ना अपाहिज होने का डर
ना चोरी डकैती का डर
सतलोक सचखंड में कबीर परमेश्वर जी ने सभी आत्माओं को समान रूप से सभी वस्तुएं दे रखी हैं
जिसकी वजह से राग देश चोरी डकैती का भाव किसी के मन में नहीं आता
ऐसे पवित्र स्थान के स्वामी है कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी भगवान
इतने पवित्र परमेश्वर इस पृथ्वी लोक पर आए
सतलोक सचखंड से पृथ्वी लोक ऐसा दिखाई देता है
जैसे कीचड़ में कीड़े पड़े हो
हम सभी कीचड़ में पड़े हुए कीड़ों को निकालने के लिए
और इतने पवित्र सुंदर स्थान सतलोक सचखंड में ले जाने के लिए
आत्मा के निज स्वामी संत रामपाल जी भगवान स्वयं आए हैं
और हम सब पृथ्वी वासियों ने इस पवित्र परमात्मा को क्या दिया अपमान के सिवा
हमने उन्हें बहुत रुलाया है
दुर्वासा ऋषि के साथ मजाक करने पर
दुर्वासा ऋषि ने अपनी श्रापसे पूरे यादव कुल को नष्ट कर दिया कृष्ण जी समेत
और संत रामपाल जी भगवान जी को सब ने कितना सताया
और बदले में संत रामपाल जी भगवान जी ने मसीहा बनकर
अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा
पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया
भारत को सोने की चिड़िया बनाने का नारा लगाया
और संत रामपाल जी भगवान जी ने इस अपमान के बदले में दी अन्नपूर्णा मुहिम
और पूरे भारत को लिया गोद
अब कोई भूखा नहीं सोएगा
और दिया सच्चा तत्व ज्ञान पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को प्राप्ति का सच्चा मार्ग
आईये सभी पृथ्वी वासी
हम सब ने मिलकर सच्चे स्वामी को बहुत रुला लिया
आईए सब मिलकर पश्चाताप करें
अपने भगवान संत रामपाल जी भगवान जी को
अपने सिर माथे पर बिठाकर दिल की गहराइयों से मालिक का सम्मान करें
और संत रामपाल जी भगवान जी के चरण कमल में बैठकर
उस सच्चे तत्वज्ञान का गुणगान करें
सच्चे मालिक हमें लेने के लिए काल का किला तोड़ कर आए हैं
पवित्र कोमल तारणहार ने अपने पवित्र मुख कमल से सत्संग प्रवचन में बताया
कि आप सभी का घर सतलोक सचखंड है
कॉल लोक के प्रधान स्वामी ब्रह्म सदाशिव के 21 ब्रह्मांड है
और वह अपनी ब्रह्मांड के लास्ट कॉर्नर पर जहां से सतलोक जाने का मार्ग है स्वयं ही बहुत ही भयानक रूप बनकर बैठा है
और किसी को भी उस गेट से निकलने नहीं देता सतलोक में जाने के लिए
अगर एक भी जीव आत्मा उसे गेट से सतलोक में चली गई तो उसके भोजन का क्या होगा
क्योंकि उसे श्राप लगा है एक लाख जीव रोज खाने का
उसका वह भयानक रूप इतना भयंकर है की कोई भी उसे अगर देख ले तो उसका कलेजा फट जाए
21 ब्रह्मांड का स्वामी उस गेट के नीचे स्वयं बैठा है
उसके सिर पर पैर रखकर ही सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
वर्तमान समय में जितने भी संत हैं
उनके पास वह शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र नहीं है
की ब्रह्म सदाशिव के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सके
क्योंकि वर्तमान में जितने भी संत हैं वे तो खुद ही सदाशिव की पूजा बता रहे हैं आत्मा का स्वामी मानकर
और सदाशिव की प्रधान शक्तियां ब्रह्मा विष्णु महेश जो की ब्रह्म सदाशिव के भोजन की व्यवस्था करते हैं
इन्हीं को आत्मा का स्वामि मानकर इनकी पूजा भक्ति बताते हैं
जो भी संत महंत ऐसा कर रहे हैं
वह कभी भी सतलोक सचखंड जाने का मार्ग नहीं बता सकते
अपना भी अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद कर रहे हैं
और अपने लाखों करोड़ों भक्तों को भी
शास्त्र विरुद्ध पूजा करवा कर
काल के 21 ब्रह्मांड में कैद में रखकर उनका अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद करवा रहे हैं
वर्तमान समय में केवल तारणहार संत रामपाल जी भगवान जी के पास ऐसे शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र हैं
जो काल लोक की प्रधान शक्तियों के
कर्ज से मुक्त करवाएंगे
संत रामपाल जी भगवान जी सत्यनाम देते हैं
जिसके अंतर्गत पूर्ण परमात्मा की
प्राप्ति के गुप्त मंत्र है जिसके द्वारा काल के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
संत रामपाल जी भगवान जी देते हैं सच्चा सार नाम और सारशब्द
जिसके द्वारा आत्मा काल लोक की शक्तियों के कर्ज से मुक्त होकर आत्मा के महबूब परमात्मा कबीर परमेश्वर जी को प्राप्त करके अपने निज घर सतलोक सचखंड चली जाती हैं
परम सुख को प्राप्त करती है
सतलोक और सतलोक के स्वामी पूर्ण ब्रह्म परमात्मा को पूर्ण रूप से प्राप्त करने का
संपूर्ण रहस्य देखिए साधना चैनल शाम को 7:30 से8:30
और पढ़िए पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा और जीने की राह
वर्तमान समय में सतलोक सचखंड के स्वामी कबीर परमेश्वर स्वयं ही संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में आए हैं
संत रामपाल जी भगवान जी से नाम उपदेश लेकर सच्चे शास्त्रों से प्रमाणित सत्य मंत्रो का जाप करके
अपनी निज घर सतलोक सचखंड को और अपने परमपिता परमेश्वर कबीर भगवान को प्राप्त करें
यह पूरी पृथ्वी वासियों के लिए गोल्डन चांस है
कलयुग के 5500 वर्ष बीत चुके हैं
हम सबको मनुष्य शरीर प्राप्त हैं
और स्वयं कबीर परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म परमात्मा सर्व सृष्टि के मालिक
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में स्वयं आए हैं सतगुरु रूप
बनाकर
सभी पृथ्वी वासियों 🔊🔊से यह प्रार्थना है मनुष्य जीवन का दाव लगा है स्वयं कबीर आए है सतगुरु बनकर
मनुष्य जीवन का यह दाव चूकना नहीं अब
जागो दुनिया वालों जागो🔊🔊🔊🔊🔊🔊🙏🙏💞💞
#किसानों_के_मसीहा
#Kalyug_Mein_Satyug_Part3
#FactfulDebatesYtChannel #Haryana
#SewaBy_SantRampalJi #flood #floodrelief #flooding #farmer
#AnnapurnaMuhimSantRampalJi
#kalyug #satyug #goldenage #help #humanity #Kindness #AnnapurnaMuhim #heaven #SantRampalJiMaharaj
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अनमोल मनुष्य जीवन का दाव लगा है दुनिया वालों
सर्व सृष्टि के कुल मालिक पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी ने वर्तमान समय में तारणहार के रूप में अवतरित होकर बताया
यह काल का लोक मृत्यु लोक है
अपना हर आत्मा का निज घर
सतलोक सचखंड है जो पृथ्वी से 16 शंख कोस की दूरी पर है
कॉल लोक का जो स्वामी है
ब्रह्म सदाशिव है
जो की देवी दुर्गा के पति और ब्रह्मा विष्णु महेश जी के पिता है
इन्हीं ब्रह्म सदाशिव को श्राप लगा है
1 लाख जीव रोज खाने का
और सवा लाख पैदा करने का
इसी श्राप की वजह से
पृथ्वी लोक पर जन्म मृत्यु का चक्रव्यूह बना हुआ है
जिन भगवानों को हम आत्मा का स्वामी मानते थे
वह तो इस काल लोक की प्रधान शक्तियां है
और वह अपने पिता के खाने के लिए
रज सत्व और तम गुण में
इस पृथ्वी लोक पर ऐसी व्यवस्था को बनाते हैं
जैसे कसाई बकरों को पहले बहुत प्यार से पलता है
मोटा तगड़ा करता है
और फिर एक ही झटके में छूरे से उसकी गर्दन अलग कर देता है क्योंकि जितना मोटा बकरा होता है उतना ही अधिक उसका मांस होता है और उतनी ही अधिक कीमत पर वह बेचना चाहता है
इसी तरह काल लोक की प्रधान शक्तियां
इस पृथ्वी लोक पर कुछ व्यवस्था बनाते हैं
और हम सबको हलाल करने के लिए
कुछ सुख सुविधा के साधन देते हैं
अपना ऐसा ज्ञान फैला रखा है
कि हम सब इन्हीं को अपना भगवान माने बैठे हैं
आत्मा के निज स्वामी कबीर परमेश्वर को भूल बैठे हैं
और वर्तमान के करोड़ों धर्मगुरु है वे शास्त्र विरुद्ध भक्ति करवरकर हमें पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की सत भक्ति की तरफ नहीं जाने देते क्योंकि इनको तत्वज्ञान का ज्ञान नहीं है
क्योंकि सृष्टि के आदि का ज्ञान केवल पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी स्वयं ही सतगुरु रूप में आकर देते हैं
परमात्मा ने वचन दिया था कि जब कलयुग के 5500 बरस बीत जाएंगे वे जगन्नाथ तारणहार स्वयं सतगुरु रूप में धरती पर आएंगे
और सृष्टि के आदि का सच्चा तत्व ज्ञान पृथ्वी पर बरसाएंगे
और उस आदि जगन्नाथ कबीर परमेश्वर जी की पहचान करवाएंगे की यही आत्मा के निज स्वामी है
और उस समय शास्त्र विरुद्ध पूजा को करवाने वाले धर्मगुरु
उन सच्चे तारणहार का
अत्यधिक विरोध करवाएंगे
और भगत समाज को इन इस काल लोक की प्रधान शक्तियों तक ही सीमित करेंगे
लेकिन कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान ऐसा है
जैसी गोला तोप का करता चले मैदान
पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का तत्व ज्ञान
सभी शास्त्र विरुद्ध ज्ञान को ध्वस्त करता हुआ चलेगा
जागो दुनिया वालों जागो
तारणहार पूर्ण ब्रह्म परमात्मा
कबीर परमेश्वर जी
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में पृथ्वी पर आ चुके हैं
संत रामपाल जी भगवान जी का तत्वज्ञान सृष्टि के आदि का ज्ञान है
आईये आत्मा के निज स्वामी को
सिर माथे पर बिठा ले
और दिल की गहराइयों से अपने मालिक का सम्मान करें
अपनी हर गलती का पश्चाताप करें
हम सब ने मिलकर उस पवित्र परमात्मा को
फूलों से कोमल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को
बहुत सताया है
वह आए हमें सतलोक सचखंड ले जाने के लिए जहां पर हम सभी आत्माओं के पृथ्वी जितने बड़े-बड़े घर हैं
दूध दही घी की नदियां हैं
कभी ना खत्म होने वाले फलों के वृक्ष है
प्रत्येक व्यक्ति के पास उड़ने वाले विमान है
जहां पर हमें कोई काम नहीं करना पड़ता हमें जन्म मृत्यु का कोई रोग नहीं है
जहां पर पूर्ण परम परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के शरीर में
एक रूम कुप का प्रकाश करोड़ सूर्य और करोड़ चंद्रमाओं से भी अधिक प्रकाश है
जहां पर प्रत्येक आत्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के बराबर है
और प्रत्येक आत्मा का बहुत ही अत्यधिक सुंदर शरीर है
जहां पर किसी को भी क्रीम पाउडर लगाकर सुंदर बनने की जरूरत नहीं है
प्रत्येक आत्मा का शरीर अत्यधिक सुंदर है
ना बाल सफेद होने का डर ना बुढ़ापा आने का डर ना अपाहिज होने का डर
ना चोरी डकैती का डर
सतलोक सचखंड में कबीर परमेश्वर जी ने सभी आत्माओं को समान रूप से सभी वस्तुएं दे रखी हैं
जिसकी वजह से राग देश चोरी डकैती का भाव किसी के मन में नहीं आता
ऐसे पवित्र स्थान के स्वामी है कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी भगवान
इतने पवित्र परमेश्वर इस पृथ्वी लोक पर आए
सतलोक सचखंड से पृथ्वी लोक ऐसा दिखाई देता है
जैसे कीचड़ में कीड़े पड़े हो
हम सभी कीचड़ में पड़े हुए कीड़ों को निकालने के लिए
और इतने पवित्र सुंदर स्थान सतलोक सचखंड में ले जाने के लिए
आत्मा के निज स्वामी संत रामपाल जी भगवान स्वयं आए हैं
और हम सब पृथ्वी वासियों ने इस पवित्र परमात्मा को क्या दिया अपमान के सिवा
हमने उन्हें बहुत रुलाया है
दुर्वासा ऋषि के साथ मजाक करने पर
दुर्वासा ऋषि ने अपनी श्रापसे पूरे यादव कुल को नष्ट कर दिया कृष्ण जी समेत
और संत रामपाल जी भगवान जी को सब ने कितना सताया
और बदले में संत रामपाल जी भगवान जी ने मसीहा बनकर
अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा
पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया
भारत को सोने की चिड़िया बनाने का नारा लगाया
और संत रामपाल जी भगवान जी ने इस अपमान के बदले में दी अन्नपूर्णा मुहिम
और पूरे भारत को लिया गोद
अब कोई भूखा नहीं सोएगा
