Jagannath Prasad Soni
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#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🌞 Good Morning🌞
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - जीवन के साथ भी जीवन केबाद भी बस एकही नाम H जीवन के साथ भी जीवन केबाद भी बस एकही नाम H - ShareChat
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🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - খন কমান ক साथ-्साथ पुण्य भी कमाइए, क्योंकि इस जन्म में कमाया हुआ धन सिर्फ इसी जन्म में काम आएगा , लेकिन इस जन्म में कमाया हुआ पुण्य अगले कई जन्म जन्मांतर तक काम !! आएगा. খন কমান ক साथ-्साथ पुण्य भी कमाइए, क्योंकि इस जन्म में कमाया हुआ धन सिर्फ इसी जन्म में काम आएगा , लेकिन इस जन्म में कमाया हुआ पुण्य अगले कई जन्म जन्मांतर तक काम !! आएगा. - ShareChat
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🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - प्रकुति कानियमहै पीड़ा तुमस्विर्य जो सह नहीं सकते . वो किसी और को मत दो।ं क्योंकि आज तुम जो दोगे , कल वहीतुम्हारे पास लौटकरओएगा। प्रकुति कानियमहै पीड़ा तुमस्विर्य जो सह नहीं सकते . वो किसी और को मत दो।ं क्योंकि आज तुम जो दोगे , कल वहीतुम्हारे पास लौटकरओएगा। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🌞 Good Morning🌞
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - Naxwawr ईश्वर ने मनुष्य के निर्माण के समय सभी चीजें मनुष्य को दे दी॰ Nisant लेकिन उस समय एक चीज नीचे गिर गई, जिसे भगवान ने पैर के नीचे दबा दिया। मनुष्यों के जाने के बाद लक्ष्मी ने पूछाः भगवान आपने पैर के नीचे क्या छुपाया, = जो आपने इंसानों को नहीं दिया. 2 15671] तबभगवान ने कहा.. 0 मैंने पैरों के नीचे "शांति" छिपाई है, हमेशा तरसता रहेगा fag इंसान इसके 8 वह सभी जगह से नाकाम होगा आखिर में उसे मेरे चरणों में हि प्राप्त होगी॰ = ٨    श्री कृष्ण शरणम् मम Naxwawr ईश्वर ने मनुष्य के निर्माण के समय सभी चीजें मनुष्य को दे दी॰ Nisant लेकिन उस समय एक चीज नीचे गिर गई, जिसे भगवान ने पैर के नीचे दबा दिया। मनुष्यों के जाने के बाद लक्ष्मी ने पूछाः भगवान आपने पैर के नीचे क्या छुपाया, = जो आपने इंसानों को नहीं दिया. 2 15671] तबभगवान ने कहा.. 0 मैंने पैरों के नीचे "शांति" छिपाई है, हमेशा तरसता रहेगा fag इंसान इसके 8 वह सभी जगह से नाकाम होगा आखिर में उसे मेरे चरणों में हि प्राप्त होगी॰ = ٨    श्री कृष्ण शरणम् मम - ShareChat
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🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - निहाल एक परमात्मा को अपना मान लो तो कौन राजी है, कौन नाराज, हो जाओगे, कौन मेरा है, कौन पराया, इसकी परवाह मत करिये वे निन्दा करें या प्रशंसा करें तिरस्कार करें या सत्कार करें, उनकी मर्जी, हमें निन्दा-प्रशंसा , तिरस्कार सत्कार से कोई मतलब नहीं, सब राजी हो जायँ तो हमें क्या मतलब और सब नाराज हो जायँ तो हमें क्या मतलब? केवल परमात्मा मेरे साथ हैं, इससे बढ़कर न यज्ञ है, न तप है, न दान न तीर्थ है, न विद्या है न कोई बढ़िया बात 8, है, इसलिये परमात्मा को अपना मानते हुए हरदम प्रसन्न रहिये, न जीने की इच्छा हो न मरने की इच्छा हो न जाने की इच्छा होे न रहने की इच्छा हो! निहाल एक परमात्मा को अपना मान लो तो कौन राजी है, कौन नाराज, हो जाओगे, कौन मेरा है, कौन पराया, इसकी परवाह मत करिये वे निन्दा करें या प्रशंसा करें तिरस्कार करें या सत्कार करें, उनकी मर्जी, हमें निन्दा-प्रशंसा , तिरस्कार सत्कार से कोई मतलब नहीं, सब राजी हो जायँ तो हमें क्या मतलब और सब नाराज हो जायँ तो हमें क्या मतलब? केवल परमात्मा मेरे साथ हैं, इससे बढ़कर न यज्ञ है, न तप है, न दान न तीर्थ है, न विद्या है न कोई बढ़िया बात 8, है, इसलिये परमात्मा को अपना मानते हुए हरदम प्रसन्न रहिये, न जीने की इच्छा हो न मरने की इच्छा हो न जाने की इच्छा होे न रहने की इच्छा हो! - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🌞 Good Morning🌞
