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http://modernandyoung.blogspot.com/2025/09/blog-post_23.html #😵टाइम पास #👨‍💻बिजनेस आइडिया💡 #💼सरकारी सेवा और योजना 👷 #✍🏻 बीमा योजना की जानकारी ✍🏻 #📖बैंकिंग की तैयारी
http://modernandyoung.blogspot.com/2025/09/blog-post_17.html #🌿 तुलसी के फायदे #😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 #🍃अदरक के फायदे #👼बेबी हेल्थ केयर टिप्स #🎶हैप्पी रोमांटिक स्टेटस
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#HealthyBreakfast #DalyaRecipe #FitnessTips #IndianFood #HealthyLifestyle #ModernAndYoung ##HealthyBreakfast #DalyaRecipe FitnessTips #IndianFood #HealthyLifestyle #ModernAndYoung स्वादिष्ट और पौष्टिक दलिया बनाने के दो तरीके दलिया को स्वादिष्ट और पौष्टिक दोनों बनाया जा सकता है। यह दो तरीक़ों से तैयार होता है – नमकीन दलिया और मीठा दलिया। दोनों ही सेहत के लिए बेहतरीन हैं। ✨ स्वादिष्ट और पौष्टिक दलिया ✨ सुबह की शुरुआत हेल्दी नाश्ते से करें 🥣 👉 नमकीन या मीठा – दोनों ही सेहत और स्वाद से भरपूर! 🌿 हेल्दी लाइफ = हैप्पी लाइफ 🌿 https://modernandyoung.blogspot.com/2025/09/blog-post_16.html
#HealthyBreakfast #DalyaRecipe FitnessTips #IndianFood #HealthyLifestyle #ModernAndYoung - ffae 3iR பfes दलिया बनाने के 2 तरीके नमकीन दलिया मीठा दलिया सब्जियों के साथ दूध, गुड़ औऱ सूखे हल्का , फाइबर से मेवों के साथ एनर्जी भरपूर औऱ पेट औऱ टेस्ट से भरपूर भरने वाला सुबह को शुरुआत हेल्दी दलिया से करें और दिनभर एक्टिव रहें! जानकारी अच्छी लगी तो शेयर करो औऱ अधिक जानकारी के लिए बायो मै लिंक पर क्लिक करें ffae 3iR பfes दलिया बनाने के 2 तरीके नमकीन दलिया मीठा दलिया सब्जियों के साथ दूध, गुड़ औऱ सूखे हल्का , फाइबर से मेवों के साथ एनर्जी भरपूर औऱ पेट औऱ टेस्ट से भरपूर भरने वाला सुबह को शुरुआत हेल्दी दलिया से करें और दिनभर एक्टिव रहें! जानकारी अच्छी लगी तो शेयर करो औऱ अधिक जानकारी के लिए बायो मै लिंक पर क्लिक करें - ShareChat
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि मोक्ष का मार्ग या पितर लोक का? गीता अध्याय 9 श्लोक 25 के अनुसार पितरों को पूजने वाले पितरों को ही प्राप्त होते हैं, परमात्मा को नहीं। यानी श्राद्ध से मुक्ति नहीं बल्कि श्राद्ध करने वाला स्वयं पितर बनता है। Factful Debates YtChannel #श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि #श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि#पितृपक्ष#श्राध्द#shradh ##श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि ##श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि - क्या श्राद्ध करना चाहिए? इस्कॉन संस्था वाले पितृ पूजा , 0 भूत पूजा , श्राद्ध करवाते हैं! पवित्र गीता जी कहती है कि ये नहीं करना चाहिए। फिर हम क्यों करते हैं२ गीता अध्याय 9 श्लोक २५ श्रीमद्भगवत गीता के इस प्रमाण से  पितृवृतः  2aqd: / ঠনান; यान्ति पितृन् यान्ति सिद्ध हुआ जो पितृ पूजा (श्राद्ध आदि) यान्ति भूतेज्याः यान्ति मध्याजिन्ह अपि, मम भूतानि करते हैं वे मोक्ष प्राप्त नहींकर पाते , ||25|| अनुवादः (देववृताः ) देवताओं के उपासक (देवान) देवताओं के पास (यांति) जाते हैं (पितृवृत्तः ) पितरों के वे यमलोक में (पितृन) पितरों के पास (यांति) जाते हैं उपासक पितरों को प्राप्त (भूतेज्याः ) भूतों के उपासक  भूत (यांति) जाते (মুনানি)  हैं तथा (मध्याजिनः) ) इसी प्रकार मेरे जो भक्त शास्त्र होते हैं। विधि से पूजा करते हैं, वे मतानुसार(अपि) को भी॰ (माम् ) मुझे (यांति) प्राप्त करते हैं। (२५) मेरे अज़ीज़ हिंदुओं स्वयं पढ़ो अपने ग्रंथ जगतगुरू तत्त्वदर्शी संत रामपालजी महाराज हिन्ू Tgm / 0 साहबान! नहींसमझे PDFIIU; SUBSCRIBE ~ गीता चेद॰ पुराण मेसेज करें fromARRRAJ Download PDFfrom Factful Debates 7496801822 YouTube SANT RAMPAL Charuiel क्या श्राद्ध करना चाहिए? इस्कॉन संस्था वाले पितृ पूजा , 0 भूत पूजा , श्राद्ध करवाते हैं! पवित्र गीता जी कहती है कि ये नहीं करना चाहिए। फिर हम क्यों करते हैं२ गीता अध्याय 9 श्लोक २५ श्रीमद्भगवत गीता के इस प्रमाण से  पितृवृतः  2aqd: / ঠনান; यान्ति पितृन् यान्ति सिद्ध हुआ जो पितृ पूजा (श्राद्ध आदि) यान्ति भूतेज्याः यान्ति मध्याजिन्ह अपि, मम भूतानि करते हैं वे मोक्ष प्राप्त नहींकर पाते , ||25|| अनुवादः (देववृताः ) देवताओं के उपासक (देवान) देवताओं के पास (यांति) जाते हैं (पितृवृत्तः ) पितरों के वे यमलोक में (पितृन) पितरों के पास (यांति) जाते हैं उपासक पितरों को प्राप्त (भूतेज्याः ) भूतों के उपासक  भूत (यांति) जाते (মুনানি)  हैं तथा (मध्याजिनः) ) इसी प्रकार मेरे जो भक्त शास्त्र होते हैं। विधि से पूजा करते हैं, वे मतानुसार(अपि) को भी॰ (माम् ) मुझे (यांति) प्राप्त करते हैं। (२५) मेरे अज़ीज़ हिंदुओं स्वयं पढ़ो अपने ग्रंथ जगतगुरू तत्त्वदर्शी संत रामपालजी महाराज हिन्ू Tgm / 0 साहबान! नहींसमझे PDFIIU; SUBSCRIBE ~ गीता चेद॰ पुराण मेसेज करें fromARRRAJ Download PDFfrom Factful Debates 7496801822 YouTube SANT RAMPAL Charuiel - ShareChat
