VIRAT KUMAR ARORA
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VIRAT KUMAR ARORA
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love to love...hate to forget...
#😆 कॉमेडी एक्टिंग #😁फनी वीडियो📽 #😂फनी जोक्स🤣 #😂😜मुन्ना भाई मीम्स😂 #😹 फनी Cat वीडियो मीम्स
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#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️जीवन की सीख #👍 डर के आगे जीत👌 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #👍 संदीप माहेश्वरी के विचार
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00:15
#👍 संदीप माहेश्वरी के विचार #❤️जीवन की सीख #👍 डर के आगे जीत👌 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
👍 संदीप माहेश्वरी के विचार - ShareChat
00:18
#❤️अस्सलामु अलैकुम #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #🌞 Good Morning🌞 #🌙 गुड नाईट #🌷शुभ रविवार
❤️अस्सलामु अलैकुम - अल्लह क नुवा f७क कj फरमाना है३ "अल्लाह तआला हर उस शख़्स को नापसंद करता है जो सख़्त मिज़ाज (बदमिज़ाज ), मगरूर (अहंकारी ), कंजूस और बाज़ारों में शोर मचाने वाला हो। जो रात को मुर्दार (लाश) की तरह सोता है और दिन गधे की तरह (सिर्फ़ काम में ) गुज़ारता है। वह दुनिया के कामों का तो इल्म रखता है, लेकिन आख़िरत के बारे में {NOWLEDCE , जाहिल (अनजान ) होता है। " 1 सहीह इब्न हिब्बान, किताब - उल - इल्मः ७२ ) M1EHBOOB  ALAM  अल्लह क नुवा f७क कj फरमाना है३ "अल्लाह तआला हर उस शख़्स को नापसंद करता है जो सख़्त मिज़ाज (बदमिज़ाज ), मगरूर (अहंकारी ), कंजूस और बाज़ारों में शोर मचाने वाला हो। जो रात को मुर्दार (लाश) की तरह सोता है और दिन गधे की तरह (सिर्फ़ काम में ) गुज़ारता है। वह दुनिया के कामों का तो इल्म रखता है, लेकिन आख़िरत के बारे में {NOWLEDCE , जाहिल (अनजान ) होता है। " 1 सहीह इब्न हिब्बान, किताब - उल - इल्मः ७२ ) M1EHBOOB  ALAM - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #🌙 गुड नाईट #🌷शुभ रविवार #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #❤️अस्सलामु अलैकुम
🌞 Good Morning🌞 - टूटे हुए सपनों को सजाना आता है, 85{ दिलों को मनाना आता है, , ! !( उसे कह दो हमारे ज़ख्म की फ़िक्र ना करें, हमें दर्द में भी मुस्कुराना आता है,  !!५ चोट ने कुछ यूँ तराशा है हमें हर एक अब आईनों से भी नज़र मिलाना आता है, , !!( जो साथ चलने का वादा करके मुड़ गए उन रास्तों को तन्हा ही निभाना आता है, , !! दिल पे रख कर पत्थर हम हँसते रहे ग़म को सीने में ही दबाना आता है, , !!५ अब न उम्मीद है किसी से, न कोई गिला हमें अपने ही साये में सुकून पाना आता है, , ! ! आशिमा' ये इश्क़ भी अजीब इम्तिहान निकला भी खुद ব্ধী নমানা সানা ই, ,! ! हमें हार कर @highlight टूटे हुए सपनों को सजाना आता है, 85{ दिलों को मनाना आता है, , ! !( उसे कह दो हमारे ज़ख्म की फ़िक्र ना करें, हमें दर्द में भी मुस्कुराना आता है,  !!५ चोट ने कुछ यूँ तराशा है हमें हर एक अब आईनों से भी नज़र मिलाना आता है, , !!( जो साथ चलने का वादा करके मुड़ गए उन रास्तों को तन्हा ही निभाना आता है, , !! दिल पे रख कर पत्थर हम हँसते रहे ग़म को सीने में ही दबाना आता है, , !!५ अब न उम्मीद है किसी से, न कोई गिला हमें अपने ही साये में सुकून पाना आता है, , ! ! आशिमा' ये इश्क़ भी अजीब इम्तिहान निकला भी खुद ব্ধী নমানা সানা ই, ,! ! हमें हार कर @highlight - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #🌷शुभ रविवार #🌙 गुड नाईट #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️अस्सलामु अलैकुम