और दिया सच्चा तत्व ज्ञान पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को प्राप्ति का सच्चा मार्ग
आईये सभी पृथ्वी वासी
हम सब ने मिलकर सच्चे स्वामी को बहुत रुला लिया
आईए सब मिलकर पश्चाताप करें
अपने भगवान संत रामपाल जी भगवान जी को
अपने सिर माथे पर बिठाकर दिल की गहराइयों से मालिक का सम्मान करें
और संत रामपाल जी भगवान जी के चरण कमल में बैठकर
उस सच्चे तत्वज्ञान का गुणगान करें
सच्चे मालिक हमें लेने के लिए काल का किला तोड़ कर आए हैं
पवित्र कोमल तारणहार ने अपने पवित्र मुख कमल से सत्संग प्रवचन में बताया
कि आप सभी का घर सतलोक सचखंड है
कॉल लोक के प्रधान स्वामी ब्रह्म सदाशिव के 21 ब्रह्मांड है
और वह अपनी ब्रह्मांड के लास्ट कॉर्नर पर जहां से सतलोक जाने का मार्ग है स्वयं ही बहुत ही भयानक रूप बनकर बैठा है
और किसी को भी उस गेट से निकलने नहीं देता सतलोक में जाने के लिए
अगर एक भी जीव आत्मा उसे गेट से सतलोक में चली गई तो उसके भोजन का क्या होगा
क्योंकि उसे श्राप लगा है एक लाख जीव रोज खाने का
उसका वह भयानक रूप इतना भयंकर है की कोई भी उसे अगर देख ले तो उसका कलेजा फट जाए
21 ब्रह्मांड का स्वामी उस गेट के नीचे स्वयं बैठा है
उसके सिर पर पैर रखकर ही सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
वर्तमान समय में जितने भी संत हैं
उनके पास वह शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र नहीं है
की ब्रह्म सदाशिव के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सके
क्योंकि वर्तमान में जितने भी संत हैं वे तो खुद ही सदाशिव की पूजा बता रहे हैं आत्मा का स्वामी मानकर
और सदाशिव की प्रधान शक्तियां ब्रह्मा विष्णु महेश जो की ब्रह्म सदाशिव के भोजन की व्यवस्था करते हैं
इन्हीं को आत्मा का स्वामि मानकर इनकी पूजा भक्ति बताते हैं
जो भी संत महंत ऐसा कर रहे हैं
वह कभी भी सतलोक सचखंड जाने का मार्ग नहीं बता सकते
अपना भी अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद कर रहे हैं
और अपने लाखों करोड़ों भक्तों को भी
शास्त्र विरुद्ध पूजा करवा कर
काल के 21 ब्रह्मांड में कैद में रखकर उनका अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद करवा रहे हैं
वर्तमान समय में केवल तारणहार संत रामपाल जी भगवान जी के पास ऐसे शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र हैं
जो काल लोक की प्रधान शक्तियों के
कर्ज से मुक्त करवाएंगे
संत रामपाल जी भगवान जी सत्यनाम देते हैं
जिसके अंतर्गत पूर्ण परमात्मा की
प्राप्ति के गुप्त मंत्र है जिसके द्वारा काल के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
संत रामपाल जी भगवान जी देते हैं सच्चा सार नाम और सारशब्द
जिसके द्वारा आत्मा काल लोक की शक्तियों के कर्ज से मुक्त होकर आत्मा के महबूब परमात्मा कबीर परमेश्वर जी को प्राप्त करके अपने निज घर सतलोक सचखंड चली जाती हैं
परम सुख को प्राप्त करती है
सतलोक और सतलोक के स्वामी पूर्ण ब्रह्म परमात्मा को पूर्ण रूप से प्राप्त करने का
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वर्तमान समय में सतलोक सचखंड के स्वामी कबीर परमेश्वर स्वयं ही संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में आए हैं
संत रामपाल जी भगवान जी से नाम उपदेश लेकर सच्चे शास्त्रों से प्रमाणित सत्य मंत्रो का जाप करके
अपनी निज घर सतलोक सचखंड को और अपने परमपिता परमेश्वर कबीर भगवान को प्राप्त करें
यह पूरी पृथ्वी वासियों के लिए गोल्डन चांस है
कलयुग के 5500 वर्ष बीत चुके हैं
हम सबको मनुष्य शरीर प्राप्त हैं
और स्वयं कबीर परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म परमात्मा सर्व सृष्टि के मालिक
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में स्वयं आए हैं सतगुरु रूप
बनाकर
सभी पृथ्वी वासियों 🔊🔊से यह प्रार्थना है मनुष्य जीवन का दाव लगा है स्वयं कबीर आए है सतगुरु बनकर
मनुष्य जीवन का यह दाव चूकना नहीं अब
जागो दुनिया वालों जागो🔊🔊🔊🔊🔊🔊🙏🙏💞💞
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अनमोल मनुष्य जीवन का दाव लगा है दुनिया वालों
सर्व सृष्टि के कुल मालिक पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी ने वर्तमान समय में तारणहार के रूप में अवतरित होकर बताया
यह काल का लोक मृत्यु लोक है
अपना हर आत्मा का निज घर
सतलोक सचखंड है जो पृथ्वी से 16 शंख कोस की दूरी पर है
कॉल लोक का जो स्वामी है
ब्रह्म सदाशिव है
जो की देवी दुर्गा के पति और ब्रह्मा विष्णु महेश जी के पिता है
इन्हीं ब्रह्म सदाशिव को श्राप लगा है
1 लाख जीव रोज खाने का
और सवा लाख पैदा करने का
इसी श्राप की वजह से
पृथ्वी लोक पर जन्म मृत्यु का चक्रव्यूह बना हुआ है
जिन भगवानों को हम आत्मा का स्वामी मानते थे
वह तो इस काल लोक की प्रधान शक्तियां है
और वह अपने पिता के खाने के लिए
रज सत्व और तम गुण में
इस पृथ्वी लोक पर ऐसी व्यवस्था को बनाते हैं
जैसे कसाई बकरों को पहले बहुत प्यार से पलता है
मोटा तगड़ा करता है
और फिर एक ही झटके में छूरे से उसकी गर्दन अलग कर देता है क्योंकि जितना मोटा बकरा होता है उतना ही अधिक उसका मांस होता है और उतनी ही अधिक कीमत पर वह बेचना चाहता है
इसी तरह काल लोक की प्रधान शक्तियां
इस पृथ्वी लोक पर कुछ व्यवस्था बनाते हैं
और हम सबको हलाल करने के लिए
कुछ सुख सुविधा के साधन देते हैं
अपना ऐसा ज्ञान फैला रखा है
कि हम सब इन्हीं को अपना भगवान माने बैठे हैं
आत्मा के निज स्वामी कबीर परमेश्वर को भूल बैठे हैं
और वर्तमान के करोड़ों धर्मगुरु है वे शास्त्र विरुद्ध भक्ति करवरकर हमें पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की सत भक्ति की तरफ नहीं जाने देते क्योंकि इनको तत्वज्ञान का ज्ञान नहीं है
क्योंकि सृष्टि के आदि का ज्ञान केवल पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी स्वयं ही सतगुरु रूप में आकर देते हैं
परमात्मा ने वचन दिया था कि जब कलयुग के 5500 बरस बीत जाएंगे वे जगन्नाथ तारणहार स्वयं सतगुरु रूप में धरती पर आएंगे
और सृष्टि के आदि का सच्चा तत्व ज्ञान पृथ्वी पर बरसाएंगे
और उस आदि जगन्नाथ कबीर परमेश्वर जी की पहचान करवाएंगे की यही आत्मा के निज स्वामी है
और उस समय शास्त्र विरुद्ध पूजा को करवाने वाले धर्मगुरु
उन सच्चे तारणहार का
अत्यधिक विरोध करवाएंगे
और भगत समाज को इन इस काल लोक की प्रधान शक्तियों तक ही सीमित करेंगे
लेकिन कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान ऐसा है
जैसी गोला तोप का करता चले मैदान
पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का तत्व ज्ञान
सभी शास्त्र विरुद्ध ज्ञान को ध्वस्त करता हुआ चलेगा
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तारणहार पूर्ण ब्रह्म परमात्मा
कबीर परमेश्वर जी
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में पृथ्वी पर आ चुके हैं
संत रामपाल जी भगवान जी का तत्वज्ञान सृष्टि के आदि का ज्ञान है
आईये आत्मा के निज स्वामी को
सिर माथे पर बिठा ले
और दिल की गहराइयों से अपने मालिक का सम्मान करें
अपनी हर गलती का पश्चाताप करें
हम सब ने मिलकर उस पवित्र परमात्मा को
फूलों से कोमल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को
बहुत सताया है
वह आए हमें सतलोक सचखंड ले जाने के लिए जहां पर हम सभी आत्माओं के पृथ्वी जितने बड़े-बड़े घर हैं
दूध दही घी की नदियां हैं
कभी ना खत्म होने वाले फलों के वृक्ष है
प्रत्येक व्यक्ति के पास उड़ने वाले विमान है
जहां पर हमें कोई काम नहीं करना पड़ता हमें जन्म मृत्यु का कोई रोग नहीं है
जहां पर पूर्ण परम परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के शरीर में
एक रूम कुप का प्रकाश करोड़ सूर्य और करोड़ चंद्रमाओं से भी अधिक प्रकाश है
जहां पर प्रत्येक आत्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के बराबर है
और प्रत्येक आत्मा का बहुत ही अत्यधिक सुंदर शरीर है
जहां पर किसी को भी क्रीम पाउडर लगाकर सुंदर बनने की जरूरत नहीं है
प्रत्येक आत्मा का शरीर अत्यधिक सुंदर है
ना बाल सफेद होने का डर ना बुढ़ापा आने का डर ना अपाहिज होने का डर
ना चोरी डकैती का डर
सतलोक सचखंड में कबीर परमेश्वर जी ने सभी आत्माओं को समान रूप से सभी वस्तुएं दे रखी हैं
जिसकी वजह से राग देश चोरी डकैती का भाव किसी के मन में नहीं आता
ऐसे पवित्र स्थान के स्वामी है कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी भगवान
इतने पवित्र परमेश्वर इस पृथ्वी लोक पर आए
सतलोक सचखंड से पृथ्वी लोक ऐसा दिखाई देता है
जैसे कीचड़ में कीड़े पड़े हो
हम सभी कीचड़ में पड़े हुए कीड़ों को निकालने के लिए
और इतने पवित्र सुंदर स्थान सतलोक सचखंड में ले जाने के लिए
आत्मा के निज स्वामी संत रामपाल जी भगवान स्वयं आए हैं
और हम सब पृथ्वी वासियों ने इस पवित्र परमात्मा को क्या दिया अपमान के सिवा
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आईये सभी पृथ्वी वासी
हम सब ने मिलकर सच्चे स्वामी को बहुत रुला लिया
आईए सब मिलकर पश्चाताप करें
अपने भगवान संत रामपाल जी भगवान जी को
अपने सिर माथे पर बिठाकर दिल की गहराइयों से मालिक का सम्मान करें
और संत रामपाल जी भगवान जी के चरण कमल में बैठकर
उस सच्चे तत्वज्ञान का गुणगान करें
सच्चे मालिक हमें लेने के लिए काल का किला तोड़ कर आए हैं
पवित्र कोमल तारणहार ने अपने पवित्र मुख कमल से सत्संग प्रवचन में बताया
कि आप सभी का घर सतलोक सचखंड है
कॉल लोक के प्रधान स्वामी ब्रह्म सदाशिव के 21 ब्रह्मांड है
और वह अपनी ब्रह्मांड के लास्ट कॉर्नर पर जहां से सतलोक जाने का मार्ग है स्वयं ही बहुत ही भयानक रूप बनकर बैठा है
और किसी को भी उस गेट से निकलने नहीं देता सतलोक में जाने के लिए
अगर एक भी जीव आत्मा उसे गेट से सतलोक में चली गई तो उसके भोजन का क्या होगा
क्योंकि उसे श्राप लगा है एक लाख जीव रोज खाने का
उसका वह भयानक रूप इतना भयंकर है की कोई भी उसे अगर देख ले तो उसका कलेजा फट जाए
21 ब्रह्मांड का स्वामी उस गेट के नीचे स्वयं बैठा है
उसके सिर पर पैर रखकर ही सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
वर्तमान समय में जितने भी संत हैं
उनके पास वह शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र नहीं है
की ब्रह्म सदाशिव के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सके
क्योंकि वर्तमान में जितने भी संत हैं वे तो खुद ही सदाशिव की पूजा बता रहे हैं आत्मा का स्वामी मानकर
और सदाशिव की प्रधान शक्तियां ब्रह्मा विष्णु महेश जो की ब्रह्म सदाशिव के भोजन की व्यवस्था करते हैं
इन्हीं को आत्मा का स्वामि मानकर इनकी पूजा भक्ति बताते हैं
जो भी संत महंत ऐसा कर रहे हैं
वह कभी भी सतलोक सचखंड जाने का मार्ग नहीं बता सकते
अपना भी अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद कर रहे हैं
और अपने लाखों करोड़ों भक्तों को भी
शास्त्र विरुद्ध पूजा करवा कर
काल के 21 ब्रह्मांड में कैद में रखकर उनका अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद करवा रहे हैं
वर्तमान समय में केवल तारणहार संत रामपाल जी भगवान जी के पास ऐसे शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र हैं
जो काल लोक की प्रधान शक्तियों के
कर्ज से मुक्त करवाएंगे
