मेरे मन में बसे श्रीराम हो तुम, मेरे सब दुख का समाधान हो तुम, चाहा है मैंने दिल से तुम्हें, मेरी दुनिया, सारा जहान हो तुम, मेरे मन में बसे श्रीराम हो तुम....... ... मोती सा हर बोल तुम्हारा, मन गंगा सा पावन है,
इस रिश्ते का क्या कहना, यह रिश्ता तो मनभावन है,
मेरे मन में बसे श्रीराम हो तुम.......😘💞💞💞💞💞🌹🌹🌹🌿🌿🌿🙏 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️