*हमें युद्ध नहीं शांति चाहिए* #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
*आइए, हम एक उदाहरण द्वारा इस तर्क को स्पष्ट करें। मान लीजिए कि किसी संस्था का सदस्य ह जिसके पास कुछ एकड़ जमीन है: इस पर खड़ी को बंदरों द्वारा तुरंत नष्ट किए जाने का खतरा है। जीवन की पवित्रता लेकिन मैं फसल को बचाने की खातिर बंदरों पर हमला करने के लिए दसरे में विश्वास होने के कारण मैं बंदरों को चोट पहुंचाना अहिंसा का उल्लंघन मानता से बचना चाहूं तो मैं संस्था को छोड़कर या उसे तोडकर उससे बच सकता है। लेकिन मैं ऐसा नहीं करता, क्योंकि मुझे ऐसा समाज शायद कहीं न मिले जहां न्यायखेती न की जाती हो और इसलिए जरा भी हिंसा न होती हो। अतः में डरते और कांपते हुए, विनम्रता तथा प्रायश्चित का भाव मन में लिए, यह आशा लगाए हए कि कभी तो इस प्रश्न का समाधान जरूर निकल आएगा, बंदरों पर किए नाने वाले हमले में हिस्सा लेता हूँ... लोगों को उकसाने और निर्देशित करने में संकोच नहीं करता। यदि मैं इस