संत रामपाल जी भगवान जी सत्यनाम देते हैं
जिसके अंतर्गत पूर्ण परमात्मा की
प्राप्ति के गुप्त मंत्र है जिसके द्वारा काल के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
संत रामपाल जी भगवान जी देते हैं सच्चा सार नाम और सारशब्द
जिसके द्वारा आत्मा काल लोक की शक्तियों के कर्ज से मुक्त होकर आत्मा के महबूब परमात्मा कबीर परमेश्वर जी को प्राप्त करके अपने निज घर सतलोक सचखंड चली जाती हैं
परम सुख को प्राप्त करती है
सतलोक और सतलोक के स्वामी पूर्ण ब्रह्म परमात्मा को पूर्ण रूप से प्राप्त करने का
संपूर्ण रहस्य देखिए साधना चैनल शाम को 7:30 से8:30
और पढ़िए पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा और जीने की राह
वर्तमान समय में सतलोक सचखंड के स्वामी कबीर परमेश्वर स्वयं ही संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में आए हैं
संत रामपाल जी भगवान जी से नाम उपदेश लेकर सच्चे शास्त्रों से प्रमाणित सत्य मंत्रो का जाप करके
अपनी निज घर सतलोक सचखंड को और अपने परमपिता परमेश्वर कबीर भगवान को प्राप्त करें
यह पूरी पृथ्वी वासियों के लिए गोल्डन चांस है
कलयुग के 5500 वर्ष बीत चुके हैं
हम सबको मनुष्य शरीर प्राप्त हैं
और स्वयं कबीर परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म परमात्मा सर्व सृष्टि के मालिक
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में स्वयं आए हैं सतगुरु रूप
बनाकर
सभी पृथ्वी वासियों 🔊🔊से यह प्रार्थना है मनुष्य जीवन का दाव लगा है स्वयं कबीर आए है सतगुरु बनकर
मनुष्य जीवन का यह दाव चूकना नहीं अब
जागो दुनिया वालों जागो🔊🔊🔊🔊🔊🔊🙏🙏💞💞
#किसानों_के_मसीहा
#Kalyug_Mein_Satyug_Part3
#FactfulDebatesYtChannel #Haryana
#SewaBy_SantRampalJi #flood #floodrelief #flooding #farmer
#AnnapurnaMuhimSantRampalJi
#kalyug #satyug #goldenage #help #humanity #Kindness #AnnapurnaMuhim #heaven #SantRampalJiMaharaj
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#🪔भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी🙏🏻📿
अनमोल मनुष्य जीवन का दाव लगा है दुनिया वालों
सर्व सृष्टि के कुल मालिक पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी ने वर्तमान समय में तारणहार के रूप में अवतरित होकर बताया
यह काल का लोक मृत्यु लोक है
अपना हर आत्मा का निज घर
सतलोक सचखंड है जो पृथ्वी से 16 शंख कोस की दूरी पर है
कॉल लोक का जो स्वामी है
ब्रह्म सदाशिव है
जो की देवी दुर्गा के पति और ब्रह्मा विष्णु महेश जी के पिता है
इन्हीं ब्रह्म सदाशिव को श्राप लगा है
1 लाख जीव रोज खाने का
और सवा लाख पैदा करने का
इसी श्राप की वजह से
पृथ्वी लोक पर जन्म मृत्यु का चक्रव्यूह बना हुआ है
जिन भगवानों को हम आत्मा का स्वामी मानते थे
वह तो इस काल लोक की प्रधान शक्तियां है
और वह अपने पिता के खाने के लिए
रज सत्व और तम गुण में
इस पृथ्वी लोक पर ऐसी व्यवस्था को बनाते हैं
जैसे कसाई बकरों को पहले बहुत प्यार से पलता है
मोटा तगड़ा करता है
और फिर एक ही झटके में छूरे से उसकी गर्दन अलग कर देता है क्योंकि जितना मोटा बकरा होता है उतना ही अधिक उसका मांस होता है और उतनी ही अधिक कीमत पर वह बेचना चाहता है
इसी तरह काल लोक की प्रधान शक्तियां
इस पृथ्वी लोक पर कुछ व्यवस्था बनाते हैं
और हम सबको हलाल करने के लिए
कुछ सुख सुविधा के साधन देते हैं
अपना ऐसा ज्ञान फैला रखा है
कि हम सब इन्हीं को अपना भगवान माने बैठे हैं
आत्मा के निज स्वामी कबीर परमेश्वर को भूल बैठे हैं
और वर्तमान के करोड़ों धर्मगुरु है वे शास्त्र विरुद्ध भक्ति करवरकर हमें पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की सत भक्ति की तरफ नहीं जाने देते क्योंकि इनको तत्वज्ञान का ज्ञान नहीं है
क्योंकि सृष्टि के आदि का ज्ञान केवल पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी स्वयं ही सतगुरु रूप में आकर देते हैं
परमात्मा ने वचन दिया था कि जब कलयुग के 5500 बरस बीत जाएंगे वे जगन्नाथ तारणहार स्वयं सतगुरु रूप में धरती पर आएंगे
और सृष्टि के आदि का सच्चा तत्व ज्ञान पृथ्वी पर बरसाएंगे
और उस आदि जगन्नाथ कबीर परमेश्वर जी की पहचान करवाएंगे की यही आत्मा के निज स्वामी है
और उस समय शास्त्र विरुद्ध पूजा को करवाने वाले धर्मगुरु
उन सच्चे तारणहार का
अत्यधिक विरोध करवाएंगे
और भगत समाज को इन इस काल लोक की प्रधान शक्तियों तक ही सीमित करेंगे
लेकिन कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान ऐसा है
जैसी गोला तोप का करता चले मैदान
पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का तत्व ज्ञान
सभी शास्त्र विरुद्ध ज्ञान को ध्वस्त करता हुआ चलेगा
जागो दुनिया वालों जागो
तारणहार पूर्ण ब्रह्म परमात्मा
कबीर परमेश्वर जी
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में पृथ्वी पर आ चुके हैं
संत रामपाल जी भगवान जी का तत्वज्ञान सृष्टि के आदि का ज्ञान है
आईये आत्मा के निज स्वामी को
सिर माथे पर बिठा ले
और दिल की गहराइयों से अपने मालिक का सम्मान करें
अपनी हर गलती का पश्चाताप करें
हम सब ने मिलकर उस पवित्र परमात्मा को
फूलों से कोमल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को
बहुत सताया है
वह आए हमें सतलोक सचखंड ले जाने के लिए जहां पर हम सभी आत्माओं के पृथ्वी जितने बड़े-बड़े घर हैं
दूध दही घी की नदियां हैं
कभी ना खत्म होने वाले फलों के वृक्ष है
प्रत्येक व्यक्ति के पास उड़ने वाले विमान है
जहां पर हमें कोई काम नहीं करना पड़ता हमें जन्म मृत्यु का कोई रोग नहीं है
जहां पर पूर्ण परम परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के शरीर में
एक रूम कुप का प्रकाश करोड़ सूर्य और करोड़ चंद्रमाओं से भी अधिक प्रकाश है
जहां पर प्रत्येक आत्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के बराबर है
और प्रत्येक आत्मा का बहुत ही अत्यधिक सुंदर शरीर है
जहां पर किसी को भी क्रीम पाउडर लगाकर सुंदर बनने की जरूरत नहीं है
प्रत्येक आत्मा का शरीर अत्यधिक सुंदर है
ना बाल सफेद होने का डर ना बुढ़ापा आने का डर ना अपाहिज होने का डर
ना चोरी डकैती का डर
सतलोक सचखंड में कबीर परमेश्वर जी ने सभी आत्माओं को समान रूप से सभी वस्तुएं दे रखी हैं
जिसकी वजह से राग देश चोरी डकैती का भाव किसी के मन में नहीं आता
ऐसे पवित्र स्थान के स्वामी है कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी भगवान
इतने पवित्र परमेश्वर इस पृथ्वी लोक पर आए
सतलोक सचखंड से पृथ्वी लोक ऐसा दिखाई देता है
जैसे कीचड़ में कीड़े पड़े हो
हम सभी कीचड़ में पड़े हुए कीड़ों को निकालने के लिए
और इतने पवित्र सुंदर स्थान सतलोक सचखंड में ले जाने के लिए
आत्मा के निज स्वामी संत रामपाल जी भगवान स्वयं आए हैं
और हम सब पृथ्वी वासियों ने इस पवित्र परमात्मा को क्या दिया अपमान के सिवा
हमने उन्हें बहुत रुलाया है
दुर्वासा ऋषि के साथ मजाक करने पर
दुर्वासा ऋषि ने अपनी श्रापसे पूरे यादव कुल को नष्ट कर दिया कृष्ण जी समेत
और संत रामपाल जी भगवान जी को सब ने कितना सताया
और बदले में संत रामपाल जी भगवान जी ने मसीहा बनकर
अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा
पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया
भारत को सोने की चिड़िया बनाने का नारा लगाया
और संत रामपाल जी भगवान जी ने इस अपमान के बदले में दी अन्नपूर्णा मुहिम
और पूरे भारत को लिया गोद
अब कोई भूखा नहीं सोएगा
और दिया सच्चा तत्व ज्ञान पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को प्राप्ति का सच्चा मार्ग
आईये सभी पृथ्वी वासी
हम सब ने मिलकर सच्चे स्वामी को बहुत रुला लिया
आईए सब मिलकर पश्चाताप करें
अपने भगवान संत रामपाल जी भगवान जी को
अपने सिर माथे पर बिठाकर दिल की गहराइयों से मालिक का सम्मान करें
और संत रामपाल जी भगवान जी के चरण कमल में बैठकर
उस सच्चे तत्वज्ञान का गुणगान करें
सच्चे मालिक हमें लेने के लिए काल का किला तोड़ कर आए हैं
पवित्र कोमल तारणहार ने अपने पवित्र मुख कमल से सत्संग प्रवचन में बताया
कि आप सभी का घर सतलोक सचखंड है
कॉल लोक के प्रधान स्वामी ब्रह्म सदाशिव के 21 ब्रह्मांड है
और वह अपनी ब्रह्मांड के लास्ट कॉर्नर पर जहां से सतलोक जाने का मार्ग है स्वयं ही बहुत ही भयानक रूप बनकर बैठा है
और किसी को भी उस गेट से निकलने नहीं देता सतलोक में जाने के लिए
अगर एक भी जीव आत्मा उसे गेट से सतलोक में चली गई तो उसके भोजन का क्या होगा
क्योंकि उसे श्राप लगा है एक लाख जीव रोज खाने का
उसका वह भयानक रूप इतना भयंकर है की कोई भी उसे अगर देख ले तो उसका कलेजा फट जाए
21 ब्रह्मांड का स्वामी उस गेट के नीचे स्वयं बैठा है
उसके सिर पर पैर रखकर ही सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
वर्तमान समय में जितने भी संत हैं
उनके पास वह शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र नहीं है
की ब्रह्म सदाशिव के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सके
क्योंकि वर्तमान में जितने भी संत हैं वे तो खुद ही सदाशिव की पूजा बता रहे हैं आत्मा का स्वामी मानकर
और सदाशिव की प्रधान शक्तियां ब्रह्मा विष्णु महेश जो की ब्रह्म सदाशिव के भोजन की व्यवस्था करते हैं
इन्हीं को आत्मा का स्वामि मानकर इनकी पूजा भक्ति बताते हैं
जो भी संत महंत ऐसा कर रहे हैं
वह कभी भी सतलोक सचखंड जाने का मार्ग नहीं बता सकते
अपना भी अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद कर रहे हैं
और अपने लाखों करोड़ों भक्तों को भी
शास्त्र विरुद्ध पूजा करवा कर
काल के 21 ब्रह्मांड में कैद में रखकर उनका अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद करवा रहे हैं
वर्तमान समय में केवल तारणहार संत रामपाल जी भगवान जी के पास ऐसे शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र हैं
जो काल लोक की प्रधान शक्तियों के
कर्ज से मुक्त करवाएंगे
संत रामपाल जी भगवान जी सत्यनाम देते हैं
जिसके अंतर्गत पूर्ण परमात्मा की
प्राप्ति के गुप्त मंत्र है जिसके द्वारा काल के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
संत रामपाल जी भगवान जी देते हैं सच्चा सार नाम और सारशब्द
जिसके द्वारा आत्मा काल लोक की शक्तियों के कर्ज से मुक्त होकर आत्मा के महबूब परमात्मा कबीर परमेश्वर जी को प्राप्त करके अपने निज घर सतलोक सचखंड चली जाती हैं
परम सुख को प्राप्त करती है
सतलोक और सतलोक के स्वामी पूर्ण ब्रह्म परमात्मा को पूर्ण रूप से प्राप्त करने का
संपूर्ण रहस्य देखिए साधना चैनल शाम को 7:30 से8:30
और पढ़िए पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा और जीने की राह
वर्तमान समय में सतलोक सचखंड के स्वामी कबीर परमेश्वर स्वयं ही संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में आए हैं
संत रामपाल जी भगवान जी से नाम उपदेश लेकर सच्चे शास्त्रों से प्रमाणित सत्य मंत्रो का जाप करके
अपनी निज घर सतलोक सचखंड को और अपने परमपिता परमेश्वर कबीर भगवान को प्राप्त करें
यह पूरी पृथ्वी वासियों के लिए गोल्डन चांस है
कलयुग के 5500 वर्ष बीत चुके हैं
हम सबको मनुष्य शरीर प्राप्त हैं
और स्वयं कबीर परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म परमात्मा सर्व सृष्टि के मालिक
