Archu
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#betiya
betiya - ShareChat
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#Shayari
Shayari - Toh arz kiya hai. Kisi ko dil se chahna bura toh nahi, Kisi ko dil mein basana bura toh nahi Agar ye gunaah hai zamaane ki nazar mein, Toh kya hua Zamaane wale bhi insaan hain, khuda toh nahi 0.++~= Toh arz kiya hai. Kisi ko dil se chahna bura toh nahi, Kisi ko dil mein basana bura toh nahi Agar ye gunaah hai zamaane ki nazar mein, Toh kya hua Zamaane wale bhi insaan hain, khuda toh nahi 0.++~= - ShareChat
#radha krishn
radha krishn - राधा से रुक्मिणी ने पूछा तुम कितना प्रेम करती हो कृष्ण से?" राधा ने मुस्कुराकर कहा, ईश्वर से भी अधिक। " रुक्मिणी ने फिर पूछा, ऐसा क्या किया है कृष्ण ने तुम्हारे लिए?" राधा ने हल्की हँसी के साथ जवाब दिया, "वो लड़की, जिसने कभी खुद को सुंदर नहीं माना, उसे एक ग्वाले ने पहली बार कहा कि 'तुम्हारी आँखें बहुत खूबसूरत हैं। तब से वह दर्पण के सामने घंटों संवरने लगी है, खुद को निहारती  मुस्कुराती भी बहुत है। है, अब वो और कृष्ण ने ही कहा था, ईश्वर समान होता है किसी को खुद से प्रेम सिखा वह इंसान जिसने दिया।" राधा से रुक्मिणी ने पूछा तुम कितना प्रेम करती हो कृष्ण से?" राधा ने मुस्कुराकर कहा, ईश्वर से भी अधिक। " रुक्मिणी ने फिर पूछा, ऐसा क्या किया है कृष्ण ने तुम्हारे लिए?" राधा ने हल्की हँसी के साथ जवाब दिया, "वो लड़की, जिसने कभी खुद को सुंदर नहीं माना, उसे एक ग्वाले ने पहली बार कहा कि 'तुम्हारी आँखें बहुत खूबसूरत हैं। तब से वह दर्पण के सामने घंटों संवरने लगी है, खुद को निहारती  मुस्कुराती भी बहुत है। है, अब वो और कृष्ण ने ही कहा था, ईश्वर समान होता है किसी को खुद से प्रेम सिखा वह इंसान जिसने दिया।" - ShareChat
#jindagi
jindagi - कल एक झलक ज़िंदगी को देखा, वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी, फिर ढूँढा उसे इधर उधर वो आंख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार, वो सहला के मुझे सुला रही थी हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी, मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया कमबख्त तूने, वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी। कल एक झलक ज़िंदगी को देखा, वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी, फिर ढूँढा उसे इधर उधर वो आंख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार, वो सहला के मुझे सुला रही थी हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी, मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया कमबख्त तूने, वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी। - ShareChat
#doosti# #mauj masti and friendship
doosti# - अर्ज Kiya Hai हम अपनी दोस्ती कुछ nibhoyenge , Iss Te नौकरी न मिली तो bilkul nahi qqTTTTI मिलकर एक छोटा सा चाय का ठेला ' laqayenge तुम शान से चाय बनाना , हम chilloyenge चाय - चाय ' [ { [ अर्ज Kiya Hai हम अपनी दोस्ती कुछ nibhoyenge , Iss Te नौकरी न मिली तो bilkul nahi qqTTTTI मिलकर एक छोटा सा चाय का ठेला ' laqayenge तुम शान से चाय बनाना , हम chilloyenge चाय - चाय ' [ { [ - ShareChat
#💝 शायराना इश्क़ #❤️प्यार वाले स्टेटस ❤️ #🥰लव कोट्स🌹
💝 शायराना इश्क़ - স তীষী ছুঁ क्या वैसे मुझे अपनाओगे तुम दर्पण देखना पसंद नहीं मुझे, आँखों को अपने आईना मेरा बनाओगे तुम? क्या बालों में कंघी करना अक्सर भूल जाती हूँ को मेरे सुलझाओगे तुम? क्या उलझी ज़ुल्फ़ों ; सज़ना सँवरना आता नहीं मुझे, क्या सादगी को मेरे समझ पाओगे तुम? प्रेम को समझना चाहती हूँ क्या दिल में अपने मुझे बसाओगे तुम? होंठों से नहीं कह पाती मैं ज़ज़्बात, पाओगे तुम? क्या कोई कविता मेरी बन ' স তীষী ছুঁ क्या वैसे मुझे अपनाओगे तुम दर्पण देखना पसंद नहीं मुझे, आँखों को अपने आईना मेरा बनाओगे तुम? क्या बालों में कंघी करना अक्सर भूल जाती हूँ को मेरे सुलझाओगे तुम? क्या उलझी ज़ुल्फ़ों ; सज़ना सँवरना आता नहीं मुझे, क्या सादगी को मेरे समझ पाओगे तुम? प्रेम को समझना चाहती हूँ क्या दिल में अपने मुझे बसाओगे तुम? होंठों से नहीं कह पाती मैं ज़ज़्बात, पाओगे तुम? क्या कोई कविता मेरी बन ' - ShareChat
#poem #self thought
