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🔥🚩वैदिक ब्राह्मण 🙏 पुराण प्रवक्ता🚩🙏धर्मगुरु🙏
#🗞️भूकंप वेनेजुएला में फिर भारत की बढ़ी टेंशन? कोई चलता है पद-चिह्नों पर, कोई खुद पद-चिह्न बनाता है। #🤝G7 में नेताओं की गपशप वायरल📱 #🌷शुभ रविवार
🗞️भूकंप वेनेजुएला में फिर भारत की बढ़ी टेंशन? - ShareChat
#🌺निर्जला एकादशी 🙏 प्रेम में पीड़ा भी वही देते है जिन्हें हक दिया जाता है, वरना अंजान लोग तो धक्का लगने पर माफी तक मांग लेते है प्यारे। #🪔तीसरा बड़ा मंगल 🙏🌟 #🆕 ताजा अपडेट #🌷शुभ रविवार #🎁चैटरूम: अर्न & लर्न🤑
🌺निर्जला एकादशी 🙏 - ShareChat
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🌺निर्जला एकादशी 🙏 - स्वार्थ, स्मृति को इतनी छूट् देना सही नहीं है कि॰वो विवेक ক্রী ৪্ী ফ্রা আৎ, प्यारे वेद विभूष्ण पूण्डित आकाश कु. पाप्डेय जी महाराज जी स्वार्थ, स्मृति को इतनी छूट् देना सही नहीं है कि॰वो विवेक ক্রী ৪্ী ফ্রা আৎ, प्यारे वेद विभूष्ण पूण्डित आकाश कु. पाप्डेय जी महाराज जी - ShareChat
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🌺निर्जला एकादशी 🙏 - निर्जला एकॉदर्शा কংন করা মমতে एकामेकादशी कृत्वा निर्जलं यो नरः समरेतू | সনকানংয: ক্ল নয্মে লঞ্ন নান্স সথায্ঃ Il अर्थात जो मनुष्य निर्जला एकादशी का विधिपूर्वक ब्रत करता है, वह समस्त एकादशियों के ब्रत के समान फल प्राप्त करता है। सभी एकादशियों का फल शास्त्रों के अनुसार , निर्जला एकादशी का ब्रत करने से वर्ष  भर की समस्त २४ एकादशियों का फल प्राप्त होता है। यह ब्रत सभी तरह के पापों , दोषों और कष्टों को नष्ट करने वाला है। পাণী কা নাংা मोक्ष की प्राप्ति - निर्जला एकादशी का ब्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है। स्वास्थ्य और मन सम्मान - इससे शरीर में ऊर्जा, मन में शांति, और समाज में सम्मान मिलता है। fa9qur' वेद এ্ডিন पूर्वजों का कल्याण इस ब्रत के पुण्य से पितरों को भी मोक्ष और शांति प्राप्त होती है " आकाश कु. पाण्डेय जी महाराज श्रीधाम वृंदावन , काशी SOLUTIONS & TRADING THARUNA सटीक निर्णय सुरक्षित भविष्य सही ज्ञान 069 THARUNA: 5 निर्जला एकॉदर्शा কংন করা মমতে एकामेकादशी कृत्वा निर्जलं यो नरः समरेतू | সনকানংয: ক্ল নয্মে লঞ্ন নান্স সথায্ঃ Il अर्थात जो मनुष्य निर्जला एकादशी का विधिपूर्वक ब्रत करता है, वह समस्त एकादशियों के ब्रत के समान फल प्राप्त करता है। सभी एकादशियों का फल शास्त्रों के अनुसार , निर्जला एकादशी का ब्रत करने से वर्ष  भर की समस्त २४ एकादशियों का फल प्राप्त होता है। यह ब्रत सभी तरह के पापों , दोषों और कष्टों को नष्ट करने वाला है। পাণী কা নাংা मोक्ष की प्राप्ति - निर्जला एकादशी का ब्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है। स्वास्थ्य और मन सम्मान - इससे शरीर में ऊर्जा, मन में शांति, और समाज में सम्मान मिलता है। fa9qur' वेद এ্ডিন पूर्वजों का कल्याण इस ब्रत के पुण्य से पितरों को भी मोक्ष और शांति प्राप्त होती है " आकाश कु. पाण्डेय जी महाराज श्रीधाम वृंदावन , काशी SOLUTIONS & TRADING THARUNA सटीक निर्णय सुरक्षित भविष्य सही ज्ञान 069 THARUNA: 5 - ShareChat