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में स्वयं आए हैं सतगुरु रूप
बनाकर
सभी पृथ्वी वासियों 🔊🔊से यह प्रार्थना है मनुष्य जीवन का दाव लगा है स्वयं कबीर आए है सतगुरु बनकर
मनुष्य जीवन का यह दाव चूकना नहीं अब
जागो दुनिया वालों जागो🔊🔊🔊🔊🔊🔊🙏🙏💞💞
#किसानों_के_मसीहा
#Kalyug_Mein_Satyug_Part3
#FactfulDebatesYtChannel #Haryana
#SewaBy_SantRampalJi #flood #floodrelief #flooding #farmer
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#📢 5 मार्च के अपडेट 🗞️
अनमोल मनुष्य जीवन का दाव लगा है दुनिया वालों
सर्व सृष्टि के कुल मालिक पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी ने वर्तमान समय में तारणहार के रूप में अवतरित होकर बताया
यह काल का लोक मृत्यु लोक है
अपना हर आत्मा का निज घर
सतलोक सचखंड है जो पृथ्वी से 16 शंख कोस की दूरी पर है
कॉल लोक का जो स्वामी है
ब्रह्म सदाशिव है
जो की देवी दुर्गा के पति और ब्रह्मा विष्णु महेश जी के पिता है
इन्हीं ब्रह्म सदाशिव को श्राप लगा है
1 लाख जीव रोज खाने का
और सवा लाख पैदा करने का
इसी श्राप की वजह से
पृथ्वी लोक पर जन्म मृत्यु का चक्रव्यूह बना हुआ है
जिन भगवानों को हम आत्मा का स्वामी मानते थे
वह तो इस काल लोक की प्रधान शक्तियां है
और वह अपने पिता के खाने के लिए
रज सत्व और तम गुण में
इस पृथ्वी लोक पर ऐसी व्यवस्था को बनाते हैं
जैसे कसाई बकरों को पहले बहुत प्यार से पलता है
मोटा तगड़ा करता है
और फिर एक ही झटके में छूरे से उसकी गर्दन अलग कर देता है क्योंकि जितना मोटा बकरा होता है उतना ही अधिक उसका मांस होता है और उतनी ही अधिक कीमत पर वह बेचना चाहता है
इसी तरह काल लोक की प्रधान शक्तियां
इस पृथ्वी लोक पर कुछ व्यवस्था बनाते हैं
और हम सबको हलाल करने के लिए
कुछ सुख सुविधा के साधन देते हैं
अपना ऐसा ज्ञान फैला रखा है
कि हम सब इन्हीं को अपना भगवान माने बैठे हैं
आत्मा के निज स्वामी कबीर परमेश्वर को भूल बैठे हैं
और वर्तमान के करोड़ों धर्मगुरु है वे शास्त्र विरुद्ध भक्ति करवरकर हमें पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की सत भक्ति की तरफ नहीं जाने देते क्योंकि इनको तत्वज्ञान का ज्ञान नहीं है
क्योंकि सृष्टि के आदि का ज्ञान केवल पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी स्वयं ही सतगुरु रूप में आकर देते हैं
परमात्मा ने वचन दिया था कि जब कलयुग के 5500 बरस बीत जाएंगे वे जगन्नाथ तारणहार स्वयं सतगुरु रूप में धरती पर आएंगे
और सृष्टि के आदि का सच्चा तत्व ज्ञान पृथ्वी पर बरसाएंगे
और उस आदि जगन्नाथ कबीर परमेश्वर जी की पहचान करवाएंगे की यही आत्मा के निज स्वामी है
और उस समय शास्त्र विरुद्ध पूजा को करवाने वाले धर्मगुरु
उन सच्चे तारणहार का
अत्यधिक विरोध करवाएंगे
और भगत समाज को इन इस काल लोक की प्रधान शक्तियों तक ही सीमित करेंगे
लेकिन कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान ऐसा है
जैसी गोला तोप का करता चले मैदान
पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का तत्व ज्ञान
सभी शास्त्र विरुद्ध ज्ञान को ध्वस्त करता हुआ चलेगा
जागो दुनिया वालों जागो
तारणहार पूर्ण ब्रह्म परमात्मा
कबीर परमेश्वर जी
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में पृथ्वी पर आ चुके हैं
संत रामपाल जी भगवान जी का तत्वज्ञान सृष्टि के आदि का ज्ञान है
आईये आत्मा के निज स्वामी को
सिर माथे पर बिठा ले
और दिल की गहराइयों से अपने मालिक का सम्मान करें
अपनी हर गलती का पश्चाताप करें
हम सब ने मिलकर उस पवित्र परमात्मा को
फूलों से कोमल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को
बहुत सताया है
वह आए हमें सतलोक सचखंड ले जाने के लिए जहां पर हम सभी आत्माओं के पृथ्वी जितने बड़े-बड़े घर हैं
दूध दही घी की नदियां हैं
कभी ना खत्म होने वाले फलों के वृक्ष है
प्रत्येक व्यक्ति के पास उड़ने वाले विमान है
जहां पर हमें कोई काम नहीं करना पड़ता हमें जन्म मृत्यु का कोई रोग नहीं है
जहां पर पूर्ण परम परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के शरीर में
एक रूम कुप का प्रकाश करोड़ सूर्य और करोड़ चंद्रमाओं से भी अधिक प्रकाश है
जहां पर प्रत्येक आत्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के बराबर है
और प्रत्येक आत्मा का बहुत ही अत्यधिक सुंदर शरीर है
जहां पर किसी को भी क्रीम पाउडर लगाकर सुंदर बनने की जरूरत नहीं है
प्रत्येक आत्मा का शरीर अत्यधिक सुंदर है
ना बाल सफेद होने का डर ना बुढ़ापा आने का डर ना अपाहिज होने का डर
ना चोरी डकैती का डर
सतलोक सचखंड में कबीर परमेश्वर जी ने सभी आत्माओं को समान रूप से सभी वस्तुएं दे रखी हैं
जिसकी वजह से राग देश चोरी डकैती का भाव किसी के मन में नहीं आता
ऐसे पवित्र स्थान के स्वामी है कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी भगवान
इतने पवित्र परमेश्वर इस पृथ्वी लोक पर आए
सतलोक सचखंड से पृथ्वी लोक ऐसा दिखाई देता है
जैसे कीचड़ में कीड़े पड़े हो
हम सभी कीचड़ में पड़े हुए कीड़ों को निकालने के लिए
और इतने पवित्र सुंदर स्थान सतलोक सचखंड में ले जाने के लिए
आत्मा के निज स्वामी संत रामपाल जी भगवान स्वयं आए हैं
और हम सब पृथ्वी वासियों ने इस पवित्र परमात्मा को क्या दिया अपमान के सिवा
हमने उन्हें बहुत रुलाया है
दुर्वासा ऋषि के साथ मजाक करने पर
दुर्वासा ऋषि ने अपनी श्रापसे पूरे यादव कुल को नष्ट कर दिया कृष्ण जी समेत
और संत रामपाल जी भगवान जी को सब ने कितना सताया
और बदले में संत रामपाल जी भगवान जी ने मसीहा बनकर
अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा
पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया
भारत को सोने की चिड़िया बनाने का नारा लगाया
और संत रामपाल जी भगवान जी ने इस अपमान के बदले में दी अन्नपूर्णा मुहिम
और पूरे भारत को लिया गोद
अब कोई भूखा नहीं सोएगा
और दिया सच्चा तत्व ज्ञान पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को प्राप्ति का सच्चा मार्ग
आईये सभी पृथ्वी वासी
हम सब ने मिलकर सच्चे स्वामी को बहुत रुला लिया
आईए सब मिलकर पश्चाताप करें
अपने भगवान संत रामपाल जी भगवान जी को
अपने सिर माथे पर बिठाकर दिल की गहराइयों से मालिक का सम्मान करें
और संत रामपाल जी भगवान जी के चरण कमल में बैठकर
उस सच्चे तत्वज्ञान का गुणगान करें
सच्चे मालिक हमें लेने के लिए काल का किला तोड़ कर आए हैं
पवित्र कोमल तारणहार ने अपने पवित्र मुख कमल से सत्संग प्रवचन में बताया
कि आप सभी का घर सतलोक सचखंड है
कॉल लोक के प्रधान स्वामी ब्रह्म सदाशिव के 21 ब्रह्मांड है
और वह अपनी ब्रह्मांड के लास्ट कॉर्नर पर जहां से सतलोक जाने का मार्ग है स्वयं ही बहुत ही भयानक रूप बनकर बैठा है
और किसी को भी उस गेट से निकलने नहीं देता सतलोक में जाने के लिए
अगर एक भी जीव आत्मा उसे गेट से सतलोक में चली गई तो उसके भोजन का क्या होगा
क्योंकि उसे श्राप लगा है एक लाख जीव रोज खाने का
उसका वह भयानक रूप इतना भयंकर है की कोई भी उसे अगर देख ले तो उसका कलेजा फट जाए
21 ब्रह्मांड का स्वामी उस गेट के नीचे स्वयं बैठा है
उसके सिर पर पैर रखकर ही सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
वर्तमान समय में जितने भी संत हैं
उनके पास वह शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र नहीं है
की ब्रह्म सदाशिव के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सके
क्योंकि वर्तमान में जितने भी संत हैं वे तो खुद ही सदाशिव की पूजा बता रहे हैं आत्मा का स्वामी मानकर
और सदाशिव की प्रधान शक्तियां ब्रह्मा विष्णु महेश जो की ब्रह्म सदाशिव के भोजन की व्यवस्था करते हैं
इन्हीं को आत्मा का स्वामि मानकर इनकी पूजा भक्ति बताते हैं
जो भी संत महंत ऐसा कर रहे हैं
वह कभी भी सतलोक सचखंड जाने का मार्ग नहीं बता सकते
अपना भी अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद कर रहे हैं
और अपने लाखों करोड़ों भक्तों को भी
शास्त्र विरुद्ध पूजा करवा कर
काल के 21 ब्रह्मांड में कैद में रखकर उनका अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद करवा रहे हैं
वर्तमान समय में केवल तारणहार संत रामपाल जी भगवान जी के पास ऐसे शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र हैं
जो काल लोक की प्रधान शक्तियों के
कर्ज से मुक्त करवाएंगे
संत रामपाल जी भगवान जी सत्यनाम देते हैं
जिसके अंतर्गत पूर्ण परमात्मा की
प्राप्ति के गुप्त मंत्र है जिसके द्वारा काल के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
संत रामपाल जी भगवान जी देते हैं सच्चा सार नाम और सारशब्द
जिसके द्वारा आत्मा काल लोक की शक्तियों के कर्ज से मुक्त होकर आत्मा के महबूब परमात्मा कबीर परमेश्वर जी को प्राप्त करके अपने निज घर सतलोक सचखंड चली जाती हैं
परम सुख को प्राप्त करती है
सतलोक और सतलोक के स्वामी पूर्ण ब्रह्म परमात्मा को पूर्ण रूप से प्राप्त करने का
संपूर्ण रहस्य देखिए साधना चैनल शाम को 7:30 से8:30
और पढ़िए पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा और जीने की राह
वर्तमान समय में सतलोक सचखंड के स्वामी कबीर परमेश्वर स्वयं ही संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में आए हैं
संत रामपाल जी भगवान जी से नाम उपदेश लेकर सच्चे शास्त्रों से प्रमाणित सत्य मंत्रो का जाप करके
अपनी निज घर सतलोक सचखंड को और अपने परमपिता परमेश्वर कबीर भगवान को प्राप्त करें
यह पूरी पृथ्वी वासियों के लिए गोल्डन चांस है
कलयुग के 5500 वर्ष बीत चुके हैं
हम सबको मनुष्य शरीर प्राप्त हैं
और स्वयं कबीर परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म परमात्मा सर्व सृष्टि के मालिक
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में स्वयं आए हैं सतगुरु रूप
बनाकर
सभी पृथ्वी वासियों 🔊🔊से यह प्रार्थना है मनुष्य जीवन का दाव लगा है स्वयं कबीर आए है सतगुरु बनकर
मनुष्य जीवन का यह दाव चूकना नहीं अब
जागो दुनिया वालों जागो🔊🔊🔊🔊🔊🔊🙏🙏💞💞
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#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
अनमोल मनुष्य जीवन का दाव लगा है दुनिया वालों
सर्व सृष्टि के कुल मालिक पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी ने वर्तमान समय में तारणहार के रूप में अवतरित होकर बताया
यह काल का लोक मृत्यु लोक है
अपना हर आत्मा का निज घर
सतलोक सचखंड है जो पृथ्वी से 16 शंख कोस की दूरी पर है
कॉल लोक का जो स्वामी है
ब्रह्म सदाशिव है
जो की देवी दुर्गा के पति और ब्रह्मा विष्णु महेश जी के पिता है
इन्हीं ब्रह्म सदाशिव को श्राप लगा है
1 लाख जीव रोज खाने का
और सवा लाख पैदा करने का
इसी श्राप की वजह से
पृथ्वी लोक पर जन्म मृत्यु का चक्रव्यूह बना हुआ है
जिन भगवानों को हम आत्मा का स्वामी मानते थे
वह तो इस काल लोक की प्रधान शक्तियां है
और वह अपने पिता के खाने के लिए
रज सत्व और तम गुण में
इस पृथ्वी लोक पर ऐसी व्यवस्था को बनाते हैं
जैसे कसाई बकरों को पहले बहुत प्यार से पलता है
मोटा तगड़ा करता है
और फिर एक ही झटके में छूरे से उसकी गर्दन अलग कर देता है क्योंकि जितना मोटा बकरा होता है उतना ही अधिक उसका मांस होता है और उतनी ही अधिक कीमत पर वह बेचना चाहता है
