ᴀʏᴍᴀɴ sʜɪᴢᴀ
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❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ShareChat Imx Aaya ? SCIAgyot Creotor रोज़ा और सजदा ईंसान को अल्लाह पाक के बहुत करीब कर देता हैं &५ 48 रमज़्ान की पांचवी सहरी और पांचवा रोजा मुबारक हो॰॰॰ & 0 51 $ # ٥ & ٥ 6 # ٥ ٢ ١١ ^ ٥ ٧ ٥ ٢ K ٥ ٥ ٧ 00" م a [ ShareChat Imx Aaya ? SCIAgyot Creotor रोज़ा और सजदा ईंसान को अल्लाह पाक के बहुत करीब कर देता हैं &५ 48 रमज़्ान की पांचवी सहरी और पांचवा रोजा मुबारक हो॰॰॰ & 0 51 $ # ٥ & ٥ 6 # ٥ ٢ ١١ ^ ٥ ٧ ٥ ٢ K ٥ ٥ ٧ 00" م a [ - ShareChat
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❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Sharechat Shanid ahmadl अल्लाह की कुदरत R हज़रत आदम - बगैर मां-बाप के पैदा किए गए। हज़रत नूह - दुनिया ख़त्म होने से पहले सिर्फ अल्लाह को मानने वालों को बचाया। हज़रत इब्राहीम - ४० दिन तक अल्लाह के हुक्म से आग में महफूज़ रखे गए। हज़रत इस्माईल - जुबह (हलाल ) होने से बचाया और जमजम का तोहफा दिया। ४० दिन मछली के पेट में हिफाज़त से रखे गए। हज़रत यूनुस  बुढ़ापे में बेटे से नवाजे गए। हज़रत जकरिया  हज़रत दाऊद - लोहे को मोम की तरह नर्म कर दिया। ٩R4,  हज़रत सुलेमान - तमाम इंसान , ज़िन , शरिंद  हवा, पानी , पर बादशाहत दी। पहा़ड़़ में से ऊंटनी निकाली और बाहर आ कर हज़रत सालेह बच्चा जना। हज़रत अज़ीज़  १०० साल तक सुलाया और खाना गर्म रखा। और उसी मुल्क की जिंदगी जेल भेजा , गुलामी  हज़रत यूसुफ़ का बादशाह बनाया। Sharechat Shanid ahmadl अल्लाह की कुदरत R हज़रत आदम - बगैर मां-बाप के पैदा किए गए। हज़रत नूह - दुनिया ख़त्म होने से पहले सिर्फ अल्लाह को मानने वालों को बचाया। हज़रत इब्राहीम - ४० दिन तक अल्लाह के हुक्म से आग में महफूज़ रखे गए। हज़रत इस्माईल - जुबह (हलाल ) होने से बचाया और जमजम का तोहफा दिया। ४० दिन मछली के पेट में हिफाज़त से रखे गए। हज़रत यूनुस  बुढ़ापे में बेटे से नवाजे गए। हज़रत जकरिया  हज़रत दाऊद - लोहे को मोम की तरह नर्म कर दिया। ٩R4,  हज़रत सुलेमान - तमाम इंसान , ज़िन , शरिंद  हवा, पानी , पर बादशाहत दी। पहा़ड़़ में से ऊंटनी निकाली और बाहर आ कर हज़रत सालेह बच्चा जना। हज़रत अज़ीज़  १०० साल तक सुलाया और खाना गर्म रखा। और उसी मुल्क की जिंदगी जेल भेजा , गुलामी  हज़रत यूसुफ़ का बादशाह बनाया। - ShareChat
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❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - SarchalanrెIISRIథ @papake अल्लाहुस्समद का ताकतवर वज़ीफ़ा आपने थोड़े चावल लेकर उस पर १०० मर्तबा अल्लाहुस्समद पढ़ें और उन पर दम कर दें। और इसके अव्वल व आख़िर सात, सात मर्तबा दुरूद ए ्इब्राहिमी लाज़मी पढ़ना है। जब आप अमल मुकम्मल कर लें।  