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Jay shree ram ji
#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏 - Kششshyobobo bhdat Kششshyobobo bhdat - ShareChat
#🚩सालासर बालाजी 🙏 #🙏राम राम जी #🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩 #🙏 जय हनुमान
🚩सालासर बालाजी 🙏 - TnAnt दिव्य श्रृंगार दर्शन २७ मई, २०२६ बुधवार = ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष एकादशी श्री सालासर बालाजी मंदिर, राजस्थान TnAnt दिव्य श्रृंगार दर्शन २७ मई, २०२६ बुधवार = ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष एकादशी श्री सालासर बालाजी मंदिर, राजस्थान - ShareChat
#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏 #🙏🏻 मेरे भगवान 🙏🏻 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸 जय श्री कृष्ण😇
🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏 - శాగరేశిగ #7  ٣ मेण मेरा सर्वेश्वरः )9যাম !! बाबा श्याम के संध्या दर्शन శాగరేశిగ #7  ٣ मेण मेरा सर्वेश्वरः )9যাম !! बाबा श्याम के संध्या दर्शन - ShareChat
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏🏻 मेरे भगवान 🙏🏻 #🙏राम राम जी
🌸 जय श्री कृष्ण😇 - ShareChat
#🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩
🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩 - ShareChat
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#🚩सालासर बालाजी 🙏
🚩सालासर बालाजी 🙏 - रामरमराम राम रम राम राम 7RTu =7 राम राम राम राम राम సాగరా राम॰राम 1 राम राम राम राम राम राम राम राग राम राम राम पराम रामरम राम रामराम सम राम राम रमःराम राम గౌ যাা सम शम (ಯ್ಲಯ बालाजी की भक्ति में जो सुकून है वो दुनिया में कहीं नहीं। ' रामरमराम राम रम राम राम 7RTu =7 राम राम राम राम राम సాగరా राम॰राम 1 राम राम राम राम राम राम राम राग राम राम राम पराम रामरम राम रामराम सम राम राम रमःराम राम గౌ যাা सम शम (ಯ್ಲಯ बालाजी की भक्ति में जो सुकून है वो दुनिया में कहीं नहीं। ' - ShareChat
#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏 - श्री खाटू श्याम 4 जय श्री श्याम श्री खाटू श्याम 4 जय श्री श्याम - ShareChat
#🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏
🚩जय श्री खाटूश्याम 🙏 - ShareChat
#🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩 #🙏राम राम जी
🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩 - २६ मई चौथा बड़ा मंगलवार हनुमान जी विशेष कृपा प्राप्ति के उपाय सुबह स्नान कर हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का ११, २१ या १०८ बार पाठ करें | हनुमान जी को गुड़-चना  और बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं । मंगलवार व्रत रखें और থাম ক্রী ত্রীণক সলাৎ किसी जरुरतमंद को भोजन या लाल वस्त्र का दान करें । हनुमान जी की कृपा से जीवन के जयःशी रास सभी कष्ट होंगे दूर ' हनुमान चालीसा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।  सनकादिक नारद सारद सहित अहीसा।।१६।। সুনীমা[  লমারি यम कवेर दिगपाल र्जोंते। कवि कोविद कहि सके कहों ते।।१७।| बरनऊँ रघुवर यिमल जसु॰ जो दायकु फल चारि।।