इसी तरह काल लोक की प्रधान शक्तियां
इस पृथ्वी लोक पर कुछ व्यवस्था बनाते हैं
और हम सबको हलाल करने के लिए
कुछ सुख सुविधा के साधन देते हैं
अपना ऐसा ज्ञान फैला रखा है
कि हम सब इन्हीं को अपना भगवान माने बैठे हैं
आत्मा के निज स्वामी कबीर परमेश्वर को भूल बैठे हैं
और वर्तमान के करोड़ों धर्मगुरु है वे शास्त्र विरुद्ध भक्ति करवरकर हमें पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की सत भक्ति की तरफ नहीं जाने देते क्योंकि इनको तत्वज्ञान का ज्ञान नहीं है
क्योंकि सृष्टि के आदि का ज्ञान केवल पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी स्वयं ही सतगुरु रूप में आकर देते हैं
परमात्मा ने वचन दिया था कि जब कलयुग के 5500 बरस बीत जाएंगे वे जगन्नाथ तारणहार स्वयं सतगुरु रूप में धरती पर आएंगे
और सृष्टि के आदि का सच्चा तत्व ज्ञान पृथ्वी पर बरसाएंगे
और उस आदि जगन्नाथ कबीर परमेश्वर जी की पहचान करवाएंगे की यही आत्मा के निज स्वामी है
और उस समय शास्त्र विरुद्ध पूजा को करवाने वाले धर्मगुरु
उन सच्चे तारणहार का
अत्यधिक विरोध करवाएंगे
और भगत समाज को इन इस काल लोक की प्रधान शक्तियों तक ही सीमित करेंगे
लेकिन कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान ऐसा है
जैसी गोला तोप का करता चले मैदान
पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का तत्व ज्ञान
सभी शास्त्र विरुद्ध ज्ञान को ध्वस्त करता हुआ चलेगा
जागो दुनिया वालों जागो
तारणहार पूर्ण ब्रह्म परमात्मा
कबीर परमेश्वर जी
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में पृथ्वी पर आ चुके हैं
संत रामपाल जी भगवान जी का तत्वज्ञान सृष्टि के आदि का ज्ञान है
आईये आत्मा के निज स्वामी को
सिर माथे पर बिठा ले
और दिल की गहराइयों से अपने मालिक का सम्मान करें
अपनी हर गलती का पश्चाताप करें
हम सब ने मिलकर उस पवित्र परमात्मा को
फूलों से कोमल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को
बहुत सताया है
वह आए हमें सतलोक सचखंड ले जाने के लिए जहां पर हम सभी आत्माओं के पृथ्वी जितने बड़े-बड़े घर हैं
दूध दही घी की नदियां हैं
कभी ना खत्म होने वाले फलों के वृक्ष है
प्रत्येक व्यक्ति के पास उड़ने वाले विमान है
जहां पर हमें कोई काम नहीं करना पड़ता हमें जन्म मृत्यु का कोई रोग नहीं है
जहां पर पूर्ण परम परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के शरीर में
एक रूम कुप का प्रकाश करोड़ सूर्य और करोड़ चंद्रमाओं से भी अधिक प्रकाश है
जहां पर प्रत्येक आत्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के बराबर है
और प्रत्येक आत्मा का बहुत ही अत्यधिक सुंदर शरीर है
जहां पर किसी को भी क्रीम पाउडर लगाकर सुंदर बनने की जरूरत नहीं है
प्रत्येक आत्मा का शरीर अत्यधिक सुंदर है
ना बाल सफेद होने का डर ना बुढ़ापा आने का डर ना अपाहिज होने का डर
ना चोरी डकैती का डर
सतलोक सचखंड में कबीर परमेश्वर जी ने सभी आत्माओं को समान रूप से सभी वस्तुएं दे रखी हैं
जिसकी वजह से राग देश चोरी डकैती का भाव किसी के मन में नहीं आता
ऐसे पवित्र स्थान के स्वामी है कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी भगवान
इतने पवित्र परमेश्वर इस पृथ्वी लोक पर आए
सतलोक सचखंड से पृथ्वी लोक ऐसा दिखाई देता है
जैसे कीचड़ में कीड़े पड़े हो
हम सभी कीचड़ में पड़े हुए कीड़ों को निकालने के लिए
और इतने पवित्र सुंदर स्थान सतलोक सचखंड में ले जाने के लिए
आत्मा के निज स्वामी संत रामपाल जी भगवान स्वयं आए हैं
और हम सब पृथ्वी वासियों ने इस पवित्र परमात्मा को क्या दिया अपमान के सिवा
हमने उन्हें बहुत रुलाया है
दुर्वासा ऋषि के साथ मजाक करने पर
दुर्वासा ऋषि ने अपनी श्रापसे पूरे यादव कुल को नष्ट कर दिया कृष्ण जी समेत
और संत रामपाल जी भगवान जी को सब ने कितना सताया
और बदले में संत रामपाल जी भगवान जी ने मसीहा बनकर
अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा
पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया
भारत को सोने की चिड़िया बनाने का नारा लगाया
और संत रामपाल जी भगवान जी ने इस अपमान के बदले में दी अन्नपूर्णा मुहिम
और पूरे भारत को लिया गोद
अब कोई भूखा नहीं सोएगा
और दिया सच्चा तत्व ज्ञान पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को प्राप्ति का सच्चा मार्ग
आईये सभी पृथ्वी वासी
हम सब ने मिलकर सच्चे स्वामी को बहुत रुला लिया
आईए सब मिलकर पश्चाताप करें
अपने भगवान संत रामपाल जी भगवान जी को
अपने सिर माथे पर बिठाकर दिल की गहराइयों से मालिक का सम्मान करें
और संत रामपाल जी भगवान जी के चरण कमल में बैठकर
उस सच्चे तत्वज्ञान का गुणगान करें
सच्चे मालिक हमें लेने के लिए काल का किला तोड़ कर आए हैं
पवित्र कोमल तारणहार ने अपने पवित्र मुख कमल से सत्संग प्रवचन में बताया
कि आप सभी का घर सतलोक सचखंड है
कॉल लोक के प्रधान स्वामी ब्रह्म सदाशिव के 21 ब्रह्मांड है
और वह अपनी ब्रह्मांड के लास्ट कॉर्नर पर जहां से सतलोक जाने का मार्ग है स्वयं ही बहुत ही भयानक रूप बनकर बैठा है
और किसी को भी उस गेट से निकलने नहीं देता सतलोक में जाने के लिए
अगर एक भी जीव आत्मा उसे गेट से सतलोक में चली गई तो उसके भोजन का क्या होगा
क्योंकि उसे श्राप लगा है एक लाख जीव रोज खाने का
उसका वह भयानक रूप इतना भयंकर है की कोई भी उसे अगर देख ले तो उसका कलेजा फट जाए
21 ब्रह्मांड का स्वामी उस गेट के नीचे स्वयं बैठा है
उसके सिर पर पैर रखकर ही सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
वर्तमान समय में जितने भी संत हैं
उनके पास वह शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र नहीं है
की ब्रह्म सदाशिव के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सके
क्योंकि वर्तमान में जितने भी संत हैं वे तो खुद ही सदाशिव की पूजा बता रहे हैं आत्मा का स्वामी मानकर
और सदाशिव की प्रधान शक्तियां ब्रह्मा विष्णु महेश जो की ब्रह्म सदाशिव के भोजन की व्यवस्था करते हैं
इन्हीं को आत्मा का स्वामि मानकर इनकी पूजा भक्ति बताते हैं
जो भी संत महंत ऐसा कर रहे हैं
वह कभी भी सतलोक सचखंड जाने का मार्ग नहीं बता सकते
अपना भी अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद कर रहे हैं
और अपने लाखों करोड़ों भक्तों को भी
शास्त्र विरुद्ध पूजा करवा कर
काल के 21 ब्रह्मांड में कैद में रखकर उनका अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद करवा रहे हैं
वर्तमान समय में केवल तारणहार संत रामपाल जी भगवान जी के पास ऐसे शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र हैं
जो काल लोक की प्रधान शक्तियों के
कर्ज से मुक्त करवाएंगे
संत रामपाल जी भगवान जी सत्यनाम देते हैं
जिसके अंतर्गत पूर्ण परमात्मा की
प्राप्ति के गुप्त मंत्र है जिसके द्वारा काल के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
संत रामपाल जी भगवान जी देते हैं सच्चा सार नाम और सारशब्द
जिसके द्वारा आत्मा काल लोक की शक्तियों के कर्ज से मुक्त होकर आत्मा के महबूब परमात्मा कबीर परमेश्वर जी को प्राप्त करके अपने निज घर सतलोक सचखंड चली जाती हैं
परम सुख को प्राप्त करती है
सतलोक और सतलोक के स्वामी पूर्ण ब्रह्म परमात्मा को पूर्ण रूप से प्राप्त करने का
संपूर्ण रहस्य देखिए साधना चैनल शाम को 7:30 से8:30
और पढ़िए पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा और जीने की राह
वर्तमान समय में सतलोक सचखंड के स्वामी कबीर परमेश्वर स्वयं ही संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में आए हैं
संत रामपाल जी भगवान जी से नाम उपदेश लेकर सच्चे शास्त्रों से प्रमाणित सत्य मंत्रो का जाप करके
अपनी निज घर सतलोक सचखंड को और अपने परमपिता परमेश्वर कबीर भगवान को प्राप्त करें
यह पूरी पृथ्वी वासियों के लिए गोल्डन चांस है
कलयुग के 5500 वर्ष बीत चुके हैं
हम सबको मनुष्य शरीर प्राप्त हैं
और स्वयं कबीर परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म परमात्मा सर्व सृष्टि के मालिक
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में स्वयं आए हैं सतगुरु रूप
बनाकर
सभी पृथ्वी वासियों 🔊🔊से यह प्रार्थना है मनुष्य जीवन का दाव लगा है स्वयं कबीर आए है सतगुरु बनकर
मनुष्य जीवन का यह दाव चूकना नहीं अब
जागो दुनिया वालों जागो🔊🔊🔊🔊🔊🔊🙏🙏💞💞
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#🙏जय शिव शम्भू
अनमोल मनुष्य जीवन का दाव लगा है दुनिया वालों
सर्व सृष्टि के कुल मालिक पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी ने वर्तमान समय में तारणहार के रूप में अवतरित होकर बताया
यह काल का लोक मृत्यु लोक है
अपना हर आत्मा का निज घर
सतलोक सचखंड है जो पृथ्वी से 16 शंख कोस की दूरी पर है
कॉल लोक का जो स्वामी है
ब्रह्म सदाशिव है
जो की देवी दुर्गा के पति और ब्रह्मा विष्णु महेश जी के पिता है
इन्हीं ब्रह्म सदाशिव को श्राप लगा है
1 लाख जीव रोज खाने का
और सवा लाख पैदा करने का
इसी श्राप की वजह से
पृथ्वी लोक पर जन्म मृत्यु का चक्रव्यूह बना हुआ है
जिन भगवानों को हम आत्मा का स्वामी मानते थे
वह तो इस काल लोक की प्रधान शक्तियां है
और वह अपने पिता के खाने के लिए
रज सत्व और तम गुण में
इस पृथ्वी लोक पर ऐसी व्यवस्था को बनाते हैं
जैसे कसाई बकरों को पहले बहुत प्यार से पलता है
मोटा तगड़ा करता है
और फिर एक ही झटके में छूरे से उसकी गर्दन अलग कर देता है क्योंकि जितना मोटा बकरा होता है उतना ही अधिक उसका मांस होता है और उतनी ही अधिक कीमत पर वह बेचना चाहता है
इसी तरह काल लोक की प्रधान शक्तियां
इस पृथ्वी लोक पर कुछ व्यवस्था बनाते हैं
और हम सबको हलाल करने के लिए
कुछ सुख सुविधा के साधन देते हैं
अपना ऐसा ज्ञान फैला रखा है
कि हम सब इन्हीं को अपना भगवान माने बैठे हैं
आत्मा के निज स्वामी कबीर परमेश्वर को भूल बैठे हैं
और वर्तमान के करोड़ों धर्मगुरु है वे शास्त्र विरुद्ध भक्ति करवरकर हमें पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की सत भक्ति की तरफ नहीं जाने देते क्योंकि इनको तत्वज्ञान का ज्ञान नहीं है
क्योंकि सृष्टि के आदि का ज्ञान केवल पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी स्वयं ही सतगुरु रूप में आकर देते हैं
परमात्मा ने वचन दिया था कि जब कलयुग के 5500 बरस बीत जाएंगे वे जगन्नाथ तारणहार स्वयं सतगुरु रूप में धरती पर आएंगे
और सृष्टि के आदि का सच्चा तत्व ज्ञान पृथ्वी पर बरसाएंगे
और उस आदि जगन्नाथ कबीर परमेश्वर जी की पहचान करवाएंगे की यही आत्मा के निज स्वामी है
और उस समय शास्त्र विरुद्ध पूजा को करवाने वाले धर्मगुरु
उन सच्चे तारणहार का
अत्यधिक विरोध करवाएंगे
और भगत समाज को इन इस काल लोक की प्रधान शक्तियों तक ही सीमित करेंगे
लेकिन कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान ऐसा है
जैसी गोला तोप का करता चले मैदान
पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का तत्व ज्ञान
सभी शास्त्र विरुद्ध ज्ञान को ध्वस्त करता हुआ चलेगा
जागो दुनिया वालों जागो
तारणहार पूर्ण ब्रह्म परमात्मा
कबीर परमेश्वर जी
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में पृथ्वी पर आ चुके हैं
