भगवान शिव श्मशान में भी शांत रहते थे। वे हर परिस्थिति को स्वीकार करते थे। यह कहानी सिखाती है कि जीवन में बदलाव और कठिनाइयों से डरना नहीं चाहिए। जो इंसान हर परिस्थिति को स्वीकार कर आगे बढ़ता है, वही सच्ची शांति और सफलता प्राप्त करता है हमेशा। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
भगवान शिव ने कभी अपने भक्तों में भेदभाव नहीं किया। गरीब हो या अमीर, वे सबकी सुनते थे। यह कहानी सिखाती है कि इंसान को सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। सच्ची महानता दूसरों को सम्मान देने में होती है और यही जीवन को सुंदर और सफल बनाती है हमेशा। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
एक गरीब सिख रोज गुरुद्वारे में सेवा करता था। वह जूते साफ करता और लंगर बांटता। लोग उसकी सादगी देखकर प्रभावित होते। एक दिन उसकी मेहनत रंग लाई। यह कहानी सिखाती है कि सेवा और विनम्रता से ही वाहेगुरु की कृपा मिलती है और जीवन में सम्मान बढ़ता है हमेशा। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
एक बार शिवजी गहरे ध्यान में थे। तेज तूफान और बारिश भी उनका ध्यान नहीं तोड़ सके। यह कहानी सिखाती है कि लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने से कोई भी बाधा इंसान को रोक नहीं सकती और धैर्य से हर सफलता प्राप्त की जा सकती है जीवन में हमेशा। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
भगवान शिव कैलाश पर्वत पर सादगी से रहते थे। उनके पास अपार शक्ति थी, फिर भी अहंकार नहीं था। यह कहानी सिखाती है कि सच्ची महानता विनम्रता में होती है और इंसान को हमेशा सरल और शांत स्वभाव रखना चाहिए, तभी सम्मान और शांति दोनों मिलते हैं। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
भगवान शिव ने समुद्र मंथन में निकला विष पी लिया ताकि संसार बच सके। उन्होंने अपने दुख की चिंता नहीं की। यह कहानी सिखाती है कि महान इंसान वही होता है, जो दूसरों की रक्षा के लिए कठिनाइयाँ सह ले और हमेशा दूसरों के हित के बारे में सोचता रहे। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
यह रही श्री हनुमान चालीसा 🙏
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॥ श्री हनुमान चालीसा ॥
दोहा
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि।
बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायक फल चारि॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार॥
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चौपाई
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा।
अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा॥
हाथ वज्र औ ध्वजा बिराजे।
काँधे मूँज जनेऊ साजे॥
शंकर सुवन केसरी नंदन।
तेज प्रताप महा जग वंदन॥
विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
विकट रूप धरि लंक जरावा॥
भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज सवारे॥
लाय सजीवन लखन जियाये।
श्री रघुबीर हरषि उर लाये॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगाव यह रही श्री हनुमान चालीसा 🙏
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॥ श्री हनुमान चालीसा ॥
दोहा
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि।
बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायक फल चारि॥
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि विद्या देहु मोहिं, हरहु कलेश विकार॥
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चौपाई
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा।
अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा॥
हाथ वज्र औ ध्वजा बिराजे।
काँधे मूँज जनेऊ साजे॥
शंकर सुवन केसरी नंदन।
तेज प्रताप महा जग वंदन॥
विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
विकट रूप धरि लंक जरावा॥
भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज सवारे॥
लाय सजीवन लखन जियाये।
श्री रघुबीर हरषि उर लाये॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥
सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगाव #❤️Love You ज़िंदगी ❤️













