sonu singh
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जिंदगी ना मिलेगी दोबारा।🌅 ॐ नमः शिवाय!!🙏🙏
#🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🌷शुभ सोमवार #🌹🌹 शु भ का म ना सं दे श🌹🌹 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 - जया विषहरा सामलीवारी दोतली देव 33 कोटि भौलेनाथ टैवता गणेश अशोक गौरा मैया 64 শ্রশীনিতা  কানিষ্টিত্র তী जया विषहरा सामलीवारी दोतली देव 33 कोटि भौलेनाथ टैवता गणेश अशोक गौरा मैया 64 শ্রশীনিতা  কানিষ্টিত্র তী - ShareChat
#🙏जय महाकाल📿 #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #🌷शुभ सोमवार #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
🙏जय महाकाल📿 - ASTRO REMEDIES धतूरा W٥RL٥ 10502951|868 ( जहरीले स्वभाव  कात्याग बेलपत्र स्थापना पालन विनाश के कर्तव्य का यादगार  बेर [ ন২সান কা त्याग ) भांग ( ईश्वरीय संतान  कात्याग अक का फूल दूभ कमी कमजोरी का त्याग ) अहकार का त्याग ) ASTRO REMEDIES धतूरा W٥RL٥ 10502951|868 ( जहरीले स्वभाव  कात्याग बेलपत्र स्थापना पालन विनाश के कर्तव्य का यादगार  बेर [ ন২সান কা त्याग ) भांग ( ईश्वरीय संतान  कात्याग अक का फूल दूभ कमी कमजोरी का त्याग ) अहकार का त्याग ) - ShareChat
#🙏जय महाकाल📿 #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #🌷शुभ सोमवार #🌹🌹 शु भ का म ना सं दे श🌹🌹 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं
🙏जय महाकाल📿 - 3 f2|414 =#: चमत्कारी शिव मंत्र॰.. ऊँ सर्वात्मने नमः ऊँ त्रिनेत्राय नमः ऊँ हराय नमः ऊँ इन्द्रमुखाय नमः ऊँ श्रीकंठाय नमः ऊँ वामदेवाय नमः ऊँ तत्पुरुषाय नमः ऊँ ईशानाय नमः ऊँ अनंतधर्माय नमः 32 ऊँ ज्ञानभूताय नमः ऊँ अनंतवैराग्यसिंघाय नमः नम ऊँ प्रधानाय नमः |9|79 ऊँ व्योमात्मने नमः ऊँ युक्तकेशात्मरूपाय नमः 3 f2|414 =#: चमत्कारी शिव मंत्र॰.. ऊँ सर्वात्मने नमः ऊँ त्रिनेत्राय नमः ऊँ हराय नमः ऊँ इन्द्रमुखाय नमः ऊँ श्रीकंठाय नमः ऊँ वामदेवाय नमः ऊँ तत्पुरुषाय नमः ऊँ ईशानाय नमः ऊँ अनंतधर्माय नमः 32 ऊँ ज्ञानभूताय नमः ऊँ अनंतवैराग्यसिंघाय नमः नम ऊँ प्रधानाय नमः |9|79 ऊँ व्योमात्मने नमः ऊँ युक्तकेशात्मरूपाय नमः - ShareChat
#💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #🌷शुभ सोमवार #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌹🌹 शु भ का म ना सं दे श🌹🌹 #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹
💕 प्यार भरी शुभकामनाएं - महामृत्युजय मत्र I ऊँ हौं जूं सः ऊँ भूर्भुवः स्वः ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्, ತ್ಯಣ 35 ! ३ँ स्वः भुवः भूः 3 : wtuiun lue महामृत्युजयमत्र का पुरश्चरण SIIsuமus सवा लाख है और लघुमृत्युंजयमंत्र की ११ लाख है। SS इस मंत्र का जप रुद्राक्ष की 70 u, माला पर सोमवार से शुरूकिया जाता है sut lirs महामृत्युजय मत्र I ऊँ हौं जूं सः ऊँ भूर्भुवः स्वः ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्, ತ್ಯಣ 35 ! ३ँ स्वः भुवः भूः 3 : wtuiun lue महामृत्युजयमत्र का पुरश्चरण SIIsuமus सवा लाख है और लघुमृत्युंजयमंत्र की ११ लाख है। SS इस मंत्र का जप रुद्राक्ष की 70 u, माला पर सोमवार से शुरूकिया जाता है sut lirs - ShareChat
#🌷शुभ सोमवार #🌹🌹 शु भ का म ना सं दे श🌹🌹 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹
