राम नाम गुन चरित सुहाए।जनम करम अगनित श्रुति गाए। जथा अनंत राम भगवाना।तथा कथा कीरति गुन नाना।। भावार्थ:- वेदोंने श्रीरामचन्द्रजीके सुन्दर नाम,गुण, चरित्र,जन्म और कर्म सभी अनगिनत कहे है।जिस प्रकार भगवान् श्रीरामचन्द्रजी अनन्त हैं,उसी तरह उनकी कथा, कीर्ति और गुण भी अनन्त है।।२।। 🙏🌟🌠💫🌈🎉👏 #🙏🏻सीता राम
आज शाम प्रभु श्रीरामलला के दिव्य दर्शन से अपने जीवन को पवित्र करने का अवसर प्राप्त कीजिए। प्रभु श्रीरामललाजी की जय 🙏🌟😊👏💫 #🎶जय श्री राम🚩
प्रातः काल के प्रभु श्रीरामललाजी के अलौकिक दिव्य दर्शन। निकाम श्याम सुंदरं।भवांबुनाथ मंदरं। प्रफुल्ल कंज लोचनं।मदादि दोष मोचनं।। भावार्थ:- आप नितान्त सुंदर श्याम, संसार (आवागमन)रुपी समुद्रको मथने के लिए मन्दराचलरुप,फूले हुए कमलके समान नेत्रोंवाले और मद आदि दोषोंसे छुड़ाने वाले हैं।।२।। 🙏🌊💫🌹😊 #🎶जय श्री राम🚩
बिनु सतसंग न हरिकथा, तेहि बिनु मोह न भाग। मोह गएँ बिनु रामपद, होइ न दृढ़ अनुराग॥ सत्संग के बिना भगवान की लीला-कथाएँ सुनने को नहीं मिलती, भगवान की रहस्यमयी कथाओं के सुने बिना मोह नहीं भागता और मोह का नाश हुए बिना भगवान् श्री राम के चरणों मे अचल प्रेम नहीं होता अर्थात यदि आप ईश्वर से सच्चा प्रेम करना चाहते हैं, तो उसकी शुरुआत अच्छे विचारों और सत्संग से ही संभव है। सादर जय सियाराम 🙏💫🌟🌠🌟💫🕉️🙏😊 #🎶जय श्री राम🚩
भगवान श्रीराम की जय हो, सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा बनें 🌟💫🌸🙏। उमा राम गुन गूढ़ पंडित मुनि पावहिं बिरति। पावहिं मोह बिमूढ़ जे हरि बिमुख न धर्म रति।। भावार्थ:- हे पार्वती! श्रीरामजी कें गुण गूढ़ हैं, पंडित और मुनि उन्हें समझकर वैराग्य प्राप्त करते हैं। परन्तु जो भगवानसे बिमुख हैं और जिनका धर्ममें प्रेम नहीं है,वे महामूढ़ (उन्हे सुनकर)मोह को प्राप्त होते हैं।। सादर जय सियाराम 🙏😊🙌🌈💖🌹🌺💫⭐ #🙏🏻सीता राम
नमामि भक्त वत्सलं।कृपालु शील कोमलं।भजामि ते पदांबुजं।अकामिनां स्वधामदं।। भावार्थ:- हे भक्तवत्सल! हे कृपालु!हे कोमल स्वभाववाले! मैं आपको नमस्कार करता हूं। निष्काम पुरुषोंको अपना परमधाम देनेवाले आपके चरणकमलोंको मैं भजता हूं।।१।। जय श्रीराम 🙏😊🙌🏼🌼🌺💫 #🎶जय श्री राम🚩
प्रभु श्रीरामलला की अयोध्या धाम में शायं कालीन दिव्य स्वरूप के अलौकिक दर्शन करें, सीताराम का स्मरण सभी कष्टों को दूर कर देता है, सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🙏🌟🌠😊👏💫 #🙏🏻सीता राम
प्रातः काल में प्रभु श्रीरामलला के दिव्य दर्शन कीजिए और सच्चे मन से राम नाम का जाप करते हुए अपने जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाइए। जय श्रीराम 🙏। जाहि न चाहिअ कबहुं कछु तुम्ह सन सहज सनेहु। बसहु निरंतर तासु मन सो राउर निज गेहु।।१३१।। भावार्थ:- जिसको कभी कुछ भी नही चाहिए और जिसका आप से स्वाभाविक प्रेम है, आप उसके मनमें निरन्तर निवास कीजिये;वह आप का अपना घर हैं।।१३१।। जय श्रीराम 🙏😊🌟🌠💫 #🙏🏻सीता राम
प्रभु श्रीरामलला के सायं कालीन दिब्य अलौकिक दर्शन 🪔प्रभु श्री राम का दिव्य स्वरूप हृदय में शांति और भक्ति की अमिट छाप छोड़ता है, जो जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए प्रेरित करता है। हर श्वास में राम नाम, हर धड़कन में श्रद्धा और विश्वास का संचार होता है। राम नाम की महिमा अपरंपार है, जो जीवन में नई ऊर्जा और आस्था का स्रोत बनती है। जो भी इसे अनुभव करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का बीजारोपण होता है। “जय श्री राम” शब्द नहीं, अपितु एक शक्तिशाली विचार है जो जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। जय श्रीराम 🙏😊🙌🏼💫🌹🥰 #🙏🏻सीता राम