🌞 Good Morning🌞 - शैतान से बचना है बस ये एक काम कर लो १. हर काम की शुरुआत "बिस्मिल्लाह" से करो , शैतान वहीं हार जाएगा | २. पांचों वक्त की नमाज़ पाबंदी से पढ़ो , दिल रोशन जब भी बुरा ख्याल आए॰ " आऊज़ु बिल्लाह" कहो , 3 फौरन दूर हो जाएगा। करो , शैतानी वसवसे रोज़ाना  ४. कुरआन की तिलावत मिटते रहेंगे। ५. अच्छे और नेक लोगों की सोहबत में रहो, शैतान पास भी नहीं भटकेगा | अगर ये पैग़ाम आपके दिल तक पहुँचा तो किसी एक दोस्त को ज़रूर भेजें शैतान से बचना है बस ये एक काम कर लो १. हर काम की शुरुआत "बिस्मिल्लाह" से करो , शैतान वहीं हार जाएगा | २. पांचों वक्त की नमाज़ पाबंदी से पढ़ो , दिल रोशन जब भी बुरा ख्याल आए॰ " आऊज़ु बिल्लाह" कहो , 3 फौरन दूर हो जाएगा। करो , शैतानी वसवसे रोज़ाना  ४. कुरआन की तिलावत मिटते रहेंगे। ५. अच्छे और नेक लोगों की सोहबत में रहो, शैतान पास भी नहीं भटकेगा | अगर ये पैग़ाम आपके दिल तक पहुँचा तो किसी एक दोस्त को ज़रूर भेजें - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️अस्सलामु अलैकुम #🌙 गुड नाईट #🌷शुभ रविवार #🌞 Good Morning🌞
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - सच्ची ज्ञुबान और চ্রহসান_৬; मुस्तफा साफ्तदिल हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर  g४ से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ओ से सवाल किया गयाः लोगों मेँ सबसे बेहतर कोन है? आप ४ ने फ़रमायाः साफ़ दिल और सच्ची ज़ुबान वाला , सहाबा किराम ने अर्ज़ कियाः ज़ुबान के सच्चे को हैँ, साफ़ दिल वाले से किया मुराद तो हम समझते है? आप ४ ने फ़रमायाः परहेज़गार साफ़ दिल जिस मेँ कोई गुनाह ना हो , ना बग़ावत , ना कीना और ना हसद। फराने मुस्तफा मुज़क्किरुद्दीन अली अहमद Muzakkiruddin Ali Ahmed Farmane Mustafa सच्ची ज्ञुबान और চ্রহসান_৬; मुस्तफा साफ्तदिल हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर  g४ से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ओ से सवाल किया गयाः लोगों मेँ सबसे बेहतर कोन है? आप ४ ने फ़रमायाः साफ़ दिल और सच्ची ज़ुबान वाला , सहाबा किराम ने अर्ज़ कियाः ज़ुबान के सच्चे को हैँ, साफ़ दिल वाले से किया मुराद तो हम समझते है? आप ४ ने फ़रमायाः परहेज़गार साफ़ दिल जिस मेँ कोई गुनाह ना हो , ना बग़ावत , ना कीना और ना हसद। फराने मुस्तफा मुज़क्किरुद्दीन अली अहमद Muzakkiruddin Ali Ahmed Farmane Mustafa - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #🌙 गुड नाईट #🌷शुभ रविवार #❤️अस्सलामु अलैकुम #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
🌞 Good Morning🌞 - अल्लाह कब मदद करता है? ళ मुश्किल आती है, तो इंसान सोचता है कि তান अल्लाह मेरी मदद कब करेगा। क़ुरआन में अल्लाह तआला फ़रमाता हैः ४ अल्लाह की मदद करीब है। " (सूरह अल-बक़रह २:२1४ ) लेकिन यह मदद कब आती है? जब इंसान सब्र है, दुआ करता है और अल्लाह पर भरोसा करता रखता है। जल्दबाज़ी करने से इंसान टूट जाता है, लेकिन सब्र करने वाला इंसान अल्लाह की मदद देख लेता है। क्योंकि अल्लाह कभी देर नहीं करता , वह सही वक्त पर मदद करता है। इसलिए हालात जैसे भी हों, हिम्मत न हारें और अल्लाह से जुड़े रहें। क्योंकि... अल्लाह की मदद हमेशा करीब होती है। हमें हर हाल में तुझ पर भरोसा रखने ऐ अल्लाह! वाला बना और हमारी मदद फरमा। आमीन। Chandmohammad3059 अल्लाह कब मदद करता है? ళ मुश्किल आती है, तो इंसान सोचता है कि তান अल्लाह मेरी मदद कब करेगा। क़ुरआन में अल्लाह तआला फ़रमाता हैः ४ अल्लाह की मदद करीब है। " (सूरह अल-बक़रह २:२1४ ) लेकिन यह मदद कब आती है? जब इंसान सब्र है, दुआ करता है और अल्लाह पर भरोसा करता रखता है। जल्दबाज़ी करने से इंसान टूट जाता है, लेकिन सब्र करने वाला इंसान अल्लाह की मदद देख लेता है। क्योंकि अल्लाह कभी देर नहीं करता , वह सही वक्त पर मदद करता है। इसलिए हालात जैसे भी हों, हिम्मत न हारें और अल्लाह से जुड़े रहें। क्योंकि... अल्लाह की मदद हमेशा करीब होती है। हमें हर हाल में तुझ पर भरोसा रखने ऐ अल्लाह! वाला बना और हमारी मदद फरमा। आमीन। Chandmohammad3059 - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️अस्सलामु अलैकुम #🌷शुभ रविवार #🌙 गुड नाईट #🌞 Good Morning🌞
