ᴀʏᴍᴀɴ sʜɪᴢᴀ
ShareChat
click to see wallet page
@2116300104
2116300104
ᴀʏᴍᴀɴ sʜɪᴢᴀ
@2116300104
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Sharedhat म. सिद्दीकी @9 रोजे में होने वाली 7 आम गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए ग़ुस्सा और बदज़बानी करना रसूलुल्लाह #८६ ने फ़रमाया 7 करे तो कह दोः "मैं रोज़े से हूँ।" कि अगर कोई झगड़ा किसी की बुराई (बुख़ारी , मुस्लिम) २. ग़ीबत और चुगली  करना रोजे की रूह को कमज़ोर कर देता है। ज़ुबान की हिफाज़त जरूरी है। ३. झूठ बोलना और फ़िज़ूल बातें हदीस में है कि जो झूठ नहीं छोड़ता , अल्लाह को उसके भूखे-प्यासे रहने की ज़रूरत नहीं। (बुख़ारी) ४. सहरी छोड़ में बरकत है, इसलिए थोड़ा ही सही मगर सहरी देना सहरी   (बुख़ारी , मुस्लिम) ५. नमाज़ में लापरवाही रोज़ा ज़रूर करें। और नमाज़ साथनसाथ हैं। सिर्फ रोज़ा रखकर नमाज़ छोड़ देना बड़ी कमी है। ६. इफ़्तार में फिजूलखर्ची या हद से सादगी और शुक्र सिखाता है। इफ़्तार ज़्यादा खाना इस्लाम में एतिदाल रखें। ७. वक्त बर्बाद करना रोज़े के कीमती लम्हों को मोबाइल या बेकार चीज़ों में गंवाने के बजाय कुरआन, ज़िक्र और दुआ में लगाएँ। याद रखेंः सही नियत, अच्छे अख़लाक़ और अल्लाह की याद से रोज़ा मुकम्मल होता है। अल्लाह हम सबको सही तरीके से रोज़ा रखने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन Sharedhat म. सिद्दीकी @9 रोजे में होने वाली 7 आम गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए ग़ुस्सा और बदज़बानी करना रसूलुल्लाह #८६ ने फ़रमाया 7 करे तो कह दोः "मैं रोज़े से हूँ।" कि अगर कोई झगड़ा किसी की बुराई (बुख़ारी , मुस्लिम) २. ग़ीबत और चुगली  करना रोजे की रूह को कमज़ोर कर देता है। ज़ुबान की हिफाज़त जरूरी है। ३. झूठ बोलना और फ़िज़ूल बातें हदीस में है कि जो झूठ नहीं छोड़ता , अल्लाह को उसके भूखे-प्यासे रहने की ज़रूरत नहीं। (बुख़ारी) ४. सहरी छोड़ में बरकत है, इसलिए थोड़ा ही सही मगर सहरी देना सहरी   (बुख़ारी , मुस्लिम) ५. नमाज़ में लापरवाही रोज़ा ज़रूर करें। और नमाज़ साथनसाथ हैं। सिर्फ रोज़ा रखकर नमाज़ छोड़ देना बड़ी कमी है। ६. इफ़्तार में फिजूलखर्ची या हद से सादगी और शुक्र सिखाता है। इफ़्तार ज़्यादा खाना इस्लाम में एतिदाल रखें। ७. वक्त बर्बाद करना रोज़े के कीमती लम्हों को मोबाइल या बेकार चीज़ों में गंवाने के बजाय कुरआन, ज़िक्र और दुआ में लगाएँ। याद रखेंः सही नियत, अच्छे अख़लाक़ और अल्लाह की याद से रोज़ा मुकम्मल होता है। अल्लाह हम सबको सही तरीके से रोज़ा रखने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Sharechat @R Sshakh प्यारें नबी की पसंद तो देखो १- हुजूर को सफर के लिए जानवरों में घोड़़ा पसंद था। हुजूर को सब्जियों में सबसे ज्यादा लीकी पसंद थी।  2 ३ आप को गोस्त में ज्यादा तर बकरें का गोस्त पसंद था। ४- आप को लिबास में सफेद कलर ज्यादा पसंद था। ५- आप लिबास में और ताहि टोपो पहने थे। தளி अल्लाह उस के चेहरे को रोशन करेजो प्यारे नबी का पेगाम तक पहुंचाता है। दुसरों  Sharechat @R Sshakh प्यारें नबी की पसंद तो देखो १- हुजूर को सफर के लिए जानवरों में घोड़़ा पसंद था। हुजूर को सब्जियों में सबसे ज्यादा लीकी पसंद थी।  2 ३ आप को गोस्त में ज्यादा तर बकरें का गोस्त पसंद था। ४- आप को लिबास में सफेद कलर ज्यादा पसंद था। ५- आप लिबास में और ताहि टोपो पहने थे। தளி अल्लाह उस के चेहरे को रोशन करेजो प्यारे नबी का पेगाम तक पहुंचाता है। दुसरों - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat
00:26
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat
00:08
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat
00:33
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat
00:05
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat
00:13
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat
00:15
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Sharechat @RSshaikh रमजान का महीना आए तो यह दुआ पढ़े हज़रत उबादा बिन सामित फ़र्माते हें के ভন रमज़ानुल मुबारक का महीना आता तो आप हमें यह दुआ  सिखाते ُهَِسَو َناَضَمَرِل ِیِفْبَّلَس َّمُهّللَا اًلَّبَقُم ِللُهُمِلَسَو ْیل َناَضَمَر रमज़ान के रोज़ों के लि तर्जमा : ऐ अल्लाह लिए मुझे सेहत व सलामती अता फ़र्मा और रमज़ान को मेरे लिए सलामती का महीना बना और इस ( महीने में किये जाने वाले मेरे) आमाल को कुबूल फ़र्मा।  ।कजुल उम्माल २४२७२| Sharechat @RSshaikh रमजान का महीना आए तो यह दुआ पढ़े हज़रत उबादा बिन सामित फ़र्माते हें के ভন रमज़ानुल मुबारक का महीना आता तो आप हमें यह दुआ  सिखाते ُهَِسَو َناَضَمَرِل ِیِفْبَّلَس َّمُهّللَا اًلَّبَقُم ِللُهُمِلَسَو ْیل َناَضَمَر रमज़ान के रोज़ों के लि तर्जमा : ऐ अल्लाह लिए मुझे सेहत व सलामती अता फ़र्मा और रमज़ान को मेरे लिए सलामती का महीना बना और इस ( महीने में किये जाने वाले मेरे) आमाल को कुबूल फ़र्मा।  ।कजुल उम्माल २४२७२| - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat @RRIF KHAn 6 अस्लामु अलैक्ुम रमज़्ान का पहला जुम्मा मुबारक हो। या अल्लाह इस रमज़ान के सद्के र्में जितने भी हाथ तैरी बारगाह में उढैं छना सब कि को कुबूल फरमाएं दुआओं Arif_745 11111 ShareChat @RRIF KHAn 6 अस्लामु अलैक्ुम रमज़्ान का पहला जुम्मा मुबारक हो। या अल्लाह इस रमज़ान के सद्के र्में जितने भी हाथ तैरी बारगाह में उढैं छना सब कि को कुबूल फरमाएं दुआओं Arif_745 11111 - ShareChat