१।।  तुम उपकार सुप्रीवहिं कीढा। राम मिलाय राजपद दीन्हा।।२८ ।। बुद्विहीन तनु जानिके , सुमि्रों पवन कुमार।  मन्न विभीषण माना। लंकेश्वर भए सव जग जाना।।२९।। নদ্চযী  बुधि चिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।२।।  बल  युग सहस्त्न योजन पर भानु। लील्यो ताही मधुर फल जञानु।। २०l| जय हनुमान ज्ञान गुण सागर। जय कपीस ति्हें लोक उजागरII३।।  प्रभु मुदिका मेलि मुख माहीं। जलधि लॉंघि गए अचरज नाहीं।।२१।।  সঁসনি-পুন্  दुर्गम काज = राम दूत अनुलित बल धामा | পবনমুন নাসাIIধI]  जगत के जिते। सुगम अनुग्रह तिम्हरे तिते।।२२१। पैसारे ।।२३।।  राम दआरे तुम रखवारे | होत সাতা নিনু विकम बजरंगी | निचार ా TfTII4I1 कुमति सुमति  महावीर सव सुख लहे सरना | तुम रक्षक काहु को डरना।।२४।। Tu1 कचन वरन चिराज सुबेसा| कानन कुडल कुंचित केसा।।६।।  आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हाक तें कोर्पै।। २५।। हाथ बज्न औ ध्वजा बिराजै। कोंधे मूँज जनेऊ साजैंIl७ll भूत पिशाच निकट नहि आवै।  सुनावै I१२९ म।। महावीर  সন্ নাস शंकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बंदन।।८ I।  पीरा।  जगत निरंतर हनुमत बीरा।। २७।। नास रोग हदै सव अति चातुर। राम काज करि बेको आतुर।।१।।  संकट तें हनुमान छुड़ावै| मन क्रम बचन ध्यान जो लावैं ।।२८ Il িখ্াণান गनी  तपस्वी राजा। तिनके काज सकल तुम साजा।।२१।। प्रभु चरित्र सुनिवें को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।।१०।] মল সয যাস और मनोरथ जो कोई लावै। सोई अमित जीवन फल पार्वै।।३०।।  सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रुप धरि लंक जराचा।।१९।।  चारों जुग पानाप भैया। हास न होय कहत श्रुति देया।l३१।।  T87' भीम रुप धरि असुर संहारे। रामचंद्र के काज संचारे।।१२१।  जनम -जनम कै दुख बिसरावैं ।।३२११  भजन राम को पावे । तुम्हाने  लाय सजीवन लखन जियाए। श्रीरघुवीर हरषि उर लाए।।२३।।  अंत काल रघुबर पुर जाई। जहा जन्म हरिभका कहाई।l३३।। ओर देवता चित्त न धरई। हनुमत सेई सर्व सुख करई।।३४।। किन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।१४।।  মরেপনি संकट कटे मिटे सब पीरा। जो सुमिरे हनुमत बलबीरा।।३५ ll जस गार्वैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।२५।। T81' सहस बदन कुपा करहु गुरु देव की नांई।।३६।। जय जय जय हनुमान गौसाई। जो शत बार पाठ कर कोई। छुटहि बंदि महा सुख होईII३७ ।l  जो यह पदे हिनुमान चालीसा| होय सिद्धि साखी गोरीसा।१३८  जय हनुमान ज्ञान गुण सागर तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हदय महों डेरा।।३९।१  जय कपीस निहे लोक उजागर যাস লনগনলন নল খাসা 3sF '7' এবনমুন নাসা और जीवन में सुख समृद्धि आए ।l बजरंगबली की कृपा से आपके सभी संकट 6, @JaiminiSutrabyAshokMaurya २६ मई चौथा बड़ा मंगलवार हनुमान जी विशेष कृपा प्राप्ति के उपाय सुबह स्नान कर हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। हनुमान चालीसा का ११, २१ या १०८ बार पाठ करें | हनुमान जी को गुड़-चना  और बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं । मंगलवार व्रत रखें और থাম ক্রী ত্রীণক সলাৎ किसी जरुरतमंद को भोजन या लाल वस्त्र का दान करें । हनुमान जी की कृपा से जीवन के जयःशी रास सभी कष्ट होंगे दूर ' हनुमान चालीसा श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि।  