#🌤️पानी से लबालब मुंबई, सूखी दिल्ली...हालात⛈️🌦️ #🆕 ताजा अपडेट #🪔तीसरा बड़ा मंगल 🙏🌟 #🎁चैटरूम: अर्न & लर्न🤑 #😍हैप्पी फादर्स डे🫂🥳
🌤️पानी से लबालब मुंबई, सूखी दिल्ली...हालात⛈️🌦️ - II ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय II निर्जला एकादशी व्रत (भीमसेनी एकादशी } २५ जून २०२६ व्रत की महिमा 93 महाभारत के अनुसार भीमसेन जी की अधिक भूख के कारण गुरुवार वे अन्य एकादशियों का व्रत नहीं कर पाते थे। वेदव्यास जी ने उन्हें ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी ऋषि को जल तक का त्याग करके व्रत रखने का उपदेश दिया, সন-নিযম जिससे समस्त एकादशियों का फल प्राप्त होता है। इसी कारण यह व्रत "भीमसेनी एकादशी " कहलाता है। दशमी से सात्वि्क भोजन करें। यह व्रत सभी पापों का नाश कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर विष्णु का पूजन करें। भगवान यथाशकति निर्जल (विना जल के) दान का महत्व उपवास रखें। विष्णु सहस्त्रनाम , गीता एवं हरिनाम का जप करें। रात्रि में जागरण एवं पंखा সল কলথ d 3|~1 ৪ানা फल भजन कीर्तन करें। विशेष पुण्य  इस दिन दान करने से কী সাদি মীনী ষ1 द्वादशी को स्नान कर दान करें और पारण करें। शास्त्रीय महिमा एकमेकादशी कृत्याः निर्जल यो नरः समेल | सर्वेकादशयः फल तस्य लगते नात्र संशयः ।l विभूषण 6 अर्थात जो मनुष्य निर्जला एकादशी का विधिपूर्वक ब्रत करता है, पण्डित आकाश कु. पाण्डेय जी महाराज वह समस्त एकादशियों के ब्रत के समान फल प्राप्त करता है। व्रत के फल ज्योतिषाचार्य एवं वैदिक कर्मकाण्ड विशेषन्नर 7491093148 भगवान विष्णु मोक्ष की प्राप्ति आय, यश एव पापों का नाश কী কৃণা पुण्य की वृद्धि का मार्ग II ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय II निर्जला एकादशी व्रत (भीमसेनी एकादशी } २५ जून २०२६ व्रत की महिमा 93 महाभारत के अनुसार भीमसेन जी की अधिक भूख के कारण गुरुवार वे अन्य एकादशियों का व्रत नहीं कर पाते थे। वेदव्यास जी ने उन्हें ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी ऋषि को जल तक का त्याग करके व्रत रखने का उपदेश दिया, সন-নিযম जिससे समस्त एकादशियों का फल प्राप्त होता है। इसी कारण यह व्रत "भीमसेनी एकादशी " कहलाता है। दशमी से सात्वि्क भोजन करें। यह व्रत सभी पापों का नाश कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर विष्णु का पूजन करें। भगवान यथाशकति निर्जल (विना जल के) दान का महत्व उपवास रखें। विष्णु सहस्त्रनाम , गीता एवं हरिनाम का जप करें। रात्रि में जागरण एवं पंखा সল কলথ d 3|~1 ৪ানা फल भजन कीर्तन करें। विशेष पुण्य  इस दिन दान करने से কী সাদি মীনী ষ1 द्वादशी को स्नान कर दान करें और पारण करें। शास्त्रीय महिमा एकमेकादशी कृत्याः निर्जल यो नरः समेल | सर्वेकादशयः फल तस्य लगते नात्र संशयः ।l विभूषण 6 अर्थात जो मनुष्य निर्जला एकादशी का विधिपूर्वक ब्रत करता है, पण्डित आकाश कु. पाण्डेय जी महाराज वह समस्त एकादशियों के ब्रत के समान फल प्राप्त करता है। व्रत के फल ज्योतिषाचार्य एवं वैदिक कर्मकाण्ड विशेषन्नर 7491093148 भगवान विष्णु मोक्ष की प्राप्ति आय, यश एव पापों का नाश কী কৃণা पुण्य की वृद्धि का मार्ग - ShareChat