तो उन चावलों को जिन पर आपने यह अमल किया होगा, घर के बाक़ी चावलों में डाल देना है। इस अमल को आपने सिर्फ एक दिन ही करना है। और भी जुमा ` यह अमल आप किसी को कर सकते हैं। वज़ीफ़ा पढ़ने के फायदे! इस अमल को पढ़ने से अल्लाह आपके घर से रिज़्क़ की तंगदस्ती को ख़त्म कर देगा। रिज़्क़ बारिश की तरह बरसेगा। पूरा साल आपके घर से रिज़्क़ ख़त्म नहीं होगा। अल्लाह तआला रिज़्क़ के बंद दरवाज़ों को खोल देगा। और आपके लिए रिज़्क़ के वसीले पैदा कर देगा। जिन के बारे आपने कभी सोचा भी नहीं होगा। SarchalanrెIISRIథ @papake अल्लाहुस्समद का ताकतवर वज़ीफ़ा आपने थोड़े चावल लेकर उस पर १०० मर्तबा अल्लाहुस्समद पढ़ें और उन पर दम कर दें। और इसके अव्वल व आख़िर सात, सात मर्तबा दुरूद ए ्इब्राहिमी लाज़मी पढ़ना है। जब आप अमल मुकम्मल कर लें।  तो उन चावलों को जिन पर आपने यह अमल किया होगा, घर के बाक़ी चावलों में डाल देना है। इस अमल को आपने सिर्फ एक दिन ही करना है। और भी जुमा ` यह अमल आप किसी को कर सकते हैं। वज़ीफ़ा पढ़ने के फायदे! इस अमल को पढ़ने से अल्लाह आपके घर से रिज़्क़ की तंगदस्ती को ख़त्म कर देगा। रिज़्क़ बारिश की तरह बरसेगा। पूरा साल आपके घर से रिज़्क़ ख़त्म नहीं होगा। अल्लाह तआला रिज़्क़ के बंद दरवाज़ों को खोल देगा। और आपके लिए रिज़्क़ के वसीले पैदा कर देगा। जिन के बारे आपने कभी सोचा भी नहीं होगा। - ShareChat
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❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Sharechat shahid ahmad आज की दुआ @UMR TIUNUS 786 हमें उस हालत में ही ऐ अल्लाह तू हमें माफ़ कर चुका उठाना जब हो, और हमारी रूहें उसी समय  तू हमसे राज़ी क़ब्ज़ करना जब हो, हमारी आख़िरी साँसों में अपना ज़िक्र बना दे, हमारे आख़िरी क़दम तेरी ही तरफ़ हों, और हमारी आख़िरी बात वह गवाही কী তী ওম নিন ৪ম নিতান ৫ I तुझसे जब हम Sharechat shahid ahmad आज की दुआ @UMR TIUNUS 786 हमें उस हालत में ही ऐ अल्लाह तू हमें माफ़ कर चुका उठाना जब हो, और हमारी रूहें उसी समय  तू हमसे राज़ी क़ब्ज़ करना जब हो, हमारी आख़िरी साँसों में अपना ज़िक्र बना दे, हमारे आख़िरी क़दम तेरी ही तरफ़ हों, और हमारी आख़िरी बात वह गवाही কী তী ওম নিন ৪ম নিতান ৫ I तुझसे जब हम - ShareChat
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❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Sharedhat म. सिद्दीकी @9 रोजे में होने वाली 7 आम गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए ग़ुस्सा और बदज़बानी करना रसूलुल्लाह #८६ ने फ़रमाया 7 करे तो कह दोः "मैं रोज़े से हूँ।" कि अगर कोई झगड़ा किसी की बुराई (बुख़ारी , मुस्लिम) २. ग़ीबत और चुगली  करना रोजे की रूह को कमज़ोर कर देता है। ज़ुबान की हिफाज़त जरूरी है। ३. झूठ बोलना और फ़िज़ूल बातें हदीस में है कि जो झूठ नहीं छोड़ता , अल्लाह को उसके भूखे-प्यासे रहने की ज़रूरत नहीं। (बुख़ारी) ४. सहरी