Vijay mane.
ShareChat
click to see wallet page
@1972157375
1972157375
Vijay mane.
@1972157375
मैत्री, मस्ती आणि शेअरचॅट 👌
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - नियंत्रण बहुत जरूरी हें आमदनी कम हो तो     अगर ఇాాశౌ qా 31ా जानकारी कम हो तो शब्दों पर॰ 8 सुप्रभात नियंत्रण बहुत जरूरी हें आमदनी कम हो तो     अगर ఇాాశౌ qా 31ా जानकारी कम हो तो शब्दों पर॰ 8 सुप्रभात - ShareChat
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - शुभ qHI 6) वक्त समुंदर में , गिरा हुआ वह मोती है.. जिसका दोबारा मिलना 0 नामुमकिन है...!! शुभ qHI 6) वक्त समुंदर में , गिरा हुआ वह मोती है.. जिसका दोबारा मिलना 0 नामुमकिन है...!! - ShareChat
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - परायों को अपन बनाना आसान होता है सबसे अपनों को अपना बनाये रखना लेकिन मुश्किल.!! बहुत ही सुप्रभात परायों को अपन बनाना आसान होता है सबसे अपनों को अपना बनाये रखना लेकिन मुश्किल.!! बहुत ही सुप्रभात - ShareChat
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - Good कोशिश. Morning चाहिए यह होनी कि हम सदैव समाधान का हिस्सा बने , समस्या का नहीं.॰! आपका दिन मंगलमय हो. ೮೫೦ @ CHtuu @ /ui0o எவிஸிகாவி Good कोशिश. Morning चाहिए यह होनी कि हम सदैव समाधान का हिस्सा बने , समस्या का नहीं.॰! आपका दिन मंगलमय हो. ೮೫೦ @ CHtuu @ /ui0o எவிஸிகாவி - ShareChat
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - Gooduosulng| Gooduosulng| - ShareChat
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - कोई छिड़कता है जख्मों पर नमक कोई उनका मरहम बन जाता है, कोई छोड़ देता है बीच राह हाथ. ೦೦೧ कोई मरते दम तक साथ निभाता है कोई उडाता है मजाक जज्बातों का कोई ख़ामोशी भी समझ जाता है कोई अपना होकर भी अपना नही बन पता कोई पराया होकर भी अपना बन जाता है।। कोई छिड़कता है जख्मों पर नमक कोई उनका मरहम बन जाता है, कोई छोड़ देता है बीच राह हाथ. ೦೦೧ कोई मरते दम तक साथ निभाता है कोई उडाता है मजाक जज्बातों का कोई ख़ामोशी भी समझ जाता है कोई अपना होकर भी अपना नही बन पता कोई पराया होकर भी अपना बन जाता है।। - ShareChat
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - बड़े महंगे ख्वाब नहीं मेरे.. मैं बस जिंदगी में चैन चाहता हूँ, हर सुबह हो नई उम्मीदों से. हर शाम थोडा सुकून चाहता हूँ, भीड़ में भी न महसूस करूँ तन्हाई... साथ किसी अपने का चाहता हूँ, मिलती रहें छोटी छोटी खुशियाँ जिंदगी से बस इतना चाहता हूँ।।। बड़े महंगे ख्वाब नहीं मेरे.. मैं बस जिंदगी में चैन चाहता हूँ, हर सुबह हो नई उम्मीदों से. हर शाम थोडा सुकून चाहता हूँ, भीड़ में भी न महसूस करूँ तन्हाई... साथ किसी अपने का चाहता हूँ, मिलती रहें छोटी छोटी खुशियाँ जिंदगी से बस इतना चाहता हूँ।।। - ShareChat
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - ஏணி मैँत्रो समर्पण प्रेम म्हणजे काय विश्वास त्याग आनद सहवास शांती क्षमा आदर Vijay 7738543522 ஏணி मैँत्रो समर्पण प्रेम म्हणजे काय विश्वास त्याग आनद सहवास शांती क्षमा आदर Vijay 7738543522 - ShareChat
#✍🏽 माझ्या लेखणीतून
✍🏽 माझ्या लेखणीतून - शब्दांपेक्षा मन स्वच्छ असावं, कारण नाती आवाजाने नाही तर विश्वासाने टिकतात... शुभ रात्री ..! Vijay 7738543522 शब्दांपेक्षा मन स्वच्छ असावं, कारण नाती आवाजाने नाही तर विश्वासाने टिकतात... शुभ रात्री ..! Vijay 7738543522 - ShareChat