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🌤️पानी से लबालब मुंबई, सूखी दिल्ली...हालात⛈️🌦️ - ३ँ बिना यज्ञोपवीत शालिग्राम स्पर्श नहीं ऊँ सनातन शास्त्रों में शालीग़्राम भगवान श्रीहरि का साक्षात् स्वरूप माना गया है। अतः इनके पूजन एवं स्पर्श के संबंध में विशेष नियम बताए गए हैं | स्कन्द पुराण स्त्रीणामनुपनीतानां शूद्राणाञ्य जनेश्वर स्पर्शने नाधिकारोडस्ति विष्णोशंकरस्य च Il  3থনি নিনা যনীণনীন (ও4নযন মক্কোয) বাল व्यक्ति को शालिग्राम शिला का स्पर्श नहीं करना चाहिए। शास्त्रों के नियम हमारे कल्याण और धर्मरक्षा वाराह पुराण के लिए हैं | यदि भक्तिभवेत्स्य स्त्रीणां वापि वसुन्धरे अतः शास्त्रसम्मत कारयेल्सुसमाहितः दूरादेवास्पृशन् पूजां विधि से ही भगवान की अर्थात् यदि विशेष भक्ति हो तो स्त्री एवं शुद्र आराधना करनी चाहिए। किए, श्रद्धापूर्वक दूर से शालीग्राम बिना स्पर्श भगवान की पूजा कर सकते हैं। विभूषण वेद पण्डित आकाश कु.पाण्डेय महाराज ज ३ँ बिना यज्ञोपवीत शालिग्राम स्पर्श नहीं ऊँ सनातन शास्त्रों में शालीग़्राम भगवान श्रीहरि का साक्षात् स्वरूप माना गया है। अतः इनके पूजन एवं स्पर्श के संबंध में विशेष नियम बताए गए हैं | स्कन्द पुराण स्त्रीणामनुपनीतानां शूद्राणाञ्य जनेश्वर स्पर्शने नाधिकारोडस्ति विष्णोशंकरस्य च Il  3থনি নিনা যনীণনীন (ও4নযন মক্কোয) বাল व्यक्ति को शालिग्राम शिला का स्पर्श नहीं करना चाहिए। शास्त्रों के नियम हमारे कल्याण और धर्मरक्षा वाराह पुराण के लिए हैं | यदि भक्तिभवेत्स्य स्त्रीणां वापि वसुन्धरे अतः शास्त्रसम्मत कारयेल्सुसमाहितः दूरादेवास्पृशन् पूजां विधि से ही भगवान की अर्थात् यदि विशेष भक्ति हो तो स्त्री एवं शुद्र आराधना करनी चाहिए। किए, श्रद्धापूर्वक दूर से शालीग्राम बिना स्पर्श भगवान की पूजा कर सकते हैं। विभूषण वेद पण्डित आकाश कु.पाण्डेय महाराज ज - ShareChat
#🥹लखनऊ अग्निकांड में बड़ा एक्शन🔥 #🪔तीसरा बड़ा मंगल 🙏🌟 #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #🌷शुभ रविवार #🆕 ताजा अपडेट
🥹लखनऊ अग्निकांड में बड़ा एक्शन🔥 - बहुत बड़ा दिल है Reels उन लोगों का जिनको बहन बेटी पत्नी और बहुएं Reels पर ठुमके लगाकर जनता का मनोरंजन करारही हैं २४ 25.4K 725 1,294 वेद विभूषूण पण्डित आकाश कु. पोण्डेय जी महाराज बहुत बड़ा दिल है Reels उन लोगों का जिनको बहन बेटी पत्नी और बहुएं Reels पर ठुमके लगाकर जनता का मनोरंजन करारही हैं २४ 25.4K 725 1,294 वेद विभूषूण पण्डित आकाश कु. पोण्डेय जी महाराज - ShareChat