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - जिस समाज में सवाल मर जाते हैं वहाँ इंसान सिर्फ भीड़ बनकर रह जाता है। Rabindranath Tagore ने कहा था ॰मन को इतना स्वतंत्र बनाओ गुलाम न रहे। ' कि सत्य किसी डर का वही है ज्ञान जो इंसान को झुकना नहीं , सोचना सिखाए। Taqoe | &bindianatt जिस समाज में सवाल मर जाते हैं वहाँ इंसान सिर्फ भीड़ बनकर रह जाता है। Rabindranath Tagore ने कहा था ॰मन को इतना स्वतंत्र बनाओ गुलाम न रहे। ' कि सत्य किसी डर का वही है ज्ञान जो इंसान को झुकना नहीं , सोचना सिखाए। Taqoe | &bindianatt - ShareChat
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🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - प्रतिक्रिया और जागरूकता মন কী সানন ট- हर अनुभत पर নুরহন সনিক্কিযা ঐনাI जो अच्छा लगे , उसे पकड़ना; जो बुरा लगे , उसे दूर करना। यही पकड़ और विरोध तृष्णा और द्रेष बनते हैं। विपश्यना सिखाती है- सिर्फ देखो , प्रतिक्रिया मत दो। जब देखना गहरा होता है, নী সনিক্কিযা 8, टूटती 37 ೩೫# स्वतंत्रता शुरू होती है। ~नमो बुद्धाय प्रतिक्रिया और जागरूकता মন কী সানন ট- हर अनुभत पर নুরহন সনিক্কিযা ঐনাI जो अच्छा लगे , उसे पकड़ना; जो बुरा लगे , उसे दूर करना। यही पकड़ और विरोध तृष्णा और द्रेष बनते हैं। विपश्यना सिखाती है- सिर्फ देखो , प्रतिक्रिया मत दो। जब देखना गहरा होता है, নী সনিক্কিযা 8, टूटती 37 ೩೫# स्वतंत्रता शुरू होती है। ~नमो बुद्धाय - ShareChat
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🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - गलती हर इंसान से होती है. पर सुधरता वही है जो खोना नहीं चाहता| जब रिश्ता सच में मायने रखता है॰ तो इंसान अपनी गलती मान लेता है। कभी बिना गलती के भी झुक जाता है. सिर्फ इसलिए कि रिश्ता बचा रहे। वो अपना दर्द भी खुद पर ले लेता है. बस सामने वाला खुश रहे। हर तरफ से चीज़ें संभालने की कोशिश करता है॰ ಕಕ क्योंकि वो ना खोना चाहता ना उस रिश्ते को। और सच मानो. ऐसा इंसान तुम्हें 3R मिल गँया है॰ तो तुम सच में बहुत lucky हो। गलती हर इंसान से होती है. पर सुधरता वही है जो खोना नहीं चाहता| जब रिश्ता सच में मायने रखता है॰ तो इंसान अपनी गलती मान लेता है। कभी बिना गलती के भी झुक जाता है. सिर्फ इसलिए कि रिश्ता बचा रहे। वो अपना दर्द भी खुद पर ले लेता है. बस सामने वाला खुश रहे। हर तरफ से चीज़ें संभालने की कोशिश करता है॰ ಕಕ क्योंकि वो ना खोना चाहता ना उस रिश्ते को। और सच मानो. ऐसा इंसान तुम्हें 3R मिल गँया है॰ तो तुम सच में बहुत lucky हो। - ShareChat
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🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - वो भी क्या दिन थे मम्मी की गोद और पापा के कंधे ना पैसे की सोच और ना ही लाइफ के फंडे, कल की चिंता और T JLuuul [ifey ना ही फ्यूचर के सपने , लेकिन अब कल की है फिक् और अधूरे है सपने , पीछे देखा त मूड के बहुत दूर थे वो अपने, मंजिलो को ढूढंते ढूंढते कहाँ खो गए हम क्या सच में इतने बडे होे गए हम Beautiful life वो भी क्या दिन थे मम्मी की गोद और पापा के कंधे ना पैसे की सोच और ना ही लाइफ के फंडे, कल की चिंता और T JLuuul [ifey ना ही फ्यूचर के सपने , लेकिन अब कल की है फिक् और अधूरे है सपने , पीछे देखा त मूड के बहुत दूर थे वो अपने, मंजिलो को ढूढंते ढूंढते कहाँ खो गए हम क्या सच में इतने बडे होे गए हम Beautiful life - ShareChat
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🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - इस देश में कोई युवक नहीं जानता कि उसका आख़िर होगा क्या ? वह यह भी जानता है से कुछ होता नहीं है। बी. ए. करने जब तक फेल होता जाता है, विद्यार्थी कहलाता है, जब पास हो जाएगा तब बेकार कहलाएगा। हरिशंकर परसाई - लोक पंक्तियाँ इस देश में कोई युवक नहीं जानता कि उसका आख़िर होगा क्या ? वह यह भी जानता है से कुछ होता नहीं है। बी. ए. करने जब तक फेल होता जाता है, विद्यार्थी कहलाता है, जब पास हो जाएगा तब बेकार कहलाएगा। हरिशंकर परसाई - लोक पंक्तियाँ - ShareChat