सनकादिक नारद सारद सहित अहीसा।।१६।। সুনীমা[  লমারি यम कवेर दिगपाल र्जोंते। कवि कोविद कहि सके कहों ते।।१७।| बरनऊँ रघुवर यिमल जसु॰ जो दायकु फल चारि।।१।।  तुम उपकार सुप्रीवहिं कीढा। राम मिलाय राजपद दीन्हा।।२८ ।। बुद्विहीन तनु जानिके , सुमि्रों पवन कुमार।  मन्न विभीषण माना। लंकेश्वर भए सव जग जाना।।२९।। নদ্চযী  बुधि चिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।२।।  बल  युग सहस्त्न योजन पर भानु। लील्यो ताही मधुर फल जञानु।। २०l| जय हनुमान ज्ञान गुण सागर। जय कपीस ति्हें लोक उजागरII३।।  प्रभु मुदिका मेलि मुख माहीं। जलधि लॉंघि गए अचरज नाहीं।।२१।।  সঁসনি-পুন্  दुर्गम काज = राम दूत अनुलित बल धामा | পবনমুন নাসাIIধI]  जगत के जिते। सुगम अनुग्रह तिम्हरे तिते।।२२१। पैसारे ।।२३।।  राम दआरे तुम रखवारे | होत সাতা নিনু विकम बजरंगी | निचार ా TfTII4I1 कुमति सुमति  महावीर सव सुख लहे सरना | तुम रक्षक काहु को डरना।।२४।। Tu1 कचन वरन चिराज सुबेसा| कानन कुडल कुंचित केसा।।६।।  आपन तेज सम्हारो आपै। तीनों लोक हाक तें कोर्पै।। २५।। हाथ बज्न औ ध्वजा बिराजै। कोंधे मूँज जनेऊ साजैंIl७ll भूत पिशाच निकट नहि आवै।  सुनावै I१२९ म।। महावीर  সন্ নাস शंकर सुवन केसरीनंदन। तेज प्रताप महा जग बंदन।।८ I।  पीरा।  जगत निरंतर हनुमत बीरा।। २७।। नास रोग हदै सव अति चातुर। राम काज करि बेको आतुर।।१।।  संकट तें हनुमान छुड़ावै| मन क्रम बचन ध्यान जो लावैं ।।२८ Il িখ্াণান गनी  तपस्वी राजा। तिनके काज सकल तुम साजा।।२१।। प्रभु चरित्र सुनिवें को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया।।१०।] মল সয যাস और मनोरथ जो कोई लावै। सोई अमित जीवन फल पार्वै।।३०।।  सूक्ष्म रुप धरि सियहिं दिखावा। बिकट रुप धरि लंक जराचा।।१९।।  चारों जुग पानाप भैया। हास न होय कहत श्रुति देया।l३१।।  T87' भीम रुप धरि असुर संहारे। रामचंद्र के काज संचारे।।१२१।  जनम -जनम कै दुख बिसरावैं ।।३२११  भजन राम को पावे । तुम्हाने  लाय सजीवन लखन जियाए। श्रीरघुवीर हरषि उर लाए।।२३।।  अंत काल रघुबर पुर जाई। जहा जन्म हरिभका कहाई।l३३।। ओर देवता चित्त न धरई। हनुमत सेई सर्व सुख करई।।३४।। किन्ही बहुत बड़ाई। तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।१४।।  মরেপনি संकट कटे मिटे सब पीरा। जो सुमिरे हनुमत बलबीरा।।३५ ll जस गार्वैं। अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।२५।। T81' सहस बदन कुपा करहु गुरु देव की नांई।।३६।। जय जय जय हनुमान गौसाई। जो शत बार पाठ कर कोई। छुटहि बंदि महा सुख होईII३७ ।l  जो यह पदे हिनुमान चालीसा| होय सिद्धि साखी गोरीसा।१३८  जय हनुमान ज्ञान गुण सागर तुलसीदास सदा हरि चेरा। कीजै नाथ हदय महों डेरा।।३९।१  जय कपीस निहे लोक उजागर যাস লনগনলন নল খাসা 3sF '7' এবনমুন নাসা और जीवन में सुख समृद्धि आए ।l बजरंगबली की कृपा से आपके सभी संकट 6, @JaiminiSutrabyAshokMaurya - ShareChat
#🙏 जय माँ दुर्गा 🙏 #🙏 देवी दर्शन🌸
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