#🪔महेश नवमी🙏📿 #🎁चैटरूम: अर्न & लर्न🤑 #🆕 ताजा अपडेट #😍हैप्पी फादर्स डे🫂🥳 #🌷शुभ रविवार
🪔महेश नवमी🙏📿 - जासु राज प्रिय दुखारी। प्रजा सो नृपु अवसि 9 Rஞ3ff&$RIII जिस राजा के राज्य में प्यारीं प्रजा दुखी रहती है, वह राजा निश्चित रूप से नरक का अधिकारी होता है বিঃুম্রতা वेद पण्डित आकाश कु. पाण्डेय जी महाराज जासु राज प्रिय दुखारी। प्रजा सो नृपु अवसि 9 Rஞ3ff&$RIII जिस राजा के राज्य में प्यारीं प्रजा दुखी रहती है, वह राजा निश्चित रूप से नरक का अधिकारी होता है বিঃুম্রতা वेद पण्डित आकाश कु. पाण्डेय जी महाराज - ShareChat
#🪔महेश नवमी🙏📿 #बड़ा भी बहुत #प्रकार के होते हैं। वेद विभूषण पण्डित आकाश कु. पाण्डेय जी महाराज #shiv #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट #🎁चैटरूम: अर्न & लर्न🤑
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#🙏शिव पार्वती #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें #🪔तीसरा बड़ा मंगल 🙏🌟 #🎁चैटरूम: अर्न & लर्न🤑 #🌷शुभ रविवार
🙏शिव पार्वती - जय माँ कामाख्या जय शक्तिपीठ श्री कामाख्यायै नमः Il 0052 @009 माँ कामाख्या 3igaaிசe कीह्रार्दिकशुक्षकयनार४ अंबुबाची मेला का रहस्य देवी के श्रावण रजस्वला होने का दिव्य पर्व। तीन दिनों तक माँ विश्राम करती है, यह सृष्टि की मौन शक्ति का प्रतीक है। चौथे दिन माँ के दर्शन एवं प्रसाद से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह समय तांत्रिक साधना , सिद्धि और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत शुभ होता है। कामाख्या शक्ति का यह पर्व, प्रकृति , स्त्री शक्ति और सूजन का महापर्व है। वेद विभूषण पण्डित आकश ; कु.पाण्डेय 5~ ئ7#/ माँ कामाख्या का आशीर्वाद आपके जीवन में सुख, समूद्धि, शांति, स्वास्थ्य, ज्ञान और भक्ति की सदा वर्षा होती रहे। 99 आइए, इस पावन अवसर पर माँ की भक्ति में लीन होकर साधना , सेवा और सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाएं। हर हर महादेव जय मा कामाख्या जय माँ कामाख्या जय शक्तिपीठ श्री कामाख्यायै नमः Il 0052 @009 माँ कामाख्या 3igaaிசe कीह्रार्दिकशुक्षकयनार४ अंबुबाची मेला का रहस्य देवी के श्रावण रजस्वला होने का दिव्य पर्व। तीन दिनों तक माँ विश्राम करती है, यह सृष्टि की मौन शक्ति का प्रतीक है। चौथे दिन माँ के दर्शन एवं प्रसाद से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह समय तांत्रिक साधना , सिद्धि और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत शुभ होता है। कामाख्या शक्ति का यह पर्व, प्रकृति , स्त्री शक्ति और सूजन का महापर्व है। वेद विभूषण पण्डित आकश ; कु.पाण्डेय 5~ ئ7#/ माँ कामाख्या का आशीर्वाद आपके जीवन में सुख, समूद्धि, शांति, स्वास्थ्य, ज्ञान और भक्ति की सदा वर्षा होती रहे। 99 आइए, इस पावन अवसर पर माँ की भक्ति में लीन होकर साधना , सेवा और सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाएं। हर हर महादेव जय मा कामाख्या - ShareChat