Sanobar Shah
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#very true lines
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00:21
#ramzan ramzaan me ladkiyan
ramzan - ShareChat
00:11
#purane jamane ke din🤔🤔 #मेरा परिवार मेरे साथ है #kaash
purane jamane ke din🤔🤔 - ShareChat
00:24
#bhai ki shadi
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00:25
#👨‍👩‍👧‍👧🥰shaadi wala ghar👨‍👩‍👧‍👧🥰
👨‍👩‍👧‍👧🥰shaadi wala ghar👨‍👩‍👧‍👧🥰 - ShareChat
00:27
Important of critics #very true lines
very true lines - 8. निंदा करने वाले का महत्व (lmportance of Critics) eIsI  ಗಿಫಾ' 4s1` राखिये, आँगणि ತ೫' बिन साबण पाँणीं बिना, निरमल करै SHISII अर्थः निंदा करने वाले (आलोचक) को हमेशा अपने पास रखना चाहिए, हो सके तो आंगन में कुटिया बनवा देनी चाहिए, क्योंकि वे बिना साबुन और पानी के हमारे स्वभाव को साफ़ (दोषमुक्त) कर देते हैं। 8. निंदा करने वाले का महत्व (lmportance of Critics) eIsI  ಗಿಫಾ' 4s1` राखिये, आँगणि ತ೫' बिन साबण पाँणीं बिना, निरमल करै SHISII अर्थः निंदा करने वाले (आलोचक) को हमेशा अपने पास रखना चाहिए, हो सके तो आंगन में कुटिया बनवा देनी चाहिए, क्योंकि वे बिना साबुन और पानी के हमारे स्वभाव को साफ़ (दोषमुक्त) कर देते हैं। - ShareChat
#very true lines
very true lines - ७. विनम्रता (Humility) जैसे पेड़ खजूर। बड़ा भया तो क्या भया, গনি বুফIl पंथी को छाया नहीं , फल लागे अर्थः खजूर के पेड़ की तरह बड़ा होने का कोई फायदा नहीं है, जो न तो राहगीर को छाया देता है और फल भी बहुत ऊंचाई पर लगते हैं। ७. विनम्रता (Humility) जैसे पेड़ खजूर। बड़ा भया तो क्या भया, গনি বুফIl पंथी को छाया नहीं , फल लागे अर्थः खजूर के पेड़ की तरह बड़ा होने का कोई फायदा नहीं है, जो न तो राहगीर को छाया देता है और फल भी बहुत ऊंचाई पर लगते हैं। - ShareChat
Self reflection #very true lines
very true lines - 6. সাস-নিবীঃতা (Self-Reflection) फेरत जुग भया, फिरा न मन का माला %<I कर का मन का डारि दे, मन का मनका फेर।। अर्थः माला जपते हुए कई युग बीत गए, लेकिन मन की चंचलता नहीं गई। हाथ की माला छोड़कर मन के मोतियों (मन की चंचलता) को बदलो। 6. সাস-নিবীঃতা (Self-Reflection) फेरत जुग भया, फिरा न मन का माला %<I कर का मन का डारि दे, मन का मनका फेर।। अर्थः माला जपते हुए कई युग बीत गए, लेकिन मन की चंचलता नहीं गई। हाथ की माला छोड़कर मन के मोतियों (मन की चंचलता) को बदलो। - ShareChat
#True knowledge
True knowledge - ५. सच्चा ज्ञान (True Knowledge) पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ , पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का, पढ़ै सो पंडित होय Il अर्थः बड़ी -बड़ी पुस्तकें पढ़कर कोई ज्ञानी नहीं बनता। जो प्रेम के ढाई अक्षर को समझ लेता है, वही सच्चा ज्ञानी है। ५. सच्चा ज्ञान (True Knowledge) पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ , पंडित भया न कोय। ढाई आखर प्रेम का, पढ़ै सो पंडित होय Il अर्थः बड़ी -बड़ी पुस्तकें पढ़कर कोई ज्ञानी नहीं बनता। जो प्रेम के ढाई अक्षर को समझ लेता है, वही सच्चा ज्ञानी है। - ShareChat
Karma and time #very true lines
very true lines - ४. कर्म और समय (Karma and Time) काल करै सो आज कर, आज करै सो अब| पल में परलय होयगी , बहुरी करेगा कब Il अर्थः जो काम कल करना है, उसे आज करो और जो आज करना है उसे अभी करो। जीवन का कोई भरोसा नहीं , अगले ही पल प्रलय आ सकती है। ४. कर्म और समय (Karma and Time) काल करै सो आज कर, आज करै सो अब| पल में परलय होयगी , बहुरी करेगा कब Il अर्थः जो काम कल करना है, उसे आज करो और जो आज करना है उसे अभी करो। जीवन का कोई भरोसा नहीं , अगले ही पल प्रलय आ सकती है। - ShareChat