
Pt,Akash kr,Pandey
@227267368
🔥🚩वैदिक ब्राह्मण 🙏 पुराण प्रवक्ता🚩🙏धर्मगुरु🙏
#🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 #💐फूलों वाली शुभकामनाएं🌹 #🌙 गुड नाईट #🌷शुभ रविवार
#🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #❤️अस्सलामु अलैकुम
#🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 #🌙 गुड नाईट #🤗शुभकामनाएं वीडियो📱 #❤️अस्सलामु अलैकुम
#🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 #🔱रुद्राभिषेक🙏 पिता जी श्री शिवजी के पावन महा पर्व #महाशिवरात्रि,
सहस्रार्चन
काशी के महात्म्य के अनुसार काशीवासी शिव जी को...
*।महादेव।महादेव।महादेव।* कहकर पुकारते हैं, इसलिए शिव जी काशीवासियों के निकट और काशीवासी शिव जी के निकट रहते है...
महादेव, महादेव महादेवेति यो वदेत् ।
एकेन मुक्तिमाप्नोति द्वाभ्यां शंभू ऋणी भवेत ।।
*अर्थात्* जो पुरुष तीन बार महादेव, महादेव, महादेव इस प्रकार भगवान का नाम उच्चारण करता है। भगवन एक नाम से मुक्ति देकर शेष दो नाम से सदा के लिए उसके ऋणी हो जाते हैं।
महादेव महादेव महादेवेति कीर्तयेत् ।
उमायाः पतये चैव हिरण्यपतये सदा ।। ( लिङ्गपुराण )
महादेव महादेव महादेवेति कीर्तनात् ।
कोटयो ब्रह्महत्यानामगम्यागमकोटयः ।
सद्यः प्रलयमायांति महादेवेति कीर्तनात् ।। ( स्कन्दपुराण )
महादेव महादेव महादेवेति वादिनः ।
पश्चाद्यामि महांस्त्रस्तो नाम श्रवण लोभतः ।। ( ब्रह्मवैवर्तपुराण )
*श्री कृष्ण कहते है*
महादेव! महादेव!! महादेव!!! इस प्रकार बोलने वाले पुरुष के पीछे-पीछे मैं नाम श्रवण के लोभ से फिरता रहता हूँ।
महादेव महादेव महादेवेति कीर्तनात् ।
वत्सं गौरिव गौरीशो धावन्तमनुधावति ।।
महादेव: जनको हामा च जननी अन्नपूर्णे: च मातृस्वसा ।
ढुण्ढी-भैरव- दण्डपाणिसदृशा ज्येष्ठा मम भ्रातरः ।।
*अर्थात्* काशी में महादेव पिता हैं, अन्नपूर्णा जी माता हैं तथा ढुण्ढी, भैरव, दण्डपाणि ज्येष्ठ भ्राता के समान हैं।
*काशीवासियों न भूलना अपने पूर्वजों का इतिहास, न भूलना विश्वनाथ का दरबार*...
महादेव! महादेव!! महादेव!!!
पुकारने से शिव उसके पीछे ऐसे दौड़ते हैं, जैसे बछड़े के पीछे गाय।
#shiv #mahadev #शिवरात्रि
#🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 पिता जी श्री शिवजी के पावन महा पर्व #महाशिवरात्रि,
सहस्रार्चन
काशी के महात्म्य के अनुसार काशीवासी शिव जी को...
*।महादेव।महादेव।महादेव।* कहकर पुकारते हैं, इसलिए शिव जी काशीवासियों के निकट और काशीवासी शिव जी के निकट रहते है...
महादेव, महादेव महादेवेति यो वदेत् ।
एकेन मुक्तिमाप्नोति द्वाभ्यां शंभू ऋणी भवेत ।।
*अर्थात्* जो पुरुष तीन बार महादेव, महादेव, महादेव इस प्रकार भगवान का नाम उच्चारण करता है। भगवन एक नाम से मुक्ति देकर शेष दो नाम से सदा के लिए उसके ऋणी हो जाते हैं।
महादेव महादेव महादेवेति कीर्तयेत् ।
उमायाः पतये चैव हिरण्यपतये सदा ।। ( लिङ्गपुराण )
महादेव महादेव महादेवेति कीर्तनात् ।
कोटयो ब्रह्महत्यानामगम्यागमकोटयः ।
सद्यः प्रलयमायांति महादेवेति कीर्तनात् ।। ( स्कन्दपुराण )
महादेव महादेव महादेवेति वादिनः ।
पश्चाद्यामि महांस्त्रस्तो नाम श्रवण लोभतः ।। ( ब्रह्मवैवर्तपुराण )
*श्री कृष्ण कहते है*
महादेव! महादेव!! महादेव!!! इस प्रकार बोलने वाले पुरुष के पीछे-पीछे मैं नाम श्रवण के लोभ से फिरता रहता हूँ।
महादेव महादेव महादेवेति कीर्तनात् ।
वत्सं गौरिव गौरीशो धावन्तमनुधावति ।।
महादेव: जनको हामा च जननी अन्नपूर्णे: च मातृस्वसा ।
ढुण्ढी-भैरव- दण्डपाणिसदृशा ज्येष्ठा मम भ्रातरः ।।
*अर्थात्* काशी में महादेव पिता हैं, अन्नपूर्णा जी माता हैं तथा ढुण्ढी, भैरव, दण्डपाणि ज्येष्ठ भ्राता के समान हैं।
*काशीवासियों न भूलना अपने पूर्वजों का इतिहास, न भूलना विश्वनाथ का दरबार*...
महादेव! महादेव!! महादेव!!!
पुकारने से शिव उसके पीछे ऐसे दौड़ते हैं, जैसे बछड़े के पीछे गाय।
#shiv #mahadev #🪔गणाधिप संकष्टी चतुर्थी🌺 #🏡मेरी जीवन शैली #🌷शुभ रविवार #📢5 अक्टूबर के अपडेट 📰
#❤️जीवन की सीख #🌸 सत्य वचन #☝अनमोल ज्ञान #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #📖जीवन का लक्ष्य🤔
किसी अनजान की मृत्यु से मनुष्य को कोई समस्या नहीं है लेकिन किसी संबधित की मृत्यु पर वह दुखी हो जाता है अर्थात दुख का कारण मृत्यु नहीं, संबंध है प्यारे! #🌷शुभ रविवार #🪔गणाधिप संकष्टी चतुर्थी🌺 #📢5 अक्टूबर के अपडेट 📰 #🪔पापांकुशा एकादशी🌸 #🏡मेरी जीवन शैली