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधिअधूरा ज्ञान खतरनाक क्या आपके धर्म गुरु जानते हैं कि विष्णु पुराण के तृतीय अंश, अध्याय 15 श्लोक 55-56 के अनुसार एक योगी (शास्त्र अनुकूल भक्ति करने वाला साधक) को भोजन कराना हज़ार ब्राह्मणों के श्राद्ध भोज से उत्तम है। #श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि - শুরলীণ সমা ৩ दोहित्र   (लडकीका  वित्राणि दाहित्रः कुतपस्तिलाः  ) 5 (14க1 आठवां मर्त ) ओर तिल-यैे तोन तया चौदीका दान दानं कथासंकोर्तनादिकम् II ५२  সাে_বমনধী_শাননীন सव  शरारूकालमे  al ಗ ಖ ausu Tೆ mrl पविप्र माने गपे ४।५२।ऐ रजेन्द। नरक्तकि लिपे  कोप॰ मार्गगमन ओर उतारलापन पे तोन नात चजित राजेन्द्र त्रयमेतनन   शस्यते ।। ५३ तया शरारमे भोजन फाेवालौको भी॰उन तीनौका িনমেথা 791 करना उचित नही ह।५३। मातामहा गते पुंसां सर्व श्राद्धं प्रकुर्वताम् । ५४  रजन। श्रार करेवले  শিষশশযণ  परुपसे  पितगण मातामह तचा कुटम्योजन - सभी सन्तुष्ट ते  वर्तमान में योगाधारश्च चन्दमाः  तगणो & I14*41 ৮ সুপালে| পিনযণকচা সাখা ধন্সা ৪ আা नयोगस्त तस्माखूपाल शस्यते ।१ ५५  चन्दमाका आधार योग 6 उसतिये शरारमे पोगिगनको संत रामपाल जी महरण निपुक्त करना अति ठत्तम ऐ। ५५ १ हे णजन्। चटि श्रारभोजों  स्थितः   चेत्पुरतः विप्राणा योगी  एक सहस्न चासणाके सम्मुठ एक योगी भी॰ठोतो बह के सभी शिष्य योगी हैं तारयति यजमानं तथा नप।। ५६  पजमानके सरित उन सयका उखार कर देता ठ।५६ ।।  T  ifuguo   ೊiqJ7 T mis!n: I (4 7 शास्त्र अनुकूल भक्ति साधना ण करते हैं। विष्णु पुराण के तीसरे श्री संत रामपाल जी के सानिध्य में अंश के अध्याय १५ श्लोक हर 2 ३ महीने में भंडारे होते 55 - 56 ٦٢ लिखा है कि श्राद्ध के भोज हैं जहाँ सभी योगिजन भंडारा में यदि एक योगी यानि खाते हैं जो व्यक्ति उस भंडारे में शास्त्रोक्त साधक को भोजन নান কংনা ৪ ভমস ওলক সরমী करवाया जाए तो वह योगी पितरों का उद्धार हा जाता है। श्राद्ध भोज में आए हजार अतः श्राद्ध करने की शास्त्र ब्राह्मणों तथा यजमान के पूरे अनुकूल विधि जानने के लिए परिवार सहित तथा सर्व पितरों देखिए का उद्धार कर देता है। Sant Rampal Ji Maharaj YouTubel Voutube Channel @SainiRampal JiMaharaj 229  subscnbers  SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl SUPREMEGODORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ শুরলীণ সমা ৩ दोहित्र   (लडकीका  वित्राणि दाहित्रः कुतपस्तिलाः  ) 5 (14க1 आठवां मर्त ) ओर तिल-यैे तोन तया चौदीका दान दानं कथासंकोर्तनादिकम् II ५२  সাে_বমনধী_শাননীন सव  शरारूकालमे  al ಗ ಖ ausu Tೆ mrl पविप्र माने गपे ४।५२।ऐ रजेन्द। नरक्तकि लिपे  कोप॰ मार्गगमन ओर उतारलापन पे तोन नात चजित राजेन्द्र त्रयमेतनन   शस्यते ।। ५३ तया शरारमे भोजन फाेवालौको भी॰उन तीनौका িনমেথা 791 करना उचित नही ह।५३। मातामहा गते पुंसां सर्व श्राद्धं प्रकुर्वताम् । ५४  रजन। श्रार करेवले  শিষশশযণ  परुपसे  पितगण मातामह तचा कुटम्योजन - सभी सन्तुष्ट ते  वर्तमान में योगाधारश्च चन्दमाः  तगणो & I14*41 ৮ সুপালে| পিনযণকচা সাখা ধন্সা ৪ আা नयोगस्त तस्माखूपाल शस्यते ।