संत रामपाल जी भगवान जी का तत्वज्ञान सृष्टि के आदि का ज्ञान है
आईये आत्मा के निज स्वामी को
सिर माथे पर बिठा ले
और दिल की गहराइयों से अपने मालिक का सम्मान करें
अपनी हर गलती का पश्चाताप करें
हम सब ने मिलकर उस पवित्र परमात्मा को
फूलों से कोमल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को
बहुत सताया है
वह आए हमें सतलोक सचखंड ले जाने के लिए जहां पर हम सभी आत्माओं के पृथ्वी जितने बड़े-बड़े घर हैं
दूध दही घी की नदियां हैं
कभी ना खत्म होने वाले फलों के वृक्ष है
प्रत्येक व्यक्ति के पास उड़ने वाले विमान है
जहां पर हमें कोई काम नहीं करना पड़ता हमें जन्म मृत्यु का कोई रोग नहीं है
जहां पर पूर्ण परम परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के शरीर में
एक रूम कुप का प्रकाश करोड़ सूर्य और करोड़ चंद्रमाओं से भी अधिक प्रकाश है
जहां पर प्रत्येक आत्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के बराबर है
और प्रत्येक आत्मा का बहुत ही अत्यधिक सुंदर शरीर है
जहां पर किसी को भी क्रीम पाउडर लगाकर सुंदर बनने की जरूरत नहीं है
प्रत्येक आत्मा का शरीर अत्यधिक सुंदर है
ना बाल सफेद होने का डर ना बुढ़ापा आने का डर ना अपाहिज होने का डर
ना चोरी डकैती का डर
सतलोक सचखंड में कबीर परमेश्वर जी ने सभी आत्माओं को समान रूप से सभी वस्तुएं दे रखी हैं
जिसकी वजह से राग देश चोरी डकैती का भाव किसी के मन में नहीं आता
ऐसे पवित्र स्थान के स्वामी है कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी भगवान
इतने पवित्र परमेश्वर इस पृथ्वी लोक पर आए
सतलोक सचखंड से पृथ्वी लोक ऐसा दिखाई देता है
जैसे कीचड़ में कीड़े पड़े हो
हम सभी कीचड़ में पड़े हुए कीड़ों को निकालने के लिए
और इतने पवित्र सुंदर स्थान सतलोक सचखंड में ले जाने के लिए
आत्मा के निज स्वामी संत रामपाल जी भगवान स्वयं आए हैं
और हम सब पृथ्वी वासियों ने इस पवित्र परमात्मा को क्या दिया अपमान के सिवा
हमने उन्हें बहुत रुलाया है
दुर्वासा ऋषि के साथ मजाक करने पर
दुर्वासा ऋषि ने अपनी श्रापसे पूरे यादव कुल को नष्ट कर दिया कृष्ण जी समेत
और संत रामपाल जी भगवान जी को सब ने कितना सताया
और बदले में संत रामपाल जी भगवान जी ने मसीहा बनकर
अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा
पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया
भारत को सोने की चिड़िया बनाने का नारा लगाया
और संत रामपाल जी भगवान जी ने इस अपमान के बदले में दी अन्नपूर्णा मुहिम
और पूरे भारत को लिया गोद
अब कोई भूखा नहीं सोएगा
और दिया सच्चा तत्व ज्ञान पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को प्राप्ति का सच्चा मार्ग
आईये सभी पृथ्वी वासी
हम सब ने मिलकर सच्चे स्वामी को बहुत रुला लिया
आईए सब मिलकर पश्चाताप करें
अपने भगवान संत रामपाल जी भगवान जी को
अपने सिर माथे पर बिठाकर दिल की गहराइयों से मालिक का सम्मान करें
और संत रामपाल जी भगवान जी के चरण कमल में बैठकर
उस सच्चे तत्वज्ञान का गुणगान करें
सच्चे मालिक हमें लेने के लिए काल का किला तोड़ कर आए हैं
पवित्र कोमल तारणहार ने अपने पवित्र मुख कमल से सत्संग प्रवचन में बताया
कि आप सभी का घर सतलोक सचखंड है
कॉल लोक के प्रधान स्वामी ब्रह्म सदाशिव के 21 ब्रह्मांड है
और वह अपनी ब्रह्मांड के लास्ट कॉर्नर पर जहां से सतलोक जाने का मार्ग है स्वयं ही बहुत ही भयानक रूप बनकर बैठा है
और किसी को भी उस गेट से निकलने नहीं देता सतलोक में जाने के लिए
अगर एक भी जीव आत्मा उसे गेट से सतलोक में चली गई तो उसके भोजन का क्या होगा
क्योंकि उसे श्राप लगा है एक लाख जीव रोज खाने का
उसका वह भयानक रूप इतना भयंकर है की कोई भी उसे अगर देख ले तो उसका कलेजा फट जाए
21 ब्रह्मांड का स्वामी उस गेट के नीचे स्वयं बैठा है
उसके सिर पर पैर रखकर ही सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
वर्तमान समय में जितने भी संत हैं
उनके पास वह शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र नहीं है
की ब्रह्म सदाशिव के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सके
क्योंकि वर्तमान में जितने भी संत हैं वे तो खुद ही सदाशिव की पूजा बता रहे हैं आत्मा का स्वामी मानकर
और सदाशिव की प्रधान शक्तियां ब्रह्मा विष्णु महेश जो की ब्रह्म सदाशिव के भोजन की व्यवस्था करते हैं
इन्हीं को आत्मा का स्वामि मानकर इनकी पूजा भक्ति बताते हैं
जो भी संत महंत ऐसा कर रहे हैं
वह कभी भी सतलोक सचखंड जाने का मार्ग नहीं बता सकते
अपना भी अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद कर रहे हैं
और अपने लाखों करोड़ों भक्तों को भी
शास्त्र विरुद्ध पूजा करवा कर
काल के 21 ब्रह्मांड में कैद में रखकर उनका अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद करवा रहे हैं
वर्तमान समय में केवल तारणहार संत रामपाल जी भगवान जी के पास ऐसे शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र हैं
जो काल लोक की प्रधान शक्तियों के
कर्ज से मुक्त करवाएंगे
संत रामपाल जी भगवान जी सत्यनाम देते हैं
जिसके अंतर्गत पूर्ण परमात्मा की
प्राप्ति के गुप्त मंत्र है जिसके द्वारा काल के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
संत रामपाल जी भगवान जी देते हैं सच्चा सार नाम और सारशब्द
जिसके द्वारा आत्मा काल लोक की शक्तियों के कर्ज से मुक्त होकर आत्मा के महबूब परमात्मा कबीर परमेश्वर जी को प्राप्त करके अपने निज घर सतलोक सचखंड चली जाती हैं
परम सुख को प्राप्त करती है
सतलोक और सतलोक के स्वामी पूर्ण ब्रह्म परमात्मा को पूर्ण रूप से प्राप्त करने का
संपूर्ण रहस्य देखिए साधना चैनल शाम को 7:30 से8:30
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वर्तमान समय में सतलोक सचखंड के स्वामी कबीर परमेश्वर स्वयं ही संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में आए हैं
संत रामपाल जी भगवान जी से नाम उपदेश लेकर सच्चे शास्त्रों से प्रमाणित सत्य मंत्रो का जाप करके
अपनी निज घर सतलोक सचखंड को और अपने परमपिता परमेश्वर कबीर भगवान को प्राप्त करें
यह पूरी पृथ्वी वासियों के लिए गोल्डन चांस है
कलयुग के 5500 वर्ष बीत चुके हैं
हम सबको मनुष्य शरीर प्राप्त हैं
और स्वयं कबीर परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म परमात्मा सर्व सृष्टि के मालिक
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में स्वयं आए हैं सतगुरु रूप
बनाकर
सभी पृथ्वी वासियों 🔊🔊से यह प्रार्थना है मनुष्य जीवन का दाव लगा है स्वयं कबीर आए है सतगुरु बनकर
मनुष्य जीवन का यह दाव चूकना नहीं अब
जागो दुनिया वालों जागो🔊🔊🔊🔊🔊🔊🙏🙏💞💞
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#🔱हर हर महादेव
अनमोल मनुष्य जीवन का दाव लगा है दुनिया वालों
सर्व सृष्टि के कुल मालिक पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी ने वर्तमान समय में तारणहार के रूप में अवतरित होकर बताया
यह काल का लोक मृत्यु लोक है
अपना हर आत्मा का निज घर
सतलोक सचखंड है जो पृथ्वी से 16 शंख कोस की दूरी पर है
कॉल लोक का जो स्वामी है
ब्रह्म सदाशिव है
जो की देवी दुर्गा के पति और ब्रह्मा विष्णु महेश जी के पिता है
इन्हीं ब्रह्म सदाशिव को श्राप लगा है
1 लाख जीव रोज खाने का
और सवा लाख पैदा करने का
इसी श्राप की वजह से
पृथ्वी लोक पर जन्म मृत्यु का चक्रव्यूह बना हुआ है
जिन भगवानों को हम आत्मा का स्वामी मानते थे
वह तो इस काल लोक की प्रधान शक्तियां है
और वह अपने पिता के खाने के लिए
रज सत्व और तम गुण में
इस पृथ्वी लोक पर ऐसी व्यवस्था को बनाते हैं
जैसे कसाई बकरों को पहले बहुत प्यार से पलता है
मोटा तगड़ा करता है
और फिर एक ही झटके में छूरे से उसकी गर्दन अलग कर देता है क्योंकि जितना मोटा बकरा होता है उतना ही अधिक उसका मांस होता है और उतनी ही अधिक कीमत पर वह बेचना चाहता है
इसी तरह काल लोक की प्रधान शक्तियां
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अपना ऐसा ज्ञान फैला रखा है
कि हम सब इन्हीं को अपना भगवान माने बैठे हैं
आत्मा के निज स्वामी कबीर परमेश्वर को भूल बैठे हैं
और वर्तमान के करोड़ों धर्मगुरु है वे शास्त्र विरुद्ध भक्ति करवरकर हमें पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की सत भक्ति की तरफ नहीं जाने देते क्योंकि इनको तत्वज्ञान का ज्ञान नहीं है
क्योंकि सृष्टि के आदि का ज्ञान केवल पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी स्वयं ही सतगुरु रूप में आकर देते हैं
परमात्मा ने वचन दिया था कि जब कलयुग के 5500 बरस बीत जाएंगे वे जगन्नाथ तारणहार स्वयं सतगुरु रूप में धरती पर आएंगे
और सृष्टि के आदि का सच्चा तत्व ज्ञान पृथ्वी पर बरसाएंगे
और उस आदि जगन्नाथ कबीर परमेश्वर जी की पहचान करवाएंगे की यही आत्मा के निज स्वामी है
और उस समय शास्त्र विरुद्ध पूजा को करवाने वाले धर्मगुरु
उन सच्चे तारणहार का
अत्यधिक विरोध करवाएंगे
और भगत समाज को इन इस काल लोक की प्रधान शक्तियों तक ही सीमित करेंगे
लेकिन कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान ऐसा है
जैसी गोला तोप का करता चले मैदान
पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का तत्व ज्ञान
सभी शास्त्र विरुद्ध ज्ञान को ध्वस्त करता हुआ चलेगा
जागो दुनिया वालों जागो
तारणहार पूर्ण ब्रह्म परमात्मा
कबीर परमेश्वर जी
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में पृथ्वी पर आ चुके हैं
संत रामपाल जी भगवान जी का तत्वज्ञान सृष्टि के आदि का ज्ञान है
आईये आत्मा के निज स्वामी को
सिर माथे पर बिठा ले
और दिल की गहराइयों से अपने मालिक का सम्मान करें
अपनी हर गलती का पश्चाताप करें
हम सब ने मिलकर उस पवित्र परमात्मा को
फूलों से कोमल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को
बहुत सताया है
वह आए हमें सतलोक सचखंड ले जाने के लिए जहां पर हम सभी आत्माओं के पृथ्वी जितने बड़े-बड़े घर हैं
दूध दही घी की नदियां हैं
कभी ना खत्म होने वाले फलों के वृक्ष है
प्रत्येक व्यक्ति के पास उड़ने वाले विमान है
जहां पर हमें कोई काम नहीं करना पड़ता हमें जन्म मृत्यु का कोई रोग नहीं है
जहां पर पूर्ण परम परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के शरीर में
एक रूम कुप का प्रकाश करोड़ सूर्य और करोड़ चंद्रमाओं से भी अधिक प्रकाश है
जहां पर प्रत्येक आत्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के बराबर है
और प्रत्येक आत्मा का बहुत ही अत्यधिक सुंदर शरीर है
जहां पर किसी को भी क्रीम पाउडर लगाकर सुंदर बनने की जरूरत नहीं है
प्रत्येक आत्मा का शरीर अत्यधिक सुंदर है
ना बाल सफेद होने का डर ना बुढ़ापा आने का डर ना अपाहिज होने का डर
ना चोरी डकैती का डर
सतलोक सचखंड में कबीर परमेश्वर जी ने सभी आत्माओं को समान रूप से सभी वस्तुएं दे रखी हैं
जिसकी वजह से राग देश चोरी डकैती का भाव किसी के मन में नहीं आता
ऐसे पवित्र स्थान के स्वामी है कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी भगवान
इतने पवित्र परमेश्वर इस पृथ्वी लोक पर आए
सतलोक सचखंड से पृथ्वी लोक ऐसा दिखाई देता है
जैसे कीचड़ में कीड़े पड़े हो
हम सभी कीचड़ में पड़े हुए कीड़ों को निकालने के लिए