🌷शुभ सोमवार - Matha Lluuu कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि। | যনা নযল जो कर्पूर जैसे गौर वर्ण वाले हैं, करुणा के अवतार हैं, संसार के सार हैं और का हार धारण करते हैं, वे भगवान शिव माता भवानी सहित भुजंगों : मेरे ह्रदय में सदैव निवास करें और उन्हें मेरा नमन है। शास्त्रोंक्त ऐसी मान्यता है की इस मंत्र के उच्चारण के बिना पूजा पाठ के आयोजन अधुरे ही माने जाते हैं | इसलिए पूजा के बाद होने वाली आरती में इस के समपन्न होते ही इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। शास्त्रों ' मंत्र को भगवान शिव जी का अति प्रिय मंत्र बताया गया है। भगवान शिव fqu]' की ये स्तुति शिव-पार्वती विवाह के समय जी द्वारा की गई थी | Matha Lluuu कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि। | যনা নযল जो कर्पूर जैसे गौर वर्ण वाले हैं, करुणा के अवतार हैं, संसार के सार हैं और का हार धारण करते हैं, वे भगवान शिव माता भवानी सहित भुजंगों : मेरे ह्रदय में सदैव निवास करें और उन्हें मेरा नमन है। शास्त्रोंक्त ऐसी मान्यता है की इस मंत्र के उच्चारण के बिना पूजा पाठ के आयोजन अधुरे ही माने जाते हैं | इसलिए पूजा के बाद होने वाली आरती में इस के समपन्न होते ही इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए। शास्त्रों ' मंत्र को भगवान शिव जी का अति प्रिय मंत्र बताया गया है। भगवान शिव fqu]' की ये स्तुति शिव-पार्वती विवाह के समय जी द्वारा की गई थी | - ShareChat
#🌷शुभ सोमवार #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌹🌹 शु भ का म ना सं दे श🌹🌹
🌷शुभ सोमवार - पार्वतीजी सदा ही विष्णुसहस्रनामका पोठ करके भोजन किया करती। एक दिन भगवान शंकर बोले-'पार्वती! आओ भोजन करें।' तब पार्वतीजी बोली- 'मेरा अभी सहस्रनामका पाठ बाकी है।' तब भगवान शंकर बोले- राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं राम नाम वराननेII कहनेसे पूर्णता हो जाती राम, राम , राम- ऐसे तीन बार है। ऐसा जो 'राम' नाम है॰ हे वरानने! मैं सहस्र- नामके तुल्य इस 'राम' नाममें ही रमण कर रहा हूँ। पार्वतीजी सदा ही विष्णुसहस्रनामका पोठ करके भोजन किया करती। एक दिन भगवान शंकर बोले-'पार्वती! आओ भोजन करें।' तब पार्वतीजी बोली- 'मेरा अभी सहस्रनामका पाठ बाकी है।' तब भगवान शंकर बोले- राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं राम नाम वराननेII कहनेसे पूर्णता हो जाती राम, राम , राम- ऐसे तीन बार है। ऐसा जो 'राम' नाम है॰ हे वरानने! मैं सहस्र- नामके तुल्य इस 'राम' नाममें ही रमण कर रहा हूँ। - ShareChat
#🌷शुभ सोमवार #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🙏जय महाकाल📿 #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं
🌷शुभ सोमवार - मंदिर जाते समय किन बातों का चाहिए ध्यान रखना १. यदि कोई दंडवत प्रणाम कर रहा हो तो उसके आगे से ना निकले। मंदिर में मूर्ति के ठीक सामने खड़े ना हो। 2 ३. परिक्रमा हमेशा बाएं से दाएं तरफ करें | मंदिर में मोजे पहन कर ना जाए । 4. ५. कभी मंदिर से आकर पैर नहीं धोने चाहिए। चप्पल ऐसे उतारे की कोई उसे लांघ ना सके । ६. मंदिर के बाहर छूकर ही अंदर प्रवेश करें | ७. मंदिर की चौखट को ८. घंटा बजाकर उसके नीचे कुछ पल खड़े रहे। मंदिर जाते समय किन बातों का चाहिए ध्यान रखना १. यदि कोई दंडवत प्रणाम कर रहा हो तो उसके आगे से ना निकले। मंदिर में मूर्ति के ठीक सामने खड़े ना हो। 2 ३. परिक्रमा हमेशा बाएं से दाएं तरफ करें | मंदिर में मोजे पहन कर ना जाए । 4. ५. कभी मंदिर से आकर पैर नहीं धोने चाहिए। चप्पल ऐसे उतारे की कोई उसे लांघ ना सके । ६. मंदिर के बाहर छूकर ही अंदर प्रवेश करें | ७. मंदिर की चौखट को ८. घंटा बजाकर उसके नीचे कुछ पल खड़े रहे। - ShareChat
#🙏शिव पार्वती #🙏जय महाकाल📿 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #💕 प्यार भरी शुभकामनाएं