१ ५५  चन्दमाका आधार योग 6 उसतिये शरारमे पोगिगनको संत रामपाल जी महरण निपुक्त करना अति ठत्तम ऐ। ५५ १ हे णजन्। चटि श्रारभोजों  स्थितः   चेत्पुरतः विप्राणा योगी  एक सहस्न चासणाके सम्मुठ एक योगी भी॰ठोतो बह के सभी शिष्य योगी हैं तारयति यजमानं तथा नप।। ५६  पजमानके सरित उन सयका उखार कर देता ठ।५६ ।।  T  ifuguo   ೊiqJ7 T mis!n: I (4 7 शास्त्र अनुकूल भक्ति साधना ण करते हैं। विष्णु पुराण के तीसरे श्री संत रामपाल जी के सानिध्य में अंश के अध्याय १५ श्लोक हर 2 ३ महीने में भंडारे होते 55 - 56 ٦٢ लिखा है कि श्राद्ध के भोज हैं जहाँ सभी योगिजन भंडारा में यदि एक योगी यानि खाते हैं जो व्यक्ति उस भंडारे में शास्त्रोक्त साधक को भोजन নান কংনা ৪ ভমস ওলক সরমী करवाया जाए तो वह योगी पितरों का उद्धार हा जाता है। श्राद्ध भोज में आए हजार अतः श्राद्ध करने की शास्त्र ब्राह्मणों तथा यजमान के पूरे अनुकूल विधि जानने के लिए परिवार सहित तथा सर्व पितरों देखिए का उद्धार कर देता है। Sant Rampal Ji Maharaj YouTubel Voutube Channel @SainiRampal JiMaharaj 229  subscnbers  SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl SUPREMEGODORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat
#😎मज़ेदार पोस्ट 🤩 #श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि अधूरा ज्ञान खतरनाक क्या आपके धर्म गुरु जानते हैं कि विष्णु पुराण के तृतीय अंश, अध्याय 15 श्लोक 55-56 के अनुसार एक योगी (शास्त्र अनुकूल भक्ति करने वाला साधक) को भोजन कराना हज़ार ब्राह्मणों के श्राद्ध भोज से उत्तम है। #भक्ति भावना
😎मज़ेदार पोस्ट 🤩 - শুরলীণ সমা ৩ दोहित्र   (लडकीका  वित्राणि दाहित्रः कुतपस्तिलाः  ) 5 (14க1 आठवां मर्त ) ओर तिल-यैे तोन तया चौदीका दान दानं कथासंकोर्तनादिकम् II ५२  সাে_বমনধী_শাননীন सव  शरारूकालमे  al ಗ ಖ ausu Tೆ mrl पविप्र माने गपे ४।५२।ऐ रजेन्द। नरक्तकि लिपे  कोप॰ मार्गगमन ओर उतारलापन पे तोन नात चजित राजेन्द्र त्रयमेतनन   शस्यते ।। ५३ तया शरारमे भोजन फाेवालौको भी॰उन तीनौका িনমেথা 791 करना उचित नही ह।५३। मातामहा गते पुंसां सर्व श्राद्धं प्रकुर्वताम् । ५४  रजन। श्रार करेवले  শিষশশযণ  परुपसे  पितगण मातामह तचा कुटम्योजन - सभी सन्तुष्ट ते  वर्तमान में योगाधारश्च चन्दमाः  तगणो & I14*41 ৮ সুপালে| পিনযণকচা সাখা ধন্সা ৪ আা नयोगस्त तस्माखूपाल शस्यते ।१ ५५  चन्दमाका आधार योग 6 उसतिये शरारमे पोगिगनको संत रामपाल जी महरण निपुक्त करना अति ठत्तम ऐ। ५५ १ हे णजन्। चटि श्रारभोजों  स्थितः   चेत्पुरतः विप्राणा योगी  एक सहस्न चासणाके सम्मुठ एक योगी भी॰ठोतो बह के सभी शिष्य योगी हैं तारयति यजमानं तथा नप।। ५६  पजमानके सरित उन सयका उखार कर देता ठ।५६ ।।  