Rahul
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एक बार जो बिछड़े तो आएंगे ना वापस
#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - বুনিয়া 'यह एक जादुई खिलौना है, जो मिल गया वह मिट्टी है, जो न मिला वह सोना है। বুনিয়া 'यह एक जादुई खिलौना है, जो मिल गया वह मिट्टी है, जो न मिला वह सोना है। - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - उनसे अभी ٤٤٤ GIn कि बात नहीं करेंगे फिर कभी उनसे अभी ٤٤٤ GIn कि बात नहीं करेंगे फिर कभी - ShareChat
#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - 2/5 अतीत जब लौटता है तो आईना साथ लाता है, जो किया था कल , वही आज दोहराता है! 2/5 अतीत जब लौटता है तो आईना साथ लाता है, जो किया था कल , वही आज दोहराता है! - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - हम सोचते हैं कल की  और.... (೧ खबर नहीं अगले.. पल की..!! हम सोचते हैं कल की  और.... (೧ खबर नहीं अगले.. पल की..!! - ShareChat
#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - खैर कोई बात नही इतना तो चलता है, हर किसी को इश्क़ थोड़ी न मिलता है !! +>00 खैर कोई बात नही इतना तो चलता है, हर किसी को इश्क़ थोड़ी न मिलता है !! +>00 - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - si, भरोसा उसी पर करना निभाने के लायक हो.... कुछ पल का साथ तो.." जनाजा उठाने वाले भी देते हैं...!! si, भरोसा उसी पर करना निभाने के लायक हो.... कुछ पल का साथ तो.." जनाजा उठाने वाले भी देते हैं...!! - ShareChat
#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - *खुद्दार मेरे शहर में , फ़ाके से मर JII राशन तो मिल रहा था, फोटो से SKJII खाना खिला रहे थे, सेल्फी भी ले रहे थे। मरना था जिसको भुख से, वो गैरत से मर गया।। ** *खुद्दार मेरे शहर में , फ़ाके से मर JII राशन तो मिल रहा था, फोटो से SKJII खाना खिला रहे थे, सेल्फी भी ले रहे थे। मरना था जिसको भुख से, वो गैरत से मर गया।। ** - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - भूख जब चरम पर होती है कहां नजर धर्म पर होती है जाति- मजहब सब फालतू गति तो सदा कर्म पर होती है किसीके पहनावे से क्या फर्क बात तो सब शर्म पर होती है चोट देनेवाले को कौन पूछता है फसाद तो मरहम पर होती है कोई ऊपर है कि नहीं क्या पता आस्था तो सारी भ्रम पर होती है भूख जब चरम पर होती है कहां नजर धर्म पर होती है जाति- मजहब सब फालतू गति तो सदा कर्म पर होती है किसीके पहनावे से क्या फर्क बात तो सब शर्म पर होती है चोट देनेवाले को कौन पूछता है फसाद तो मरहम पर होती है कोई ऊपर है कि नहीं क्या पता आस्था तो सारी भ्रम पर होती है - ShareChat
#📖 कविता और कोट्स✒️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #😌 अकेलापन शायरी #📜 Whatsapp स्टेटस #✍️ अनसुनी शायरी
📖 कविता और कोट्स✒️ - ये जो कहते हैं ना हम तुम्हें तकलीफ में नही देख सकते. 0 0 यकीन मानिए जनाब जिंदगी में. सबसे ज्यादा तकलीफ़ यही लोग देके जाते हैं..!! ये जो कहते हैं ना हम तुम्हें तकलीफ में नही देख सकते. 0 0 यकीन मानिए जनाब जिंदगी में. सबसे ज्यादा तकलीफ़ यही लोग देके जाते हैं..!! - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #💚 लाइफ़ की शायरी #💓 दिल के अल्फ़ाज़ #📓 हिंदी साहित्य #एक रचना रोज़✍
✍️ साहित्य एवं शायरी - 438| डिलीट करते रहिए अपनी ज़़िंदगी लहजों को, कुछ बातों को, कुछ यादों को , कुछ ना मुनासिब रवैयों को... वरना आप हैंग हो जाएंगे.. ! ! 00/_0047es 438| डिलीट करते रहिए अपनी ज़़िंदगी लहजों को, कुछ बातों को, कुछ यादों को , कुछ ना मुनासिब रवैयों को... वरना आप हैंग हो जाएंगे.. ! ! 00/_0047es - ShareChat