DILEEP GAUTAM
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zindgi mein ek time aata hai jab hme smjhna hota
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - इंसान के शब्दों पर नहीं, उसके इरादों पर गौर कीजिये। कोई डांट कर आपका भला चाहता है, तो कोई मुस्कुराकर जड़ काटता है। समय का इंतज़ार कीजिये, वह नकाब भी हटाता है और सच्चाई भी 8! इंसान के शब्दों पर नहीं, उसके इरादों पर गौर कीजिये। कोई डांट कर आपका भला चाहता है, तो कोई मुस्कुराकर जड़ काटता है। समय का इंतज़ार कीजिये, वह नकाब भी हटाता है और सच्चाई भी 8! - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - सम्बन्धा क मायने सबके अपने अपने होते हैं, लिए किसी के पैसा, किसी के fg लिए দ্ধামনা নী ক্িমী ৯ बस साथ। सुप्रभात। Good morning सम्बन्धा क मायने सबके अपने अपने होते हैं, लिए किसी के पैसा, किसी के fg लिए দ্ধামনা নী ক্িমী ৯ बस साथ। सुप्रभात। Good morning - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - जिंदगी किसी की वफादार नहीं होती, हर साथी एक मोड़ पर साथ छोड़ जाता है, पर हमें खुद पर भरोसा करके आगे बढ़ना चाहिए। थोड़ा डूबेंगे मगर फिर तैर आएंगे , ऐ ज़िंदगी हम जीत जाएंगे। %9 सुप्रभात जिंदगी किसी की वफादार नहीं होती, हर साथी एक मोड़ पर साथ छोड़ जाता है, पर हमें खुद पर भरोसा करके आगे बढ़ना चाहिए। थोड़ा डूबेंगे मगर फिर तैर आएंगे , ऐ ज़िंदगी हम जीत जाएंगे। %9 सुप्रभात - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - जीवन का हर दिन सर्वश्रेष्ठ होता है, क्योंकि कोई भी बीता दिन दोबारा नहीं आ सकता। अच्छे दिन के इंतजार में उम्र गुजर जाती है, फिर पता चलता है कि जो गुजर गए वही अच्छे दिन थे। मरहम के लालच में अपनी को दुखती ಕಾ रग का पता देना बेवकूफी की आखिरी हद होती है। सुप्रभात जीवन का हर दिन सर्वश्रेष्ठ होता है, क्योंकि कोई भी बीता दिन दोबारा नहीं आ सकता। अच्छे दिन के इंतजार में उम्र गुजर जाती है, फिर पता चलता है कि जो गुजर गए वही अच्छे दिन थे। मरहम के लालच में अपनी को दुखती ಕಾ रग का पता देना बेवकूफी की आखिरी हद होती है। सुप्रभात - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - पिताजी ने कहा था... XX जिँदगी मेँ जब अकेले पड़ जाओ, कोई साथ न दे, तो डरना मत... याद रखना भीड़ बेहतर  8, में खो जाने से अकेले चलना. .  कम से कम मंज़िल तेरी अपनी होगी | पिताजी ने कहा था... XX जिँदगी मेँ जब अकेले पड़ जाओ, कोई साथ न दे, तो डरना मत... याद रखना भीड़ बेहतर  8, में खो जाने से अकेले चलना. .  कम से कम मंज़िल तेरी अपनी होगी | - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - कसूर धोखा देने वाले का नहीं होता बल्कि॰ भरोसा करने वाले का होता है। लिए क्रोध आने पर चिल्लाने के चाहिए ताकत नहीं g लेकिन क्रोध आने पर चुप रहने के बहुत ताकत चाहिए होती है.. सुप्रभात। कसूर धोखा देने वाले का नहीं होता बल्कि॰ भरोसा करने वाले का होता है। लिए क्रोध आने पर चिल्लाने के चाहिए ताकत नहीं g लेकिन क्रोध आने पर चुप रहने के बहुत ताकत चाहिए होती है.. सुप्रभात। - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - मेहरबान हो वक्त जब तो झुकना सीखो अकड़ना नहीं क्योंकि अच्छे दिनों की बदतमीज़ी का हिसाब, बुरे दिनों में चुकता करना पड़ता है। अक्सर সুসন্ান| मेहरबान हो वक्त जब तो झुकना सीखो अकड़ना नहीं क्योंकि अच्छे दिनों की बदतमीज़ी का हिसाब, बुरे दिनों में चुकता करना पड़ता है। अक्सर সুসন্ান| - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - मँजिले बड़ी जिद्दी होती हैं, हासिल कहाँ नसीब से होती हैं! मगर वहाँ तूफान भी हार जाते हैं, जहाँ कश्तियाँ जिद पर होती हैं! भरोसा ईश्वर पर है, तो जो लिखा है तकदीर में, वो ही पाओगे! मगर, भरोसा अगर खुद पर है, तो ईश्वर वही लिखेगा, जो आप चाहोगे! ! सुप्रभात मँजिले बड़ी जिद्दी होती हैं, हासिल कहाँ नसीब से होती हैं! मगर वहाँ तूफान भी हार जाते हैं, जहाँ कश्तियाँ जिद पर होती हैं! भरोसा ईश्वर पर है, तो जो लिखा है तकदीर में, वो ही पाओगे! मगर, भरोसा अगर खुद पर है, तो ईश्वर वही लिखेगा, जो आप चाहोगे! ! सुप्रभात - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - हमें लगता है कि उम्र बढ़ने के साथ लोगों में मैच्योरिटी आ जाती है, पर सच तो ये है कि वक्त के साथ लोग सिर्फ बड़े होते हैं अंदर से कई बार और ज़्यादा टूटे हुए, थोड़ा थके हुए और कभी-कभी 4133<79, अपने ही ख्यालों में उलझकर दुनिया को समझने की कोशिश करते करते खुद से ही दूर हो जाते हैं.. GOOD MORNING हमें लगता है कि उम्र बढ़ने के साथ लोगों में मैच्योरिटी आ जाती है, पर सच तो ये है कि वक्त के साथ लोग सिर्फ बड़े होते हैं अंदर से कई बार और ज़्यादा टूटे हुए, थोड़ा थके हुए और कभी-कभी 4133<79, अपने ही ख्यालों में उलझकर दुनिया को समझने की कोशिश करते करते खुद से ही दूर हो जाते हैं.. GOOD MORNING - ShareChat
#💞दिल की धड़कन
💞दिल की धड़कन - औपचारिक रिश्तों में अगर आप भावनाएं ढूँढते हैं, विश्वास  की आस रखते हैं प्रेम और लिए तो आप स्वयं अपने 3 ज़िम्मेदार हैं। दुखों जहाँ कद्र ना हो भावनाओं की वहाँ नेह न छलकाइए, औपचारिक रिश्तों को औपचारिकता से निभाइए। सुप्रभात औपचारिक रिश्तों में अगर आप भावनाएं ढूँढते हैं, विश्वास  की आस रखते हैं प्रेम और लिए तो आप स्वयं अपने 3 ज़िम्मेदार हैं। दुखों जहाँ कद्र ना हो भावनाओं की वहाँ नेह न छलकाइए, औपचारिक रिश्तों को औपचारिकता से निभाइए। सुप्रभात - ShareChat