poem - True lines : चलो हंसने की कोई, ढूंढते , గT qగ जिधर न हो कोई ग़म, वो जगह ढूंढते हैं बहुत उड़ लिए ऊंचे आसमानों में यारो, चलो जमीं पे ही कहीं, గ్గ ढूंढते हम सतह छूटा संग कितनों का ज़िंदगी की जंग में, चलो उनके दिलों की, हम गिरह ढूंढते हैं। बहुत वक़्त गुज़रा भटकते हुए अंधेरों में, ढूंढते हैं! चलो अँधेरी रात की, हम सुबह True lines : चलो हंसने की कोई, ढूंढते , గT qగ जिधर न हो कोई ग़म, वो जगह ढूंढते हैं बहुत उड़ लिए ऊंचे आसमानों में यारो, चलो जमीं पे ही कहीं, గ్గ ढूंढते हम सतह छूटा संग कितनों का ज़िंदगी की जंग में, चलो उनके दिलों की, हम गिरह ढूंढते हैं। बहुत वक़्त गुज़रा भटकते हुए अंधेरों में, ढूंढते हैं! चलो अँधेरी रात की, हम सुबह - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #poem
📚कविता-कहानी संग्रह - Ho, Tum Ajeeb Nahi Yeh Umar hi aisi hai Kabhi lagta hai bas koi baat kar le Kabhi kisi ki zaroorat mehsus nahi hoti Kabhi loser jaisa lagta hai achanak Kabhi apne se behtar koi nahi Haste Haste rona aa jata hai Dost chor jate hain Pariwar chutt jate hain Duniya bhi dekhni hai Ghar par bhi rehna hai Mann har jagha bhagta hai Lagta ek jagha bhi nahi hai Koi kehta hai bade ho gaye ho Koi kehta hai bacche ho abhi Tum jaise ho ham sabki halat waisi hai Toh tum ajeeb nahi ho mere yrrr Bss Yeh Umar hi aisi hai Ho, Tum Ajeeb Nahi Yeh Umar hi aisi hai Kabhi lagta hai bas koi baat kar le Kabhi kisi ki zaroorat mehsus nahi hoti Kabhi loser jaisa lagta hai achanak Kabhi apne se behtar koi nahi Haste Haste rona aa jata hai Dost chor jate hain Pariwar chutt jate hain Duniya bhi dekhni hai Ghar par bhi rehna hai Mann har jagha bhagta hai Lagta ek jagha bhi nahi hai Koi kehta hai bade ho gaye ho Koi kehta hai bacche ho abhi Tum jaise ho ham sabki halat waisi hai Toh tum ajeeb nahi ho mere yrrr Bss Yeh Umar hi aisi hai - ShareChat
#poem #💝 शायराना इश्क़ #📚कविता-कहानी संग्रह
poem - 4 { Zindagi Agar Khawab Huyi Toh? Jawab Huyi Toh? Mout Agar La Tumhe Laga Main Khamosh Hu? Khamoshi Meri Awaaz Huyi Toh? Main Yahan Sabse Naraz Hoon? Zindagi Mujse Naraaz Huyi Toh? Woh Bola Mohabat Nahi Tumhe Main Bola; Be ' Hisab Huyi Toh? Muskura Raha Hoon Tere Samne Yeh Aankh Tere Baad Royi Toh? Main Samja Hoon Ki Tum Aaye Ho Yeh Agar Phir Teri Yaad Huyi Toh? Woh Bola, Kitna Hi Likha Hoga? Main Bola, Puri Kitab Huyi Toh? Lagi? Shayari Tumhe Yeh Bas " Yeh Mere Dil Ki Aaag Huyi Toh? 4 { Zindagi Agar Khawab Huyi Toh? Jawab Huyi Toh? Mout Agar La Tumhe Laga Main Khamosh Hu? Khamoshi Meri Awaaz Huyi Toh? Main Yahan Sabse Naraz Hoon? Zindagi Mujse Naraaz Huyi Toh? Woh Bola Mohabat Nahi Tumhe Main Bola; Be ' Hisab Huyi Toh? Muskura Raha Hoon Tere Samne Yeh Aankh Tere Baad Royi Toh? Main Samja Hoon Ki Tum Aaye Ho Yeh Agar Phir Teri Yaad Huyi Toh? Woh Bola, Kitna Hi Likha Hoga? Main Bola, Puri Kitab Huyi Toh? Lagi? Shayari Tumhe Yeh Bas " Yeh Mere Dil Ki Aaag Huyi Toh? - ShareChat
#📚कविता-कहानी संग्रह #poem
📚कविता-कहानी संग्रह - कितना सुंदर लिखा है किसी ने। लगी थी गजब की...मगर पानी मे जहर प्यास पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर থা जाते... बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए! ! ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!  वक़्त ने कहा....काश थोड़ा और सब्र होता! !! थोड़ा और वक़्त होता! ! संब्र ने कहा....काश ऐ जिन्दगी, पर चुप "शिकायते तो बहुत है तुझसे  इसलिये हु कि, जो दिया तूने, वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता... कितना सुंदर लिखा है किसी ने। लगी थी गजब की...मगर पानी मे जहर प्यास पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर থা जाते... बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए! ! ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!  वक़्त ने कहा....काश थोड़ा और सब्र होता! !! थोड़ा और वक़्त होता! ! संब्र ने कहा....काश ऐ जिन्दगी, पर चुप "शिकायते तो बहुत है तुझसे  इसलिये हु कि, जो दिया तूने, वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता... - ShareChat