और इतने पवित्र सुंदर स्थान सतलोक सचखंड में ले जाने के लिए
आत्मा के निज स्वामी संत रामपाल जी भगवान स्वयं आए हैं
और हम सब पृथ्वी वासियों ने इस पवित्र परमात्मा को क्या दिया अपमान के सिवा
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और संत रामपाल जी भगवान जी को सब ने कितना सताया
और बदले में संत रामपाल जी भगवान जी ने मसीहा बनकर
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और संत रामपाल जी भगवान जी ने इस अपमान के बदले में दी अन्नपूर्णा मुहिम
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हम सब ने मिलकर सच्चे स्वामी को बहुत रुला लिया
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अपने सिर माथे पर बिठाकर दिल की गहराइयों से मालिक का सम्मान करें
और संत रामपाल जी भगवान जी के चरण कमल में बैठकर
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और वह अपनी ब्रह्मांड के लास्ट कॉर्नर पर जहां से सतलोक जाने का मार्ग है स्वयं ही बहुत ही भयानक रूप बनकर बैठा है
और किसी को भी उस गेट से निकलने नहीं देता सतलोक में जाने के लिए
अगर एक भी जीव आत्मा उसे गेट से सतलोक में चली गई तो उसके भोजन का क्या होगा
क्योंकि उसे श्राप लगा है एक लाख जीव रोज खाने का
उसका वह भयानक रूप इतना भयंकर है की कोई भी उसे अगर देख ले तो उसका कलेजा फट जाए
21 ब्रह्मांड का स्वामी उस गेट के नीचे स्वयं बैठा है
उसके सिर पर पैर रखकर ही सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
वर्तमान समय में जितने भी संत हैं
उनके पास वह शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र नहीं है
की ब्रह्म सदाशिव के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सके
क्योंकि वर्तमान में जितने भी संत हैं वे तो खुद ही सदाशिव की पूजा बता रहे हैं आत्मा का स्वामी मानकर
और सदाशिव की प्रधान शक्तियां ब्रह्मा विष्णु महेश जो की ब्रह्म सदाशिव के भोजन की व्यवस्था करते हैं
इन्हीं को आत्मा का स्वामि मानकर इनकी पूजा भक्ति बताते हैं
जो भी संत महंत ऐसा कर रहे हैं
वह कभी भी सतलोक सचखंड जाने का मार्ग नहीं बता सकते
अपना भी अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद कर रहे हैं
और अपने लाखों करोड़ों भक्तों को भी
शास्त्र विरुद्ध पूजा करवा कर
काल के 21 ब्रह्मांड में कैद में रखकर उनका अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद करवा रहे हैं
वर्तमान समय में केवल तारणहार संत रामपाल जी भगवान जी के पास ऐसे शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र हैं
जो काल लोक की प्रधान शक्तियों के
कर्ज से मुक्त करवाएंगे
संत रामपाल जी भगवान जी सत्यनाम देते हैं
जिसके अंतर्गत पूर्ण परमात्मा की
प्राप्ति के गुप्त मंत्र है जिसके द्वारा काल के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
संत रामपाल जी भगवान जी देते हैं सच्चा सार नाम और सारशब्द
जिसके द्वारा आत्मा काल लोक की शक्तियों के कर्ज से मुक्त होकर आत्मा के महबूब परमात्मा कबीर परमेश्वर जी को प्राप्त करके अपने निज घर सतलोक सचखंड चली जाती हैं
परम सुख को प्राप्त करती है
सतलोक और सतलोक के स्वामी पूर्ण ब्रह्म परमात्मा को पूर्ण रूप से प्राप्त करने का
संपूर्ण रहस्य देखिए साधना चैनल शाम को 7:30 से8:30
और पढ़िए पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा और जीने की राह
वर्तमान समय में सतलोक सचखंड के स्वामी कबीर परमेश्वर स्वयं ही संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में आए हैं
संत रामपाल जी भगवान जी से नाम उपदेश लेकर सच्चे शास्त्रों से प्रमाणित सत्य मंत्रो का जाप करके
अपनी निज घर सतलोक सचखंड को और अपने परमपिता परमेश्वर कबीर भगवान को प्राप्त करें
यह पूरी पृथ्वी वासियों के लिए गोल्डन चांस है
कलयुग के 5500 वर्ष बीत चुके हैं
हम सबको मनुष्य शरीर प्राप्त हैं
और स्वयं कबीर परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म परमात्मा सर्व सृष्टि के मालिक
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में स्वयं आए हैं सतगुरु रूप
बनाकर
सभी पृथ्वी वासियों 🔊🔊से यह प्रार्थना है मनुष्य जीवन का दाव लगा है स्वयं कबीर आए है सतगुरु बनकर
मनुष्य जीवन का यह दाव चूकना नहीं अब
जागो दुनिया वालों जागो🔊🔊🔊🔊🔊🔊🙏🙏💞💞
#किसानों_के_मसीहा
#Kalyug_Mein_Satyug_Part3
#FactfulDebatesYtChannel #Haryana
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#🌷शुभ गुरुवार
अनमोल मनुष्य जीवन का दाव लगा है दुनिया वालों
सर्व सृष्टि के कुल मालिक पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी ने वर्तमान समय में तारणहार के रूप में अवतरित होकर बताया
यह काल का लोक मृत्यु लोक है
अपना हर आत्मा का निज घर
सतलोक सचखंड है जो पृथ्वी से 16 शंख कोस की दूरी पर है
कॉल लोक का जो स्वामी है
ब्रह्म सदाशिव है
जो की देवी दुर्गा के पति और ब्रह्मा विष्णु महेश जी के पिता है
इन्हीं ब्रह्म सदाशिव को श्राप लगा है
1 लाख जीव रोज खाने का
और सवा लाख पैदा करने का
इसी श्राप की वजह से
पृथ्वी लोक पर जन्म मृत्यु का चक्रव्यूह बना हुआ है
जिन भगवानों को हम आत्मा का स्वामी मानते थे
वह तो इस काल लोक की प्रधान शक्तियां है
और वह अपने पिता के खाने के लिए
रज सत्व और तम गुण में
इस पृथ्वी लोक पर ऐसी व्यवस्था को बनाते हैं
जैसे कसाई बकरों को पहले बहुत प्यार से पलता है
मोटा तगड़ा करता है
और फिर एक ही झटके में छूरे से उसकी गर्दन अलग कर देता है क्योंकि जितना मोटा बकरा होता है उतना ही अधिक उसका मांस होता है और उतनी ही अधिक कीमत पर वह बेचना चाहता है
इसी तरह काल लोक की प्रधान शक्तियां
इस पृथ्वी लोक पर कुछ व्यवस्था बनाते हैं
और हम सबको हलाल करने के लिए
कुछ सुख सुविधा के साधन देते हैं
अपना ऐसा ज्ञान फैला रखा है
कि हम सब इन्हीं को अपना भगवान माने बैठे हैं
आत्मा के निज स्वामी कबीर परमेश्वर को भूल बैठे हैं
और वर्तमान के करोड़ों धर्मगुरु है वे शास्त्र विरुद्ध भक्ति करवरकर हमें पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की सत भक्ति की तरफ नहीं जाने देते क्योंकि इनको तत्वज्ञान का ज्ञान नहीं है
क्योंकि सृष्टि के आदि का ज्ञान केवल पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी स्वयं ही सतगुरु रूप में आकर देते हैं
परमात्मा ने वचन दिया था कि जब कलयुग के 5500 बरस बीत जाएंगे वे जगन्नाथ तारणहार स्वयं सतगुरु रूप में धरती पर आएंगे
और सृष्टि के आदि का सच्चा तत्व ज्ञान पृथ्वी पर बरसाएंगे
और उस आदि जगन्नाथ कबीर परमेश्वर जी की पहचान करवाएंगे की यही आत्मा के निज स्वामी है
और उस समय शास्त्र विरुद्ध पूजा को करवाने वाले धर्मगुरु
उन सच्चे तारणहार का
अत्यधिक विरोध करवाएंगे
और भगत समाज को इन इस काल लोक की प्रधान शक्तियों तक ही सीमित करेंगे
लेकिन कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान ऐसा है
जैसी गोला तोप का करता चले मैदान
पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का तत्व ज्ञान
सभी शास्त्र विरुद्ध ज्ञान को ध्वस्त करता हुआ चलेगा
जागो दुनिया वालों जागो
तारणहार पूर्ण ब्रह्म परमात्मा
कबीर परमेश्वर जी
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में पृथ्वी पर आ चुके हैं
संत रामपाल जी भगवान जी का तत्वज्ञान सृष्टि के आदि का ज्ञान है
आईये आत्मा के निज स्वामी को
सिर माथे पर बिठा ले
और दिल की गहराइयों से अपने मालिक का सम्मान करें
अपनी हर गलती का पश्चाताप करें
हम सब ने मिलकर उस पवित्र परमात्मा को
फूलों से कोमल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को
बहुत सताया है
वह आए हमें सतलोक सचखंड ले जाने के लिए जहां पर हम सभी आत्माओं के पृथ्वी जितने बड़े-बड़े घर हैं
दूध दही घी की नदियां हैं
कभी ना खत्म होने वाले फलों के वृक्ष है
प्रत्येक व्यक्ति के पास उड़ने वाले विमान है
जहां पर हमें कोई काम नहीं करना पड़ता हमें जन्म मृत्यु का कोई रोग नहीं है
जहां पर पूर्ण परम परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के शरीर में
एक रूम कुप का प्रकाश करोड़ सूर्य और करोड़ चंद्रमाओं से भी अधिक प्रकाश है
जहां पर प्रत्येक आत्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के बराबर है
और प्रत्येक आत्मा का बहुत ही अत्यधिक सुंदर शरीर है
जहां पर किसी को भी क्रीम पाउडर लगाकर सुंदर बनने की जरूरत नहीं है
प्रत्येक आत्मा का शरीर अत्यधिक सुंदर है
ना बाल सफेद होने का डर ना बुढ़ापा आने का डर ना अपाहिज होने का डर
ना चोरी डकैती का डर
सतलोक सचखंड में कबीर परमेश्वर जी ने सभी आत्माओं को समान रूप से सभी वस्तुएं दे रखी हैं
जिसकी वजह से राग देश चोरी डकैती का भाव किसी के मन में नहीं आता
ऐसे पवित्र स्थान के स्वामी है कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी भगवान
इतने पवित्र परमेश्वर इस पृथ्वी लोक पर आए
सतलोक सचखंड से पृथ्वी लोक ऐसा दिखाई देता है
जैसे कीचड़ में कीड़े पड़े हो
हम सभी कीचड़ में पड़े हुए कीड़ों को निकालने के लिए
और इतने पवित्र सुंदर स्थान सतलोक सचखंड में ले जाने के लिए
आत्मा के निज स्वामी संत रामपाल जी भगवान स्वयं आए हैं
और हम सब पृथ्वी वासियों ने इस पवित्र परमात्मा को क्या दिया अपमान के सिवा
हमने उन्हें बहुत रुलाया है
दुर्वासा ऋषि के साथ मजाक करने पर
दुर्वासा ऋषि ने अपनी श्रापसे पूरे यादव कुल को नष्ट कर दिया कृष्ण जी समेत
और संत रामपाल जी भगवान जी को सब ने कितना सताया
और बदले में संत रामपाल जी भगवान जी ने मसीहा बनकर
अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा
पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया
भारत को सोने की चिड़िया बनाने का नारा लगाया
और संत रामपाल जी भगवान जी ने इस अपमान के बदले में दी अन्नपूर्णा मुहिम
और पूरे भारत को लिया गोद
अब कोई भूखा नहीं सोएगा
और दिया सच्चा तत्व ज्ञान पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को प्राप्ति का सच्चा मार्ग
आईये सभी पृथ्वी वासी
हम सब ने मिलकर सच्चे स्वामी को बहुत रुला लिया
आईए सब मिलकर पश्चाताप करें
अपने भगवान संत रामपाल जी भगवान जी को
अपने सिर माथे पर बिठाकर दिल की गहराइयों से मालिक का सम्मान करें
और संत रामपाल जी भगवान जी के चरण कमल में बैठकर
उस सच्चे तत्वज्ञान का गुणगान करें
सच्चे मालिक हमें लेने के लिए काल का किला तोड़ कर आए हैं
पवित्र कोमल तारणहार ने अपने पवित्र मुख कमल से सत्संग प्रवचन में बताया
कि आप सभी का घर सतलोक सचखंड है
कॉल लोक के प्रधान स्वामी ब्रह्म सदाशिव के 21 ब्रह्मांड है
और वह अपनी ब्रह्मांड के लास्ट कॉर्नर पर जहां से सतलोक जाने का मार्ग है स्वयं ही बहुत ही भयानक रूप बनकर बैठा है
और किसी को भी उस गेट से निकलने नहीं देता सतलोक में जाने के लिए
अगर एक भी जीव आत्मा उसे गेट से सतलोक में चली गई तो उसके भोजन का क्या होगा
क्योंकि उसे श्राप लगा है एक लाख जीव रोज खाने का
उसका वह भयानक रूप इतना भयंकर है की कोई भी उसे अगर देख ले तो उसका कलेजा फट जाए
21 ब्रह्मांड का स्वामी उस गेट के नीचे स्वयं बैठा है
उसके सिर पर पैर रखकर ही सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
वर्तमान समय में जितने भी संत हैं