🙏शिव पार्वती - आव््था सोमवार हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार सोमवार का दिन बेहद खास माना जाता है॰ क्योंकि यह दिन भगवान शिव को समर्पित है। सोम का अर्थ होता है सौम्य और शिव अपने रुद्र रूप के साथ अपने सौम्य रूप के लिए भी विख्यात हैं। कहा जाता है कि सोम में ऊँ है और शिव ओंकार हैं। की मानें तो सोम का अर्थ चंद्रमा है और सोमवार यानि चन्द्र पुराणों  इसी दिन चन्द्र ने निरोगी काया भगवान शिवजी की ೯ M aRl आराधना की। हर सोमवार शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से और भगवान शिव की आराधना करने से भगवान शिव के साथ सोमदेव यानी चंद्रमा भी प्रसन्न होते हैं और अपनी आसीन कृपा बरसाते हैं। आव््था सोमवार हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार सोमवार का दिन बेहद खास माना जाता है॰ क्योंकि यह दिन भगवान शिव को समर्पित है। सोम का अर्थ होता है सौम्य और शिव अपने रुद्र रूप के साथ अपने सौम्य रूप के लिए भी विख्यात हैं। कहा जाता है कि सोम में ऊँ है और शिव ओंकार हैं। की मानें तो सोम का अर्थ चंद्रमा है और सोमवार यानि चन्द्र पुराणों  इसी दिन चन्द्र ने निरोगी काया भगवान शिवजी की ೯ M aRl आराधना की। हर सोमवार शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से और भगवान शिव की आराधना करने से भगवान शिव के साथ सोमदेव यानी चंद्रमा भी प्रसन्न होते हैं और अपनी आसीन कृपा बरसाते हैं। - ShareChat
#🙏शिव पार्वती #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🙏जय महाकाल📿 #🌹🌹 शु भ का म ना सं दे श🌹🌹 #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹
🙏शिव पार्वती - Bhakti सरवर TM 9 आक्त सरगर 00 वास्तु शास्त्र यदि परिवार में क्लेश बना रहता हो और घर के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम की कमी हो तो ऐसी दशा में घर में शिव परिवार का चित्र लगाना शुभ होता है। जिस तस्वीर में भगवान शिव, मां पार्वती, पुत्र गणेश और कार्तिकेय के साथ विराजमान हों ऐसी तस्वीर घर में लगाने से घर में क्लेश नहीं होता है, और घर के बच्चे आज्ञाकारी होते हैं। भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत उत्तर दिशा में है, इस कारण शिवजी की मूर्ति या फोटो घर की उत्तर दिशा में लगाना ही श्रेष्ठ रहता है। Bhakti सरवर TM 9 आक्त सरगर 00 वास्तु शास्त्र यदि परिवार में क्लेश बना रहता हो और घर के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम की कमी हो तो ऐसी दशा में घर में शिव परिवार का चित्र लगाना शुभ होता है। जिस तस्वीर में भगवान शिव, मां पार्वती, पुत्र गणेश और कार्तिकेय के साथ विराजमान हों ऐसी तस्वीर घर में लगाने से घर में क्लेश नहीं होता है, और घर के बच्चे आज्ञाकारी होते हैं। भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत उत्तर दिशा में है, इस कारण शिवजी की मूर्ति या फोटो घर की उत्तर दिशा में लगाना ही श्रेष्ठ रहता है। - ShareChat
#🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🌹🌹 शु भ का म ना सं दे श🌹🌹 #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं #🌹🌹शुभप्रभात 🌹🌹 #🙏जय महाकाल📿
🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 - Katha A शिव पूजा भगवान शिव की पूजा में शंख का इस्तेमाल वर्जित माना जाता है। दरअसल भगवान शिव ने शंखचूड़ नाम विष्णु ` के असुर का वध किया था, जो भगवान d1 भक्त था शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है। भगवान की पूजा शंख से होती है विष्णु ' srfa शिवजी की नहीं। Katha A शिव पूजा भगवान शिव की पूजा में शंख का इस्तेमाल वर्जित माना जाता है। दरअसल भगवान शिव ने शंखचूड़ नाम विष्णु ` के असुर का वध किया था, जो भगवान d1 भक्त था शंख को उसी असुर का प्रतीक माना जाता है। भगवान की पूजा शंख से होती है विष्णु ' srfa शिवजी की नहीं। - ShareChat