sonu singh
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जिंदगी ना मिलेगी दोबारा।🌅 ॐ नमः शिवाय!!🙏🙏
#🪔शुभ शनिवार🙏 #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #जय श्री राम #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
🪔शुभ शनिवार🙏 - श्री रामचरितमानस की शुभ फलदायक "सम्पुट चौपाइयाँ" FIIe रमायण १. मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहु सु दसरथ अजिर बिहारी | पवनसुत पावन नामु, अपने बस करि राखै रामु | R २ सुर नर मुनि सब होही  देवि पूज्य पद कमल सुखारे।  तुम्हारे 3 সিপ্ুনন  विश्वनाथ  महिमा विदित मम् नाथ तुम्हारी पुरारी ४ 4 जान्हउ अन्तर्यामी, पुरवहु मोर मनोरथ स्वामी सो तुम्ह  ৬ ६. सखा सोच त्यागहु बल मोरे, सब बिधि घटब काज मैं तोरे सुधारिहि सो सब भाँती, जासु कृपा नहीं कृपा अघाती  ৩: সীয ८. दीन दयाल बिरिदु समभारी, हरहु नाथ मम् संकट भारी ९. प्रभु की कृपा भयवु सब काजू जन्म हमार सुफल भा आजू | बढवु अनुग्रह तोरे। सीताराम चरन रति मोरे अनुदिन १० ११. सिया राम मैं सब जग जानी, करहु प्रनाम जोरि जुग पाणी १२. मोरे हित हरि सम नहीं कोउ यहि अवसर सहाय सोई होउ | १३. महवीर बिनवउँ हनुमाना, राम जासु जस आप बखाना  जेहि बिधि प्रभु प्रसन्न मन होई. करुणा सागर कीजै सोई | १४ १५. राम कृपा नासहि सब रोगा, जो एहि भाँति बनै संयोगा | १६. होय विवेक मोह भ्रम भागा, तव रघनाथ चरन अनरागा | श्री रामचरितमानस की शुभ फलदायक "सम्पुट चौपाइयाँ" FIIe रमायण १. मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहु सु दसरथ अजिर बिहारी | पवनसुत पावन नामु, अपने बस करि राखै रामु | R २ सुर नर मुनि सब होही  देवि पूज्य पद कमल सुखारे।  तुम्हारे 3 সিপ্ুনন  विश्वनाथ  महिमा विदित मम् नाथ तुम्हारी पुरारी ४ 4 जान्हउ अन्तर्यामी, पुरवहु मोर मनोरथ स्वामी सो तुम्ह  ৬ ६. सखा सोच त्यागहु बल मोरे, सब बिधि घटब काज मैं तोरे सुधारिहि सो सब भाँती, जासु कृपा नहीं कृपा अघाती  ৩: সীয ८. दीन दयाल बिरिदु समभारी, हरहु नाथ मम् संकट भारी ९. प्रभु की कृपा भयवु सब काजू जन्म हमार सुफल भा आजू | बढवु अनुग्रह तोरे। सीताराम चरन रति मोरे अनुदिन १० ११. सिया राम मैं सब जग जानी, करहु प्रनाम जोरि जुग पाणी १२. मोरे हित हरि सम नहीं कोउ यहि अवसर सहाय सोई होउ | १३. महवीर बिनवउँ हनुमाना, राम जासु जस आप बखाना  जेहि बिधि प्रभु प्रसन्न मन होई. करुणा सागर कीजै सोई | १४ १५. राम कृपा नासहि सब रोगा, जो एहि भाँति बनै संयोगा | १६. होय विवेक मोह भ्रम भागा, तव रघनाथ चरन अनरागा | - ShareChat
#🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🪔शुभ शनिवार🙏 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️ रोमांटिक फोटो
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#🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #जय श्री राम
🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 - सुष्रभातम 9(/@@0 श्रीरम शरण भम४ अतनुलितबलधार्म हेमशेलाभदेह दनुजवनकृशार्नु ज्ञानिनामग्रगण्यम् 1 सकलगुणनिधान वानराणामधीश ख््रुपतिप्रियभक्त वातजा्त नमामि ` भावार्थ : -अत्ुल बल के धाम | सौने कै पर्वत ( सुमेरु ] के समान कान्तियुक्त शरीर वाले दैत्य रूपी वन लिए ०की र््वसकरने ) के अग्नि रूप ज्ञानिर्यों र्में अग्रगण्य र्सपूर्ण गरुर्णो के निधान , वानर्रों के स्वामी , श्री रघुनाथजी के प्रिय भक्त पवनपुत्र श्री हनुमान्जी की मैं प्रणाम करता हूँ 0 dlegt श्री हिनुमान जी की कुपा सै आपका दिन शुभ एव ्मगलमय हरो। सुष्रभातम 9(/@@0 श्रीरम शरण भम४ अतनुलितबलधार्म हेमशेलाभदेह दनुजवनकृशार्नु ज्ञानिनामग्रगण्यम् 1 सकलगुणनिधान वानराणामधीश ख््रुपतिप्रियभक्त वातजा्त नमामि ` भावार्थ : -अत्ुल बल के धाम | सौने कै पर्वत ( सुमेरु ] के समान कान्तियुक्त शरीर वाले दैत्य रूपी वन लिए ०की र््वसकरने ) के अग्नि रूप ज्ञानिर्यों र्में अग्रगण्य र्सपूर्ण गरुर्णो के निधान , वानर्रों के स्वामी , श्री रघुनाथजी के प्रिय भक्त पवनपुत्र श्री हनुमान्जी की मैं प्रणाम करता हूँ 0 dlegt श्री हिनुमान जी की कुपा सै आपका दिन शुभ एव ्मगलमय हरो। - ShareChat
#🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🪔शुभ शनिवार🙏 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏
🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 - श्री राम शरणम प्रपद्ये बिपति प्रभु सोई 0 हनुमंत कह सुमिरन भजन न होई 0 जब तव हे प्रभु! विपत्ति तो वही ( तभी ) है स्मरण नहो। जब आपका भजन ~  हे प्रभु आपके नाम स्मरण मात्र से ही सभी का अंत हो जाता है। दुःखों ?07/. श्री राम जय राम जय जय राम श्री राम शरणम प्रपद्ये बिपति प्रभु सोई 0 हनुमंत कह सुमिरन भजन न होई 0 जब तव हे प्रभु! विपत्ति तो वही ( तभी ) है स्मरण नहो। जब आपका भजन ~  हे प्रभु आपके नाम स्मरण मात्र से ही सभी का अंत हो जाता है। दुःखों ?07/. श्री राम जय राम जय जय राम - ShareChat
#🪔शुभ शनिवार🙏 #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🙏जय महाकाल📿 #🙏कर्म क्या है❓
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#🙏जय महाकाल📿 #🪔शुभ शनिवार🙏 #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🙏कर्म क्या है❓
🙏जय महाकाल📿 - शस सोइ सच्चिदानंद घन रामा। अज बिग्यान रूप बल धामा Il ब्यापक ब्याप्य अखंड अनंता | अकिल अमोघसक्ति भगवंता Il भावार्थः श्री रामजी वही सच्चिदानंदघन हैं जो अजन्मे, विज्ञानस्वरूप, रूप और बल के धाम , सर्वव्यापक एवं व्याप्य (सर्वरूप), अखंड, अनंत, संपूर्ण, अमोघशक्ति (जिसकी शक्ति कभी व्यर्थ नहीं होती) और छह ऐश्वर्यों Ueer से युक्त भगवान् हैं Il ٤١٩ ٤٩٤٨ श्री राम जी कृष और आशीर्वाद सैदैच आष सभी पर बना रहे। शस सोइ सच्चिदानंद घन रामा। अज बिग्यान रूप बल धामा Il ब्यापक ब्याप्य अखंड अनंता | अकिल अमोघसक्ति भगवंता Il भावार्थः श्री रामजी वही सच्चिदानंदघन हैं जो अजन्मे, विज्ञानस्वरूप, रूप और बल के धाम , सर्वव्यापक एवं व्याप्य (सर्वरूप), अखंड, अनंत, संपूर्ण, अमोघशक्ति (जिसकी शक्ति कभी व्यर्थ नहीं होती) और छह ऐश्वर्यों Ueer से युक्त भगवान् हैं Il ٤١٩ ٤٩٤٨ श्री राम जी कृष और आशीर्वाद सैदैच आष सभी पर बना रहे। - ShareChat
#जय श्री राम #🪔शुभ शनिवार🙏 #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
जय श्री राम - ।। श्री राम शरणम् प्रपद्ये ।। बिपति प्रभु सोई | हनुमंत 6 सुमिरन भजन न होई ।। जब तव रघुराई | सो सब तव प्रताप नाथ न कछू मोरि प्रभुताई II ता कहुँ प्रभु कछु अगम नहिं जा पर तुम्ह अनुकूल | तव प्रभाव बड़वानलहि जारि सकइ खलु तूल II विपत्तितोचही तभी है जब గెగా स्मरण नहो।यह सब आपका भजन तो हे श्री रघुनाथजी आपही काप्रताप है ।हे नाथ ! इसर्मैं भैरी प्रभुता बड़ाई 0 कुछ भी नहीं है | हे प्रभु ! जिस पर आप लिए कुछभी कठिन प्रसन्न हों, उसके नहींहै। आपकै प्रभावसै रूई 0 नीस्चर्य बहुत जल्दी जल जाने चाली वस्तुहै॰  बड़वानल को निश्चय ही जला सकती है 0 अर्थात् असंभव भी संभव हो सकता है श्री रम जय राम जय जय राम! सियाराम जय जय सियाराम।। जय ।। श्री राम शरणम् प्रपद्ये ।। बिपति प्रभु सोई | हनुमंत 6 सुमिरन भजन न होई ।। जब तव रघुराई | सो सब तव प्रताप नाथ न कछू मोरि प्रभुताई II ता कहुँ प्रभु कछु अगम नहिं जा पर तुम्ह अनुकूल | तव प्रभाव बड़वानलहि जारि सकइ खलु तूल II विपत्तितोचही तभी है जब గెగా स्मरण नहो।