उनके पास वह शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र नहीं है
की ब्रह्म सदाशिव के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सके
क्योंकि वर्तमान में जितने भी संत हैं वे तो खुद ही सदाशिव की पूजा बता रहे हैं आत्मा का स्वामी मानकर
और सदाशिव की प्रधान शक्तियां ब्रह्मा विष्णु महेश जो की ब्रह्म सदाशिव के भोजन की व्यवस्था करते हैं
इन्हीं को आत्मा का स्वामि मानकर इनकी पूजा भक्ति बताते हैं
जो भी संत महंत ऐसा कर रहे हैं
वह कभी भी सतलोक सचखंड जाने का मार्ग नहीं बता सकते
अपना भी अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद कर रहे हैं
और अपने लाखों करोड़ों भक्तों को भी
शास्त्र विरुद्ध पूजा करवा कर
काल के 21 ब्रह्मांड में कैद में रखकर उनका अनमोल मनुष्य जीवन बर्बाद करवा रहे हैं
वर्तमान समय में केवल तारणहार संत रामपाल जी भगवान जी के पास ऐसे शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र हैं
जो काल लोक की प्रधान शक्तियों के
कर्ज से मुक्त करवाएंगे
संत रामपाल जी भगवान जी सत्यनाम देते हैं
जिसके अंतर्गत पूर्ण परमात्मा की
प्राप्ति के गुप्त मंत्र है जिसके द्वारा काल के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
संत रामपाल जी भगवान जी देते हैं सच्चा सार नाम और सारशब्द
जिसके द्वारा आत्मा काल लोक की शक्तियों के कर्ज से मुक्त होकर आत्मा के महबूब परमात्मा कबीर परमेश्वर जी को प्राप्त करके अपने निज घर सतलोक सचखंड चली जाती हैं
परम सुख को प्राप्त करती है
सतलोक और सतलोक के स्वामी पूर्ण ब्रह्म परमात्मा को पूर्ण रूप से प्राप्त करने का
संपूर्ण रहस्य देखिए साधना चैनल शाम को 7:30 से8:30
और पढ़िए पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा और जीने की राह
वर्तमान समय में सतलोक सचखंड के स्वामी कबीर परमेश्वर स्वयं ही संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में आए हैं
संत रामपाल जी भगवान जी से नाम उपदेश लेकर सच्चे शास्त्रों से प्रमाणित सत्य मंत्रो का जाप करके
अपनी निज घर सतलोक सचखंड को और अपने परमपिता परमेश्वर कबीर भगवान को प्राप्त करें
यह पूरी पृथ्वी वासियों के लिए गोल्डन चांस है
कलयुग के 5500 वर्ष बीत चुके हैं
हम सबको मनुष्य शरीर प्राप्त हैं
और स्वयं कबीर परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म परमात्मा सर्व सृष्टि के मालिक
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में स्वयं आए हैं सतगुरु रूप
बनाकर
सभी पृथ्वी वासियों 🔊🔊से यह प्रार्थना है मनुष्य जीवन का दाव लगा है स्वयं कबीर आए है सतगुरु बनकर
मनुष्य जीवन का यह दाव चूकना नहीं अब
जागो दुनिया वालों जागो🔊🔊🔊🔊🔊🔊🙏🙏💞💞
#किसानों_के_मसीहा
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अनमोल मनुष्य जीवन का दाव लगा है दुनिया वालों
सर्व सृष्टि के कुल मालिक पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी ने वर्तमान समय में तारणहार के रूप में अवतरित होकर बताया
यह काल का लोक मृत्यु लोक है
अपना हर आत्मा का निज घर
सतलोक सचखंड है जो पृथ्वी से 16 शंख कोस की दूरी पर है
कॉल लोक का जो स्वामी है
ब्रह्म सदाशिव है
जो की देवी दुर्गा के पति और ब्रह्मा विष्णु महेश जी के पिता है
इन्हीं ब्रह्म सदाशिव को श्राप लगा है
1 लाख जीव रोज खाने का
और सवा लाख पैदा करने का
इसी श्राप की वजह से
पृथ्वी लोक पर जन्म मृत्यु का चक्रव्यूह बना हुआ है
जिन भगवानों को हम आत्मा का स्वामी मानते थे
वह तो इस काल लोक की प्रधान शक्तियां है
और वह अपने पिता के खाने के लिए
रज सत्व और तम गुण में
इस पृथ्वी लोक पर ऐसी व्यवस्था को बनाते हैं
जैसे कसाई बकरों को पहले बहुत प्यार से पलता है
मोटा तगड़ा करता है
और फिर एक ही झटके में छूरे से उसकी गर्दन अलग कर देता है क्योंकि जितना मोटा बकरा होता है उतना ही अधिक उसका मांस होता है और उतनी ही अधिक कीमत पर वह बेचना चाहता है
इसी तरह काल लोक की प्रधान शक्तियां
इस पृथ्वी लोक पर कुछ व्यवस्था बनाते हैं
और हम सबको हलाल करने के लिए
कुछ सुख सुविधा के साधन देते हैं
अपना ऐसा ज्ञान फैला रखा है
कि हम सब इन्हीं को अपना भगवान माने बैठे हैं
आत्मा के निज स्वामी कबीर परमेश्वर को भूल बैठे हैं
और वर्तमान के करोड़ों धर्मगुरु है वे शास्त्र विरुद्ध भक्ति करवरकर हमें पूर्ण ब्रह्म परमात्मा की सत भक्ति की तरफ नहीं जाने देते क्योंकि इनको तत्वज्ञान का ज्ञान नहीं है
क्योंकि सृष्टि के आदि का ज्ञान केवल पूर्ण ब्रह्म परमात्मा कबीर परमेश्वर जी स्वयं ही सतगुरु रूप में आकर देते हैं
परमात्मा ने वचन दिया था कि जब कलयुग के 5500 बरस बीत जाएंगे वे जगन्नाथ तारणहार स्वयं सतगुरु रूप में धरती पर आएंगे
और सृष्टि के आदि का सच्चा तत्व ज्ञान पृथ्वी पर बरसाएंगे
और उस आदि जगन्नाथ कबीर परमेश्वर जी की पहचान करवाएंगे की यही आत्मा के निज स्वामी है
और उस समय शास्त्र विरुद्ध पूजा को करवाने वाले धर्मगुरु
उन सच्चे तारणहार का
अत्यधिक विरोध करवाएंगे
और भगत समाज को इन इस काल लोक की प्रधान शक्तियों तक ही सीमित करेंगे
लेकिन कबीर परमेश्वर जी का ज्ञान ऐसा है
जैसी गोला तोप का करता चले मैदान
पूर्ण ब्रह्म परमात्मा का तत्व ज्ञान
सभी शास्त्र विरुद्ध ज्ञान को ध्वस्त करता हुआ चलेगा
जागो दुनिया वालों जागो
तारणहार पूर्ण ब्रह्म परमात्मा
कबीर परमेश्वर जी
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में पृथ्वी पर आ चुके हैं
संत रामपाल जी भगवान जी का तत्वज्ञान सृष्टि के आदि का ज्ञान है
आईये आत्मा के निज स्वामी को
सिर माथे पर बिठा ले
और दिल की गहराइयों से अपने मालिक का सम्मान करें
अपनी हर गलती का पश्चाताप करें
हम सब ने मिलकर उस पवित्र परमात्मा को
फूलों से कोमल पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को
बहुत सताया है
वह आए हमें सतलोक सचखंड ले जाने के लिए जहां पर हम सभी आत्माओं के पृथ्वी जितने बड़े-बड़े घर हैं
दूध दही घी की नदियां हैं
कभी ना खत्म होने वाले फलों के वृक्ष है
प्रत्येक व्यक्ति के पास उड़ने वाले विमान है
जहां पर हमें कोई काम नहीं करना पड़ता हमें जन्म मृत्यु का कोई रोग नहीं है
जहां पर पूर्ण परम परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के शरीर में
एक रूम कुप का प्रकाश करोड़ सूर्य और करोड़ चंद्रमाओं से भी अधिक प्रकाश है
जहां पर प्रत्येक आत्मा के शरीर का प्रकाश 16 सूर्य के बराबर है
और प्रत्येक आत्मा का बहुत ही अत्यधिक सुंदर शरीर है
जहां पर किसी को भी क्रीम पाउडर लगाकर सुंदर बनने की जरूरत नहीं है
प्रत्येक आत्मा का शरीर अत्यधिक सुंदर है
ना बाल सफेद होने का डर ना बुढ़ापा आने का डर ना अपाहिज होने का डर
ना चोरी डकैती का डर
सतलोक सचखंड में कबीर परमेश्वर जी ने सभी आत्माओं को समान रूप से सभी वस्तुएं दे रखी हैं
जिसकी वजह से राग देश चोरी डकैती का भाव किसी के मन में नहीं आता
ऐसे पवित्र स्थान के स्वामी है कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी भगवान
इतने पवित्र परमेश्वर इस पृथ्वी लोक पर आए
सतलोक सचखंड से पृथ्वी लोक ऐसा दिखाई देता है
जैसे कीचड़ में कीड़े पड़े हो
हम सभी कीचड़ में पड़े हुए कीड़ों को निकालने के लिए
और इतने पवित्र सुंदर स्थान सतलोक सचखंड में ले जाने के लिए
आत्मा के निज स्वामी संत रामपाल जी भगवान स्वयं आए हैं
और हम सब पृथ्वी वासियों ने इस पवित्र परमात्मा को क्या दिया अपमान के सिवा
हमने उन्हें बहुत रुलाया है
दुर्वासा ऋषि के साथ मजाक करने पर
दुर्वासा ऋषि ने अपनी श्रापसे पूरे यादव कुल को नष्ट कर दिया कृष्ण जी समेत
और संत रामपाल जी भगवान जी को सब ने कितना सताया
और बदले में संत रामपाल जी भगवान जी ने मसीहा बनकर
अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा
पूरे विश्व में भारत का गौरव बढ़ाया
भारत को सोने की चिड़िया बनाने का नारा लगाया
और संत रामपाल जी भगवान जी ने इस अपमान के बदले में दी अन्नपूर्णा मुहिम
और पूरे भारत को लिया गोद
अब कोई भूखा नहीं सोएगा
और दिया सच्चा तत्व ज्ञान पूर्ण ब्रह्म परमेश्वर को प्राप्ति का सच्चा मार्ग
आईये सभी पृथ्वी वासी
हम सब ने मिलकर सच्चे स्वामी को बहुत रुला लिया
आईए सब मिलकर पश्चाताप करें
अपने भगवान संत रामपाल जी भगवान जी को
अपने सिर माथे पर बिठाकर दिल की गहराइयों से मालिक का सम्मान करें
और संत रामपाल जी भगवान जी के चरण कमल में बैठकर
उस सच्चे तत्वज्ञान का गुणगान करें
सच्चे मालिक हमें लेने के लिए काल का किला तोड़ कर आए हैं
पवित्र कोमल तारणहार ने अपने पवित्र मुख कमल से सत्संग प्रवचन में बताया
कि आप सभी का घर सतलोक सचखंड है
कॉल लोक के प्रधान स्वामी ब्रह्म सदाशिव के 21 ब्रह्मांड है
और वह अपनी ब्रह्मांड के लास्ट कॉर्नर पर जहां से सतलोक जाने का मार्ग है स्वयं ही बहुत ही भयानक रूप बनकर बैठा है
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वर्तमान समय में जितने भी संत हैं
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क्योंकि वर्तमान में जितने भी संत हैं वे तो खुद ही सदाशिव की पूजा बता रहे हैं आत्मा का स्वामी मानकर
और सदाशिव की प्रधान शक्तियां ब्रह्मा विष्णु महेश जो की ब्रह्म सदाशिव के भोजन की व्यवस्था करते हैं
इन्हीं को आत्मा का स्वामि मानकर इनकी पूजा भक्ति बताते हैं
जो भी संत महंत ऐसा कर रहे हैं
वह कभी भी सतलोक सचखंड जाने का मार्ग नहीं बता सकते
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और अपने लाखों करोड़ों भक्तों को भी
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वर्तमान समय में केवल तारणहार संत रामपाल जी भगवान जी के पास ऐसे शास्त्रों से प्रमाणित मंत्र हैं
जो काल लोक की प्रधान शक्तियों के
कर्ज से मुक्त करवाएंगे
संत रामपाल जी भगवान जी सत्यनाम देते हैं
जिसके अंतर्गत पूर्ण परमात्मा की
प्राप्ति के गुप्त मंत्र है जिसके द्वारा काल के सिर पर पैर रखकर सतलोक सचखंड के गेट की तरफ जाया जा सकता है
संत रामपाल जी भगवान जी देते हैं सच्चा सार नाम और सारशब्द
जिसके द्वारा आत्मा काल लोक की शक्तियों के कर्ज से मुक्त होकर आत्मा के महबूब परमात्मा कबीर परमेश्वर जी को प्राप्त करके अपने निज घर सतलोक सचखंड चली जाती हैं
परम सुख को प्राप्त करती है
सतलोक और सतलोक के स्वामी पूर्ण ब्रह्म परमात्मा को पूर्ण रूप से प्राप्त करने का
संपूर्ण रहस्य देखिए साधना चैनल शाम को 7:30 से8:30
और पढ़िए पवित्र पुस्तक ज्ञान गंगा और जीने की राह
वर्तमान समय में सतलोक सचखंड के स्वामी कबीर परमेश्वर स्वयं ही संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में आए हैं
संत रामपाल जी भगवान जी से नाम उपदेश लेकर सच्चे शास्त्रों से प्रमाणित सत्य मंत्रो का जाप करके
अपनी निज घर सतलोक सचखंड को और अपने परमपिता परमेश्वर कबीर भगवान को प्राप्त करें
यह पूरी पृथ्वी वासियों के लिए गोल्डन चांस है
कलयुग के 5500 वर्ष बीत चुके हैं
हम सबको मनुष्य शरीर प्राप्त हैं
और स्वयं कबीर परमेश्वर पूर्ण ब्रह्म परमात्मा सर्व सृष्टि के मालिक
संत रामपाल जी भगवान जी के रूप में स्वयं आए हैं सतगुरु रूप
बनाकर
सभी पृथ्वी वासियों 🔊🔊से यह प्रार्थना है मनुष्य जीवन का दाव लगा है स्वयं कबीर आए है सतगुरु बनकर
मनुष्य जीवन का यह दाव चूकना नहीं अब
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