B R S
ShareChat
click to see wallet page
@1991561122
1991561122
B R S
@1991561122
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#shiv bhajan #vivah geet #☺️shiv parwati vivah ❤️👀🌷
shiv bhajan - ShareChat
00:16
#🧮 सरल गणित / Reasoning #📚एजुकेशन टिप्स & ट्रिक्स✍ #👨‍🏫️स्किल डेवलपमेंट👔 #📚प्रतियोगी परीक्षा विशेष🏆
🧮 सरल गणित / Reasoning - ShareChat
00:54
#🌞 Good Morning🌞 #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #❤️शुभकामना सन्देश #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🙏प्रातः वंदन
🌞 Good Morning🌞 - ShareChat
00:19
#Cultural 🎉🌹 culture geet 🎉🌹 #Women Trend Fashion #geet
Cultural - 17:12 ٥ ٥ ٥ 01.36 Zt 4G ll ' DrShiv Prasad Mishra कंगन पायल करधनी , बिछुवा बेसर हार। झुमका नथ विन्दी नहीं, कहाँ गया श्रृंगार। ।६२।। काजल लाली होठ की॰ पाँव महावर क्षीण।  सधवा हो विधवा लगे , माँग सिंदूर विहीन। ।६३।।  " पैन्ट" और" टी-शर्ट"मे,वैसा कहाँ निखार। साड़ी के सौन्दर्य मे, नारी मनो बहार।।६४।। कवि बेचारा मौन है, खोज रहा श्रृंगार। क्या वह युग भय से छिपा, सात समुन्दर पार।१६५।। आंग्ल सभ्यता का कहर, भारत में क्यों व्याप्त। काम और रति प्रणय का,क्या संयोग समाप्त। ।६६।। हो युग " धर्म की,मानव-हित अनुकूल।  रचना शाश्वत हो निरपेक्ष हो, कालजयी सुखमूल। I६७१।  काव्य रस सूर में , मे साहित्य। कलित तुलसी  बीजक बानी मे भरा, है खारा पाण्डित्य। १६८।| जब अंतस के कक्ष में, हो वीणा झन्कार। सुनो रागिनी ध्यान से, तब सुर-लय विस्तार।१६९।। घन बरसे पीयूष रस, गगन पुष्प की वृष्टि। सर से बरसे काव्य-घन, भुक्ति-मुक्ति सुख सृष्टि।I७०।। दोहा है साँकल सबल, बँधे भाव गज मत्त। गागर मे सागर भरे, अन्य छन्द की धत्त।१७१ ।। *डा.शिव प्रसाद मिश्र* BrarRarsinghion THU AT 11:40 Write a Shurabh Hahayvanshi Comment Like 17:12 ٥ ٥ ٥ 01.36 Zt 4G ll ' DrShiv Prasad Mishra कंगन पायल करधनी , बिछुवा बेसर हार। झुमका नथ विन्दी नहीं, कहाँ गया श्रृंगार। ।६२।। काजल लाली होठ की॰ पाँव महावर क्षीण।  सधवा हो विधवा लगे , माँग सिंदूर विहीन। ।६३।।  " पैन्ट" और" टी-शर्ट"मे,वैसा कहाँ निखार। साड़ी के सौन्दर्य मे, नारी मनो बहार।।६४।। कवि बेचारा मौन है, खोज रहा श्रृंगार। क्या वह युग भय से छिपा, सात समुन्दर पार।१६५।। आंग्ल सभ्यता का कहर, भारत में क्यों व्याप्त। काम और रति प्रणय का,क्या संयोग समाप्त। ।६६।। हो युग " धर्म की,मानव-हित अनुकूल।  रचना शाश्वत हो निरपेक्ष हो, कालजयी सुखमूल। I६७१।  काव्य रस सूर में , मे साहित्य। कलित तुलसी  बीजक बानी मे भरा, है खारा पाण्डित्य। १६८।| जब अंतस के कक्ष में, हो वीणा झन्कार। सुनो रागिनी ध्यान से, तब सुर-लय विस्तार।१६९।। घन बरसे पीयूष रस, गगन पुष्प की वृष्टि। सर से बरसे काव्य-घन, भुक्ति-मुक्ति सुख सृष्टि।I७०।। दोहा है साँकल सबल, बँधे भाव गज मत्त। गागर मे सागर भरे, अन्य छन्द की धत्त।१७१ ।। *डा.शिव प्रसाद मिश्र* BrarRarsinghion THU AT 11:40 Write a Shurabh Hahayvanshi Comment Like - ShareChat
#💃 गर्ल्स डांस #💃Dance हीरो 🕺 #💃🏻 डांस म्यूजिक लवर 🎶 #👯‍♀️ट्रेंडिंग डांस वीडियो #👌 भारतीय नृत्य
💃 गर्ल्स डांस - ShareChat
00:19
Aalu ke lachchhedaar papad 🎉🎉🌹 #The Potato Plant #Potato 🥔 tips... ✨💫⚡ #deshi papad
The Potato Plant - ShareChat
01:01
#🎥 कॉमेडी मूवी Clips😂 #😂 वायरल स्टैंडअप कॉमेडी #😅आज के वायरल मीम्स #😂Standup कॉमेडी🎤
🎥 कॉमेडी मूवी Clips😂 - ShareChat
00:30