यह सब आपका भजन तो हे श्री रघुनाथजी आपही काप्रताप है ।हे नाथ ! इसर्मैं भैरी प्रभुता बड़ाई 0 कुछ भी नहीं है | हे प्रभु ! जिस पर आप लिए कुछभी कठिन प्रसन्न हों, उसके नहींहै। आपकै प्रभावसै रूई 0 नीस्चर्य बहुत जल्दी जल जाने चाली वस्तुहै॰  बड़वानल को निश्चय ही जला सकती है 0 अर्थात् असंभव भी संभव हो सकता है श्री रम जय राम जय जय राम! सियाराम जय जय सियाराम।। जय - ShareChat
#💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
💕 प्यार भरी शुभकामनाएं - जियश्री राम 222 श्री राम जय राम जय जिय राम श्री राम जय राम जय जय राम Rig श्री रघ्ुबीर प्रताप ते तरे पाषान। ते मतिमंद जे राम तजि भजहिं जाइ प्रभु आन।। तुलसीदास जी कहते है की जिन रघ्ुवीर के प्रताप से पत्थर भी समुद्र पर तेर गए। श्री ऐसे श्री रामजी को छोड़कर जो किसी स्वामी को टूसरे जाकर भजते हैं वे ( निश्चय ही ) मंदबुद्धि हें Il जियश्री राम 222 श्री राम जय राम जय जिय राम श्री राम जय राम जय जय राम Rig श्री रघ्ुबीर प्रताप ते तरे पाषान। ते मतिमंद जे राम तजि भजहिं जाइ प्रभु आन।। तुलसीदास जी कहते है की जिन रघ्ुवीर के प्रताप से पत्थर भी समुद्र पर तेर गए। श्री ऐसे श्री रामजी को छोड़कर जो किसी स्वामी को टूसरे जाकर भजते हैं वे ( निश्चय ही ) मंदबुद्धि हें Il - ShareChat
#🪔शुभ शनिवार🙏 #🙏जय महाकाल📿 #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🙏🙏 जय शनिदेव 🙏🙏
🪔शुभ शनिवार🙏 - ed&z: %R I glee dlguu नहिं सतर्संग जोग जिप जागा ` नहिं दृढ़ चरन कमल अनुरागा ` एक बानि करुनानिधान की ] सो प्रिय जाके गति न आनकी `l भषावार्थः घेनेवती सर्त्संग 6f38 योग नप अथवायजञ ओरन प्रश्नु कै चरणकमर्ली रमैं यैरा दृढ अननुरग ही हे 0 हा , दया कै र्डार प्रश्नुकी एकबान हि किजिसै किसी का खहाला द्हीं है , वह च्व्ह प्रिय होता हरि। ee@n డ श्री राम जिय राम जिय जिय राम श्री राम जिय राम जिय जिय राम ed&z: %R I glee dlguu नहिं सतर्संग जोग जिप जागा ` नहिं दृढ़ चरन कमल अनुरागा ` एक बानि करुनानिधान की ] सो प्रिय जाके गति न आनकी `l भषावार्थः घेनेवती सर्त्संग 6f38 योग नप अथवायजञ ओरन प्रश्नु कै चरणकमर्ली रमैं यैरा दृढ अननुरग ही हे 0 हा , दया कै र्डार प्रश्नुकी एकबान हि किजिसै किसी का खहाला द्हीं है , वह च्व्ह प्रिय होता हरि। ee@n డ श्री राम जिय राम जिय जिय राम श्री राम जिय राम जिय जिय राम - ShareChat
#🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🙏जय महाकाल📿 #🪔शुभ शनिवार🙏
🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 - जियश्री राम जिय हनुमान ee glouu सकल कामना हीन जे राम भगति र्स लीन। किए नाम सुप्रेम पियुश हृद तिन्हर्हु मनमीना। कामनाओं से रहित हैं और श्री रामजी के भक्तिरस में डूबे हुए हैं, उन जा समस्त महात्माओं ने भी राम नाम के सुंदर प्रेमरूपी अमृत सरोवर में अपने मन को मछली बना रक्खा है (अर्थात् राम नाम रूपी अमृत के आनंद को वे क्षण भर के लिए भी त्यागने पर मछली की भांति व्याकुल हो जाते है)| जियश्री राम जिय हनुमान ee glouu सकल कामना हीन जे राम भगति र्स लीन। किए नाम सुप्रेम पियुश हृद तिन्हर्हु मनमीना। कामनाओं से रहित हैं और श्री रामजी के भक्तिरस में डूबे हुए हैं, उन जा समस्त महात्माओं ने भी राम नाम के सुंदर प्रेमरूपी अमृत सरोवर में अपने मन को मछली बना रक्खा है (अर्थात् राम नाम रूपी अमृत के आनंद को वे क्षण भर के लिए भी त्यागने पर मछली की भांति व्याकुल हो जाते है)| - ShareChat