छोड़ में बरकत है, इसलिए थोड़ा ही सही मगर सहरी देना सहरी   (बुख़ारी , मुस्लिम) ५. नमाज़ में लापरवाही रोज़ा ज़रूर करें। और नमाज़ साथनसाथ हैं। सिर्फ रोज़ा रखकर नमाज़ छोड़ देना बड़ी कमी है। ६. इफ़्तार में फिजूलखर्ची या हद से सादगी और शुक्र सिखाता है। इफ़्तार ज़्यादा खाना इस्लाम में एतिदाल रखें। ७. वक्त बर्बाद करना रोज़े के कीमती लम्हों को मोबाइल या बेकार चीज़ों में गंवाने के बजाय कुरआन, ज़िक्र और दुआ में लगाएँ। याद रखेंः सही नियत, अच्छे अख़लाक़ और अल्लाह की याद से रोज़ा मुकम्मल होता है। अल्लाह हम सबको सही तरीके से रोज़ा रखने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन Sharedhat म. सिद्दीकी @9 रोजे में होने वाली 7 आम गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए ग़ुस्सा और बदज़बानी करना रसूलुल्लाह #८६ ने फ़रमाया 7 करे तो कह दोः "मैं रोज़े से हूँ।" कि अगर कोई झगड़ा किसी की बुराई (बुख़ारी , मुस्लिम) २. ग़ीबत और चुगली  करना रोजे की रूह को कमज़ोर कर देता है। ज़ुबान की हिफाज़त जरूरी है। ३. झूठ बोलना और फ़िज़ूल बातें हदीस में है कि जो झूठ नहीं छोड़ता , अल्लाह को उसके भूखे-प्यासे रहने की ज़रूरत नहीं। (बुख़ारी) ४. सहरी छोड़ में बरकत है, इसलिए थोड़ा ही सही मगर सहरी देना सहरी   (बुख़ारी , मुस्लिम) ५. नमाज़ में लापरवाही रोज़ा ज़रूर करें। और नमाज़ साथनसाथ हैं। सिर्फ रोज़ा रखकर नमाज़ छोड़ देना बड़ी कमी है। ६. इफ़्तार में फिजूलखर्ची या हद से सादगी और शुक्र सिखाता है। इफ़्तार ज़्यादा खाना इस्लाम में एतिदाल रखें। ७. वक्त बर्बाद करना रोज़े के कीमती लम्हों को मोबाइल या बेकार चीज़ों में गंवाने के बजाय कुरआन, ज़िक्र और दुआ में लगाएँ। याद रखेंः सही नियत, अच्छे अख़लाक़ और अल्लाह की याद से रोज़ा मुकम्मल होता है। अल्लाह हम सबको सही तरीके से रोज़ा रखने की तौफ़ीक़ अता फरमाए। आमीन - ShareChat
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❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - Sharechat @R Sshakh प्यारें नबी की पसंद तो देखो १- हुजूर को सफर के लिए जानवरों में घोड़़ा पसंद था। हुजूर को सब्जियों में सबसे ज्यादा लीकी पसंद थी।  2 ३ आप को गोस्त में ज्यादा तर बकरें का गोस्त पसंद था। ४- आप को लिबास में सफेद कलर ज्यादा पसंद था। ५- आप लिबास में और ताहि टोपो पहने थे। தளி अल्लाह उस के चेहरे को रोशन करेजो प्यारे नबी का पेगाम तक पहुंचाता है। दुसरों  Sharechat @R Sshakh प्यारें नबी की पसंद तो देखो १- हुजूर को सफर के लिए जानवरों में घोड़़ा पसंद था। हुजूर को सब्जियों में सबसे ज्यादा लीकी पसंद थी।  2 ३ आप को गोस्त में ज्यादा तर बकरें का गोस्त पसंद था। ४- आप को लिबास में सफेद कलर ज्यादा पसंद था। ५- आप लिबास में और ताहि टोपो पहने थे। தளி अल्लाह उस के चेहरे को रोशन करेजो प्यारे नबी का पेगाम तक पहुंचाता है। दुसरों - ShareChat