DILEEP GAUTAM
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zindgi mein ek time aata hai jab hme smjhna hota
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - शांत चेहरों के पीछे সংন্স ন$ যম্ং ৪ীন &.! 700 शांत चेहरों के पीछे সংন্স ন$ যম্ং ৪ীন &.! 700 - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - जब इंसान अतीत में उलझा रहता है, तो वर्तमान की खुशियाँ शोर नहीं , बोझ लगती हैं। शायद इसलिए नहीं कि खुशियाँ कम हैं, बल्कि इसलिए कि मन अभी भी पीछे ही अटका  हुआ है। अतीत की आग में जलते रहने से लगती है। आज की रोशनी भी चुभने जब तक छोड़ना नहीं सीखेंगे तब तक मुस्कुराना भी भारी लगेगा। Good morning जब इंसान अतीत में उलझा रहता है, तो वर्तमान की खुशियाँ शोर नहीं , बोझ लगती हैं। शायद इसलिए नहीं कि खुशियाँ कम हैं, बल्कि इसलिए कि मन अभी भी पीछे ही अटका  हुआ है। अतीत की आग में जलते रहने से लगती है। आज की रोशनी भी चुभने जब तक छोड़ना नहीं सीखेंगे तब तक मुस्कुराना भी भारी लगेगा। Good morning - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - सुप्रभात संदेश.. ढोलक जब तक दोनों ओर से थाप नहीं पाती तब तक संगीत नहीं बनता जीवन भी कुछ ऐसा ही है। अनुकूलता और प्रतिकूलता , सुख और दबाव दोनों मिलकर ही लय रचते है। परिस्थिति से भागे नहीं, उसे थामकर अपनी ताल बना लें, ॰|l प्रातः वंदन |le सुप्रभात संदेश.. ढोलक जब तक दोनों ओर से थाप नहीं पाती तब तक संगीत नहीं बनता जीवन भी कुछ ऐसा ही है। अनुकूलता और प्रतिकूलता , सुख और दबाव दोनों मिलकर ही लय रचते है। परिस्थिति से भागे नहीं, उसे थामकर अपनी ताल बना लें, ॰|l प्रातः वंदन |le - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - विरासत में संपत्ति मिलना बड़ी बात नहीं, विरासत में अच्छे संस्कार मिलना बड़ी बात है।" धन दौलत खत्म हो सकती है, लेकिन चरित्र और संस्कार पीढ़ियों तक मार्गदर्शन करते हैं। समाज का सुप्रभात विरासत में संपत्ति मिलना बड़ी बात नहीं, विरासत में अच्छे संस्कार मिलना बड़ी बात है।" धन दौलत खत्म हो सकती है, लेकिन चरित्र और संस्कार पीढ़ियों तक मार्गदर्शन करते हैं। समाज का सुप्रभात - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - मेहरबान हो वक्त जब तो झुकना सीखो अकड़ना नहीं क्योंकि अच्छे दिनों की बदतमीज़ी का हिसाब, बुरे दिनों में चुकता करना पड़ता है। अक्सर सप्रभात मेहरबान हो वक्त जब तो झुकना सीखो अकड़ना नहीं क्योंकि अच्छे दिनों की बदतमीज़ी का हिसाब, बुरे दिनों में चुकता करना पड़ता है। अक्सर सप्रभात - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - मित्रता, परिवार, प्रेम या कोई भी रिश्ता क्यों ना हो, चालाकी जहां भी प्रवेश करती है ೦೦೦ सब कुछ बिखेरकर रख देती है !! Good morning मित्रता, परिवार, प्रेम या कोई भी रिश्ता क्यों ना हो, चालाकी जहां भी प्रवेश करती है ೦೦೦ सब कुछ बिखेरकर रख देती है !! Good morning - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - जानवर कभी दोहरी ज़िंदगी नहीं जीते। प्यार करते हैं तो खुले दिल से जताते हैं गुस्सा आता है तो सामने दिखा देते हैं। उनके भीतर छल, कपट या बनावट की जगह नहीं होती. .!! जो हैं, वही नज़र आते हैं। कुटिलता सिर्फ़ इंसान ने गढ़ी है। चालाकी और स्वार्थ को सभ्यता का नाम अपनी g देने के शायद उसने ही उन्हें ' जानवर कहना शुरू किया। सुप्रभात जानवर कभी दोहरी ज़िंदगी नहीं जीते। प्यार करते हैं तो खुले दिल से जताते हैं गुस्सा आता है तो सामने दिखा देते हैं। उनके भीतर छल, कपट या बनावट की जगह नहीं होती. .!! जो हैं, वही नज़र आते हैं। कुटिलता सिर्फ़ इंसान ने गढ़ी है। चालाकी और स्वार्थ को सभ्यता का नाम अपनी g देने के शायद उसने ही उन्हें ' जानवर कहना शुरू किया। सुप्रभात - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - उम्र की रफ़्तार में सब कुछ पीछे छूट जाता है, कल का जो अपना था, आज अजनबी नज़र आता है। ज़िंदगी सिखा देती है अकेले हा सफ़र करना, क्योंकि अंत में यहाँ साया भी साथ छोड़ जाता है। { सूप्रभात उम्र की रफ़्तार में सब कुछ पीछे छूट जाता है, कल का जो अपना था, आज अजनबी नज़र आता है। ज़िंदगी सिखा देती है अकेले हा सफ़र करना, क्योंकि अंत में यहाँ साया भी साथ छोड़ जाता है। { सूप्रभात - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - हमारी आस्था की सबसे बड़ी परीक्षा तब होती है जब हम जो चाहें वो ना मिले और फिर भी हमारे लिए शुक्रिया ही निकले। दिल से प्रभु के बाकी बर्दाश्त करने की क्षमता व नजर अंदाज करने की क्षमता , दोनों आ जाये तो जिंदगी जीना आसान हो जाता है. Good morning! हमारी आस्था की सबसे बड़ी परीक्षा तब होती है जब हम जो चाहें वो ना मिले और फिर भी हमारे लिए शुक्रिया ही निकले। दिल से प्रभु के बाकी बर्दाश्त करने की क्षमता व नजर अंदाज करने की क्षमता , दोनों आ जाये तो जिंदगी जीना आसान हो जाता है. Good morning! - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - उड़ जाएंगे एक दिन तस्वीर से रंगों की तरह, हम वक्त की टहनी पर बेठे हैं, परिंदों की तरह कभी॰कभी नादान से भी दोस्ती कर लीजिए साहब, क्योंकि मुसीबत के वक़्त कोई भी समझदार इंसान आपका साथ नहीं देता. ढूंढ ही लेती हैं रोज एक नए बहाने से मुझको वाकिफ़ हो गयी हैं मेरे हर ठिकाने से मुश्किलें सुप्रभात उड़ जाएंगे एक दिन तस्वीर से रंगों की तरह, हम वक्त की टहनी पर बेठे हैं, परिंदों की तरह कभी॰कभी नादान से भी दोस्ती कर लीजिए साहब, क्योंकि मुसीबत के वक़्त कोई भी समझदार इंसान आपका साथ नहीं देता. ढूंढ ही लेती हैं रोज एक नए बहाने से मुझको वाकिफ़ हो गयी हैं मेरे हर ठिकाने से मुश्किलें सुप्रभात - ShareChat