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - इस्लाम में सबसे पहले अज़ान किसने दी? हज़रत बिलाल रज़ी अल्लाहू अन्हू ने दी। अज़ान की शुरुआत में क्या कहा? अल्लाहूअकबर, अल्लाहूअकबर कहा। क्या अज़ान से पहले " अस्सलातु वस्सलामु अलैका या रसुलुल्लाह..." पढ़ा? हज़रत बिलाल ने अज़ान से पहले" अस्सलातु  Rasoo/ ieham-e वस्सलामु अलैका या रसुलुल्लाह..." कभी ন্ষ্কী এনাI      आज जो ये पढ़ा जाता है, वो क्या है? ये दीन में नया इजाद किया हुआ अमल है। इस पर नबी ६५& का क्या हुक्म है? दीन में हर नये काम को नबी #५e ने बिदअत कहा और हर बिदअत को गुमराही कहा है। बिदअत पर नबी & का क्या फ़रमान है? नबी l६ का फ़रमान ये है के हर बिदअत गुमराही है, और हर गुमराही आग में ले जाएगी। Sunan Nasai; Hadees #1579 (Sahih) इस्लाम में सबसे पहले अज़ान किसने दी? हज़रत बिलाल रज़ी अल्लाहू अन्हू ने दी। अज़ान की शुरुआत में क्या कहा? अल्लाहूअकबर, अल्लाहूअकबर कहा। क्या अज़ान से पहले " अस्सलातु वस्सलामु अलैका या रसुलुल्लाह..." पढ़ा? हज़रत बिलाल ने अज़ान से पहले" अस्सलातु  Rasoo/ ieham-e वस्सलामु अलैका या रसुलुल्लाह..." कभी ন্ষ্কী এনাI      आज जो ये पढ़ा जाता है, वो क्या है? ये दीन में नया इजाद किया हुआ अमल है। इस पर नबी ६५& का क्या हुक्म है? दीन में हर नये काम को नबी #५e ने बिदअत कहा और हर बिदअत को गुमराही कहा है। बिदअत पर नबी & का क्या फ़रमान है? नबी l६ का फ़रमान ये है के हर बिदअत गुमराही है, और हर गुमराही आग में ले जाएगी। Sunan Nasai; Hadees #1579 (Sahih) - ShareChat
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🌙 गुड नाईट - कौन सा अमल गुनाहों ব্রূী বীক্র ননা ট? से बच जाएं, हम चाहते हैं कि हम गुनाहों  लेकिन कौन सा अमल इसमें मदद करता है? क़ुरआन में अल्लाह तआला फ़रमाता हैः 6a9Tశh  और बेहयाई से रोकती है। " बुराई नमाज़ (सूरह अल-्अनकबूत २९:४५ ) यानी नमाज़ सिर्फ एक फर्ज़ नहीं , बल्कि से गुनाहों बचने का सबसे बडा ज़रिया है। जब इंसान सच्चे दिल से नमाज़ पढ़ता है, तो उसका दिल बदलने लगता है से दूर ] और वह गलत कामों होने लगता है। नमाज़ इंसान को बार-बार अल्लाह की याद दिलाती है, जिससे वह संभाल लेता है। खुद को इसलिए नमाज़ को हल्के में न लें , बल्कि उसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं। क्योंकि.. सच्ची नमाज़ इंसान को गुनाहों से बचा लेती है। ऐ अल्लाह! हमें पाबंदी से नमाज़ पढ़ने की तौफ़ीक़ दे और हमें से बचा। आमीन। गुनाहों  Chandmohammad3059 कौन सा अमल गुनाहों ব্রূী বীক্র ননা ট? से बच जाएं, हम चाहते हैं कि हम गुनाहों  लेकिन कौन सा अमल इसमें मदद करता है? क़ुरआन में अल्लाह तआला फ़रमाता हैः 6a9Tశh  और बेहयाई से रोकती है। " बुराई नमाज़ (सूरह अल-्अनकबूत २९:४५ ) यानी नमाज़ सिर्फ एक फर्ज़ नहीं , बल्कि से गुनाहों बचने का सबसे बडा ज़रिया है। जब इंसान सच्चे दिल से नमाज़ पढ़ता है, तो उसका दिल बदलने लगता है से दूर ] और वह गलत कामों होने लगता है। नमाज़ इंसान को बार-बार अल्लाह की याद दिलाती है, जिससे वह संभाल लेता है। खुद को इसलिए नमाज़ को हल्के में न लें , बल्कि उसे अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं। क्योंकि.. सच्ची नमाज़ इंसान को गुनाहों से बचा लेती है। ऐ अल्लाह! हमें पाबंदी से नमाज़ पढ़ने की तौफ़ीक़ दे और हमें से बचा। आमीन। गुनाहों  Chandmohammad3059 - ShareChat