T  ifuguo   ೊiqJ7 T mis!n: I (4 7 शास्त्र अनुकूल भक्ति साधना ण करते हैं। विष्णु पुराण के तीसरे श्री संत रामपाल जी के सानिध्य में अंश के अध्याय १५ श्लोक हर 2 ३ महीने में भंडारे होते 55 - 56 ٦٢ लिखा है कि श्राद्ध के भोज हैं जहाँ सभी योगिजन भंडारा में यदि एक योगी यानि खाते हैं जो व्यक्ति उस भंडारे में शास्त्रोक्त साधक को भोजन নান কংনা ৪ ভমস ওলক সরমী करवाया जाए तो वह योगी पितरों का उद्धार हा जाता है। श्राद्ध भोज में आए हजार अतः श्राद्ध करने की शास्त्र ब्राह्मणों तथा यजमान के पूरे अनुकूल विधि जानने के लिए परिवार सहित तथा सर्व पितरों देखिए का उद्धार कर देता है। Sant Rampal Ji Maharaj YouTubel Voutube Channel @SainiRampal JiMaharaj 229  subscnbers  SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl SUPREMEGODORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ শুরলীণ সমা ৩ दोहित्र   (लडकीका  वित्राणि दाहित्रः कुतपस्तिलाः  ) 5 (14க1 आठवां मर्त ) ओर तिल-यैे तोन तया चौदीका दान दानं कथासंकोर्तनादिकम् II ५२  সাে_বমনধী_শাননীন सव  शरारूकालमे  al ಗ ಖ ausu Tೆ mrl पविप्र माने गपे ४।५२।ऐ रजेन्द। नरक्तकि लिपे  कोप॰ मार्गगमन ओर उतारलापन पे तोन नात चजित राजेन्द्र त्रयमेतनन   शस्यते ।। ५३ तया शरारमे भोजन फाेवालौको भी॰उन तीनौका িনমেথা 791 करना उचित नही ह।५३। मातामहा गते पुंसां सर्व श्राद्धं प्रकुर्वताम् । ५४  रजन। श्रार करेवले  শিষশশযণ  परुपसे  पितगण मातामह तचा कुटम्योजन - सभी सन्तुष्ट ते  वर्तमान में योगाधारश्च चन्दमाः  तगणो & I14*41 ৮ সুপালে| পিনযণকচা সাখা ধন্সা ৪ আা नयोगस्त तस्माखूपाल शस्यते ।१ ५५  चन्दमाका आधार योग 6 उसतिये शरारमे पोगिगनको संत रामपाल जी महरण निपुक्त करना अति ठत्तम ऐ। ५५ १ हे णजन्। चटि श्रारभोजों  स्थितः   चेत्पुरतः विप्राणा योगी  एक सहस्न चासणाके सम्मुठ एक योगी भी॰ठोतो बह के सभी शिष्य योगी हैं तारयति यजमानं तथा नप।। ५६  पजमानके सरित उन सयका उखार कर देता ठ।५६ ।।  T  ifuguo   ೊiqJ7 T mis!n: I (4 7 शास्त्र अनुकूल भक्ति साधना ण करते हैं। विष्णु पुराण के तीसरे श्री संत रामपाल जी के सानिध्य में अंश के अध्याय १५ श्लोक हर 2 ३ महीने में भंडारे होते 55 - 56 ٦٢ लिखा है कि श्राद्ध के भोज हैं जहाँ सभी योगिजन भंडारा में यदि एक योगी यानि खाते हैं जो व्यक्ति उस भंडारे में शास्त्रोक्त साधक को भोजन নান কংনা ৪ ভমস ওলক সরমী करवाया जाए तो वह योगी पितरों का उद्धार हा जाता है। श्राद्ध भोज में आए हजार अतः श्राद्ध करने की शास्त्र ब्राह्मणों तथा यजमान के पूरे अनुकूल विधि जानने के लिए परिवार सहित तथा सर्व पितरों देखिए का उद्धार कर देता है। Sant Rampal Ji Maharaj YouTubel Voutube Channel @SainiRampal JiMaharaj 229  subscnbers  SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl SUPREMEGODORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL Jl MAHARAJ - ShareChat